
एक नजर
@1K_Nazar • 41,681 subscribers
नवोदयन | स्वतंत्र और निजी विचार |
Shorts
Videos

मीडियाकर्मी ने प्रदर्शनकारी को मारा थप्पड़👋 फिर क्या था प्रदर्शनकारी तादाद मे ज्यादा थे पटना
एक नजर1,676,276 views • 4 days ago

मेरे दोनो बच्चे अंदर है मै बाहर खडा हू!😲 मै कंपनी मे करोडो की सैलरी पर हू😳 हमने इतने दिनो से बच्चो को बैठे देखा था पर मन नही पिघला मगर कल जो देखा...ये धीटपना गलत है अब जितने बच्चे है उससे 3 गुना लोग आयेंगे क्योकि अभी तक बच्चे है अब उनके परिजन आयेंगे बच्चो के लिए मुझे आना पडा उन्होने मुझे धिक्कारा
एक नजर877,072 views • 3 days ago

मै क्यू 20-25-50 लाख खर्च करके अपने बच्चे बाहर पढने भेज रहा हू😳 यहा सिस्टम नही है बच्चो का भविष्य नही है इसलिए बाहर पढने गए है मै हमेशा BJP को वोट और सपोर्ट करता हू मोदी जी और BJP की नीतियों पर बढा विश्वास था मुझे लेकिन जो बच्चो के साथ हुआ मेरे को भी बहुत बुरा लगा और आज मै इसलिए आया कि मै कुछ कर सकू ORS का घोल लाया मगर हमे लाने नही दिया गया
एक नजर251,619 views • 3 days ago
1:46
Sensitive content
This media may contain sensitive content.
0:30
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

ये वो तस्वीर है जो अपने आप मे एक संदेश देती है साथ ही इन बेटियो के #काम_की_तारीफ भी होनी चाहिए क्योकि ऐसी जिम्मेदारियो से ज्यादातर जिम्मेदार स्वयं को दूर रखने का प्रयास करते है क्योकि सोचते है ये काम उनका नही है जबकि ऐसा नही है ये वो बच्चिया है जिनसे जितना योगदान बन पड रहा है निस्वार्थ भाव से दे रही है ना यहा इन्हे कोई कहने वाला है ना ही मना करने वाला सब अपनी स्वेच्छा से कर रही है
एक नजर59,551 views • 2 days ago

अभिजीत - कल आपने छात्रों को पीटा, युवा लड़कियों को घायल किया और फिर भी वे शांत रहे इतना सब होने के बाद भी, आप आज उन्हें फिर से रोक रहे हैं। पुलिस - अंदर आकर बात कीजिए। अभिजीत - अंदर क्यों? लाठियां सड़क पर चली थीं, इसलिए जवाब भी सड़क पर ही दीजिए, मीडिया के सामने। पुलिस - किसी को नहीं रोका जा रहा है। अभिजीत - तो फिर एंट्री पॉइंट्स क्यों बंद हैं? छात्र क्यों कह रहे हैं कि उन्हें रोका जा रहा है? यह कोई गलतफहमी नहीं है वीडियो मौजूद हैं।
एक नजर104,492 views • 6 days ago

कहा है मोदी बिलकुल नही सुन रहे वो बैठकर मेलोडी खा रहे होंगे हमारा प्रधानमंत्री धीट है तो हम भी बहुत धीट है हम तो ये देखकर आए है कि कितना बुरा हाल है हम स्टूडेंट्स है या आतंकवादी है, क्या है, हम शांति पूर्ण धरना दे रहे थे तो इनको बात सुननी चाहिए थी मगर इन्होने अंतकवादियो की तरह व्यवहार किया है बच्चो को ढूढं-ढूंढकर घेर-घेरकर मार रहे थे
एक नजर48,399 views • 3 days ago