
Satya yadav™
@AHIR___SAAB • 5,090 subscribers
Jay shree Krishna 🙏🙏
Videos

टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने आज साफ-साफ कह दिया. परिवार पर लगाए जा रहे सारे आरोप झूठे हैं, निराधार हैं, भ्रामक हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने पूरी दुनिया के सामने चुनौती भी रख दी.. अगर मेरे घर से 50 करोड़ की संपत्ति या लग्जरी गाड़ियाँ बरामद हुईं, तो मैं तुरंत 45 करोड़ दान कर दूँगी. ये उस इंसान का बयान है जिसके पास छिपाने को कुछ नहीं, और जो बिना झिझक सच बोल रहा है. अब असली सवाल ये उठता है कि जब अखिलेश यादव जी ने भंडाफोड़ किया, तो उसके बाद मेनस्ट्रीम मीडिया ने इस मामले को क्यों नहीं उठाया? जबकि अभिषेक उपाध्याय नाम के एक यूट्यूबर ने सारे खुलासे किए, लेकिन बड़े-बड़े चैनलों पर मौन क्यों? क्या ये कोई संगठित साजिश है? बीजेपी आईटी सेल जानबूझकर टिन्नू यादव का नाम इसलिए उछाल रही है ताकि अखिलेश यादव जी पर मनोवैज्ञानिक ब्रेक लगाया जा सके और असली बड़े मगरमच्छ सुरक्षित बाहर निकल जाएँ? ये तो बिल्कुल वैसा ही है जैसे शातिर गिरोह अपने नीचे के मोहरों को फँसाते हैं और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें रास्ते से हटाने में एक सेकंड की देर नहीं करते. आज टिन्नू यादव उसी मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि असली खिलाड़ी पर्दे के पीछे बैठे मुस्कुरा रहे हैं. और पूरा देश भी समझ रहा है. और देखिए इन चोरों का ग़ज़ब का हाल – राम मंदिर में चोरी भी की, और ऊपर से सिनाज़ोरी भी कर रहे हैं. न भगवान का डर, न कानून का भय, न ही कोई लाज-शर्म. जो गिरोह इतना बेहिसाब हो जाए, उससे क्या उम्मीद की जाए? अगर पूनम यादव इतनी बड़ी चुनौती दे रही हैं, तो जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वो इस चुनौती को स्वीकार क्यों नहीं करते? क्यों न सीधे उनके घर की जाँच कराई जाए? असली सवाल ये है कि आखिर इतना शोर क्यों मचाया जा रहा है – सच खोजने के लिए या किसी और को बचाने के लिए? सोशल मीडिया पर एक तरफ़ पूनम यादव अपना पक्ष रख रही हैं, वहीं दूसरी तरफ़ झूठ का अंबार लगाया जा रहा है. लेकिन जनता अब जाग चुकी है – वो हर बात को अंधाधुंध नहीं मान लेती. वो जानती है कि कौन झूठ बोल रहा है और कौन सच. ये पोस्ट वायरल करो, ताकि हर किसी तक पूनम यादव का ये साहसिक बयान पहुँचे और लोग समझें कि इस पूरे खेल में असली वज़न किसका है. जब इंसान के पास सच हो, तो वो चुनौती देता है – और ये चुनौती अब आपके सामने है. अब आप तय करें कि आप किसके साथ हैं – झूठ के साथ या सच के साथ?
Satya yadav™76,391 Aufrufe • vor 2 Monaten
Keine weiteren Inhalte verfügbar