दिल्ली के जंतर-मंतर पर सिविल ड्रेस में डंडे लेकर घूम रहे ये लोग कौन थे? जब छात्रों ने उनकी पहचान पूछी, तो उन्होंने जवाब क्यों नहीं दिया? क्या वे पुलिसकर्मी थे, किसी अन्य एजेंसी से थे, या किसी और के भेजे हुए लोग? इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।