
Ajeet Bharti | Point Blank
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इलॉन भाई के मित्र, डीपस्टेट की गहराइयों के ज्ञाता, जियो-मरो-पॉलिटिक्स विशेषज्ञ, क्लीवेजविहीन इतिहासवेत्ता, तुक्केबाज सेफोलॉजिस्ट | https://t.co/UVOPhLsl22
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मोदी जी का Reconsideration ऐसे ही नहीं आया है। जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अपना पूरा बल लगाकर अपनी विधानसभा नहीं बचा पाता और ट्विटर पर जीने वाले कट्टर समर्थक सिर्फ खाली हवा भरते हैं, तो नीचे आना होता है। तिलचट्टो द्वारा शांत किए जाने पर Reconsider तो करना पड़ता है।
Ajeet Bharti | Point Blank247,192 次观看 • 1 个月前
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उत्तर प्रदेश के चार Medical Colleges में 91% Reservation लागू था, और कहा जा रहा है कि ये मायावती के समय से चला आ रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद Counselling रोकने की बात आई तो योगी सरकार Supreme Court जाने की तैयारी में है। ब्रो, 91% इसी हिंदुवादी सरकार में हो रहा है, फिर डर राहुल गांधी से क्यों?
Ajeet Bharti | Point Blank12,621 次观看 • 3 天前

सरकार चीनी आयात करने पर विचार कर रही है या संभवतः कर ही रही है, टैक्स-फ्री कर दिया उसे। हम लोग तो सरप्लस थे चीनी उत्पादन में, ये कैसे हो गया? गन्ने को डाइवर्ट करके एथनॉल बनाना आरंभ किया, तो थोड़ा सा प्रॉब्लम हो गया। धन्यवाद गडकरी जी के एथनॉल प्रेम को, लक्ष्य 2030 का था और 2025 में पूरा कर लिया गया।
Ajeet Bharti | Point Blank92,570 次观看 • 1 个月前

शिक्षा शेरनी का दूध है, और इस बालिका ने उसे पूरा पिया है। उसकी हर बात पर ध्यान देना चाहिए। भाई, बाहर मत निकलो। बाहर निकलोगे तो तुम्हारा अस्तित्व ही आपत्तिजनक हो जाएगा। अमेज़न से पत्थर मँगवाकर उसकी तस्वीर दिखानी पड़ेगी कि मेरे घर के बाहर कौन घूम रहा है। जब किसी के ऊपर 40 दिन बाद 80-80 धाराएँ लगाई जा सकती हैं, तो फिर विश्वास कैसे किया जाए? यही तो बात है। चालीस दिन बाद यह सब कैसे हुआ? किसी की मति मारी गई थी। संजय भाई सोच ही नहीं पा रहे थे कि उनके साथ कुछ हुआ था। उन्हें कुछ याद ही नहीं आ रहा था। आपने गंगाधर विद्याधर ओंकारनाथ शास्त्री, यानी शक्तिमान को तो देखा होगा; जब गीता विश्वास को भुला देता था और वह किसी तरह शक्तिमान को पकड़ लेता था, तब उसके माथे से प्लाज़्मा निकलता था और वह और भी बहुत कुछ भूल जाता था। संजय भाई के साथ भी कुछ ऐसा ही किया गया। वह सब भूल गए। फिर 40 दिन बाद जब वह स्पेल टूटा, तो उन्हें याद आया; हाँ, कुछ जातिसूचक कहा गया था और रात में मारने की कोशिश भी हुई थी। यह सब चल रहा था, तब जाकर उन्हें पूरी बात याद आई। अब वह बिल्कुल सही बोल रहे हैं। ब्राह्मण बाहर क्यों निकलेंगे, भाई? घर में रहो, पैक रहो। अगर लोग बाहर आकर कुछ उलटा-सीधा ही करेंगे, तो उससे बेहतर है कि घर में ही रहें।
Ajeet Bharti | Point Blank38,354 次观看 • 15 天前