
Anil Sir
@AnilSir_Uncut • 1,123 subscribers
UPSC Educator, 11+ Years | Decoding Constitution, Social Science, Politics, Governance, Society, Caste, Religion & Gender | Truth, Uncut |
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IIT Bombay Caste Discrimination Case.... क्या foreign returned प्रोफेसर जातिगत भेदभाव नहीं कर सकते? क्या इंडियन्स विदेश में अपनी जाति नहीं ले जाते? क्या दुनिया भर के हाइयर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में डिस्क्रिमिनेशन नहीं होता है? क्या कोई सिर्फ चीटिंग में पकड़े जाने पर सुसाइड कर लेता है? क्या सुसाइड इंडिविजुअल फेल्योर है या इंस्टीट्यूशनल बायस?
Anil Sir11,978 görüntüleme • 3 gün önce

Alert 🚨 🚨 Debunking Castiest Propaganda!!!! दलित महिलाओं को समाज में दोहरी मार झेलनी पड़ती है— एक महिला होने के कारण और दूसरी दलित होने के कारण! इसको intersectionality बोलते हैं: लेकिन कुछ नफरती चिंटू बिना सामाजिक व्यवस्था और कानून को समझे, दिन-रात दलितों और OBC के खिलाफ जहर उगलने में लगे हैं। संसद कानून यूं ही नहीं बना देती, आता-जाता कुछ नहीं है और चले हैं फर्जी दावों से नफरत फैलाने! सच यह है कि सवर्ण समाज की महिलाओं को मुआवजा न मिलने की बात पूरी तरह फर्जी है। CrPC Section 357A के तहत हर वर्ग की रेप पीड़िता को न्यूनतम ₹3-4 लाख का मुआवजा कानूनी अधिकार के रूप में मिलता है। वहीं 'SC/ST Act' के तहत ₹8.25 लाख तक का विशेष प्रावधान तब लागू होता है जब आरोपी गैर-दलित हो, और यह सुरक्षा व्यवस्था SC/ST समाज के पुरुषों पर हुए अपराधों पर भी लागू होती है। दलित समाज के लिए कानूनी लड़ाई लड़ना आसान नहीं होता—अक्सर गवाह बदलवा दिए जाते हैं, प्रक्रिया सालों तक घसीटी जाती है, और लगातार सामाजिक दबाव व धमकियां दी जाती हैं। वकीलों के भारी-भरकम खर्च और इस सामाजिक उत्पीड़न से बचाने के लिए कानून में यह अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा दी गई है। इसे कोई 'विशेषाधिकार' या खैरात नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सुरक्षा कवच कहते हैं। #SocialJustice #CasteReality #SCSTAct #WomenSafety #CrPC #IndianLaw #FactsMatter #Equality #jouranlism #fringejournalism
Anil Sir26,444 görüntüleme • 9 gün önce

नेशनल गुंडे... स्वतंत्र भारद्वाज को 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी गई है, जबकि केस में पूरा विपक्ष और CJP शामिल हुआ तब जाकर स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार हुआ, अब सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी मामला है और पीड़िता को सुरक्षा भी दी गई है, इन सबके बावजूद आरोपी को जमानत दे दी गई है, यही घोर मनुवादियों का जातिवाद है बस, कोर्ट भी हमारे सरकार से फ्री नहीं हैं, आज मुझे फिर से बाबा साहेब की वो बात याद आ गई कि "संविधान चाहे कितना भी अच्छा हो, यदि उसे लागू करने वाले लोग (सिस्टम, सरकार, पुलिस, न्यायपालिका) अच्छे नहीं हैं तो संविधान अंततः बेकार ही साबित होगा"
Anil Sir15,688 görüntüleme • 8 gün önce
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