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सरकारी समस्या

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ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर जो करेगा गड़बडी उसका नहीं है खैर

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माननीय मुख्यमंत्री Nitish Kumar उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary जी शिक्षा मंत्री Sunil Kumar वरिष्ठ मंत्री Vijay Kumar Choudhary जी आख़िर शारीरिक शिक्षक वेतन सिर्फ 8000 वाले को वेतनमान देने के लिए किनका सिफ़ारिश सुनेंगे माननीय ACS डॉ. एस सिद्धार्थ जी Education Department, Bihar के टेबल पर 1. माननीय उच्च न्यायालय CWJC 7651/2017 , MJC870/2019 का सिफ़रिश पड़ा है 2. कम से कम 150 MLA,MLC,MP का सिफ़रिश पड़ा है 3. आज PEFI के राष्ट्रीय सचिव पीयूष जैन जी भी सिफ़ारिश की है 4.माननीय मुख्यमंत्री जी भी के के पाठक जी को नियमित करने का आदेश दे चुके थे जो की अखबार में भी निकला था आखिर ACS महोदय क्यों नही सुन रहे हैं महोदय वैसे भी स्कूल में दूसरे टीचर सरकारी भीखमंगा कह कर बुलाते हैं डॉ एस सिद्धार्थ जी से अनुरोध है या तो वेतनमान दे दीजिए नहीं तो सभी को टर्मिनेट कर दीजिए क्योंकि बिहार में बिना शारीरिक शिक्षक का भी खेल हो जाता है जैसे किसी भी उत्क्रमित उच्च विद्यालय में शारीरिक शिक्षक नियुक्त नहीं है लेकिन सरकार द्वारा सभी तरह के अयोजित खेल कबड्डी, फ़ुटबॉल, वॉलीबॉल, साइकिलिंग आदि खेल में भाग भी लेते हैं और मजे की बात है की विद्यार्थी गोल्ड मेडल, सिल्वर मेडल , ब्रॉन्ज मेडल भी जीत कर स्कूल का नाम रोशन करते हैं भले वो खेल का A,B,C,D भी नहीं जानते हों 🙏🙏🙏

माननीय मुख्यमंत्री Nitish Kumar उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary जी शिक्षा मंत्री Sunil Kumar वरिष्ठ मंत्री Vijay Kumar Choudhary जी आख़िर शारीरिक शिक्षक वेतन सिर्फ 8000 वाले को वेतनमान देने के लिए किनका सिफ़ारिश सुनेंगे माननीय ACS डॉ. एस सिद्धार्थ जी Education Department, Bihar के टेबल पर 1. माननीय उच्च न्यायालय CWJC 7651/2017 , MJC870/2019 का सिफ़रिश पड़ा है 2. कम से कम 150 MLA,MLC,MP का सिफ़रिश पड़ा है 3. आज PEFI के राष्ट्रीय सचिव पीयूष जैन जी भी सिफ़ारिश की है 4.माननीय मुख्यमंत्री जी भी के के पाठक जी को नियमित करने का आदेश दे चुके थे जो की अखबार में भी निकला था आखिर ACS महोदय क्यों नही सुन रहे हैं महोदय वैसे भी स्कूल में दूसरे टीचर सरकारी भीखमंगा कह कर बुलाते हैं डॉ एस सिद्धार्थ जी से अनुरोध है या तो वेतनमान दे दीजिए नहीं तो सभी को टर्मिनेट कर दीजिए क्योंकि बिहार में बिना शारीरिक शिक्षक का भी खेल हो जाता है जैसे किसी भी उत्क्रमित उच्च विद्यालय में शारीरिक शिक्षक नियुक्त नहीं है लेकिन सरकार द्वारा सभी तरह के अयोजित खेल कबड्डी, फ़ुटबॉल, वॉलीबॉल, साइकिलिंग आदि खेल में भाग भी लेते हैं और मजे की बात है की विद्यार्थी गोल्ड मेडल, सिल्वर मेडल , ब्रॉन्ज मेडल भी जीत कर स्कूल का नाम रोशन करते हैं भले वो खेल का A,B,C,D भी नहीं जानते हों 🙏🙏🙏

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माननीय शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari जी शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक सैलरी सिर्फ 16000 वाले का मामला भी माननीय उच्च न्यायालय से ही संबंधित है 1. माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा CWJC 7651/2017 मे पारित आदेश में Physical Instructor and Physical Teacher बहाल करने के लिए शिक्षा विभाग को आदेश दिया गया 2.शिक्षा विभाग( द्वारा वित्त विभाग ) के पत्रांक 793 तारीख 14.05.2020 से महालेखाकार ( लेखा एवं हकदारी) को संबोधित पत्र के क्रम संख्या 9 पर सुचित किया गया है कि मध्य विद्यालय में शारीरिक शिक्षक अथवा शरीरिक अनुदेशक का पद है :- ( a) महोदय जब पहल से ही माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेशित पद मौजूद है तो पुन: नया पद शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक को सृजित कर क्यों बहाल किया गया ? ( b) STET मुख्यत: मध्यमिक और उच्चमाध्यमिक के लिए होता है फिर भी STET के वाबजूद मिडिल स्कूल में बहाल कर दिया गया 3. शिक्षा विभाग के पत्रांक 1378 तारीख 17.12.2021 के क्रमांक 04 पर उल्लेख है की शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की नियुक्ति वैसे उत्क्रमित मध्य विद्यालय में करना है जो उत्क्रमित हो कर उच्च माध्यमिक तक है और शारीरिक शिक्षा और स्वास्थ्य अनुदेशक द्वारा स्कूल के सभी बच्चे अच्छादित होंगे यानी काम 6-12 तक 4. शिक्षा विभाग के पत्रांक 504 तारीख 04.05.2022 के द्वारा आदेश निर्गत किया गया है माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का। अनुपालन किया जा रहा है जो सरा-सर झूठ है माननीय राज्यपाल के आदेश से दिनांक 02 अप्रैल 2014 को प्रकाशित बिहार गजट असाधारण अंक संख्या पटना 351और निबंधन संख्या पीटी 40 नियमावली 2012 और बिहार सरकार शिक्षा विभाग पत्रांक 241 दिनांक 03.04.2012 में कहीं भी अंशकालिक उल्लेखित नहीं हैै | महोदय जब नियमावली 2012 और पहले के नियमावली से बहाल कर्मचारियों को वेतनमान दिया गया तो इनको क्यों नहीं?

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