
Ashok Meghwal
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बिल्कुल पिंकी आपको तो 26 जुलाई को जंतर मंतर जाना ही चाहिए......
Ashok Meghwal108,497 views • 1 month ago

राजास्थान नागौर डांगावास दलित नरसंहार कांड 2015 में सभी आरोपियों को आज मेड़ता कोर्ट ने बरी कर दिया। आखिर 5 दलित रतनाराम मेघवाल पोकाराम मेघवाल पंचाराम मेघवाल गणपत राम मेघवाल गणेशाराम मेघवाल की मौत का जिम्मेदार कौन है? मै मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी से मांग करता हूँ कि इस फैसले की तत्काल राजस्थान हाई कोर्ट में अपील की जाए। #डांगावास_पीड़ितों_को_न्याय_दो Arjun Ram Meghwal Bhanwar Meghwanshi Dr Prem Chand Bairwa Tika Ram Jully
Ashok Meghwal47,437 views • 21 days ago
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कमजोर दिल वाले भक्त वीडियो से दूर रहे..... इतनी धुलाई तो किसी अपराधी की पुलिस वाले भी नहीं करते है,जितनी पंडिताइन अम्मी जी ने इस महान पंडित की कर दी। भक्तों के अखाड़े में यह सब भी चलता है क्या? Note:- वीडियो बहुत ज्यादा आपत्तिजनक था,जिसके कुछ अंश कट कर दिए गए है।
Ashok Meghwal838,994 views • 1 year ago

यह लोग चाहते है कि दलित, आदिवासी, ओबीसी वर्ग इनकी ग़ुलामी करे। राजस्थान में ऐसे लोग ही राजपूत समाज को गर्त में लेकर जा रहे है। UGC कानून को पहले आना था ताकि ऐसे लफंगे सुधर जाते। जब मेरी 8 महीने की गर्भवती बहिन ओर मां को इनकी सोच वाले लोगों ने पीटा था तब यह आरोपियों के साथ था।
Ashok Meghwal34,268 views • 22 days ago

देश की संसद में दलित वर्ग के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे NEET पेपर लीक पर दहाड़ रहे है। संसद ठप्प कर रहे है। सांसद चंद्र शेखर आजाद संसद भवन में डॉ अंबेडकर साहब की प्रतिमा के आगे धरने पर बैठे है। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ हैदराबाद में आंदोलन कर रहे है। अभिजीत दीपके दिल्ली में आंदोलन कर रहे है।
Ashok Meghwal38,660 views • 1 month ago

मै कही से निकल रहा था तो पास में ठाकुर जी के मंदिर में पूजा हो रही थी। पास में भीलों ओर मीणाओं के छोटे छोटे लड़के बैठे थे। मैने उनसे पूछा आप मंदिर में क्यों नहीं जाते हो। बच्चों के मुंह से सुनिये वो बोल रहे है हम नीचे जाति के है हमको आने नहीं देते है मंदिर में। फिर भी Ajeet Bharti जैसे लोग कहते है कि जातिवाद होता ही नहीं है। फिर यह क्या है?
Ashok Meghwal37,251 views • 1 month ago

राजस्थान में जातिवाद के सबसे बड़े गढ़ जालोर जिले में अंबेडकरवादी IAS प्रदीप गवांडे ने आज कलेक्टर का कार्यभार ग्रहण किया। 2021 में जालोर के इंद्र मेघवाल की मटकी से पानी पीने पर हत्या की गई थी। उस समय का कलेक्टर आरोपी के पक्ष में आयोजित सभा में ताली पीट रहा था। अब वक्त बदल रहा है। #प्रदीप_गवांडे #टीना_डाबी #जालोर #बाड़मेर
Ashok Meghwal330,500 views • 1 year ago

हिमाचल प्रदेश की अधिकारी ओशिन शर्मा (ब्राह्मण) अनुसूचित जनजाति वर्ग गद्दी का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर ST सीट से अधिकारी बन जाती है। यह खुद को ब्राह्मण बता रही है। जबकि यह ST सीट से अधिकारी बन गई। Sukhvinder Singh Sukhu इस अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। Hansraj Meena
Ashok Meghwal315,948 views • 1 year ago

पीड़ित:- प्रवीण मीणा उम्र 47 (मीणा) पेशा:- मुख्य आरक्षक परिवेक्षक, रेल्वे बाड़मेर आरोपी नाम:- महारानी विश्नोई ओर सपना विश्नोई पेशा:- SC/ST वर्ग के अधिकारी को फंसाकर मारपीट कर अश्लील वीडियो बनाकर पैसे ऐंठना। अभी दोनों महारानियां SC/ST एक्ट व हनी ट्रैप केस में जेल में है। प्रवीण मीणा कहते है,मैं पिछले करीब नौ महिने से धोरों वाले जिले में रेल्वे विभाग में सेवा दे रहा हूं। करीब दो माह पहले की बात हैं रेल्वे स्टेशन पर टीकट पुछताछ के दौरान मेरा सम्पर्क एक लड़की से हुआ तब उस लड़की ने अपना नाम महारानी विश्रोई बताया था महारानी विश्रोई ने अपना मोबाईल नम्बर 0000000000 दिये। महारानी विश्नोई हर पांच दस दिन एक दो बार टीकट से संबंधित जानकारी के लिए मुझे फोन पर बात करती रहती थी। उसके बाद पांच छः दिन पहले महारानी विश्नोई ने अपनी एक सहेली से मेरा सम्पर्क करवाया तथा मुझे उस लड़की का मोबाईल नम्बर 0000000000 दिया। महारानी विश्रोई ने बताया कि यह लडकी आपसे सम्पर्क कर लेगी। दिनांक 31.03.2025 को शाम के समय महारानी विश्नोई के बताये अनुसार मोबाईल नम्बर 0000000000 वाट्सअप से मेरे मोबाईल नम्बर 0000000000 पर कॉल आया तब लडकी ने अपना नाम सपना विश्नोई बताया। सपना ने बताया कि आप गांधी नगर, चामुण्डा चौराहे तक आ जाओ वहां पर मैं आपको मिलुंगी। उसके बाद मैं पैदल पैदल सपना के बताये अनुसार चामुण्डा चौराहे तक गया वहां पर मुझे सपना ने अपनी स्कूटी से पिकअप किया। उसके बाद सपना व मैं दोनों सपना के किराये के मकान बाड़मेर आये तथा उसके बाद एक कमरे में मेरी व सपना की थोडी देर बातचीत हुई। मकान पर आने के बाद सपना को उसके मोबाईल से कॉल आ रहे थे एवं अपना मुझसे दूर जाकर अकेले में बात करती रही। उसके बाद सपना के मकान का गेट बजाया तब अपना ने गेट पर जाकर खोला तो दो जवान उम्र के लड़के सपना के मकान के अन्दर आ गये तथा आते ही मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी तथा मुझे उसी मकान के अन्दर बन्धक बना दिया उस वक्त लड़को ने मेरा नाम पुछा तो मैंने अपना नाम प्रवीण मीणा बताया। जिससे वह दोनों लड़के मेरे साथ थापो, मुक्को, एक बेल्ट से मारपीट करते रहे। उसके बाद दोनो लड़को ने मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगा करके मेरे साथ मारपीट की। उसके बाद नंगा विडियों बनाया। उसके बाद दोनों लड़को ने एक राय होकर बोला कि यह धमकी देकर मेरे से दस लाख रूपये की मांग की। तथा यह भी बताया कि बाड़मेर में मेरे कोई है जो रूपयों की व्यवस्था कर सकता हैं तब मैने डरते हुए कहा कि बाड़मेर में तो मेरा कोई नहीं है मैं कुछ समय पहले ही बाड़मेर आया हूं। उसके बाद मुझे काफी समय तक धमकाते रहे कि अगर तुने दस लाख रूपयों की व्यवस्था नहीं की तो तेरा नंगा वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल कर देगें तथा सपना विश्नोई से तेरे खिलाफ महिला थाने में मुकदमा दर्ज करवा कर तुझे जैल भिजवा देगें। उसके बाद मैने डर के मारे कहा कि मेरे परिवार के सदस्य ही रूपयों की व्यवस्था कर सकते हैं। तब पहले तो मुझे धमकी से कहा कि तुम तेरे परिवार वालों को जैसा हम कहते है वैसा का वैसा ही कहना तब उन दोनों ने मुझे कहा तुम तेरे घर वालो को बता कि तुरंत ही दस लाख रूपयों भेजो नहीं तो तुझे उसके बाद दोनो लड़को ने मेरे मोबाईल फोन से बाट्सअप पर मेरी पत्नी के वाट्सअप पर कॉल किया तथा वाट्सअप पर मेरा अश्लील फोटो वीडियो मेरी पत्नी को भेजा। उसके बाद मेरे को स्कुटी से वापस हाईवे पर सुनसान जगह पर छोड़ दिया।
Ashok Meghwal199,070 views • 1 year ago

राजस्थान SOG ने अब तक 42 ट्रेनी थानेदारों को गिरफ्तार किया है। कल SOG ने अफीम तस्कर भागीरथ विश्नोई के बेटे दिनेश विश्नोई और बेटी प्रियंका विश्नोई को गिरफ्तार किया है। एक वर्ग विशेष गिरफ्तार थानेदारों की लिस्ट, इनकी कुल संख्या 22 से 25 तक है। 👇 1जगदीश विश्नोई सांचौर 2 प्रेमसुखी विश्नोई बीकानेर 3 नरेश विश्नोईसांचौर 4 नारंगी विश्नोईसांचौर 5राजेश्वरी विश्नोई सांचौर 6गोपीराम विश्नोई बाड़मेर 7श्रवण कुमार विश्नोईबाड़मेर 8मनोहर विश्नोईबाड़मेर 9सुरेंद्र विश्नोईसांचौर 10विवेक विश्नोई 11 भूपेंद्र विश्नोई सांचौर 12सुरेश विश्नोई सांचौर 13सुनील विश्नोई सांचौर 14कमलेश विश्नोई 15सुरेश विश्नोई सांचौर 16दिनेश विश्नोई सांचौर 17मनोहर विश्नोई सांचौर 18भगवती विश्नोई सांचौर 19प्रवीण विश्नोईसांचौर 20गणपत विश्नोई सांचौर 21 दिनेश विश्नोई 22 प्रियंका विश्नोई कुछ लोग हमेशा से आरक्षण को दोष देते रहे है। लेकिन आरक्षण से नोकरी पाने वाले लोग इस तरह फर्जीवाड़ा करके नोकरी पर नही लगते है। मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी से निवेदन करता हू कि SI भर्ती को रद्द किया जाना चाहिए। ताकि मेहनती अभ्यर्थी को सेवा करने का मौका मिले। #SI_भर्ती_2021_रद्द_करो
Ashok Meghwal244,753 views • 1 year ago

यह डॉ अनिल कुमार मीणा जी है,जालौर राजस्थान में कार्यरत है। पहले उनके साथ अस्पताल में मारपीट ओर जातिगत उत्पीड़न होता है। SC/ST एक्ट में FIR दर्ज कराने के बाद सरपंच प्रतिनिधि वीरेंद्र सिंह राजपूत द्वारा FIR वापस लेने फिर से जातिगत उत्पीड़न करके उनके सरकारी आवास में जान से मारने हेतु धमकाया जाता है। अब FIR के कुछ बिंदु पढ़िए। रात्रि लगभग 11 बजे एक मरीज सग्रामाराम (आयु लगभग 80 वर्ष) को उसके परिजन गंभीर अवस्था में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दासपा लेकर आए थे। मैंने तुरंत मरीज को अटेंड किया और उपलब्ध आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा व इनिशियल ट्रीटमेंट (इनिशियल ट्रीटमेंट) प्रदान किया। मरीज की नाजुक एवं चिंताजनक स्थिति को देखते हुए मैंने परिजनों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि मरीज सीरियस है अतः इसे तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र (हाई सेंटर) के लिए रेफर करना आवश्यक है। तदनुसार मैंने तुरंत मरीज का रेफरल कार्ड तैयार कर दिया तथा चिकित्सालय स्तर से त्वरित कार्रवाई करते हुए एम्बुलेंस (एम्बुलेंस) की व्यवस्था भी करवा दी। एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद मरीज के परिजनों ने मरीज को तुरंत ले जाने से मना कर दिया और आनाकानी करने लगे परिजनों का कथित तौर पर कहना था कि हमारे घर पर काम है, हम सुबह लेकर जाएंगे अथवा हम इसे हमारे पर्सनल व्हीकल (निजी वाहन) से ही लेकर जाएंगे और वे एम्बुलेंस ले जाने से साफ मुकर गए। मरीज को विधिवत रेफर करने और एम्बुलेंस सुपुर्द करने के बाद, मैं रात्रि भोजन के लिए अस्पताल परिसर में ही स्थित अपने सरकारी क्वार्टर पर चला गया। फिर परिजनों की घोर लापरवाही और समय पर उच्च केंद्र न ले जाने के कारण लगभग 40 मिनट के बाद मरीज सग्रामाराम की अस्पताल परिसर में ही मृत्यु हो गई। मरीज की मृत्यु होते ही परिजनों ने अचानक उग्र व हिंसक रूप धारण कर लिया और ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर श्री रामलाल जी के साथ गाली-गलौज व मारपीट करते हुए, उन्हें जबरन पकड़कर मेरे सरकारी क्वार्टर की तरफ लेकर आए तथा बाहर चिल्लाने लगे कि डॉक्टर साहब को बाहर निकालो। जैसे ही में चिल्लाने की आवाज सुनकर अपने क्वार्टर के पीछे के हिस्से से बाहर अस्पताल परिसर की तरफ आया, वहां खड़े परिजनों में शामिल 5 पुरुषों (मेल) ने मुझे देखते ही तुरंत मेरे साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी और चिल्लाने लगे कि आपने हमारे बाप को मार दिया है और अब हम आपको मारेंगे। वे पांचों पुरुष मुझे रास्ते में लगातार बर्बरतापूर्वक थप्पड़ मारते और पीटते हुए जबरन खींचकर अस्पताल के वार्ड (वार्ड) के अंदर लेकर चले गए और फिर आगे का पूरा हिंसक प्रकरण व मारपीट अस्पताल वार्ड के अंदर की गई, जहाँ उनके साथ उपस्थित एक महिला (फीमेल) भी इस पूरे कृत्य में उनकी मदद कर रही थी तथा पुरुषों में से एक ने मेरे सिर पर किसी अज्ञात ठोस वस्तु (ऑब्जेक्ट) से जोरदार वार किया जिससे मुझे गंभीर चोट आई। हमलावरों ने हमें धमकाते हुए सख्त हिदायत दी कि अपने-अपने मोबाइल फोन जेब में ही रखो, कोई भी अपने फोन को टच (स्पर्श) नहीं करेगा और उन्होंने हमें किसी को भी फोन लगाने या सूचना देने से पूरी तरह रोक दिया। इसके बाद उन्होंने हमें जान से मारने की प्रत्यक्ष धमकियां देते हुए कहा कि तुम्हें जान से मार देंगे, तुम्हारा गला काट देंगे, तुम्हारी गर्दन और पूरा शरीर अलग करके कुएं में डाल देंगे, यह दासपा है और यहां किसी को पता भी नहीं चलेगा। इस घोर मानसिक व शारीरिक खौफ के साए में उन्होंने मुझसे जबरन दबाव बनाकर एक नोट (पत्र) लिखवाया कि मैंने गलत इंजेक्शन लगाकर मरीज को मार दिया है और इसका मुआवजा कौन देगा अपनी तथा नर्सिंग स्टाफ की जान बचाने के लिए मुझे मजबूरन उस झूठे पत्र पर हस्ताक्षर करने पड़े और उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर रामलाल जी से भी उस पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। 7. यह कि इसके बाद आरोपियों ने हमें उसी वार्ड में बंद करके बंधक (होस्टेज) बना लिया और पानी पीने अथवा शौच (पेशाब) तक जाने की अनुमति नहीं दी तथा खड़े रहने पर मजबूर किया। आरोपियों ने हमें उसी वार्ड में बंद करके बंधक बना लिया और पानी पीने अथवा शौच (पेशाब) तक जाने की अनुमति नहीं दी तथा खड़े रहने पर मजबूर किया। इसी दौरान उन्होंने जातिगत द्वेषता व दुर्भावना प्रदर्शित करते हुए मेरी जाति के बारे में पूछा और मेरे द्वारा स्वयं को मीणा बताने पर अत्यंत अपमानजनक व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि मीणा, चमार तुमको कोई नॉलेज नहीं है तुम यहाँ के नहीं हो और यहाँ के बारे में कुछ नहीं जानते, तुम्हारी पगार कितनी है, सरकार तुम्हें कितनी पगार देती है, तुम्हारे पास डॉक्टर की डिग्री है भी या नहीं है। घटना के 8 दिन बाद भी Jalore Police ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। Bhajanlal Sharma Rajasthan Police HelpDesk CMO Rajasthan
Ashok Meghwal26,838 views • 1 month ago

कुछ जातिवादी राजपूत लोगो ने 2021 में मेरी मां और गर्भवती बहिन पर जानलेवा हमला किया था। 10 जनवरी 2025 को निचली कोर्ट ने बिना ट्रायल इन आरोपियों को चार्ज में बरी किया था। मैने राजस्थान हाई कोर्ट में अपील की है,कल 11 बजे मेरे केस में सुनवाई है। आप सबने जो उम्मीदें और साथ दिया वो मेरी ताकत है। Note:- मामला SC/ST एक्ट का है। उम्मीद तो है न्यायपालिका न्याय करेगी। न राजपूत गलत है,न ब्राह्मण गलत है,न पटेल गलत है,न मेघवाल गलत है, न जाट गलत है,न मीणा गलत है। जाति गलत नहीं होती है। गलत है जो जातिवादी सोच जो राजनीति में भी होती है। गलत है निर्दोष लोगों पर जातीय हमले। जो गलत है उसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
Ashok Meghwal157,285 views • 1 year ago