
छोटी कविता
@ChhotiKavita • 66,107 subscribers
जितनी छोटी हो कविता उतना ही ज्यादा बसेगी मन में। साहित्य। सिनेमा। संगीत। जीवन।
Shorts
Videos

जैमिंग का अपना ही आनंद है, और जब गाना इतना ख़ूबसूरत हो, तो सोने पर सुहागा।
छोटी कविता55,064 views • 21 days ago

लेकिन आजकल लोग सलाह को ताना समझ लेते हैं और फ़िक्र को दख़लअंदाज़ी....
छोटी कविता72,143 views • 29 days ago

बच्चों ने कितना सुंदर बजाया है, वो भी 'शोले' फ़िल्म का टाइटल म्यूज़िक। वाकई तारीफ़ के क़ाबिल।
छोटी कविता24,655 views • 11 days ago

1989 में दूरदर्शन पर ‘इसी बहाने’ नामक एक सस्पेंस सीरियल प्रसारित होता था। इसमें प्रमुख भूमिकाओं में किरण खेर, सईद जाफ़री, सुष्मिता मुखर्जी और लिलिपुट जैसे कलाकार थे। यह सीरियल काफ़ी लोकप्रिय रहा था। आइए, इसी सीरियल की एक ख़ूबसूरत ग़ज़ल, ‘हम हैं कुछ अपने लिए, कुछ हैं ज़माने के लिए’ सुनते हैं। इसे चित्रा सिंह ने अपनी आवाज़ दी है जबकि बोल निदा फ़ाज़ली के हैं।
छोटी कविता65,262 views • 1 month ago

आख़िर तक देखिए, क्योंकि अंत में आपका इंतज़ार कर रहा है एक ख़ूबसूरत सरप्राइज़।
छोटी कविता34,874 views • 27 days ago

अगर तुम ही सबका इंतज़ार करते रहोगे तो जो तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं उनका क्या होगा....
छोटी कविता17,875 views • 26 days ago

ये बेंजामिन सिस्टर्स हैं, जो अपने गीतों के कारण 1970 के दशक के उत्तरार्ध और 1980 के शुरुआती वर्षों में पाकिस्तान में बेहद मशहूर हुईं। उत्तर भारत में भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं थी। तीन बहनों का यह समूह 1987 के बाद मंच पर गाना लगभग बंद कर दिया, जब उनमें से एक की शादी हो गई। दिलचस्प बात यह है कि उस समय यह ग्रुप अपनी लोकप्रियता के शिखर पर था।
छोटी कविता71,054 views • 4 months ago

न शोर, न शब्द — बस सुकून और सुर। यही इंस्ट्रुमेंटल संगीत का जादू है।
छोटी कविता174,019 views • 1 year ago

'रूप तेरा मस्ताना' आज जिस धुन में हमारे दिलों में बसा हुआ है वह शुरुआत में कुछ और ही थी। रिकॉर्डिंग से ठीक पहले किशोर कुमार ने एस. डी. बर्मन की अनुमति से उसमें एक बदलाव किया, और वही बदलाव आगे चलकर इस गीत की पहचान बन गया। आइए, यह दिलचस्प क़िस्सा अमित कुमार की ज़ुबानी सुनते हैं।
छोटी कविता21,131 views • 1 month ago