
Shivraj Singh Chouhan
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भाई और मामा | Minister of Agriculture and Farmers Welfare , Minister of Rural Development, Government of India, Former Chief Minister, MP
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मेरे बांके बिहारी लाल, तुम इतना न करियो शृंगार...
Shivraj Singh Chouhan86,750 просмотров • 3 дней назад

The 21st century is India-ASEAN’s century, and together we can turn our shared potential into shared prosperity.
Shivraj Singh Chouhan11,517 просмотров • 23 часов назад

आज मेरे सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है। श्री दरबार साहिब में मत्था टेकने से मन अनंत ऊर्जा और उत्साह से भर गया। यहाँ न कोई छोटा है, न बड़ा है। न कोई ऊँचा है और न ही नीचा। यहाँ सेवा का जो काम होता है, वह हर एक के अहंकार को दूर करता है। गुरु चरणों में मेरा बारंबार प्रणाम🙏
Shivraj Singh Chouhan117,708 просмотров • 13 дней назад

तिरंगा हमारे दिलों में लहराता है, हमारी साँसों में बसता है। कितनी भी कोशिश कर लो, जब तक इस देश की मिट्टी में भारत माँ के सपूत हैं, ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ कोई न कोई बेटा सीना तानकर सामने खड़ा हो जाएगा। आलोचना से कोई शिकायत नहीं, लोकतंत्र में असहमति का भी सम्मान है। लेकिन देश और तिरंगे का अपमान न स्वीकार है, न बर्दाश्त है। भारत माता की जय!
Shivraj Singh Chouhan73,132 просмотров • 9 дней назад

प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज नई दिल्ली में पौधा रोपा। इस दौरान ताइक्वांडो खिलाड़ी एल्विस कुशवाहा ने भी साथ में पौधा लगाया। माँ समान प्रकृति की सेवा के इस महा संकल्प में आठ वर्षीय भांजे एल्विस ने 20 साल की उम्र तक 10 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया है। उनके इस बड़े संकल्प और पर्यावरण बचाने के इस प्रयास को मैं प्रणाम करता हूँ। भगवान से प्रार्थना है कि जब वे 20 साल के हो जाएं, उस लक्ष्य को प्राप्त करें। इतनी कम उम्र में पेड़ लगाने की उनकी भावना सचमुच अद्भुत और प्रेरणादायी है। एल्विस की तरह आप भी पेड़ लगाने का संकल्प लें। रोज न सही, जन्मदिन पर जरूर लगाएँ। पौधरोपण की इस मुहिम से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें: #OnePlantADay
Shivraj Singh Chouhan57,221 просмотров • 8 дней назад

नंद के घर आनंद भयो… जय कन्हैया लाल की! मुरलीधर, नटखट नंदलाल की जय! राधे-राधे! 🙏
Shivraj Singh Chouhan39,240 просмотров • 5 дней назад

मैं संत समाज से निवेदन करता हूँ कि आप जहाँ जाएँ, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की मशाल जलाएँ।
Shivraj Singh Chouhan122,318 просмотров • 18 дней назад

वन्दे मातरम् पूरा गाना पड़ेगा... कांग्रेस संसद और संविधान से ऊपर नहीं...
Shivraj Singh Chouhan136,217 просмотров • 21 дней назад

The Final Walk of a Gentleman आज जब अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा, तो लगा जैसे क्रिकेट का एक शांत, सधा हुआ और गरिमामय अध्याय पूर्ण हुआ। क्रिकेट सिर्फ आक्रामकता का नहीं, गरिमा, धैर्य और चरित्र का भी खेल है। अजिंक्य रहाणे ने अपने व्यक्तित्व और खेल से इसे बार-बार सिद्ध किया। चाहे विदेशी सरज़मीं पर टीम को संभालना हो, चाहे कप्तानी की जिम्मेदारी निभानी हो, चाहे मुश्किल परिस्थितियों में क्रीज़ पर ढाल बनकर खड़ा रहना हो, या फिर धैर्य और विश्वास से मैच की दिशा बदलनी हो; रहाणे ने हर भूमिका को पूरी निष्ठा के साथ निभाया। स्लिप में लपके गए कई अविश्वसनीय कैच, टीम को जिताने वाली कई यादगार पारी और सादगी भरा मुस्कुराता चेहरा हमेशा याद आएगा। The Dressing Room Will Miss Cap no. 278 Thank You Ajinkya Rahane
Shivraj Singh Chouhan225,906 просмотров • 1 месяц назад

बहनों से connection भी दिल का, conversation भी दिल से ❤️ आज मुंबई में लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूह की बहनों के साथ संवाद किया। बैंक लोन, कागजी प्रक्रिया सहित उनकी परेशानियां समझीं और अब बैंकरों के साथ बैठकर इनका समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
Shivraj Singh Chouhan37,068 просмотров • 7 дней назад

शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को प्रणाम! मैं आज जो कुछ हूं, अपने गुरुजनों के आशीर्वाद से ही हूं।
Shivraj Singh Chouhan26,233 просмотров • 5 дней назад

आज नई दिल्ली में दिल्ली-NCR धाकड़ परिवार द्वारा आयोजित श्री धरणीधर जन्मोत्सव में शामिल होने का सौभाग्य मिला। अपनों के बीच आकर हमेशा एक अलग ही आनंद मिलता है। धाकड़ समाज की एकता, संस्कार और सेवा-भाव सचमुच प्रेरणादायी है। यह रिश्ता केवल समाज का नहीं, दिलों का रिश्ता है। भगवान धरणीधर सब पर अपनी कृपा बनाए रखें।
Shivraj Singh Chouhan15,060 просмотров • 2 дней назад

कुछ कहानियाँ केवल सफलता की नहीं होतीं, वे संघर्ष, संकल्प और सपनों की ताकत का प्रमाण बन जाती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी है हमारे भांजे आदर्श की, जिन्होंने NEET 2026 में अखिल भारतीय स्तर पर 304वीं रैंक प्राप्त की । आदर्श के पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद आदर्श ने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया। आदर्श ने तैयारी के दौरान मोबाइल, टीवी और अन्य distractions से स्वयं को दूर रखा और पूरी निष्ठा के साथ केवल अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। उसकी अथक मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प ने आज उस मुकाम पर पहुँचा दिया है, जहाँ पूरा परिवार, समाज और देश उस पर गर्व कर रहा है। आप भी हमारे भांजे आदर्श की यह प्रेरणादायी कहानी सुनिए और विश्वास रखिए कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और इरादे मजबूत हों, तो परिस्थितियाँ कभी भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं
Shivraj Singh Chouhan171,087 просмотров • 1 месяц назад