
Divvya Mahepal Madernna
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National Secretary, AICC Co-I\C Jammu &Kashmir Congress . Ex-MLA, Osian (Rajasthan)
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Blavatnik School of Government, University of Oxford में संवाद के दौरान अपने विचार रखते हुए मैंने प्रमुखता से इस बात को रेखांकित किया कि आदरणीय Rahul Gandhi जी लगातार OBC,महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय व राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहे हैं। मैं OBC समुदाय से आती हूँ। आज मुझे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में जम्मू-कश्मीर की सचिव के रूप में जिम्मेदारी मिली है। यह केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं है बल्कि उस राजनीति का उदाहरण है जिस राहुल गांधी जी आगे बढ़ा रहे हैं, जहाँ OBC, महिलाएँ, युवा और वंचित वर्ग केवल वोटर नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाले नेतृत्व का हिस्सा बनें। राहुल गांधी जी संगठनात्मक ढाँचे में vertical और horizontal — दोनों स्तरों पर बड़े सुधार कर रहे हैं। “संगठन सृजन अभियान” के माध्यम से जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्तियों में OBC, SC, युवाओं और महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है। यह केवल संगठन का विस्तार नहीं, बल्कि भारतीय प्रतिनिधिक लोकतंत्र, समावेशी और सामाजिक न्याय आधारित बनाने की प्रक्रिया है। #DivvyaMahepalMadernnaAtOxford #DivvyaCreditsRahulGandhiAtOxford #RahulGandhi #Congress #OBC
Divvya Mahepal Madernna32,676 Aufrufe • vor 1 Monat

क्या मुझे कुए में डूब कर मर जाना चाहिए ? सार्वजनिक सभा में मेरे ही समाज के चुने हुए एक सांसद मेरे मरने की कामना कर रहे है । उन्हें बेहद अफ़सोस हो रहा है कि मैं ज़िंदा ही कैसे हूँ । मैं भी समाज की बेटी हूँ ,बहन बेटी सबकी सांझी होती है।इसलिए संपूर्ण किसान वर्ग से पूछना चाहती हूँ कि मैंने ऐसा क्या गुनाह किया कि मुझे कुए में गिरकर मर जाना चाहिए ? मैंने पूरी ईमानदारी व श्रद्धा से ओसियां व राजस्थान के किसान वर्ग की हमेशा आवाज़ बुलंद की,क्या यही मेरा गुनाह है? विकट पारिवारिक परिस्थिति में भी मैंने हार नहीं मानी,मैं घर नहीं बैठी, मैंने मेहनत की और जनता से संवाद व जुड़ाव रखा और कारवाँ बनता चला गया । मैंने संघर्ष किया और यह संदेश देने की कोशिश कि किसान वर्ग की बेटिया भी बखूबी राजनीतिक लड़ाइया लड़ सकती है । मैं राजस्थान के हर किसान से पूछना चाहती हूँ कि क्या मुझे मर जाना चाहिए ?
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थार मरुस्थल में निवास करने वाली सिंधी मुस्लिम समुदाय की महिलाएँ अपनी नाक में “पोपा (Popa)” नामक पारंपरिक आभूषण धारण करती हैं। यह आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं है, बल्कि समुदाय के भीतर एक गहरा सांस्कृतिक प्रतीक है। “पोपा” सामान्यतः विवाहित महिलाओं द्वारा पहना जाता है — यह उनके वैवाहिक स्थिति का संकेतक होने के साथ-साथ उनकी सांस्कृतिक पहचान का भी प्रमुख हिस्सा है। सूक्ष्म और कलात्मक डिज़ाइन में निर्मित यह आभूषण सिंधी मुस्लिम जाति की समृद्ध विरासत और कौशलपूर्ण शिल्पकला को प्रतिबिंबित करती है, जो उनकी गहरी जड़ें जमाई परंपराओं को साकार रूप देती है।
Divvya Mahepal Madernna162,253 Aufrufe • vor 8 Monaten

मैं सोचती हूं कि अगर गांधी जी आज हमारे बीच होते, तो इस भारत को देखकर क्या सोचते? जहां किसान, मजदूर, नौजवान और महिलाएं सभी हताश और निराश हैं। मुझे लगता है, वो बेहद दुखी होते और कहते कि ये वो भारत नहीं है, जिसका सपना उन्होंने देखा था। 📍AICC अधिवेशन अहमदाबाद, गुजरात #Congress #Gandhi
Divvya Mahepal Madernna213,946 Aufrufe • vor 1 Jahr

मुझे गर्व है कि कांग्रेस के 5 साल में मैंने विचारधारा और जाति देखकर किसी घर या खेत पर बुल्डोजर नहीं चलाया। हमने कभी बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं की। मैंने वादा किया था कि गुंडाराज मुक्त शासन दूंगी और अपने कार्यकाल में यह करके दिखाया। मैंने गाजर की गाड़ियों को लुटने नहीं दिया, 5 साल तक असामाजिक तत्वों को पनपने नहीं दिया। और मैं आज भी किसी ग़रीब की ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं होने दूंगी। #Osian #jodhpur
Divvya Mahepal Madernna114,528 Aufrufe • vor 10 Monaten

आज विपक्ष के नेता Rahul Gandhi जी ही एकमात्र ऐसी मज़बूत आवाज़ हैं जो लगातार MSP, बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम, किसानों के कर्ज, सिंचाई और ग्रामीण संकट जैसे मुद्दों पर किसानों की बात मजबूती से उठा रहे हैं। मैं स्वयं किसान वर्ग से आती हूँ। किसान केसरी परसराम मदेरणा जी तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी जैसे महान किसान नेताओं ने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित किया। आज सिर्फ राहुल गांधी जी किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों की राजनीतिक भागीदारी को मज़बूत कर रहे हैं। महिला आरक्षण से लेकर संगठनात्मक भागीदारी तक उनकी सोच स्पष्ट है — राजनीति कुछ लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसी सोच के तहत Indian Youth Congress और NSUI में internal elections की प्रक्रिया को मज़बूत किया गया, जिससे समान्य परिवार, ग्रामीण पृष्ठभूमि, OBC, महिलाओं और युवाओं से आने वाले कार्यकर्ताओं को भी नेतृत्व तक पहुँचने का वास्तविक अवसर मिला। यही राजनीति प्रतिनिधित्व, भागीदारी और सामाजिक न्याय को मज़बूत करती है। #DivvyaCredits_RG_AsKisanVoice #RahulGandhi #Congress #Kisan #DivvyaCreditsRGAtOxford
Divvya Mahepal Madernna14,770 Aufrufe • vor 1 Monat

मेरे पर जानलेवा हमला भी एसपी धर्मेंद्र यादव की विफलता से हुआ था , पुलिस की मौजूदगी में असामाजिक तत्व डण्डे लेकर खड़े थे , मैंने एसपी को कहा तो उन्होंने कहा ऐसा कुछ नहीं है स्तिथि हमारे नियंत्रण में है ।ऐसा नियंत्रण है एसपी ने उस मामले में आज तक एक गिरफ़्तारी नहीं की । इनकी कार्यशैली से ज़िले में कांग्रेस की सीटें नहीं आयी और आज चुनाव हो जाए तो बीजेपी की नहीं आयेंगी । Jodhpur Range Police Jodhpur Rural Police Rajasthan Police
Divvya Mahepal Madernna172,486 Aufrufe • vor 2 Jahren

“मैं समय हूँ” - समय किसी के पक्ष में नहीं होता, वह किसी से घृणा नहीं करता; वह केवल मानव कर्मों का मौन साक्षी होता है। ‘समय’ को सूत्रधार बनाकर राही मासूम रज़ा ने पूरी कथा को एक तटस्थ, दार्शनिक और सर्वव्यापी दृष्टिकोण प्रदान किया। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण करते हुए उनकी लेखनी और वैचारिक दृष्टि पर Dainik Bhaskar में आज प्रकाशित मेरा लेख। ✍️📖 LP Pant Mukesh Mathur Arvind Chotia Saurabh Dwivedi Tribhuvan_Official
Divvya Mahepal Madernna26,829 Aufrufe • vor 3 Monaten

आज जोधपुर रेंज आईजी से मिलकर पुलिस की एक तरफ़ा कार्यवाही से अवगत करवाया व थानेदार द्वारा थाने परिसर में सार्वजनिक अपमान का वीडियो वायरल कर दाड़ी मूछ कटवाकर तिरस्कृत करने के कृत्य पर जाँच करवाकर पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है व गिरफ़्तार व्यक्ति के साथ पुलिस द्वारा की गई ऐसी निंदनीय शैली पर अंकुश लगाने का आश्वासन दिया। Jodhpur Range Police Jodhpur Rural Police Rajasthan Police
Divvya Mahepal Madernna107,101 Aufrufe • vor 2 Jahren

राजस्थान में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। डॉ. राकेश बिश्नोई की मौत पर चुप्पी, परीक्षा दे रहे छात्रों की गिरफ्तारी, और न्याय मांगने पर लाठियाँ—ये सिर्फ घटनाएँ नहीं, लोकतंत्र पर संगठित हमला है। ये लड़ाई सिर्फ निर्मल की नहीं, हर छात्र की है। Congress Indian Youth Congress Rajasthan PCC Rajasthan Youth Congress Jaipur Police Nirmal Choudhary Abhimanyu Poonia #PoliceRaj #JungleRaj #राजस्थान_में_जंगलराज
Divvya Mahepal Madernna58,901 Aufrufe • vor 1 Jahr

मुझे सूचना मिली है कि मथानिया क्षेत्र के बालरवा गांव में सांवर जी परिहार सरपंच प्रतिनिधि के घर पर विद्युत विभाग के J.En और पुलिसकर्मियों द्वारा सत्ता पक्ष के इशारे पर बदले की भावना से कार्य करते हुए तनाशाहीपूर्वक परेशान किया जा रहा है। मैंने JEN व पुलिस अधिकारी से दूरभाष से बात की है उन्होंने बदतमीज़ी की। मैं तुरंत मौके पर जा रही हूँ और विद्युत विभाग व पुलिसकर्मियों को ऐसे जनता के साथ मनमानी नही करने दूंगी।
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राजस्थान के जोधपुर जिले के ओसियाँ पुलिस थाना क्षेत्र के खेतासर गांव में दलित परिवार के मृतक का अंतिम संस्कार करने से तीसरी बार रोका जा रहा है, उन्हें अंतिम संस्कार के लिए रास्ता नहीं दिया जा रहा है। पिछले साल भी ऐसा मामला हुआ था और प्रशासन ने वार्ता कर अंतिम संस्कार करवाया था । प्रशासन की घोर विफलता से बॉडी का अंतिम संस्कार नहीं हुआ व आज भी प्रशासन के कान पर जू नहीं रेंग रही । मृतक का शव 30 घण्टे से अपने घर के आंगन में पड़ा है । पीड़ित परिवार के बच्चों एवं महिलाओं के रो-रो कर बुरे हाल है। एक तो मृतक को खोने का दुःख और ऊपर से अंतिम संस्कार नहीं करने देने का दबाव। पीड़ित परिवार के लोग आखिर करे तो करे क्या ! पीड़ित परिवार की एक ही मांग है कि उनका सार्वजनिक रास्ता/कटान खुलवाया जाए एवं मृतका का अंतिम संस्कार करने दिया जाए। मैंने कलेक्टर District Collector & Magistrate, Jodhpur व ओसिया एसडीएम से बात करी । एसडीएम का कहना है कि मृतक का परिवार ग़लत है , वह ब्लैकमेलिंग कर रहे है और इससे एक नज़ीर पेश होगी । मैं स्तबद्ध हूँ कि कोई इंसान यह भी सोच सकता है और कह सकता जिसके प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में एक लाश रखी है कल से और उस अधिकारी की सर्वप्रथम जिम्मेदारी मृतक का अंतिम संस्कार करना हो । लेकिन एसडीएम महोदया को अंतिम संस्कार भले ही ना हो , एक नज़ीर पेश करनी है । इससे अमानवीय भाव कोई नहीं हो सकता । CMO Rajasthan Bhajanlal Sharma
Divvya Mahepal Madernna96,621 Aufrufe • vor 2 Jahren

भोपाल की धरती पर एक बेहद ख़ास आम की किस्म से रूबरू होने का मौका मिला — “सुपारी आम”। 🍋 नाम छोटा, स्वाद बड़ा! सुपारी आम की अनोखी बनावट है व आकार में तो बेहद छोटा होता है — लगभग आलू बुखारे जितना — लेकिन इसकी मिठास, ख़ुशबू और स्वाद किसी भी सामान्य आम को मात दे सकती है। 📍 एक आम के बाग में पहुंचकर मैंने न सिर्फ़ इस अनोखे आम को पेड़ से तोड़ा, बल्कि खेत में खड़े उस मेहनती किसान से भी बात की, जिसने बरसों से इस दुर्लभ किस्म को संभाल कर रखा है। 👨🌾 किसान की आंखों में अपने फल को लेकर जो गर्व था, वही असली भारत की पहचान है — मिट्टी से जुड़ा, मेहनत से सींचा, और स्वाद में बेमिसाल। #भोपाल #सुपारीआम #मिट्टीकीखुशबू #देशकीकिसानी #भारतीयफल #MangoDiaries #BhopalFarmTour #SupportFarmers MP Congress
Divvya Mahepal Madernna52,460 Aufrufe • vor 11 Monaten