
Divvya Mahepal Madernna
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National Secretary, AICC Co-I\C Jammu &Kashmir Congress . Ex-MLA, Osian (Rajasthan)
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पुलिस प्रशासन की लगातार नाकामी सामने आई। ADCP काला चश्मा लगाकर सत्ता पक्ष के विधायक की जी-हुजूरी में लगे हैं। याद रखिए—सत्ता स्थायी नहीं होती। दो साल बाद जनता और लोकतंत्र का राज होगा, तब आपकी कार्यशैली का पूरा हिसाब लिया जाएगा। Rajasthan Police Jodhpur Police
Divvya Mahepal Madernna21,049 次观看 • 23 小时前

संघर्ष की जीत! पहले मथानिया नगरपालिका चुनाव में पहले चुनावी प्रक्रिया में धांधली की कोशिश की गई और उसके बाद आज कांग्रेस के पार्षदों को मतदान से रोकने का प्रयास किया गया। सत्ता की मिलीभगत और प्रशासन के दबाव में लोकतंत्र को कमजोर करने और जनता के जनादेश को प्रभावित करने की हरसंभव कोशिश की गई। लेकिन हमने न अन्याय के सामने झुकना स्वीकार किया और न ही लोकतंत्र की इस लड़ाई से पीछे हटे। आखिरकार भाजपा को मुंह की खानी पड़ी और लोकतंत्र की जीत हुई। जनता के अधिकारों, निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। #Mathania #SaveDemocracy #Congress #Rajasthan #DivyaMaderna
Divvya Mahepal Madernna27,069 次观看 • 2 天前

जब 3 बजे के बाद किसी को नामांकन प्रक्रिया में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती, तो स्थानीय विधायक और उनके लोगों को अंदर कैसे जाने दिया गया? गेट बंद था तो पुलिस अधिकारी उन्हें अंदर लेकर कैसे पहुंचे? और कांग्रेस प्रत्याशी को बाहर निकालने के लिए पुलिस को किसने कहा? क्या चुनावी प्रक्रिया में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नियम हैं? क्या यही प्रशासन की निष्पक्षता है? जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना होगा। किसी भी तरह की लीपापोती स्वीकार नहीं की जाएगी।
Divvya Mahepal Madernna125,264 次观看 • 22 天前

सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों को इस तरह कुचल रहा है कि मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर खुलेआम सत्ता पक्ष के विधायक के बुलाने पर विधायक से मिलने के लिए परिसर से बाहर आ रहे हैं। मथानिया की जनता ने भाजपा को बहुमत से नकार दिया, तो अब सरकारी तंत्र पर दबाव बनाकर जनादेश के विपरीत बोर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह लोकतंत्र और जनादेश—दोनों का अपमान है। सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों को इस तरह कुचल रहा है कि मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर खुलेआम सत्ता पक्ष के विधायक से मिलने के लिए परिसर से बाहर आ रहे हैं। मथानिया की जनता ने भाजपा को बहुमत से नकार दिया, तो अब सरकारी तंत्र पर दबाव बनाकर जनादेश के विपरीत बोर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह लोकतंत्र और जनादेश—दोनों का अपमान है।
Divvya Mahepal Madernna13,134 次观看 • 2 天前

मथानिया में नगर निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान जो हुआ, उसने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय सीमा के बाद क्षेत्रीय विधायक और BJP के एक प्रत्याशी को RO कार्यालय में प्रवेश की अनुमति दी गई। क्षेत्रीय थानाधिकारी द्वारा स्थानीय विधायक को गेट से रिसीव कर कार्यालय के अंदर तक लाया गया, जबकि कार्यालय के अंदर मौजूद कांग्रेस प्रत्याशी के साथ बदतमीजीपूर्ण व्यवहार करते हुए उन्हें बाहर निकाल दिया गया। एक ही नियम दो लोगों के लिए अलग-अलग कैसे हो सकता है? मैं इस भेदभाव के खिलाफ़ अभी RO कार्यालय, मथानिया के बाहर प्रशासन से जवाब मांगने के लिए बैठी हूँ। अगर चुनाव प्रक्रिया में ही पक्षपात होगा, तो निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र पर जनता का विश्वास कैसे कायम रहेगा? यह सिर्फ़ कांग्रेस प्रत्याशी के साथ भेदभाव नहीं, बल्कि संविधान की भावना और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। RO को जवाब देना होगा कि आखिर यह भेदभाव किसके दबाव में और क्यों किया गया?
Divvya Mahepal Madernna53,943 次观看 • 23 天前

तीन साल भाजपा सरकार के निकल चुके हैं, अब सिर्फ़ दो साल बाकी हैं। मैं आज कहकर जा रही हूँ कि आख़िरी साल में मैं एक MLA की तरह आपके काम कराऊँगी। डंके की चोट पर कह रही हूँ कि आपका सही काम है तो उसे रुकने नहीं दूंगी और अगर आपके साथ गलत हो रहा है, तो उसे होने नहीं दूंगी। आपके हक़ के लिए जहां बैठना पड़ेगा, जहां आवाज़ बुलंद करनी पड़ेगी, मैं आपके साथ खड़ी रहूंगी। 📍तिंवरी
Divvya Mahepal Madernna22,600 次观看 • 15 天前

"तलवार जो चलाओगे हवा में खामखा, बाजू थकेंगे और मरेगा कोई नहीं।" भाजपा के शासन में हालत ऐसी हो गई है कि नाला और पाइपलाइन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी लोग परेशान हैं। इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी? इसलिए आपका एक-एक वोट बहुत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस के चुनाव चिन्ह ‘हाथ’ पर वोट दीजिए और अपने पड़ोसियों से भी कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील कीजिए।
Divvya Mahepal Madernna13,835 次观看 • 15 天前

क्या मुझे कुए में डूब कर मर जाना चाहिए ? सार्वजनिक सभा में मेरे ही समाज के चुने हुए एक सांसद मेरे मरने की कामना कर रहे है । उन्हें बेहद अफ़सोस हो रहा है कि मैं ज़िंदा ही कैसे हूँ । मैं भी समाज की बेटी हूँ ,बहन बेटी सबकी सांझी होती है।इसलिए संपूर्ण किसान वर्ग से पूछना चाहती हूँ कि मैंने ऐसा क्या गुनाह किया कि मुझे कुए में गिरकर मर जाना चाहिए ? मैंने पूरी ईमानदारी व श्रद्धा से ओसियां व राजस्थान के किसान वर्ग की हमेशा आवाज़ बुलंद की,क्या यही मेरा गुनाह है? विकट पारिवारिक परिस्थिति में भी मैंने हार नहीं मानी,मैं घर नहीं बैठी, मैंने मेहनत की और जनता से संवाद व जुड़ाव रखा और कारवाँ बनता चला गया । मैंने संघर्ष किया और यह संदेश देने की कोशिश कि किसान वर्ग की बेटिया भी बखूबी राजनीतिक लड़ाइया लड़ सकती है । मैं राजस्थान के हर किसान से पूछना चाहती हूँ कि क्या मुझे मर जाना चाहिए ?
Divvya Mahepal Madernna365,289 次观看 • 1 年前

थार मरुस्थल में निवास करने वाली सिंधी मुस्लिम समुदाय की महिलाएँ अपनी नाक में “पोपा (Popa)” नामक पारंपरिक आभूषण धारण करती हैं। यह आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं है, बल्कि समुदाय के भीतर एक गहरा सांस्कृतिक प्रतीक है। “पोपा” सामान्यतः विवाहित महिलाओं द्वारा पहना जाता है — यह उनके वैवाहिक स्थिति का संकेतक होने के साथ-साथ उनकी सांस्कृतिक पहचान का भी प्रमुख हिस्सा है। सूक्ष्म और कलात्मक डिज़ाइन में निर्मित यह आभूषण सिंधी मुस्लिम जाति की समृद्ध विरासत और कौशलपूर्ण शिल्पकला को प्रतिबिंबित करती है, जो उनकी गहरी जड़ें जमाई परंपराओं को साकार रूप देती है।
Divvya Mahepal Madernna162,274 次观看 • 11 个月前

मैं सोचती हूं कि अगर गांधी जी आज हमारे बीच होते, तो इस भारत को देखकर क्या सोचते? जहां किसान, मजदूर, नौजवान और महिलाएं सभी हताश और निराश हैं। मुझे लगता है, वो बेहद दुखी होते और कहते कि ये वो भारत नहीं है, जिसका सपना उन्होंने देखा था। 📍AICC अधिवेशन अहमदाबाद, गुजरात #Congress #Gandhi
Divvya Mahepal Madernna214,080 次观看 • 1 年前

मुझे गर्व है कि जब आपने अपने वोट की ताकत से मुझे विधायक बनाया, तब मैंने अपने 5 साल के कार्यकाल में तिंवरी में पानी की एक मटकी तक नहीं फूटने दी। मैंने प्रशासन को साफ निर्देश दिए थे कि मथानिया, तिंवरी और ओसियां में पानी की व्यवस्था में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बिजली को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट कहा था कि अगर बिजली टिमटिमाई, तो उनकी जवाबदेही भी तय होगी। जनता को मूलभूत सुविधाएँ देना कोई एहसान नहीं, जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी को निभाने में मैंने कभी समझौता नहीं किया। 📍तिंवरी
Divvya Mahepal Madernna10,170 次观看 • 15 天前

मुझे गर्व है कि कांग्रेस के 5 साल में मैंने विचारधारा और जाति देखकर किसी घर या खेत पर बुल्डोजर नहीं चलाया। हमने कभी बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं की। मैंने वादा किया था कि गुंडाराज मुक्त शासन दूंगी और अपने कार्यकाल में यह करके दिखाया। मैंने गाजर की गाड़ियों को लुटने नहीं दिया, 5 साल तक असामाजिक तत्वों को पनपने नहीं दिया। और मैं आज भी किसी ग़रीब की ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं होने दूंगी। #Osian #jodhpur
Divvya Mahepal Madernna114,554 次观看 • 1 年前

जीव तो जानते ही है व अजीव पहाड़, रास्ते इत्यादि भी चिल्ला चिल्लाकर इस बात की पुष्टि करेंगे कि 1998 में 153 सीटों का जनादेश स्वर्गीय परसराम मदेरणा के नाम पर आया था और 1998 के बाद कांग्रेस कभी 100 का आँकड़ा पार नहीं कर पायी । ट्रिपल डिजिट से डबल डिजिट में ही सिमटी रही। राजस्थान एवम हिंदुस्तान के किसी नेता में दम नहीं था कि उन्हें पानी पिला देते । वे जानता के नेता थे लेकिन उसूलों और सिद्धांतों के नेता भी थे। पं. नवल किशोर शर्मा के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में शांति धारीवाल जी का यह बयान कि अशोक गहलोत ने कई बड़े-बड़े लोगो को पानी पिला दिया। जब पीसीसी चीफ थे,तो कई बड़े बड़े उम्मीदवार थे मुख्यमंत्री के लिए लेकिन किसी को नहीं बनने दिया। मैं शांति धारीवाल जी के इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती हूं। परसराम मदेरणा कांग्रेस के निष्ठावान सिपाही थे व उन्होंने नेहरू गांधी परिवार की किसी बात को कभी नहीं टाला ।1998 उनके जीवन का आख़िरी चुनाव होगा इसकी घोषणा चुनाव से पहले उन्होंने कर दी थी फिर भी आलाकमान का आदेश सर आँखो पर और इसीलिए 1998 में उन्होंने ही माइक पर एक लाइन का प्रस्ताव पारित करवाया था की कांग्रेस आलाकमान जो निर्णय लेंगे व सब कांग्रेस जन को मंज़ूर होगा । 25 सितम्बर को अधिकृत विधायक दल का बहिष्कार कर समांतर विधायक दल की मीटिंग अपने ख़ुद के सरकारी आवास पर रख कर आलाकमान को पानी पिलाने का काम करने वाले आप स्वयं ही थे ।
Divvya Mahepal Madernna275,604 次观看 • 3 年前