
Dr. Laxman Yadav
@DrLaxman_Yadav • 312,694 subscribers
Author of the Best-Selling books 'Professor ki Diary' & 'Jaati Janaganana', Socialist, Constitutionalist, Political Analyst, Intercessor of Social Justice.
Shorts
Videos

लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग में तक़रीबन डेढ़ दर्जन युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। वहाँ मौजूद युवाओं की चीखें और गवाही सुनिए—यह सिर्फ़ एक हादसा नहीं, हमारे समय की एक भयावह सच्चाई है। इस आग में कुछ लोग जलकर मारे गए, लेकिन उससे भी बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों को युवाओं ने अपनी उम्मीदों और भविष्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने उनके लिए क्या किया? रोज़गार, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था की जगह समाज को धर्म और नफ़रत की आग में झोंका जा रहा है। एक आग इमारतों को जलाती है, दूसरी आग पीढ़ियों के सपनों को। हम जैसे लोग बरसों से चेतावनी देते आ रहे हैं कि नफ़रत की राजनीति का अंत कभी अच्छा नहीं होता। मगर अगर अब भी नहीं संभले, अगर अब भी असली मुद्दों पर सवाल नहीं पूछे, तो सिर्फ़ इमारतें नहीं जलेंगी—सपने जलेंगे, भविष्य जलेगा, और एक पूरा समाज राख में बदलता चला जाएगा। वक़्त अभी भी है। तय करना हमें है कि हम आग बुझाने वालों के साथ खड़े होंगे या आग फैलाने वालों के साथ।
Dr. Laxman Yadav103,694 görüntüleme • 3 gün önce

चाहे जितनी करो कमाई, लेकिन बचे ना एको पाई, सिलेंडर कैसे हम भरवाई...
Dr. Laxman Yadav93,543 görüntüleme • 1 ay önce
0:23
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

हावड़ा में बीजेपी के गुंडों द्वारा टीएमसी नेता श्यामलाल मित्रा के साथ की गई बर्बर मारपीट लोकतंत्र पर सीधा हमला है। लेकिन विडंबना देखिए - देश का तथाकथित “मुख्यधारा” मीडिया इस सच को दिखाने से कतराता है। सत्ता की चाटुकारिता में इतना डूब चुका है कि उसे न हिंसा दिखाई देती है, न अन्याय। अभी वे चुनावी जीत के जश्न में मशगूल हैं और नरेंद्र मोदी व भाजपा को बधाइयाँ देने में व्यस्त हैं। जब मीडिया सत्ता का पहरेदार बनने के बजाय उसका प्रवक्ता बन जाए, तो लोकतंत्र कमजोर होता है। यह सिर्फ एक घटना नहीं है - यह उस खामोशी का प्रमाण है, जो सच के खिलाफ खड़ी कर दी गई है।
Dr. Laxman Yadav111,184 görüntüleme • 1 ay önce

बांग्लादेश में मस्जिद से लोगों ने ऐलान किया कि प्रिय नागरिकों, हम 'स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन' आपसे अपील करते हैं कि देश में अशांति के इस दौर में हम सभी को सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना है. हमें हिंदू अल्पसंख्यकों की रक्षा करनी है, उपद्रवियों से उनके जान-माल की रक्षा करें। ये आपकी जिम्मेदारी है, हमारी जिम्मेदारी है, सबकी जिम्मेदारी है।
Dr. Laxman Yadav1,256,596 görüntüleme • 1 yıl önce

लखनऊ के ईको गार्डन में छात्रों ने गूँजाया नारा - "गोदी मीडिया, हाय-हाय!"
Dr. Laxman Yadav30,256 görüntüleme • 14 gün önce

केरोसिन पहले भी मिलता था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे लगभग पूरी तरह बंद कर दिया था। इसके पीछे कुछ कारण रहे होंगे। अब फिर पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराने की बात की जा रही है। आखिर यह चल क्या रहा है? सरकार ऐसा क्यों कर रही है? क्या सरकार के पास कोई ठोस रोडमैप नहीं है?
Dr. Laxman Yadav150,119 görüntüleme • 2 ay önce

जब मैंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में टॉप किया, तो मेरे प्रोफेसर ने मुझसे कहा था: "अगर अहीरों के बच्चे गाय-भैंस चराना छोड़कर यूनिवर्सिटी टॉप करने लगेंगे, तो हमारे बच्चे कहाँ जाएँगे?" उत्तर प्रदेश के बांदा में भी कुछ वैसा ही हुआ। स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा — "यादव हो, पढ़-लिखकर क्या करोगे? जाओ, भैंस चराओ।" अगर अब भी आँख न खुले — तो कब खुलेगी?
Dr. Laxman Yadav294,888 görüntüleme • 8 ay önce
2:52
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

जंगे-आज़ादी के साथ RSS के रिश्तों पर ऐसी विडियो की में कड़ी निंदा करता हूँ। अब आप ही बताएँ, क्या RSS का आज़ादी की लड़ाई में यही हाल था, जो ये विडियो दावा करती है? क्या आज देशभक्ति की सर्टिफ़िकेट बाँटने पर आमादा RSS की यही सच्चाई है? RSS विशेषज्ञ मार्गदर्शन करें।
Dr. Laxman Yadav642,572 görüntüleme • 1 yıl önce
