
Dr. Udit Raj
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National Chairman of Unorganized Workers & Emp. Congress(KKC) | MP (2014-19) & Ex IRS| @domaparisangh | @kkc_india | @incindia Join Whatsapp https://t.co/Myck9RWd24
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रविश कुमार की रिपोर्टिंग में जानिए कैसे INDIA गठबंधन इस चुनाव में एक नई दिशा लेकर आया है। वीडियो में सुनिए डॉ. उदित राज की बातें, जब वे संसद में थे और उन्होंने सत्ता से वे सवाल पूछे जो शायद ही किसी ने पूछे हों। उनके सवालों की गूँज अब भी सुनाई देती है। #INDIAAlliance #Congress #INC #AAP #HaathBadlegaHalaat Arvind Kejriwal Rahul Gandhi Congress AAP ravish ndtv
Dr. Udit Raj1,009,559 просмотров • 2 лет назад

आज मेरे निवास जो उनकी पत्नी श्रीमती सीमा राज जी के नाम से अलाट है, C-1/38, पंडारा पार्क, नई दिल्ली को एक महीने का अतिरिक्त समय के लिए कोर्ट के माध्यम से समय मांगा गया है और 28 अक्टूबर को इसकी सुनवाई है, कोर्ट के नोटिस के बावजूद भाजपा के नेताओं के इशारे पर आज जबरदस्ती सामान रोड पर फेंका जा रहा है। ANI Press Trust of India IANS
Dr. Udit Raj316,690 просмотров • 8 месяцев назад

मेरे घर का सामान मोदी सरकार ने फेंकवा दिया और अब घर के सामने रोड पर रात गुज़ारी । सामान की रखवाली कर रहा हूँ । दलित चाहे सांसद बने या मुख्य न्यायाधीश उसकी दुर्दशा पहले ही जैसे रहेगी । मोदी सरकार चाहती है कि मैं भी IPS पूरन कुमार की तरह आत्महत्या कर लूँ लेकिन ऐसा होगा नहीं । मोदी सरकार हत्या करा दे वो और बात होगी । ANI
Dr. Udit Raj240,935 просмотров • 8 месяцев назад

मैं ADG पूरन कुमार के मामले को उठाया और मनोहर लाल खट्टर का हाथ होने के बात कही ,लगता है उसी से नाराज़ होकर मेरे साथ यह ज्यादती किया । यह मंत्रालय उन्ही के अधीन है । मामला सब्ज़ुडिस है और 3- 4 दिन में क्या फ़र्क़ पड़ जाता ? यह बदले की कार्यवाही है । ख़ाली कराने वाले अधिकारी ने कहा कि 28 को स्टे मिल जाता इसलिए ऊपर से आदेश आया कि उसके पहले ही ख़ाली करा दिया जाए ।
Dr. Udit Raj232,269 просмотров • 8 месяцев назад

हम ख़ुद अपने घर का सामान निकाल रहे हैं ताकि सुरक्षित रहे लेकिन अधिकारी जबरदस्ती कर रहे हैं । अदालत में 28 अक्टूबर की तारीख है और मंत्रालय को नोटिस किया जा चुका है फिर भी मेरे घर से सामान फेंका जा रहा है । दलित- पिछड़ों की आवाज उठाने की क़ीमत देना पड़ रहा है । Congress Rahul Gandhi Jairam Ramesh Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ Supriya Shrinate Press Trust of India ANI IANS
Dr. Udit Raj130,312 просмотров • 8 месяцев назад

मेरे घर का सामान मोदी सरकार ने फेंकवा दिया और अब घर के सामने रोड पर रात गुज़ारी । सामान की रखवाली कर रहा हूँ । दलित चाहे सांसद बने या मुख्य न्यायाधीश उसकी दुर्दशा पहले ही जैसे रहेगी । मोदी सरकार चाहती है कि मैं भी IPS पूरन कुमार की तरह आत्महत्या कर लूँ लेकिन ऐसा होगा नहीं । मोदी सरकार हत्या करा दे वो और बात होगी ।
Dr. Udit Raj96,420 просмотров • 8 месяцев назад

बैलट पेपर से हुए तेलंगाना के पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने कुल 12702 ग्राम पंचायत में से 7,527 पर जीत हासिल की ।इसके अलावा 808 कांग्रेस समर्थित बागी उम्मीदवारों की जीत को जोड़ने पर पार्टी की कुल हिस्सेदारी 66 % तक पहुंच गई है। बीजेपी को 5% भी सफलता नहीं मिली । लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी दोनों को 8 -8 सीटें मिलीं। बात समझ में आई, बीजेपी की जान ईवीएम में है। पंजाब के स्थानीय निकाय का चुनाव भी बैलट पेपर से हुआ और बीजेपी का सूफ़ड़ा साफ़ हो गया । तेलंगाना के संगारेड्डी जिले से भारत के मुख्य न्यायाधीश को 100 लोगों ने लिखे ईवीएम जांच के लिए पत्र।बिहार चुनाव मे उपयोग किए गए ईवीएम के माईक्रोकंट्रोलर की फोरेंसिक जांच को लेकर तेलंगाना के संगारेड्डी जिले, कोंडापूर मंडल, गंगारम गांव मे श्री बीरय्या यादव के नेतृत्व मे दिनांक 19-12-2025 को 100 लोगों ने लिखित आवेदन स्पीड पोस्ट से भेजा ।देशभर से सैकडों लोग इस अभियान मे जुड रहे है। इस अभियान को देशव्यापी बनाने की अपील की है । Rahul Gandhi Mallikarjun Kharge Priyanka Gandhi Vadra Akhilesh Yadav Tejashwi Yadav
Dr. Udit Raj41,998 просмотров • 6 месяцев назад

यूजीसी के नए नियम के पीछे कुछ बड़ी राजनीतिक साजिश लगती है । जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स और सवर्ण जाति के लोगों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है और ये अधिकतर बीजेपी और आरएसएस के समर्थक हैं। विरोध के बावजूद ये वोट बीजेपी को ही देंगे। दूसरे तरफ़ दलित, ओबीसी और आदिवासी बीजेपी से खुश हो जाएँगे । मतलब है “चित भी इनका पट भी इनका”। लगता है बीजेपी ही अंदर से विरोध करा रही वर्ना वाराणसी में कितने मंदिर तोड़ें, क्या उसका बड़े पैमाने पर विरोध किया ! ग़ैर बीजेपी सरकार होती तो शायद ऐसा विरोध होता । क्या अब दलित, ओबीसी और आदिवासी हिंदू न रहे?
Dr. Udit Raj31,286 просмотров • 5 месяцев назад

मैं ADG पूरन कुमार के मामले को उठाया और मनोहर लाल खट्टर का हाथ होने के बात कही ,लगता है उसी से नाराज़ होकर मेरे साथ यह ज्यादती किया । यह मंत्रालय उन्ही के अधीन है । मामला सब्ज़ुडिस है और 3- 4 दिन में क्या फ़र्क़ पड़ जाता ? यह बदले की कार्यवाही है । ख़ाली कराने वाले अधिकारी ने कहा कि 28 को स्टे मिल जाता इसलिए ऊपर से आदेश आया कि उसके पहले ही ख़ाली करा दिया जाए । ANI
Dr. Udit Raj42,539 просмотров • 8 месяцев назад

Press Conference- भाजपा नेताओं के इशारे पर जबरदस्ती डॉ. उदित राज जी के सरकारी आवास का सामान सड़क पर फेंक दिया गया। रातभर सड़क पर गुज़ारने को मजबूर किए गए — लेकिन उन्होंने सिर नहीं झुकाया। यह दृश्य सिर्फ़ एक व्यक्ति की तकलीफ़ नहीं, बल्कि दलित आवाज़ पर हो रहे अन्याय और उत्पीड़न की सच्ची तस्वीर है। इस अन्याय के खिलाफ़ डॉ. उदित राज जी ने पूरी रात सड़क पर गुज़ारी और उसी दौरान एक प्रेस वार्ता हुई । इस प्रेस वार्ता में झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू, श्रीमती सीमा राज पूर्व प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ इनकम टैक्स, कांग्रेस के एससी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री राजेन्द्र पाल गौतम जी और राजस्थान से विधायिका श्रीमती अनिता जाटव जी भी मौजूद रहीं । सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि – “यह कार्रवाई न सिर्फ़ बदले की भावना से प्रेरित है, बल्कि यह दलित नेताओं की आवाज़ को दबाने का प्रयास है।” डॉ. उदित राज जी ने कहा – “मेरा घर छीना जा सकता है, लेकिन मेरी आवाज़ नहीं। जब तक देश में जातिगत अन्याय रहेगा, तब तक मैं सड़कों से भी लड़ाई जारी रखूँगा।” यह घटना दिखाती है कि सत्ता में बैठे लोग विपक्ष के दलित नेताओं से डरते हैं और उनकी आवाज़ को कुचलने के लिए हर सीमा पार कर रहे हैं। परंतु यह संघर्ष अब एक व्यक्ति का नहीं, सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। ANI Press Trust of India IANS Congress K Raju (समण) Rajendra Pal Gautam Rahul Gandhi Mallikarjun Kharge #UditRaj
Dr. Udit Raj35,136 просмотров • 8 месяцев назад

अब अनपढ़ों का क्या बताया जाए. जब भारत आजाद हुआ था तो तब कश्मीर न पाकिस्तान का हिस्सा था और न ही भारत का।
Dr. Udit Raj39,946 просмотров • 1 год назад

मुजफ्फरनगर में एक मुसलमान ने अपने ढाबा का नाम पंडित रख लिया तो तूफ़ान खड़ा हो गया और हिंदू मुसलमान के नाम से व्यापार करें तो चुप्पी । देश एक क़ानून दो, क्या यही चलेगा परिस्थिति जन्य मुसलमान को पंडित या हिंदू बनकर होटल चलाना पड़ रहा है । जाति व्यवस्था के कारण दलितों- पिछड़ों को हज़ारों वर्ष से होटल और खानपान का कारोबार प्रतिबंधित रहा अब मुसलमानों के सामने यही मजबूरी आ गई है। 2014 के पहले मुसलमान बिना हिचक ख़ुद के नाम से इस तरह के कारोबार किया करते थे।मनुवाद ही सब झगड़ों का जड़ है . ANI Press Trust of India IANS
Dr. Udit Raj37,101 просмотров • 1 год назад

सुप्रीम कोर्ट प्रायः दलित और पिछड़ों के मामलों में संसद और क़ानून बनाने वाली संस्थाओं द्वारा अधिकारों को कमजोर करने का निर्णय देता है । आज भी वही किया है । SC ने कहा केवल अपशब्दों का प्रयोग अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध नहीं है। यह कानून तभी लागू होगा जब अपशब्दों में जातिगत नाम का प्रयोग सार्वजनिक रूप से किया गया हो और उसका इरादा अपमानजनक हो।आज कल कितने हनी ट्रैप और ब्लैकमेल महिलायें कर रही हैं । दहेज कानून में एक तरफा बयानिया से जेल भेज दिया जाता है । इनके इकबालिया बयान किसी को बदनाम, जेल जाने के लिए पर्याप्त होता है लेकिन जब दलित- आदिवासी के लिए बने क़ानून की बात होती है तो उसको SC कमजोर करता है । अनुसूचित जाति आयोग और जनजाति आयोग की शक्तियों को बार बार कमज़ोर किया गया है ।
Dr. Udit Raj20,194 просмотров • 5 месяцев назад