हमारे बाद इस महफ़िल में अफ़साने बयाँ होंगे।
बहारें हमको ढूँढेंगी, न जाने हम कहाँ होंगे।
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यह गोश्त... मांस को बकरीद का नहीं है यह भारत की एक मंदिर का प्रसाद है यह प्रसाद के रूप में मांस ले जाएंगे चाव से खाएंगे फिर 10 दिनो बाद बकरीद पर मुसलमानों को ज्ञान देंगे कि जानवर की बलि नहीं केक काटो यह दोगले लोगों को देख लो फालो राष्ट्रीय अब्दुल