सुनो फलानी जी एक ख्वाहिश है रातरानी की खुशबू में घुली हुई किसी शाम आप सामने बैठी हो और हवा के झोंके से आपके अस्त व्यस्त बालों को माथे से हटाता हुआ मैं मुझे इस लम्हे का इंतज़ार है😌❤️☺️
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मैंने नज़र से चोट खाई है मेरा दिल फरियाद करता है और हां फलानी जी जिसे तुम भूल बैठी हो वो तुमको याद करता है🥹❤️