
काश/if Kakvi
@KashifKakvi • 17,019 subscribers
Reporter since 2015 | Investigation & research | Azim Premji Fdn Fellow. @reporters_co's Investigative Fellow. Looking for perfection in imperfection.
Shorts
Videos

#Bhopal | #Offbeat क्या भोपाल में सक्रिय है अंडकोष चोर गैंग? भोपाल का एक 17 वर्षीय किशोर 6 अगस्त को लापता हुआ। गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ। पांच दिन बाद 11 अगस्त को छोटे तालाब में उसकी लाश मिली। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों ने शव की पहचान कि। पुलिस ने करीब 13 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और खुलासा किया कि, प्रथम दृष्टि में पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने मृतक किशोर को कथित अपना अंडकोष बेचने पर ₹2 करोड़ का लालच दिया था। जिसे विदेश भेजने की योजना थी। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से अंडकोष नहीं मिला। फिलहाल पुलिस इस कथित सौदे के पीछे शामिल लोगों और विदेश भेजने की पूरी योजना की गहराई से जांच कर रही है। इस से पूर्व भी एक डेड बॉडी बिना अंडकोष के मिली थी। बाइट: शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी, भोपाल
काश/if Kakvi427,376 views • 1 month ago

यह है माधुरी कटरे, बालाघाट से पत्रकार है ! बालाघाट ज़िले के पत्रकारों को बदनाम करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा इन्फ्ल्यूएंसर लाए गए ताकि अपना नैरेटिव चला सके। पत्रकारों का बैठक में इन्होंने ज़िला प्रशासन और ज़िला जनसंपर्क अधिकारी का धागा खोल दिया। सुना जाए ! #Balaghat #MP
काश/if Kakvi109,177 views • 20 days ago

फ़िल्म #GangsofWasseypur का सीन आपको याद होगा जहाँ डेफिनेट, शमशाद को मारने उसके घर गया और गन फँस गई। फ़िर शमशाद ने उस पर हमला किया। क्या गज़ब का सीन है। ठीक ऐसा ही एक सीन मध्य प्रदेश के मुरैना ज़िले में देखने को मिला। जमीन विवाद की वजह कर एक व्यक्ती ने बाइक वाले पर कट्टा ताना। लेकिन उस से पहले दूसरे व्यक्ति ने हमला कर दिया। खैर, फ़िल्म कि तरह यहाँ भी कोई हताहत नहीं हुआ।
काश/if Kakvi131,590 views • 1 month ago

#Bulldozer #MP "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा! " मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील अंतर्गत ढाबा गांव में अब्दुल नईम ने लगभग 20 लाख रुपये खर्च करके एक स्कूल भवन बनवाया। गांव की आबादी करीब दो हजार है, जिसमें केवल चार मुस्लिम परिवार हैं। सबसे करीब स्कूल पांच किलो मीटर दूर है। चुकी बच्चों को शिक्षा की भारी कमी है, इसलिए नईम ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई शुरू करने की योजना बनाई। लेकिन तीन दिन पहले एक अफवाह फैलाई गई कि नईम ने "अवैध मदरसा" बनवाया है और यहां बच्चों को "अनधिकृत रूप" से शिक्षा दे रहे हैं। गाँववालों के अनुसार, एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी जांच करने आए और क्लीन चिट् देकर गए। साथ ही पंचायत से NOC लेने को भी कहा। अगले दिन पंचायत ने 11 जनवरी को नईम को नोटिस जारी कर भवन गिराने का आदेश दिया। जब नाईम पंचायत भवन गए तो कथित रूप से उनसे आवेदन न लेकर सोमवार को आने को कहा गया। नईम ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि भूमि के सारे कागजात पूरे हैं और 30 दिसंबर को स्कूल शिक्षा विभाग में संचालन अनुमति के लिए आवेदन जमा किया गया था। लेकिन भवन तोड़ने का आदेश दिया जा चुका था। जब गांव वालों ने स्कूल तोड़े जाने के नोटिस का विरोध किया, तो पंचायत ने आनन-फानन में भवन को NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर दिया। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शाम को एसडीएम साहब ने नईम को बताया कि "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा।" गांव वालों ने कहा कि यदि कोई कानून उल्लंघन हुआ है, तो जुर्माना भरकर उसकी भरपाई की जा सकती है। भवन तोड़ने पर उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे। जब NOC के बाद भी सोमवार को भवन तोड़ने का आदेश वापिस नहीं हुआ तब गाँव वालों ने 80 किलोमीटर दूर कलेक्टर की जनता दरबार से मिलने की का प्लान बनाएं। आज (मंगलवार) को जैसे ही सैकड़ों ग्रामीण नईम के साथ बैतूल कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे, उन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक दिया। घंटो बाद जब उन्हें छोड़ा गया और वह जनता दरबार में पहुँचे और अपनी बात रखी। तब कलेक्टर साहब ने जांच की बात कही। जब कलेक्टर साहब जांच की बात कर रहे थे इस बीच एसडीएम साहब कथित रूप से भवन तोड़ रहे थे। सर्व शिक्षा अभियान की आपको शुभकामनाएं !
काश/if Kakvi905,514 views • 8 months ago

केरल की एक मुस्लिम आयुर्वेद डॉक्टर संजना एस. ए. (42) 6 माह पहले भोपाल में Phd करने आई। 15 मई को अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। एक हफ़्ते के बाद ब्रेन हैमरेज से उनकी मौत हो गई। हॉस्पिटल ने परिवार से ऑर्गन डोनेशन की गुजारिश की। उनकी दो बेटियां हैं, पति बंगलुरू में IT सेक्टर में मैनेजर हैं। चुकी भोपाल आने से पहले उन्होंने केरल में मरणोपरांत अंगदान करने की कथित गुजारिश की थी, उनके पति राज़ी हो गए। उस अंगदान से तीन लोगों की जान बची। उनके पति ने कहा, हमें इस से फ़र्क नहीं पड़ता है कि मरीज़ किस जात या धर्म का है। उनके बचे शरीर को केरल ले जाया गया। विदाई से पहले प्राइवेट हॉस्पिटल ने ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश की और भोपाल पुलिस ने गार्ड ऑफ़ हॉनर दिया। अलविदा संजना एस. ए. एक बुझे चराग़ ने, तीन महलों को रौशन कर दिया। जय हिंदी ! Video - WhatsApp
काश/if Kakvi208,713 views • 4 months ago

MP Court Convicted 14 in Mob Lynching Case ! मध्य प्रदेश ने सिवनी मालवा तहसील में 3 अगस्त 2022 को गो तस्करी के आरोप में अमरावती (महाराष्ट्र) निवासी नजीर अहमद को भीड़ ने पीट पीट कर मार दिया (मॉब लिंचिंग) था। घटना के चार साल बाद शुक्रवार को सिवनी मालवा की एडीजे कोर्ट ने 14 आरोपियों को दोषी पाया और सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ! सजा सुनते ही कोर्ट परिसर में मौजूद आरोपियों के परिजनों की चीखें निकल गईं। आरोपियों को जेल ले जाने के लिए पुलिस जब वाहन में बैठा रही थी, तभी परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ परिजन पुलिस वाहन के सामने लेट गए और आरोपियों को ले जाने से रोकने लगे। पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की व झूमाझटकी की नौबत आ गई। परिजनों ने वाहन को हाथों से रोकने का भी प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया और सभी दोषियों को जेल रवाना किया। परिजनों का कहना था कि कुछ लोग बच्चों को बहका कर गौसेवा के उद्देश्य से ले गए थे, लेकिन यह घटना हो गई।
काश/if Kakvi183,050 views • 3 months ago
6:57
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

After watching bollywood film #Chhava, villagers near Asirgarh Fort in Burhanpur, (MP) launched a gold hunt after the dawn. With flashlights & metal detectors, they’ve been digging fields, chasing rumors of Mughal-era treasure ! The gold diggers ran away when Police arrived.
काश/if Kakvi541,392 views • 1 year ago

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौडीकरण का काम चल रहा है। उसी सिलसिले में कई धार्मिक स्थलों को भी हटाया गया। हालांकि प्रशासन पर यह भी आरोप है कि कई वैध स्ट्रक्चर भी थोड़े गए। कल रात जब शाही मस्जिद और मस्जिद मोचियाँन की प्रशासन द्वारा निशानदेही की जा रही थी तब लोगों ने देख लिया। कार्यवाही होने की ख़बर के बाद लोगों ने दोनों मस्ज़िदो को रात भर घेरे रखा। प्रशासनिक अमले को बैरंग वापस लौटना पड़ा। फिर 1 बजे कुछ अधिकारी आए और नुमाइंदा कमेटी के 17 सदस्यों के साथ मीटिंग की। जिसमें कमेटी ने पेपर दिखाए की यह मस्जिद सन 1309 की बनी है और 1961 में 20 फीट जगह रोड़ के लिए पहले ही दी जा चुकी हैं। अब एक इंच जमीन नहीं देंगें। कमिटी ने कहा कि, वैसे भी आप लोग डिसीजन मेकर नहीं हो सिर्फ़ कलेक्टर वगैरह के साथ बात होगी। फ़िलहाल क्षेत्र में शांति है !
काश/if Kakvi22,219 views • 18 days ago

इंदौर में कुत्तों ने वह काम कर दिया जो कोई राजनैतिक पार्टी नहीं कर पाई। कुत्तों को खाना खिलाने के मुद्दे पर RSS कार्यकर्ता और फायर ब्रांड हिंदू भाजपा विधायक मालिनी गौर के समर्थक भीड़ गए। मारपीट में विधायक के समर्थक भारी पड़े। गुस्से में स्वयंसेवकों ने देर रात भारी संख्या में अन्नपूर्णा थाने का घेराव कर हंगामा किया। खैर, पुलिस ने दोनों की शिकायत लेकर मामला शांत कर दिया है। #Indore
काश/if Kakvi113,086 views • 3 months ago

#Indore #Islamophobia Balwant Singh Rathore (40), a shopkeeper in Indore, is opposing the forceful eviction of Muslim shopkeepers and salesmen from the city's historic Sitla Mata Market. "The harmony between Hindus and Muslims should not be shattered, and they should be given equal opportunities to earn a living," he said. Indore has few gems like Balwant. Balwant’s Muslim business partner is facing eviction due to threats.
काश/if Kakvi305,389 views • 1 year ago

#Bhopal #Communalism हबीबगंज रेलवे स्टेशन (RKMP) पर शनिवार रात दो बजे GRP के हेड कॉन्स्टेबल नजर दौलत खान ड्यूटी पर तैनात थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गश्त के दौरान उन्होंने कुछ युवको को कार में शराब पीते देखा और वहाँ से जानें के लिए कहा। इस बात पर शराबी खफ़ा हो गए। और दोनों में बहस होने लगी। इसी बीच शराबियों ने उसका मुस्लिम नाम देख कर गाली गलौज शुरू कर दिया और फ़िर हमला कर दिया और कपड़े फाड़ दिए। जब हेड कॉन्स्टेबल को अन्य पुलिसकर्मी बचाने आए तो एक आरोपी ने कहा, "तुम हिंदू भाई हो, हट जाओ।" घटना का वीडियो रविवार को सामने आया। हालांकि इस घटना पर भोपाल पुलिस या GRP पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फ़िल्हाल मामला ठंडे बेस्ट में जाता दिख रहा है।
काश/if Kakvi397,617 views • 1 year ago

#Crime Shaligram Garg (23) brother of Pandit Dhirendra Shastri of Bageshwar Dham, accused of assaulting a Dalit family in a marriage ceremony on Feb 11. He was waving guns & smoking a cigarette. SP Sachin Sharma said that a team has been formed to look into the matter. 1/2
काश/if Kakvi840,630 views • 3 years ago

#Bhopal | #Triggering | यह है ऑटो चालक मोहम्मद सलाहुद्दीन कुरैशी है, एक कमज़ोर तबके से आने वाले कुरैशी एक ऑटो चालक है और भोपाल के DIG बंगला इलाके में रहते है। शनिवार के दिन मोहम्मद सलाहुद्दीन रोज की तरह ऑटो चला रहे थे। पाकिस्तानियों हिन्दुओं की बसाहट वाले क्षेत्र बैरागढ़ से वह लौट रहे थे। तभी एक धार्मिक चिंटू ने उनके ऑटो के ठीक पीछे अपनी बाइक खड़ी कर दी, सलाहुद्दीन ने इस बाइक वाले आदमी से अपनी बाइक पीछे लेने की गुजारिश की, लेकिन वो आदमी उनकी धार्मिक पहचान देख कर कथित चिल्लाने लगा। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और वहा कई नफरती लोग जमा हो गए। अपनी शिकायत में उन्होंने लिखा, 'उनकी धार्मिक पहचान को देखते हुए उनसे अभद्रता की गई, उन्हे गालियां दी गई, उनकी टोपी फेंक दी गई, उनकी दाढ़ी खींची गई, ओर उनके साथ बुरी तरह मारा गया।' हमलावर यही नही रुके, उन्होंने सलाहुद्दीन को ये तक कहा के, “बुला अपने अपने अल्लाह को” साथ ही धार्मिक नारे JSR भी लगवाए। सलाहुद्दीन ने डायल 100 पर कॉल करने की कोशिश की लेकिन मोबाइल तोड़ दिया गया, और साथ ही ऑटो भी, कुछ घंटे बाद पहुंची पुलिस ने सलाहुद्दीन के साथ वही किया गया जो नफराती लोग करते है। थाने में ले जाने के बाद एक SI ने उनकी बात नही सुनी और खुद ही रिपोर्ट लिखवाई और जबरन हस्ताक्षर कराए, इसके अलावा, मारपीट करने वाले नफरती लोगो ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने को साजिश की। कुरैशी ने शिकायत की है। बाक़ी प्रदेश में शांति है।
काश/if Kakvi20,426 views • 20 days ago

Sidhi | पेशाब कांड आरोपी प्रवेश शुक्ला के समर्थन में ब्राह्मण समाज ने सीधी में बड़ी सभा कर DM को ज्ञापन दिया। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप भारद्वाज ने कहा "चेहरे पर पेशाब करना कौन सा अपराध है?" ख़बर है कि सीधी MLA के पुत्र भी इस सभा में शामिल हुए थे।
काश/if Kakvi646,847 views • 3 years ago

Ujjain | MP MP Police booked Virak Saleem, a resident of Punjab's Gurdaspur under "molestation charges" for asking a woman to write address/ number in a book fair. He urged to jot down her address in the register when she asked to deliver the book at home which was sold out. He was assaulted by the woman associated with the VHP for his identity alleging for collecting Hindu Women's details before the FIR.
काश/if Kakvi599,796 views • 3 years ago

#Bhopal | #BulldozerJustice | भोपाल के नारियलखेड़ा [फ़िज़ा कॉलोनी] में कल ज़िला प्रशासन ने एक जिनी भूमि से कब्ज़ा हटाया। बुलडोजर सुबह छः बजे पहुंचा। तब कोई स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था तो कोई दूध लाने जा रहा था। तभी क्षेत्र की बिजली काट दी गई। बैरीकेडिंग कर रास्तो को ब्लॉक कर दिया गया। ना अंदर के लोग बाहर जा सकते हैं, ना बाहर के लोग अंदर। कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए गए। कोई नहीं समझ पा रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। कुछ घंटों के अंदर एक एक कर लगभग 40+ मकान और दो दर्जन दुकानें तोड़ दी गई। अंदाज़ लगाइये कि बुलडोजर आपके दरवाजे पर हो और आपको पता तक नहीं हो के अगला घर/दुकान आपका है। लोगों को सामना निकालने तक कि मोहलत नहीं मिली। ऐसा मंज़र था जैसे सुबह सुबह भूकंप आ गया हो और मल्बे में दबे हुए सामान और बेबस लोग रो रहे हैं। जो बच्चे सुबह स्कूल जा पाए जब वह लौटे तो उनका घर टूट चुका था और मां-बाप सड़कों पर बैठे रो रहे थे। ज़िला प्रशासन ने दलील दी के कोर्ट के आदेश पर 78 डेसिमल ज़मीन से 35 साल पुराने कब्ज़े हटाए गए। मीडिया की एंट्री प्रतिबंधित थी। ज़्यादातर मैनस्ट्रीम मीडिया ने ज़िला प्रशासन का ही पक्ष लिया। कुछ के लिए यह खबर ही नहीं थी। उसका एक मुख्य कारण यह भी था कि पीड़ित पक्ष मुस्लिम थे। वह भी लेबर क्लास। ख़ैर, भोपाल कि मीडिया तो इस मुद्दे को पचा गई मगर #GenZe सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने काफ़ी हिम्मत दिखाई और अपने चैनलों के ज़रिए उन्होंने इस बुलडोजर जस्टिस की सच्चाई दिखाई। उन्होंने लोगों से बात कर कई तथ्य सामने लाए :- - पीड़ितों को पूर्व सूचना नहीं दी गई। - सामान निकालने तक की मोहलत नहीं मिली। - जो लोगों मेहनत कर कुछ सामान निकाल पाए, उनका सामान तक चोरी हो गया। - पीड़ितों की माने तो वह 40-50 सालों से वहां रह रहे हैं। उन्होंने यह ज़मीन प्राइवेट बिल्डर से ली थी।जमीन रजिस्ट्री हुई, घर बन गया, तब ज़िला प्रशासन कहा था। - जहाँ सरकार पकड़ पकड़ कर पीएम आवास के तहत लोगों को घर दे रही है, बुलडोजर चलाने से पहले इनका पुनर्वास नहीं किया गया। - जिस तरह कोर्ट के आदेशों का पालन करना ज़िला प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है। ठीक उसी तरह, नागरिकों को सुरक्षा देना, उनका भरना पोषण करना और उनके साथ न्याय करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। - लोगों का कहना था कि हाई कोर्ट में चुनाव चल रहे हैं जिस वजह कर हम कोर्ट नहीं जा पाए। - सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुलडोजर कार्यवाही की गाइडलाइन का पूरी तरह से अनदेखा किया गया। मन मुताबिक काम हुआ। - भोपाल में पिछले दो हफ्तों से मूसलाधार बारिश हो रही है। कई क्षेत्र जलमग्न है। ऐसे में यह 40+ परिवार के पास ना रहने के लिए जगह है, और ना गुज़रा करने के लिए खाना। - चुनाव के दौरान लोगों के पैर के काटे को अपने दांतों से निकालने वाले नेता भी पीड़ितों के साथ खड़े नहीं दिखे। वीडियो थ्रेड 🧵
काश/if Kakvi35,388 views • 1 month ago

"Price of Unspoken Joke" Meet Nalin Yadav, a 28-YO stand-up comedian from Indore, whose quick wit used to ignite laughter in dimly lit clubs. In 2020, he was a rising star, sharing stage with emerging comedian like Munawar Faruqui and others. They were set to perform at a local venue at Indore in Jan 2021, when right-wing groups, led by Eklavya Gaur—the brash son of a BJP MLA—stormed the club like a pack of wolves. Their rage wasn’t even aimed at Nalin; it was Munawar’s past jokes that had lit the fuse. The police arrived, not as saviors but as enforcers of the mob’s will. They dragged Munawar away for jokes he hadn’t even told that night. Nalin with two others was shoved into a Police van, before they could process anything. Bail came after two months, but freedom didn’t. The city that once cheered him now turned its back. Club owners started averting their eyes “pressure from above.” Right-wing whispers branded him anti-national, a troublemaker, a pariah. The stage—his lifeline—was ripped away, and with it, his livelihood. At 26, Nalin found himself trading punchlines for a factory job in Pithampur to earn ₹200-300 a day. After blowing up his career, they came after his mother's home and younger brother. Over four years, the assaults piled up like unpaid bills, each one leaving a new scar—on his body and life. More than four FIRs filed at the police station at Pithampura, were ignored. The local corporator, a hulking man tied to the ruling party, became the architect of his misery. He didn’t just target Nalin—his brother bore the bruises too, their small home a battleground. “Leave or bleed,” the message was clear. Nalin tried fighting back, trudging to the police station. But the officers’ eyes were cold, their words evasive. Last night, a burning tire hit their roof, flames licking the logs stacked there. Nalin fought back; a mob answered, beating him and his brother, who rushed to his side. He ran pillar to post for hours to lodged an FIR at Pitampura Sector 1 PS, until he made desperate calls to his friends and well-wishers. Now, at 28, Nalin stands at the edge of a life he never chose. Nalin committed no crime, yet dignity slips through his fingers. The price of an unspoken joke has been his stage, his peace, his home and his innocent brother. I hope the Madhya Pradesh Police (DGP MP Kailash Makwana) will extend a hand putting end to his misery, and shield him from this relentless harasment and assault.
काश/if Kakvi263,841 views • 1 year ago