
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali
@Khalbaali • 11,800 subscribers
eternal kid way back home
Shorts
Videos

यश डबास और लक्ष्यराज अगले 15 साल तक बीजेपी में दरियां बिछाएगा, तब तक देश से बीजेपी गायब हो जाएगी। विजय शंकर मीणा और गोपाल चौधरी आज से ही राहुल गांधी जी के सिपाही बनकर NSUI और युवा कांग्रेस के पदों पर जनता की लड़ाइयां लड़ते हुए सांसद और विधायक पदों पर होंगे। #dusu
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali155,069 次观看 • 10 天前

जोधपुर में 11 में से 9 निर्दलीय पार्षद कांग्रेस के बागी थे, जिसमें से 4 मुस्लिम और 2 माली ही थे, फिर भी मैं जोधपुर में मेरे माली समाज के आदमी को मेयर नहीं बना पाया, बीजेपी जीत गई। ये सारी गलती गोविंद सिंह डोटासरा की है, गोविंद सिंह डोटासरा को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाए — राजस्थान कांग्रेस को कब्जे में रखने के सपने देखने वाले "अशोक गहलोत" जी
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali18,105 次观看 • 4 天前

एक तरफ सचिन पायलट जी थे जिन्होंने संगठन , NSUI, युवा कांग्रेस में अपने लोग भरने के बाद स्थानीय चुनावों में भी जयपुर में बैठकर सारे टिकट अपने अनुसार बांट दिए थे ताकि जीते या हारे वो लोग संगठन से पहले व्यक्ति विशेष के लिए वफादार रहें। दूसरी तरफ गहलोत जी हैं जो 3 बार सर्वसमाज द्वारा बुरी तरह ठुकराए जाने के बाद अब "चौथी बार गहलोत सरकार या भाजपा रिपीट अबकी बार" से नीचे कुछ मंजूर नहीं करना चाहते हैं, चाहते हैं कि पार्टी फिर से मेहनत कर सरकार बनाएं और मुख्यमंत्री उन्हें पहले घोषित करें जैसे कि इन्होंने पार्टी को अपने गृह क्षेत्र मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान में बर्बाद नहीं काफी मेहनत से मजबूत किया और पार्टी ने इन्हें बदले में कुछ नहीं दिया हो। उम्मीद है कांग्रेस कार्यकर्ता अब किसी व्यक्ति विशेष से ऊपर पार्टी को रखना सीखेंगे और पार्टी सिंबल एवं विचारधारा के प्रति वफादार रहकर काम करेंगे ताकि जनता आने वाले सभी चुनावों में दशकों तक बीजेपी को पटखनी देती रहें। Ashok Gehlot Sachin Pilot Govind Singh Dotasra Tika Ram Jully Congress Rajasthan PCC
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali34,416 次观看 • 1 个月前
0:29
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

अशोक गहलोत जी जादूगर हैं या सिर्फ कठपुतली राजनेता, आप खुद ही तय करें। गहलोत ने इस केसरी सिंह राठौड़ को 2023 चुनाव से पहले, मतलब आचार संहिता लगने से ठीक पहले बड़ी साजिश के तहत RPSC सदस्य बनाया था (बनाते ही माफी भी मांगी) और राजस्थान का जीता हुआ चुनाव कांग्रेस हार गई थी, भरतपुर और अजमेर ही नहीं बल्कि खुद अशोक गहलोत जी के गृह जिले जोधपुर समेत मारवाड़ के पाली, बाड़मेर जैसलमेर जालोर में कांग्रेस साफ हो गई थी जहां पहले कांग्रेस 39 में से 31 सीट जीती हुई थी वहां 7 सीटों पर सिमट गई जिसमें से भी 5 सीटें जाट- मेघवाल बाहुल्य थी जो जाट दलित मुस्लिम समीकरण से जीते जबकि राजपुत समाज के लिए गहलोत ने केसरी सिंह, EWS सरलीकरण, SI भर्ती समेत सारी भर्तियों में ...... खैर, उसके बावजूद विधानसभा और लोकसभा में खुद गहलोत और बेटे को उनकी सीट पर भी 5% राजपूत वोट नहीं मिले थे। जिस केसरी सिंह की मानसिकता सिर्फ इस वीडियो से ही नहीं बल्कि अन्य कई वीडियो में दिख जाएगी जहां वो खुले मंच से गुर्जर, दलित, जाट समेत सर्व समाज के लिए घृणित सोच दिखाते हुए अपने राजपूत समाज के सामने भाषण दे रहे हैं, ये केसरी सिंह 6 साल RPSC में रहकर कितने SC ST OBC और गैर राजपूत सवर्णों की नौकरी खायेंगे ये तो गहलोत जी जानें। जिस RPSC से पेपर लीक पर अशोक गहलोत 25 साल से बदनाम होते रहे हैं, जिस RPSC और पेपर लीक के लिए सड़कों पर उन्हीं के नेता पायलट कांग्रेस की गहलोत सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन कर रहे हो उस RPSC में चुनाव से ठीक पहले ऐसे व्यक्ति को RPSC सदस्य बनाकर कांग्रेस को हराने वाले अशोक गहलोत कितने बड़े जादूगर हैं या सबसे बड़े कठपुतली राजनेता हैं, गहलोत ही जानें। मीडिया कहती है जादूगर है, लेकिन कांग्रेस का वोट बैंक तो गहलोत को कांग्रेस का कंस कहता है और मीडिया कहती है कि गहलोत गरीबों के गणेश है लेकिन राजस्थान का सर्वसमाज उन्हें 3 बार लगातार अलग अलग दशकों में नकार कर इसका प्रमाण दे चुका है। खैर मीडिया और अन्य राजनेताओं के समर्थकों की तरह हरियाणा में कांग्रेस और हुड्डा की हार को जाट vs 35 कहने की तरह मैं ये कभी नहीं कहूंगा कि अशोक गहलोत और राजनीति की वजह से माली vs अन्य 35 कौम हुआ होगा, और 3 अलग दशकों में हुआ होगा, इसकी चर्चा भी करेंगे, लेकिन फिर कभी। गहलोत की 3 दशकों में लगातार 3 बार हार के कारण मैंने बता दिए हैं, ये आप तय करें कि जादूगर हैं या कठपुतली राजनेता।।
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali76,003 次观看 • 3 个月前

जब #UGC कानून ही ओबीसी छात्रों के हकों के लिए, सवर्ण छात्रों के उत्पीड़न से बचाने के लिए लाया गया था तो #UGC_काला_कानून_वापस_लो वाले प्रदर्शन में ओबीसी छात्र समर्थन करने क्यों गया था? क्या मूल ओबीसी अपने हक, अधिकार भूलकर सवर्णों के जंजाल में इस कदर फंस चुकी है कि उन्हें अपने अधिकार के लिए बने कानून भी खराब लगने लगे??
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali41,760 次观看 • 1 个月前

हरियाणा में कांग्रेस को फिर से बचा लिया गया है: बीजेपी और उसकी सभी B टीमें किसी भी तरह से हुड्डा की राजनीति खत्म करवाना चाहती थी ताकि कांग्रेस को हरियाणा से पुरी तरह से खत्म किया जाए और हरियाणा में भी कांग्रेस की स्थिति बिहार, उत्तर प्रदेश जैसी हो जाए लेकिन हुड्डा जी ने राहुल गांधी के सामाजिक न्याय विचारधारा के नए योद्धा कर्मवीर बौद्ध की जीत और भाजपा और उसकी B टीमों की सोच को पटखनी देते हुए हरियाणा में कांग्रेस को बचा लिया है।
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali87,930 次观看 • 6 个月前

कल रात में अचानक देश में युद्ध के हालत, शहीदों, पाकिस्तान के आतंकी हमलों को दिखाना छोड़कर सुबह उठते ही राशिफल दिखाते चैनलों को देखकर मुझे किसान आंदोलन में टिकैत जी की बात याद आ गई ‘देश में कलम और कैमरे पर बंदूक का पहरा है’! किसान आंदोलन में भी ऐसे ही मुद्दों से हटकर हर मुद्दे पर बकवास दिखाते थे।
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali160,678 次观看 • 1 年前

मुद्दा यही मुख्य है कि केसरी सिंह जैसे जातिवादी व्यक्ति को अशोक गहलोत ने आचार संहिता लगने के ठीक पहले किस साजिश या भारी सूटकेश के तहत RPSC सदस्य बनाया था जो व्यक्ति स्वयं के समाज के बच्चों को चील का बच्चा और अन्य 35 कौम के बच्चों को बीमार मुर्गी, भेड़ के बच्चे मानता हो। इस मुद्दे के बाहर जो भी राजनीतिक लोग जाएं, उनका इरादा और काम ही हमेशा अपने ही समाज के कांग्रेसी नेताओं को गिराने के लिए अशोक गहलोत जी के भ्रष्टाचार, जातिवादी सोच पर पर्दा डाल कर भटकाने का रहा है, ऐसे लोगों पर कांग्रेसी लोग अपनी ऊर्जा और समय खर्च न करें— समय, समाज और कर्मफल ऐसी राजनीति का हिसाब करते जा रहे हैं, ऐसी भटकाऊ राजनीति से बूथ पर ही लड़ा जाता है, रोजाना की सोशल मीडिया बहस बाजी में नहीं! बाकी समझदार और गैर राजनीतिक लोग समझते हैं कि समाज के मंच पर युवाओं के साथ सिस्टम में हो रहे भेदभाव पर उनके लिए बोलते हुए किसी नेता से बोलने में चूक हुई है तो वो सुधार भी समाज और उन लोगों के बीच ही होती है। मेरे जैसे सिस्टम से अनजान लोग जिन्हें सिस्टम की बेसिक समझ नहीं है वो समाज के सिस्टम में बैठे/रहे समझदार लोगों का अनुसरण करें, न कि उन नेता या सोशल मीडिया के टपोरी लोगों का जिनका काम ही समाज को फालतू से फालतू चीज पर भटका कर हर मुद्दे पर नेगेटिव राजनीति करने का मौका देखते हों। मुद्दा: केसरी सिंह जैसे जातिवादी सोच के व्यक्ति को अशोक गहलोत ने ब्रोकरों के कहने पर अकेले निर्णय लेते हुए कांग्रेस पार्टी और 35 कौम के खिलाफ जाकर पहले से भ्रष्ट RPSC सदस्य क्यों बनाया, कांग्रेस के जीते हुए चुनाव को क्यों हरवाया और उसके बाद RPSC में हो रही गड़बड़ी पर चुप्पी साधे क्यों बैठे हैं।।
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali17,301 次观看 • 1 个月前

पता है कांग्रेस चुनाव कहां जीती? - अगर चौटाला बीजेपी की B टीम नहीं है तो चुनाव में भाग न लें भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लगातार ये बयान दे दे कर अभय चौटाला इनेलो पर इतना दबाव बनवा दिया था कि इनेलो चाहकर भी राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाई थी और उसी 2 वोट से कांग्रेस ने किनारे पर रहकर चुनाव जीता है। अगर इनेलो बीजेपी को वोट डालने पहुंचती तो जो ग्राउंड पर पकड़ बनाने का नाटक बीजेपी के सहयोग से किया जा रहा था वो शून्य हो जाता और नहीं पहुंची इसलिए कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध जीत गए हैं।
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali71,518 次观看 • 6 个月前