
Manish Mishra
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अध्यक्ष - देवरिया सेवा प्रन्यास। नेशनल कमिश्नर भारत स्काउट्स एंड गाइड। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर🥇
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जज बनाने वाली CD के बाद Abhishek Singhvi को न सिर्फ पार्टी प्रवक्ता पद छोड़ना पड़ा, बल्कि संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा देना पड़ा था। ये थे इनके कारनामे... और जब गलत नहीं थे तो पद से इस्तीफा क्यों दिया था सिंघवी साहब? आज यही सिंघवी साहब दूसरों पर उंगली उठाते हैं और नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं, तो यह इतिहास याद दिलाना जरूरी है, पद बड़ा हो तो जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है। खैर असम की जनता 4 मई के दिन कांग्रेस को उसकी औकात दिखाएगी, तैयार रहिएगा।
Manish Mishra92,864 Aufrufe • vor 4 Monaten

शीला दीक्षित जी के चपरासी और Rahul Gandhi के जूते साफ करने वाला पवन "बखेड़ा", जो हर रोज सफेद कुर्ते में कांग्रेस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए मुंह उठाकर आ जाता है। लेकिन सफेद कुर्ते के पीछे इसका चरित्र एकदम ही काला है। इस इंसान ने असम चुनाव को प्रभावित करने के लिए असम एवं असम की जनता को जिस तरह से धोखा दिया है, आप सुनेंगे तो आपके पांव के नीचे से जमीन खिसक जाएगी। चुनाव की जो प्रक्रिया होती है, उसका बड़ा सीधा सा नियम है। आप जाइए जनता के पास, अपनी बात रखिए। जनता आपके द्वारा रखी गई बातों के हिसाब से या अपनी पसंद के हिसाब से अपनी सरकार चुनेगी, लेकिन वर्णसंकर राहुल गांधी के चरणचुंबक और पाकिस्तानी एजेंट पाईजान गौरव गोगोई के लिए फील्डिंग कर रहे पवन "बखेड़ा" से देशभक्ति और संवैधानिक प्रक्रिया में भरोसा रखने की उम्मीद करना ही व्यर्थ है। यह आदमी पूर्वोत्तर भारत, असम और बांग्लादेश के जो militant organisations हैं, उनके साथ मिलकर असम के चुनाव में गड़बड़ी करने की और असम में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। इस मामले में इसके ऊपर FIR भी हुए हैं, लेकिन पहले शीला दीक्षित जी के और अब गांधी परिवार की चाटुकारिता करते-करते और उनके जूते चाटकर साफ करते-करते यह आदमी इतना ज्यादा ढीठ और बेशर्म हो चुका है कि अपने आकाओं को खुश करने के लिए देश से और असम की जनता से गद्दारी करना भी मंजूर कर रहा है। Pawan Khera 🇮🇳
Manish Mishra94,953 Aufrufe • vor 4 Monaten

पूरे विश्व में इतना बढ़िया वर्णसंकर कहीं देखने को नहीं मिलेगा, जैसा राहुल गाँधी है। जब पाप अति हो जाता है तब उस वंश का नाश हो जाता है। उस नाश के निमित्त ही इसका जन्म हुआ है। जिस व्यक्ति के एक फोन कॉल पर धरती पर कहीं भी युद्ध रुक जाते हैं, अब ये वर्णसंकर उस व्यक्ति को गाली देंगे? 'सरेंडर' वाला तंज कसेंगे? PoK बनाने वाले, चीन को हमारी ज़मीन देने वाले ये कांग्रेसी मिक्स्ड ब्रीड हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री Narendra Modi जी के सामने खड़े होने की भी औक़ात नहीं रखते हैं। मैं धर्मनिष्ठ व्यक्ति हूँ और धर्म की बात करता हूँ। अधर्म की राजनीति करने वालों को समझना पड़ेगा। #PMModi #RahulGandhi
Manish Mishra82,660 Aufrufe • vor 5 Monaten

ये दल्ला संदीप चौधरी खुलेआम 10 जनपथ की दलाली करता है, और इसकी भाषा देखिए... प्रोफेसर संगीत रागी जी ने इसकी पोल खोली तो बिलबिला गया। इन दरबारी पत्तलकारों को उनकी औकात याद दिलाते रहना चाहिए कि चरणचुंबक हो वही बने रहो, एक एजेंडा के थ्रू डिबेट करा कर नहीं निकल जाओगे।
Manish Mishra58,881 Aufrufe • vor 4 Monaten

ये इतना भौंक रहा है तो आप सभी को एक किस्सा सुनाता हूं... 10 जून 2015 को, वामपंथी कन्हैया कुमार JNU में खुले में शौच कर रहा था। तभी एक छात्रा ने उसे टोका, जिसके बाद इसने छात्रा के साथ बदसलूकी की और उसे “psycho” कहने लगा। कन्हैया कुमार ने उस छात्रा को कहा कि "हॉस्टल उसका है और वह जहाँ मर्जी वहाँ शौच करेगा।" जेएनयू के प्रॉक्टर ऑफिस में Kanhaiya Kumar के विरुद्ध केस चला और कन्हैया कुमार को उसके लिए दोषी सिद्ध हुआ, जिसके बाद जेएनयू प्रशासन ने कन्हैया कुमार पर ₹3,000 का जुर्माना भी लगाया। अब इसके जैसा आतंकवादी उमर खालिद का दोस्त महिलाओं पर ज्ञान दे रहा है बेशर्म।
Manish Mishra58,495 Aufrufe • vor 4 Monaten

रैली से पहले उम्मीदवार का ही अपहरण हो जाए, उस स्थिति में कोई क्या करेगा? रजत शर्मा जी जो कुछ बता रहे हैं, मैं उस घटना का प्रत्यक्षदर्शी रहा हूँ। मैंने हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जो देखा, उसके बाद मुझे एहसास हुआ कि आख़िर कैसे देश के गृह मंत्री श्री Amit Shah जी, इतनी सारी चुनौतियों के बावजूद इतने धीरे-गंभीर और शांत रह लेते हैं। हमलोग संदेशखाली में थे। उस संदेशखाली में, जहाँ ममता के राज में ED अधिकारियों तक को खदेड़ दिया गया था, जहाँ दलितों व जनजातीय महिलाओं पर TMC के शाहजहाँ शेख द्वारा अत्याचार किया जाता था। जहाँ TMC के आतंकी की तूती बोलती थी। उस संदेशखाली में गृह मंत्री जी ने, एक पीड़ित दलित महिला को उम्मीदवार बनाया। रेखा पात्रा जी, वहाँ भाजपा की उम्मीदवार बनीं। चुनाव प्रचार के लिए मंच सज चुका था। गृह मंत्री जी, रेखा पात्रा जी के प्रचार के लिए आ रहे थे। मंच पर उस समय ऐसी स्थिति थी कि जिस उम्मीदवार के लिए गृहमंत्री जी प्रचार करने आए थे, उस उम्मीदवार का कहीं अता-पता ही नहीं था। चूँकि गृह मंत्री जी के आने से पहले सारी व्यवस्थाओं में माननीय Dr Nishikant Dubey जी शरीक थे। मैं भी वहीं पर था। इसलिए मैं देख पा रहा था, कि सभी लोग चिंतित थे कि आखिर हमारी प्रत्याशी कहां गई? TMC के गुंडो ने बंगाल में जो अराजकता फैला रखी थी, उससे भी हम भलीभांति परिचित थे। हमारे मन में कुछ शंकाएँ भी आ रही थीं। जैसे कि माननीय गृह मंत्री जी वहाँ पहुँचे, निशिकांत भैया ने उन्हें सारी बात बताते हुए थोड़ा इंतज़ार करने को कहा। लेकिन गृह मंत्री जी नहीं रुके, उन्होंने हमारी उम्मीदवार रेखा पात्रा का नंबर निशिकांत जी से लिया, और उसके बाद सब कुछ आसानी से होता गया। शायद पूरा महकमा alert हो गया होगा, और TMC के गुंडों को भी पता चल गया होगा, कि वो किसे छेड़ने का प्रयास कर रहे हैं। यही कारण था कि कुछ ही मिनटों के अंदर रेखा पात्रा को सफलतापूर्वक stage तक लाया गया। निर्भीक रेखा पात्रा ने अपने गृह मंत्री के सामने शांत स्वभाव में अपने क्षेत्र की माँग रखी और गृह मंत्री जी ने उन मांगों को स्वीकार करने के साथ-साथ बेहद शांत स्वभाव से पूरे मामले को handle कर लिया। मतलब पहले एक दलित महिला को उम्मीदवार बनाना और फिर उसके मान की रक्षा करना, श्री अमित शाह जी ने उस दिन जो किया वह हम जैसे करोड़ो कार्यकर्ताओं के लिए एक inspiration था। हमारी उम्मीदवार रेखा पात्रा के गायब होने की ख़बर के बाद जहाँ सबके माथे पर चिंता की लकीरें थीं, लेकिन माननीय गृहमंत्री जी ने उसे जैसे मिनटों में हैंडल किया, वो क्राइसिस मैनेजमेंट की वो अभूतपूर्व कला का प्रदर्शन था, जिसे आने वाले दिनों में case study के रूप में research किया जाएगा। और हाँ, माननीय सांसद श्री निशिकांत दुबे जी, गृहमंत्री जी के बताए रास्ते पर चलते हुए, किस तरह से इस संकट के समाधान के रथी बने, वह भी इस वीडियो में आप स्वयं ही देखिए और सुनिए।
Manish Mishra36,012 Aufrufe • vor 2 Monaten

ये The Lallantop का Siddhant Mohan खुद कह रहा है कि कांग्रेस के मीडिया व कम्युनिकेशन से जुड़े लोग ही मान रहे हैं कि जो डॉक्यूमेंट दिखाए गए थे, वे फर्जी थे। इतना ही नहीं, कंपनी के रजिस्ट्रेशन तक की टाइमिंग भी PC से जस्ट पहले की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया गया। एक भाजपा का नेता नहीं बल्कि कांग्रेस का दल्ला पत्तलकार ही कह रहा है कि पासपोर्ट से लेकर कंपनी तक के कागज़ फर्जी थे, लेकिन फिर भी उसी आधार पर माननीय मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma जी के परिवार और बच्चों को, जो राजनीति में भी नहीं है, उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया। और तो इतना सब जानते हुए भी यह दल्ला मुख्यमंत्री जी के भाषा पर ज्ञान दे रहा था।
Manish Mishra56,516 Aufrufe • vor 4 Monaten

Madhu Kishwar eats beef! She used to stay at her Jewish friend's house during her visits to the U.S. Here, she narrates that her Jewish friend used to keep beef in the fridge. Notice how she remained completely unbothered by it until her mother raised an objection. Madhu Purnima Kishwar has also admitted that her family members do eat beef.
Manish Mishra56,831 Aufrufe • vor 4 Monaten

दस जनपथ के दरबारी पत्तलकार Aadesh Rawal ने बड़ी चालाकी से अपना यूट्यूब चैनल “मालिटिक्स” डिलीट कर दिया... फर्जी पत्रकार आदेश रावल, समय आने पर तुम्हारी पूरी कुंडली खोली जाएगी। बंगाल में बीजेपी के खिलाफ फर्जी वीडियो और भ्रम फैलाने का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दस जनपथ से मिला था। मालिटिक्स के जरिए खूब प्रोपेगेंडा चलाया गया, लेकिन जनता ने सब खारिज कर दिया और बीजेपी ने बंगाल में प्रचंड जीत दर्ज की। अब हालात ये हैं कि आदेश रावल मालिटिक्स के कर्मचारियों का पैसा लेकर फरार हो गया है। पिछले तीन महीनों से कर्मचारियों को सैलरी तक नहीं मिली। कांग्रेस के मेरे करीबी मित्र ने बताया कि कॉन्ट्रैक्ट के पैसे मांगने आदेश रावल कांग्रेस सोशल मीडिया के जनरल सेक्रेटरी के आवास पर पहुंचा था, लेकिन दरवाजे पर ही चप्पलों से उसका स्वागत हो गया। गौरतलब है कि आदेश रावल ने मालिटिक्स यूट्यूब चैनल पर जयराम रमेश के खिलाफ भी अनर्गल बयानबाजी की थी। मेरी सूचना के अनुसार, आदेश रावल ने जयराम रमेश से संबंधित वीडियो डिलीट करने के लिए यूट्यूब चैनल कुछ समय के लिए प्राइवेट किया है। लेकिन कुछ भी कहो, कांग्रेस की आपसी नूरा-कुश्ती देखने में खूब मजा आ रहा है। सुधर जाओ आदेश रावल, नहीं तो तुम्हारा मालिक चपरासी पवन खेड़ा भी तुम्हें नहीं बचा पाएगा।
Manish Mishra46,051 Aufrufe • vor 3 Monaten

दल्लनटॉप जब अलग-अलग तरह की conspiracy theories चलाकर मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma जी के खिलाफ नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहा था, उसी वक्त India Today NE के एडिटर खुद बता रहे हैं कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटों के भीतर उनकी टीम ने चपरासी पवन खेड़ा द्वारा दिखाए गए दस्तावेज़ों को जांच की थी तो पासपोर्ट से लेकर कंपनी के कागज़ तक फर्जी थे और कंपनी का रजिस्ट्रेशन भी प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले हुआ था। जब मीडिया में सब जगह यह साफ था कि दस्तावेज़ फर्जी हैं, तब भी The Lallantop की टीम ने जांच पड़ताल क्यों नहीं की? क्यों बिना फैक्ट चेक के एक परिवार और बच्चों को, जो राजनीति में भी नहीं है, उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। पत्रकारिता का धर्म है फैक्ट चेक कर तथ्यों को सामने लाना, लेकिन यहाँ तो उल्टा ही चल रहा है, फर्जी नैरेटिव को हवा और फिर मुख्यमंत्री जी के भाषा पर ज्ञान देने।
Manish Mishra52,830 Aufrufe • vor 4 Monaten

चपरासी पवन बखेड़ा ने जिस तरह प्रधानमंत्री जी के नाम और उनके पिता को लेकर गलत टिप्पणी की थी, वह राजनीति का सबसे घटिया स्तर था, तूने सारी हदें पार कर दी थी। एक ऐसे पिता, जिन्होंने चाय बेचकर अपने परिवार को संभाला, जिनके निधन के बाद उनकी माँ ने कठिन परिस्थितियों में बेटे को आगे बढ़ाया, उनका इस तरह अपमान करना किस स्तर की राजनीति थी। खैर फिर तू बिना शर्त माफी मांगते घूम रहा था। आज फिर तूने फिर मुख्यमंत्री हिमंता जी के ऊपर जो घटिया आरोप लगाए हैं बाद में रोते हुए मत घूमना कि जेल में डाल दिया तेरेको।
Manish Mishra46,846 Aufrufe • vor 4 Monaten

ये पत्तलकार Aadesh Rawal है, एक तरफ जयराम रमेश को कह रहा है कि उनका काम खराब है और यह उनका आखिरी राज्यसभा टर्म है, और दूसरी तरफ Pawan Khera 🇮🇳 की तारीफ में वाह-वाही कर रहा है। कांग्रेस के ही एक मेरे करीबी मित्र ने तो ये भी बताया कि आदेश रावल, पवन खेड़ा के पेरोल पर हैं और हर महीने ₹5 लाख AICC के ट्रेज़रर ऑफिस से लेता है। यह वीडियो सभी को देखना चाहिए कि कैसे पत्रकारिता के नाम पर जिससे पैसा मिले उसका एजेंडा चलाया जाता है। भाई Jairam Ramesh ये तो तुम्हारी भी फील्डिंग सेट किए हुए है। 😂
Manish Mishra44,028 Aufrufe • vor 4 Monaten

ये दलबदलू Alka Lamba 🇮🇳 आज भाजपा को ज्ञान दे रही है, लेकिन 2014 का ये वीडियो कोई भूला नहीं है, जब चांदनी चौक में चुनाव के दौरान एक मिठाई की दुकान पर अपने साथी कार्यकर्ताओं के साथ सिर्फ इसलिए तोड़फोड़ कर रही थी क्योंकि वो हफ्ता नहीं दे रहा था। उस घटना में इसके ऊपर FIR तक हुआ था। ये खुद महिला होकर महिलाओं के अधिकार हेतु 33% आरक्षण का अधिनियम का विरोध कर रही है, सिर्फ इसलिए क्योंकि इसकी पार्टी में बस सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा जैसी महिलाएं ही संसद पहुंच सकें।
Manish Mishra24,830 Aufrufe • vor 4 Monaten

असम के ढिंग विधानसभा क्षेत्र के बरभेती पंचायत में हिंदुओं को वोट डालने नहीं दिया जा रहा है, जबकि इलाके में लगभग 95% मुस्लिम आबादी है। Akhil Gogoi की पार्टी और AIUDF से जुड़े लोग आमने-सामने हैं। और ये वही अखिल गोगोई है जो अभी कुछ दिन पहले मियां मुस्लिम यानी कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को पहचान पत्र देने की बात कर रहा था ताकि देश में कहीं भी बिना रोक टोक के घूम पाए। क्या इस देश के लोकतंत्र हिंदुओं को अब एक संवैधानिक अधिकार भी नहीं मिलेगा? Election Commission of India को तुरंत संज्ञान लेकर इन लोगों का कैंडिडेचर निरस्त करना चाहिए, क्योंकि यह लोकतंत्र की बुनियाद का सवाल है।
Manish Mishra24,514 Aufrufe • vor 4 Monaten

Absolutely True Mr Sinha, The issue isn’t about Ram Mandir traditions, those are well known. The real point is that 'Ram ji ka peda' is a grassroots initiative where women from all communities are coming together, performing puja, singing Ram ji ka sohar, and building self-reliance. Twisting this into propaganda only exposes their bias, not truth.
Manish Mishra19,627 Aufrufe • vor 4 Monaten

असम के यशस्वी मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma जी ने गायों की हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर और 600 मदरसों को बंद कर असम की संस्कृति, धर्म और विकास के लिए साहसिक कदम उठाए हैं। उनका यह नेतृत्व पूरे देश के लिए एक मिसाल है। असम को नई दिशा देने के लिए धन्यवाद! Raja Singh
Manish Mishra52,164 Aufrufe • vor 1 Jahr