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MANISH PANDEY

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यहाँ व्यक्त किये गए विचार मेरे हैं , संस्थान या संस्था से उसका कोई लेना देना नही है Managing Editor K News ,Ex Resident Editor News 1 india,Hindi Khabar.

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ये सब उन्ही मैडम की तस्वीरें है जो गोरखपुर के सांसद जी को अपनी पुत्री का पिता बताकर मीडिया के सामने अपना हक मांग रही है । देखकर अंदाजा लगाइए की इनको देखकर ऐसा लगता तो नहीं की इनके साथ ज्यादती हुई होगी । कुल मिलाकर चुनाव के बीचों बीच कोई बड़ी वाली डील तो नही कर ली है मैडम ने सांसद जी के चरित्र हनन की ...

ये सब उन्ही मैडम की तस्वीरें है जो गोरखपुर के सांसद जी को अपनी पुत्री का पिता बताकर मीडिया के सामने अपना हक मांग रही है । देखकर अंदाजा लगाइए की इनको देखकर ऐसा लगता तो नहीं की इनके साथ ज्यादती हुई होगी । कुल मिलाकर चुनाव के बीचों बीच कोई बड़ी वाली डील तो नही कर ली है मैडम ने सांसद जी के चरित्र हनन की ...

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गिरने वाले को उठाने के लिये सब अपना हाथ नहीं बढ़ाते...क्योंकि दुनिया में सहारा कम , तमाशबीन ज्यादा मिलते हैं। Brajesh Pathak

गिरने वाले को उठाने के लिये सब अपना हाथ नहीं बढ़ाते...क्योंकि दुनिया में सहारा कम , तमाशबीन ज्यादा मिलते हैं। Brajesh Pathak

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मै होता तो पूरी चिप्स कि फैक्ट्री ही मांग लेता 😀

मै होता तो पूरी चिप्स कि फैक्ट्री ही मांग लेता 😀

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अगर अफसर इस तरह से श्रद्धालुओं को समझाएंगे तो वो जरूर समझेंगे , कुंभ में अफसरों की तमाम विडियोज आई लेकिन ये वाली कुछ हट के है ...

अगर अफसर इस तरह से श्रद्धालुओं को समझाएंगे तो वो जरूर समझेंगे , कुंभ में अफसरों की तमाम विडियोज आई लेकिन ये वाली कुछ हट के है ...

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विधायक जी का हौसला इतना बढ़ गया है की अब ये मंत्री के बाद मुख्यमंत्री को रोकने की बात कर रहें हैं.. समझ मे नहीं आ रहा हैं की इतना हौसला इनके अंदर एकाएक आ कहाँ से गया हैं , टिकट कटने का डर हैं या कुछ और 😌

विधायक जी का हौसला इतना बढ़ गया है की अब ये मंत्री के बाद मुख्यमंत्री को रोकने की बात कर रहें हैं.. समझ मे नहीं आ रहा हैं की इतना हौसला इनके अंदर एकाएक आ कहाँ से गया हैं , टिकट कटने का डर हैं या कुछ और 😌

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कल सुबह तक बलिया में सब ठीक ठाक चल रहा था , लड़ाई जबरदस्त थी लेकिन ऐसा लगता था कि गठबंधन बड़ी आसानी से बीजेपी के प्रत्यासी को पटकनी दे देगा लेकिन बस एक छोटी सी गलती ने बलिया का माहौल बदल दिया । दरसल कल तक जो नारद राय समाजवादी पार्टी के साथ थे वो अब भाजपा खेमे में जा पहुंचे , बनारस में भाजपा के थिंक टैंक Amit Shah के साथ एक मुलाकात नारद राय जी की हुई और बलिया का चुनाव और दिलचस्प हो गया । सामने वाली की एक छोटी सी गलती पर उसे दबोच लेने की जो कला हमारे गृह मंत्री में है वो मैने अभी तक अपने कैरियर में किसी राजनेता के अंदर नहीं देखा । बलिया में भी खेला हो गया ...

कल सुबह तक बलिया में सब ठीक ठाक चल रहा था , लड़ाई जबरदस्त थी लेकिन ऐसा लगता था कि गठबंधन बड़ी आसानी से बीजेपी के प्रत्यासी को पटकनी दे देगा लेकिन बस एक छोटी सी गलती ने बलिया का माहौल बदल दिया । दरसल कल तक जो नारद राय समाजवादी पार्टी के साथ थे वो अब भाजपा खेमे में जा पहुंचे , बनारस में भाजपा के थिंक टैंक Amit Shah के साथ एक मुलाकात नारद राय जी की हुई और बलिया का चुनाव और दिलचस्प हो गया । सामने वाली की एक छोटी सी गलती पर उसे दबोच लेने की जो कला हमारे गृह मंत्री में है वो मैने अभी तक अपने कैरियर में किसी राजनेता के अंदर नहीं देखा । बलिया में भी खेला हो गया ...

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वीडियो बहुत छोटा सा है पर संदेश बड़ा साफ है । पीलीभीत वाले सिर्फ एक सांसद नहीं चुन रहें है बल्कि भविष्य का एक बहुत बड़ा नेता चुन रहें है जिसमे एक तरफ दुनिया के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री और दूसरे तरफ देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं । Jitin Prasada जितिन प्रसाद जैसे साफ सुथरे लोग कम हैं भारतीय राजनीति में ...

वीडियो बहुत छोटा सा है पर संदेश बड़ा साफ है । पीलीभीत वाले सिर्फ एक सांसद नहीं चुन रहें है बल्कि भविष्य का एक बहुत बड़ा नेता चुन रहें है जिसमे एक तरफ दुनिया के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री और दूसरे तरफ देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं । Jitin Prasada जितिन प्रसाद जैसे साफ सुथरे लोग कम हैं भारतीय राजनीति में ...

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तस्वीर उत्तर प्रदेश के लोक भवन कि है , जिस ईमारत में खुद मुख्यमंत्री जी बैठते हैं उसकी छतो से पानी टपक रहा हैं । अब आप ही बताइये कि क्या ये काम भी सी एम करेंगें या फिर कुर्सी से चिपके अफसरों कि भी कोई जिम्मेदारी बनती है ? वैसे लोक भवन के मेंटेनेंस कि जिम्मेदारी किस एजेंसी को है ? किसी को कुछ पता हो तो बताना

तस्वीर उत्तर प्रदेश के लोक भवन कि है , जिस ईमारत में खुद मुख्यमंत्री जी बैठते हैं उसकी छतो से पानी टपक रहा हैं । अब आप ही बताइये कि क्या ये काम भी सी एम करेंगें या फिर कुर्सी से चिपके अफसरों कि भी कोई जिम्मेदारी बनती है ? वैसे लोक भवन के मेंटेनेंस कि जिम्मेदारी किस एजेंसी को है ? किसी को कुछ पता हो तो बताना

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लखनऊ शहर में पिछले 18 सालों से में रह रहा हूं लेकिन बरसात के बाद इस साल सड़कों की स्थिति जितनी खराब है वह मैंने पिछले 18 सालों में नहीं देखी। ऐसा लगता है कि जैसे जिम्मेदारों ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं । विभाग वालों का सारा ध्यान सिर्फ मुख्यमंत्री के आने जाने वाले रास्तों पर है बाकी आम जनता जाए चूल्हे भाड़ में उनसे कोई मतलब नहीं... Public Works Department, Uttar Pradesh CM Office, GoUP

लखनऊ शहर में पिछले 18 सालों से में रह रहा हूं लेकिन बरसात के बाद इस साल सड़कों की स्थिति जितनी खराब है वह मैंने पिछले 18 सालों में नहीं देखी। ऐसा लगता है कि जैसे जिम्मेदारों ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं । विभाग वालों का सारा ध्यान सिर्फ मुख्यमंत्री के आने जाने वाले रास्तों पर है बाकी आम जनता जाए चूल्हे भाड़ में उनसे कोई मतलब नहीं... Public Works Department, Uttar Pradesh CM Office, GoUP

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अभी चर्चा सड़कों पर शुरू हुई है... जल्द ही इसकी गूंज सत्ता के गलियारों तक जाएगी। ये तो बस एक छोटी सी शुरुआत है, पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त... #रागदरबारी दुबारा लेकर आ रहा हूँ मैं आपके लिए...बहुत जल्द ही सिर्फ के न्यूज़ इण्डिया पर 😊

अभी चर्चा सड़कों पर शुरू हुई है... जल्द ही इसकी गूंज सत्ता के गलियारों तक जाएगी। ये तो बस एक छोटी सी शुरुआत है, पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त... #रागदरबारी दुबारा लेकर आ रहा हूँ मैं आपके लिए...बहुत जल्द ही सिर्फ के न्यूज़ इण्डिया पर 😊

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जल जीवन मिशन की टंकी "फटी" नहीं थी, फाड़ी गई थी! बस्ती के राजपुर भैरवा गांव में जल जीवन मिशन की टंकी से पानी गिरने का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। शुरुआती तौर पर जिस घटना को निर्माण की खामी और टंकी फटने से जोड़कर प्रचारित किया गया, जांच में उसकी कहानी कुछ और ही निकली। पुलिस और विभागीय जांच के अनुसार, पूर्व पंप ऑपरेटर प्रमोद शुक्ला पर आरोप है कि उसने अपने बेटे के साथ मिलकर टंकी के अंदर लगे पीवीसी लाइनर को धारदार हथियार से काट दिया। नतीजा यह हुआ कि पानी भरते ही टंकी से तेज़ी से पानी गिरने लगा और उसी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि पंप ऑपरेटर के पद से हटाए जाने की नाराजगी में यह पूरी साजिश रची गई थी, ताकि ग्राम प्रधान और परियोजना को बदनाम किया जा सके। मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। यह घटना एक बड़ा सवाल भी छोड़ती है—क्या राजनीतिक या व्यक्तिगत रंजिश में सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना और करोड़ों रुपये की योजनाओं को बदनाम करना उचित है? सच्चाई सामने आ गई है। अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है, ताकि जनता की सुविधाओं से खिलवाड़ करने वालों को स्पष्ट संदेश मिल सके।

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14,175 просмотров • 10 дней назад

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गणेश पाण्डेय उस ग्राम सभा के प्रधान हैं जहाँ पूरी पंचायत में ब्राह्मणों के मात्र दो परिवार हैं, जबकि बाकी आबादी विभिन्न अन्य बिरादरियों से आती है। इसके बावजूद उन्होंने सभी वर्गों का विश्वास जीतकर नेतृत्व स्थापित किया। उनका कहना है कि वे वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के लिए सक्रिय रूप से कार्य करते रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी द्वारा घोषित अधिकृत उम्मीदवार का समर्थन किया और उन लोगों का विरोध किया जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर बगावत का रास्ता चुना। गणेश पाण्डेय का आरोप है कि उसी राजनीतिक संघर्ष की कीमत उन्हें आज चुकानी पड़ रही है। उनका दावा है कि एक प्रभावशाली भाजपा विधायक की नाराज़गी के चलते उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। शासन और संगठन के बड़े-बड़े पदाधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और अब उनके विरुद्ध कथित तौर पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। यदि गणेश पाण्डेय के आरोपों में तनिक भी सच्चाई है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि उन हजारों कार्यकर्ताओं का प्रश्न है जो पार्टी के आधिकारिक निर्णयों के साथ खड़े रहते हैं। ऐसे में सत्ता और संगठन के शीर्ष नेतृत्व का दायित्व बनता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और किसी भी निर्दोष कार्यकर्ता के साथ अन्याय न होने दिया जाए। पार्टी की ताकत बड़े नेताओं से नहीं, बल्कि बूथ और गाँव स्तर पर खड़े उन कार्यकर्ताओं से बनती है जो हर परिस्थिति में संगठन का झंडा उठाए रखते हैं। यदि ऐसे लोगों का मनोबल टूटता है, तो नुकसान केवल एक व्यक्ति का नहीं, पूरे संगठन का होता है। BJP Uttar Pradesh Pankaj Chaudhary

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26,144 просмотров • 23 дней назад

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बिजली महकमे में एक इंजीनियर साहब हैं नाम हैं जुनैद आलम.. जुनैद साहब नें अपनी एक चहेती फर्म जिसका नाम मेसर्स अनीस खान को लाखों का क़ाम दिया.. अब आगे की कहानी सुनिए.. जिस फर्म को उन्होंने क़ाम दिया उसका GST नंबर सस्पेंड था.. इसके बावजूद जुनैद साहब नें 48 लाख रूपये का भुगतान कर दिये.. अब जब हमारी टीम नें इस बारें में मध्यांचल के बड़े अफसरों से सवाल किया तो उनका कहना हैं की लिखा पढ़ी की गई हैं.. इंतजार करिये अरे काहें का इंतजार ये वो वाले इंजिनियर साहब का कारनामा हैं जो एक दिन में अपनी सरकारी गाड़ी में फर्जी तरीके से डीजल के भुगतान के लिये भी चर्चा में रहे हैं.. कुल मिलाकर सरकारी धन को ससुराल का माल समझते हैं.. ऐसी चर्चा हैं विभाग में इनके बारें में 😊

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35,261 просмотров • 1 месяц назад

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बड़ी बड़ी बिल्डिंगों में सफेद कपड़े पहनकर खुद को धरती का भगवान कहने वाले प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक एक भी कोई ऐसा देवता नहीं मिला जो 12 साल के सचिन प्रजापति का इलाज करवा सके ! अब बच्चा अपने घर पर है , दलित और पिछड़ों पर राजनीति करने वाला एक भी नेता अब तक आगे नहीं आया जो इस बच्चे की जिम्मेदारी उठा सके । संविधान की दुहाई देने वाला एक भी संगठन और राजनीतिक दल सामने नहीं आया जो इस बच्चे का इलाज करवा सके यूपी में शर्तिया इलाज के नाम पर बड़े बड़े दावे करने वाला एक भी अस्पताल सामने नहीं आया जो इस बच्चे का इलाज कर सके लखनऊ के के जी एम यू , राम मनोहर लोहिया , कल्याण सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट, पी जी आई सब जगह भटकने के बाद अब ये बच्चा तड़पने के लिए मजबूर है । कुछ देर पहले दिल्ली के एक चिकित्सक ने मुझसे बच्चे की पूरी रिपोर्ट्स मांगी है जो मैने भेज दी है , ईश्वर से प्रार्थना करिए की शायद उनका प्रयास सचिन को बचा ले ... वैसे बता दू की सचिन यूपी के पिछड़े वर्ग से आता है जिसकी हिमायत प्रदेश से लेकर देश में बड़े बड़े नेता करते है , सरकार में तो पिछड़े वर्ग के कई कई मंत्री है लेकिन उनका नेटवर्क इतना कमजोर है कि उनकी जाति बिरादरी वाला एक बच्चा तड़प रहा है , इलाज के अभाव में दम तोड़ने वाला है लेकिन जिस जाति के दम पर उनकी राजनीति चलती है , उस वर्ग के एक गरीब बच्चे की मदद करने के लिए वो हाथ आगे नहीं बढ़ा सकते । थू है ऐसी व्यस्था पर .. थू है ऐसे नेताओ पर.. थू है ऐसे सिस्टम पर .. और आखिरी में इसी व्यस्था का खामियाजा उठा रही है यूपी में बीजेपी की सरकार , अभी नहीं सुधरी तो आने वाले वक्त में इतिहास बन के रह जाएगी जो लोग सिर्फ पढ़ेंगे .. पोस्ट पढ़ने के बाद आप इसे शेयर जरूर करें, क्या पता किसी देवता की नजर पढ़ जाए इस बच्चे पर जो इसे बचा ले ( ये नंबर +91 63071 38990 सचिन प्रजापति के पिता रामधनी प्रजापति का है , सुविधा के लिए शेयर कर रहा हू , जो भी सरकार, संगठन या चिकित्सक इस बच्चे की मदद कर सके प्लीज सीधे उससे बात कर ले )

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433,611 просмотров • 2 лет назад

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जब भी किसी विप्र परिवार पर ऐसी विपत्ति आती है तो उस परिवार के साथ सबसे पहले बस यही एक नेता है जो खड़ा मिलता है । पहलगाम में जब किसी संजय द्विवेदी का बेटा शुभम द्विवेदी आतंकवादियों के गोलियों का शिकार हो जाता है तब सबसे पहले उस परिवार को ढांढस बंधाने यही नेता जाता है । गोरखपुर के एक साधारण परिवार का बेटा जब संदिग्ध परिस्थितियों में एक राजनैतिक दल के कार्यालय में मृत पाया जाता है , तो सबसे पहले यही व्यक्ति उसके परिवार के साथ खड़ा पाया जाता है ऐसी कई घटनाएं है जिसका जिक्र करना आज सही नहीं है पर वास्तव में इतना सब करने के बाद भी पता नहीं क्यों ये इंसान सबके निशाने पर रहता है । खैर मैं तो "मिस्टर परफेक्ट" शुरू से कहता हूं इन्हें । ईश्वर उस परिवार को इस दुःख की सहने की शक्ति दें जिनका जवान बेटा दहशतगर्दों ने छीन लिया ....

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169,465 просмотров • 1 год назад

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“योगी से टकराने की कोशिश थी, निशाना कहीं और साधा गया था।” एक सोची-समझी रणनीति के तहत CM योगी आदित्यनाथ को ऐसे मुद्दे में उलझाने की कोशिश की गई, जहाँ बोलना भी मुश्किल और चुप रहना भी महँगा हो। UGC का नया नियम सिर्फ शिक्षा से जुड़ा फैसला नहीं था, बल्कि एक राजनीतिक जाल था जिसका असली मक़सद योगी की सामाजिक संतुलन वाली छवि को नुकसान पहुँचाना था। नीति बनाने वालों को यह भली-भाँति पता था कि उत्तर प्रदेश सिर्फ एक वर्ग से नहीं चलता। अगर योगी विरोध करते तो सवर्ण समाज और सनातन विचारधारा से जुड़े लोग आहत होते। अगर समर्थन करते तो दूसरे वर्गों में गलत संदेश जाता। यानी हर हाल में नुकसान की पटकथा लिख दी गई थी। लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। UGC के मुद्दे पर जब विरोध खड़ा हुआ, तो सनातन समाज ने इसे योगी के खिलाफ साजिश के रूप में पहचाना और खुलकर उनके साथ खड़ा हो गया। जो समर्थन पर्दे के पीछे माना जाता था, वह सड़कों और सोशल मीडिया पर साफ दिखने लगा। यह प्रकरण एक बात साफ कर गया योगी अकेले नहीं हैं, उनकी विचारधारा के साथ खड़ा एक जागरूक समाज है, जिसे मोहरे की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उत्तर प्रदेश मे योगी आदित्यनाथ का समर्थन अब सिर्फ राजनीति नहीं , लोगों के लिये आत्मसम्मान का प्रश्न बन चुका है । जब जब इन्हे बदनाम करने की साजिशे हुई हैं ये योगी आदित्यनाथ की चमक और बढ़ी है...

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51,757 просмотров • 4 месяцев назад