
Mr. Mishra
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Sunil Mishra | देशभक्त राष्ट्रवादी | जियोपॉलिटिक्स, राजनीति और तुष्टीकरण पर सच्चा विश्लेषण | सनातन | भारत पहले | जय श्री राम 🙏
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दुनिया में कितना ग़म है, मेरा ग़म कितना कम है। इस दुनिया में इंसान कितना दुख झेल रहा है। भगवान की कृपा से हम में से ज़्यादातर लोग ऐसे दुखों से बहुत दूर हैं। फिर भी हम अक्सर भगवान से शिकायत करते रहते हैं। असल में इंसान अपने दुख से उतना परेशान नहीं होता, जितना दूसरों की खुशी देखकर हो जाता है। अब इस मामले को ही देख लीजिए। इंदौर में "महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसाइटी" के नाम से एक वृद्ध आश्रम चल रहा है। वहाँ एक नाबालिग लड़का अक्सर बुजुर्गों के साथ मारपीट करता है और बेचारों के पास सब कुछ सहने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। क्या आप कभी सोच सकते हैं कि अपने ही जीवन में ऐसा दुख झेलना पड़े, जैसा ये बेबस बुजुर्ग झेल रहे हैं? इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर कीजिए, ताकि इस नालायक को उसके किए की सज़ा मिल सके।
Mr. Mishra2,645,974 Aufrufe • vor 1 Monat

🚨 अभी आपने जो देखा वह ट्रेलर था... 🚨 असली तबाही अभी रास्ते में है... नेपाल की ओर बढ़ रहा एक और बड़ा जल प्रलय ! तिब्बत में दो नदियों के संगम के पास एक ऐसी भयावह बैरियर लेक बन गई है, जिसमें करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि झील पहले से ओवरफ्लो हो रही है और अगले तीन दिनों में करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी आने का अनुमान है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास छोचेन खोला और पुरेपु सांगपो नदियों के संगम के पास यह बड़ा बैरियर लेक बना है। पानी का दबाव बढ़ने से इसके फटने का खतरा बेहद गंभीर बताया जा रहा है। अगर यह झील टूटती है तो इसका पानी नेपाल की ओर जिस रफ्तार और तबाही के साथ बढ़ेगा, वह पहले से सामने आई आपदा से भी कहीं भयावह हो सकता है। अभी संकट टला नहीं है। ⚠️ क्यों इतना बड़ा खतरा है ? शोधकर्ताओं के अनुसार हिमालय की करीब 5,000 झीलों में अस्थिर मोरेन मौजूद हैं, जिनसे ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी हिमनदी झील फटने से अचानक बाढ़ का खतरा है। इनमें पूर्वी हिमालय दूसरे क्षेत्रों की तुलना में करीब तीन गुना अधिक संवेदनशील माना जाता है। जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। लाखों गैलन पानी रोकने वाली प्राकृतिक चट्टान और बर्फ की दीवारें कमजोर हो रही हैं। यही कारण है कि पहाड़ों में बनी ये झीलें धीरे-धीरे टाइम बम बनती जा रही हैं। इसका उदाहरण अक्टूबर 2023 में सिक्किम की दक्षिण ल्होनक झील का टूटना है। तीस्ता घाटी में अचानक आई बाढ़ में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग लापता हुए थे। 🌊 भारत के लिए भी खतरा कम नहीं है.... हिमालय में लगभग 7,500 ग्लेशियल झीलें हैं। इनमें से 190 को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने उच्च जोखिम वाली झीलों के रूप में चिन्हित किया है। भारत करीब 200 खतरनाक झीलों पर पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित कर रहा है और जोखिम कम करने के लिए कुछ झीलों का जलस्तर घटाया जा रहा है। ISRO और सेना की टीमें दूरदराज के इलाकों में इस तीन साल के मिशन पर काम कर रही हैं। नेपाल भी पहले 2016 में ऐसी आपदा को रोकने के लिए माउंट एवरेस्ट के पास इम्जा त्शो झील का पानी कम कर चुका है। 🇮🇳 भारत के हिमालयी राज्यों में स्थिति... भारत में 669 ग्लेशियल झीलें पहचानी गई हैं, जिनमें से 88 पर सीधे तौर पर फटने का खतरा बताया गया है। 🔴 जम्मू-कश्मीर और लद्दाख - 62 खतरनाक झीलें भारत में सबसे ज्यादा जोखिम यहीं बताया गया है। कश्मीर घाटी की पांच झीलों को Very High Susceptibility श्रेणी में रखा गया है, जिनमें शोपियां की भागसर झील प्रमुख है। किश्तवाड़ में अकेले 197 ग्लेशियल झीलें हैं, जिनसे चिनाब नदी बेसिन और पकल डुल तथा कीरू जैसे बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर खतरा है। 🔴 सिक्किम - 17 खतरनाक झीलें पूर्वी हिमालय का यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील है। अक्टूबर 2023 में दक्षिण ल्होनक झील के टूटने से तीस्ता नदी में भयंकर तबाही हुई थी। क्षेत्र की कई अन्य झीलें भी लगातार निगरानी में हैं। 🔴 उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे क्षेत्र पहले भी ऐसी आपदाओं की मार झेल चुके हैं। 2013 की केदारनाथ आपदा में चोराबाड़ी झील और 2021 की चमोली आपदा इसके उदाहरण हैं। नंदा देवी ग्लेशियर के आसपास के क्षेत्र भी अत्यधिक संवेदनशील माने जाते हैं। हिमाचल के लाहौल-स्पीति और किन्नौर में सतलुज और चिनाब के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बनी झीलें लगातार खतरा बनी हुई हैं। 🔴 अरुणाचल प्रदेश - 12 खतरनाक झीलें तवांग और ऊपरी सुबनसिरी जिलों में तिब्बत से आने वाली नदियों के मुहाने पर भी खतरा बना हुआ है। और सबसे बड़ी चिंता यह है कि ग्लेशियल झीलें पहाड़ों में फटती हैं, लेकिन उनका मलबे से भरा पानी नीचे मैदानों तक पहुंचकर बड़े पैमाने पर बाढ़ ला सकता है। आज तिब्बत में बनी इस नई झील को सिर्फ नेपाल का संकट समझकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हिमालय में एक झील टूटती है तो उसका असर सीमाओं को नहीं मानता। 🚨 अगले तीन दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। ईश्वर नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों की रक्षा करे। 🙏
Mr. Mishra158,746 Aufrufe • vor 6 Tagen

ये पाकिस्तान नहीं.... आपली मुंबई आहे ✋ मुंबई पोलीस Mumbai Police
Mr. Mishra84,255 Aufrufe • vor 5 Tagen

काशी से पुरी तक आ गया… 1200 किलोमीटर कार से आया, पूरे रास्ते में पता ही नहीं चल रहा था कि कौन दलित है, कौन पिछड़ा है, और कौन अगड़ा है। न तो कोई शीशे के गिलास में चाय पी रहा था, न तो कोई प्लास्टिक के कप में। न ही किसी के चूतड़ पर झाड़ू बंधा था, न ही गले में मटकी। बहुत सारे लोग एक ही ठेले पर खड़े पानी पूरी खाते दिखे और एक ही ड्रम से निकाल कर पानी भी पी रहे थे। पुरी पहुंचकर हमने सर्वप्रथम तो भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन किए, उसके बाद समुद्र के किनारे पहुंच गए, सब लोग एक ही घाट (बीच) पर नहा रहे थे। मेरे साथ Satire Anuj और Mr Tiwaree ™ 🚨 भी आए हैं। हम तीनों ही अपने परिवार को साथ लेकर आए हैं। अब पुरी आए हैं तो शहर तो घूमना बनता ही है। कसम से कह रहा हूँ - पूरा शहर घूम लिया लेकिन पता ही नहीं चला कि कौन दलित है, कौन अगड़ा, कौन पिछड़ा.. होटल में खाना खाने गया... वहाँ भी कोई किसी भी टेबल पर बैठ कर भोजन कर सकता था। बेटर का जाति भी कोई नहीं पूछ रहा था। साला ऐसे तो भारत का जातीय इतिहास ही मिट जायेगा। मेरे हिसाब से होटलों और रेस्टोरेंट में भी रिजेर्वेशन होना चाहिये कि दलित टेबल पर बैठ कर खाएं, पिछड़े (OBC) खड़े होकर और सवर्ण झुककर खाएं। तब जाकर बाबा साहब के संविधान का सम्मान होगा।
Mr. Mishra28,357 Aufrufe • vor 2 Tagen
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एक दिन कहते हैं - "मोदी डरपोक है" दूसरे दिन कहते हैं - "मोदी घमंडी है" ऐसे ही इन्हें दिक्कत है कि - "मोदी चुप क्यूँ है..!!" "मोदी ट्रम्प को ज़वाब क्यूँ नहीं देता...!!" वैसे क्या ज़वाब देना चाहिए मोदी को? सेना भेज दें ट्रम्प के खिलाफ या फिर उसकी तरह अनाप सनाप बयानबाजी शुरू कर दें उसके खिलाफ ?? अगर मोदी ऐसा करें तो उससे भारत को क्या हासिल होगा tariff हट जाएंगे ?? दुनिया मे होने वाली हर छोटी बड़ी घटना पर उछल कूद मचाने वाले लोग, मोदी को सलाह देने वाले लोगों को ये वीडियो देखना चाहिए....... मोदी ने बहुत पहले बता दिया था कि- उनकी विदेश नीति का सार क्या है..... जय श्रीराम 🙏🚩
Mr. Mishra75,653 Aufrufe • vor 7 Monaten

इजरायलियो पर "पहलगाम" जैसा हमला... इस जघन्य नरसंहार का बदला इजराइल द्वारा बहुत भयंकर लिया जाएगा। एक बार फिर से बजेगा गाजा का बैंड-बाजा। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के bondi beach पर 2000 से अधिक यहूदी अपना त्योहार "हनुक्का" मना रहे थे... जिसे रोशनी का त्योहार कहा जाता है.... तभी 2 गनमैन ने भीड़ पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं, इस हमले एक दर्जन से ज्यादा यहूदियों के मारे जाने की खबर है...! इस्लामिक आतंकवाद के इस अमानवीय कृत्य में जान गवाने वाले सभी मृतको को श्रद्धांजलि.. 🙏 ॐ शान्ति ॐ
Mr. Mishra67,102 Aufrufe • vor 8 Monaten

भागा दिया बाबा को “वामपंथियों” ने 😭😭 ये कांटों पर लेटते हैं.. ऐसा पिछले 40-50 वर्षों से हर साल करते चले आ रहे थे। एक आदिवासी भगवा पहने.... यह भिमट्टों को कहां मंजूर था....? नाम - रमेश कुमार मांझी, उर्फ कांटे वाले बाबा। महादलित समुदाय से हैं.. और भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त हैं। कुंभ से इनका जाना, मुझे रुला दिया।
Mr. Mishra118,691 Aufrufe • vor 1 Jahr

मीराबाई चानू ❤️❤️ मणिपुर भारत का मणि है, मणिपुर की मणि चानू हैं। मणिपुरी (मैतेई) संस्कृति में "चानू" शब्द का शाब्दिक अर्थ "कुल की लड़की" या "बेटी" होता है। बेटियां हमेशा से दुहिता रही हैं। दोनों कुलों का हित करने वाली। मीराबाई चानू ने मणिपुर के एक छोटे से गांव से निकल कर ओलंपिक में रजत पदक और अब राष्ट्रमंडल में स्वर्ण पदक जीता। चानू देश की बेटियों के लिए आदर्श हैंं... और हमारे समाज और देश की नायिका हैं 🙏🙏 Post में राष्ट्रगान बज रहा है.. कृपया उचित सम्मान दें 🙏🙏
Mr. Mishra11,913 Aufrufe • vor 1 Monat

7️⃣ भारत की ताकत सिर्फ तकनीक से नहीं, बल्कि सालों के अनुशासन और अनुभव से बनी थी। अमेरिका के साथ हुए सैन्य अभ्यासों में भी भारत की सहनशक्ति साबित हुई थी। ऑपरेशन सिंदूर ने उन्नत रक्षा तंत्र और अमेरिकी हथियारों की अजेयता का भ्रम तोड़ दिया। पाकिस्तान शर्मिंदा हुआ, अमेरिका को हकीकत समझ आई, और दक्षिण एशिया में भारत शीर्ष पर आ गया। ---👇👇
Mr. Mishra66,912 Aufrufe • vor 1 Jahr
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कांग्रेसी और अन्य लोग चाहते हैं कि ट्रेड डील के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी इस अहंकार के मांस के , चर्बी के घूरे को फोन करें , ताकि बाद में यह ज़मूरा 140 करोड़ के देश , सबसे प्राचीन लोकतंत्र के प्रधानमंत्री का मज़ाक भी फ्रांस के राष्ट्रपति की तरह उड़ा सके। निजी बातचीत वह भी दो राष्ट्र प्रमुखों के बीच को कोई महा नीच व्यक्ति ही सार्वजनिक कर सकता है, वही काम यह कर रहा है। मोदी जी इसकी दुष्ट वृत्ति को बहुत पहले भांप चुके थे इसलिए बुलाने के बावजूद अमेरिका नहीं गए और तीन शुक्रवार तक इंतजार करने के पश्चात भी ट्रेड डील के लिए इस मूर्ख को फोन नहीं किया। मुझे मेरे देश के प्रधानमंत्री के ऊपर , इस दूर दृष्टि और इस बबून को इसकी औकात दिखाने के लिए बहुत अभिमान और गर्व की अनुभूति होती है। हर हर मोदी घर घर मोदी। जय श्रीराम।
Mr. Mishra24,432 Aufrufe • vor 7 Monaten

पहले मोहन भागवत जी को सुनो और फिर इस झूठ की दुकान को सुनो और इसकी बकलोली का लेवल देखो... बंदा बोल रहा हैं, ये संघ को चंदा देता है 😃😃 RSS किसी से चंदा लेता ही नही लेकिन ये देता है। 😃 ये अपने हर वीडियो में अपना phonepe नंबर लिखता है , Upi id लिखता है पैसा दान माँगने के लिये वैसे ही इसने सोचा कि संघ इतना विशाल संगठन है तो चंदा भी लेता ही होगा हर किसी से तो झूठ पेलने में क्या जा रहा है.. बोल दो कि मैं भी संघ को चंदा देता हूँ। जैसे मोदी को गाली देने के लिये इतना ही बोलना काफी होता है कि हमने वोट दिया है तो हम गाली भी दे सकते है। भले ही कभी वोट ना दिया हो... वैसे ही इसने सोचा संघ को 'साले -बकचोद' जैसी गालियाँ देने से पहले ये भी बोल दो कि मैं भी चंदा देता हूँ तो गाली देने में जरा बेलेंस नज़र आयेगा। वाकई संघ को समझना तुम जैसे झूठों के बस में है भी नही मियाँ... जय श्री राम... 🚩
Sunil Mishra ♛13,432 Aufrufe • vor 6 Monaten