
Naaz Khan Habibi
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𝗖𝗿𝗲𝗮𝘁𝗼𝗿𝘀 | 𝗗𝗿𝗲𝗮𝗺𝗲𝗿𝘀 | 𝗘𝗻𝘁𝗲𝗿𝘁𝗮𝗶𝗻𝗲𝗿𝘀 𝗦𝘁𝗼𝗿𝘆 𝗪𝗿𝗶𝘁𝗲𝗿 | 𝗦𝗼𝗰𝗶𝗮𝗹 𝗔𝗰𝘁𝗶𝘃𝗶𝘀𝘁 ✍️
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शरीर में सूई लेकिन दर्द नहीं, सुकून क्यों? इस वीडियो में एक खूबसूरत लड़की का Acupuncture treatment चल रहा है चेहरे, गर्दन, पेट और पैरों पर बेहद बारीक सूइयाँ लगाई गई हैं। इस हसीन लड़की की face reaction से लग रहा है तकलीफ हो रही है। कुछ सूइयों से हल्की तारें जुड़ी हैं, जिसे Electro-Acupuncture कहते हैं, जहाँ हल्का इलेक्ट्रिक करंट दिया जाता है ताकि नसों और मांसपेशियों पर असर हो सके। ये तरीका आमतौर पर शरीर के दर्द को कम करने, तनाव घटाने और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने के लिए किया जाता है। बहुत लोग सोचते हैं इतनी सूइयाँ लग रही हैं, दर्द होगा? लेकिन professionls का ये दावा है कि ये सूइयाँ बहुत पतली होती हैं, इसलिए दर्द कम और सिर्फ हल्की सी चुभन या झनझनाहट महसूस होती है। लेकिन ध्यान रहे ये कोई घरेलू उपाय नहीं है। Acupuncture एक professional थेरेपी है, जिसे हमेशा Trained और certified expert से ही करवाना चाहिए, क्योंकि सही points पर सही तरीके से लगना बहुत जरूरी होता है। कभी-कभी इलाज दर्द से नहीं, संतुलन से होता है और यही इसकी असली खासियत है। Video credit: orginal creator
Naaz Khan Habibi94,436 次观看 • 4 个月前

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी को शायद 'Accha' के लिए अलग से एक चैप्टर जोड़ देना चाहिए। एक शब्द, सौ भावनाएं! इस विदेशी महिला ने हिन्दी की गहराई को सिर्फ 30 सेकंड में समझा दिया। भारतीयों का पसंदीदा शब्द अब ग्लोबल हो रहा है! ठोको ताली 😂 हाल ही में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक विदेशी महिला हिन्दी के शब्द "अच्छा" (Accha) के अलग-अलग इस्तेमाल बता रही है। यह देखना दिलचस्प है कि कैसे एक ही शब्द सन्दर्भ और लहजे के बदलने से अपना अर्थ बदल लेता है। Accha? (Really?) Accha! (I see!) Accha... (Thinking...) भाषाएं हमें जोड़ती हैं और थोड़े से हास्य के साथ इन्हें सीखना और भी आसान हो जाता है। क्या आपका भी कोई ऐसा पसंदीदा शब्द है जो हर जगह फिट हो जाता है?
Naaz Khan Habibi49,023 次观看 • 7 个月前

रात के 1 बजे… राम मंदिर स्टेशन पर ट्रेन तेज़ रफ्तार से दौड़ रही थी। अचानक इमरजेंसी चेन खिंची। हर कोई डर के मारे ठिठक गया। मन में वही सवाल क्या बड़ा हादसा हो गया? लेकिन जो हुआ, वह हादसा नहीं, चमत्कार था। एक महिला… ट्रेन में ही बच्चा जन्म लेने वाला था। बच्चा आधा बाहर, आधा अंदर… और माँ की साँसें थमने लगी थीं। एम्बुलेंस आने में समय लग रहा था। तभी एक अजनबी, एक आम इंसान खड़ा हुआ। उसने मोबाइल निकाला और वीडियो कॉल पर महिला डॉक्टर से कनेक्ट किया। डॉक्टर ने हर कदम समझाया… और उसने निडर होकर, बिना सोचे-समझे, वैसा ही किया। जैसे 3 Idiots में आमिर खान ने किया था… लेकिन यह कोई फिल्म सीन नहीं, यह सच्चाई थी। आज… बच्चा सुरक्षित है। माँ मुस्कुरा रही है। और वह अनजान शख्स? He's Real life Hero वो बन गया वक्त का फरिश्ता। क्योंकि इंसानियत अभी बाकी है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो ज़रूरत पड़ते ही फरिश्ता बन जाते हैं। ❤️
Naaz Khan Habibi39,164 次观看 • 7 个月前
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