
Neeraj Bhawani
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लिखना शौक है। सामने वाले को सुनने में मजा आता है। NOT ON FACEBOOK. ‘काशी’ से “ढोंग शास्त्र” में MPhil किया हूं।
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यह एक नया बवासीर आया है मार्केट में. मैं तो यह चोंचले नहीं करने वाला हूं शादी में भले ही कुंवारा रह जाऊंगा.
Neeraj Bhawani425,030 Aufrufe • vor 6 Monaten

मैं हिंदू हूं ! और मैं एक अपर कास्ट हिंदू हूं ! मुझे कोई शर्म नहीं है यह बात स्वीकारने में. क्योंकि मेरे बड़े साथी पत्रकार मुस्लिम हैं और वह केवल इसी लिए जेल गए हैं क्योंकि वह मुस्लिम हैं. और मैं आप के सामने इसी लिए खड़ा हूं क्योंकि मेरा नाम सौरभ शुक्ला है. यह कड़वी सच्चाई है, जिसे स्वीकार करने में मुझे कोई झिझक नहीं है. एकही दिल है मेरे पास सौरभ जी Saurabh shukla और उसे हर बार आप ही जीत ले चले जाते हैं.
Neeraj Bhawani168,259 Aufrufe • vor 4 Monaten

गुजरात में 14 घंटा लोहा पीटने के बाद मिले हुए मजदूरी से गांव आकर अमीरी दिखाते हुए शहंशाह अकबर के पोता.
Neeraj Bhawani192,500 Aufrufe • vor 6 Monaten

महामानव कैमरा लेकर भारत की गरीबी,भुखमरी और बेरोजगारी दूर करने जाते हुए.
Neeraj Bhawani128,998 Aufrufe • vor 4 Monaten

श्रीनिवास....धक्का मत दीजिए भैया, लोकतंत है आराम से, पूछने दीजिए सवाल। ★ न्यूज लॉन्ड्री के श्रीनिवास जैन अनंत सिंह का इंटरव्यू ले रहे थे, श्रीनिवास जी ने कड़े सवाल पूछे ....कि आप अपने एफिडेविट में लिखे है कि इतने हत्या,इतने अपहरण के केस है आप पर और आप कह रहे है कि सब झूठ है, तब तक पीछे से अनंत सिंह का गुर्गा इनको बार बार सवाल पूछने से मना कर रहा है। .....इस पर श्रीनिवास ने कहा क्यों भाई आराम से.. लोकतंत्र है, पूछने दीजिए। newslaundry ravish kumar Sarvapriya Sangwan
Neeraj Bhawani218,426 Aufrufe • vor 10 Monaten

मुकेश मोहन का वह फोटो आपने देखा जिसमें वह बैठे हुए फोन में देख रहे हैं उस पर वह लिखते हैं कि “मेरे पास खोने को कुछ नहीं है।” तो वह सच ही कहे हैं। आप उनके घर की हालत देखिए उसके प्लास्टर टूट कर गिर रहे हैं, उस कमरे की दीवार की रंगाई हुए करीब दशकों बीते गए होंगे। उसमें एक खिड़की दिखाई दे रही है जिसपर कि संभवतः दरवाजे भी नहीं है। उसपर लगे हुए पर्दे फटे हुए है और वह चू.न गैंग का मुखिया उनसे 50 करोड रुपए की मांग कर दिया है। वह सोच रहा है कि जैसे हम चू.न वाले जनता का पैसा लूटकर अपने बच्चों के लिए साम्राज्य बना दिए हैं वैसे हो सबके बच्चों के पास साम्राज्य होगा। तभी तो उसने 50 करोड़ की रकम की मांग की। तो मुकेश भाई Mukesh Mohan ने भी बढ़िया जवाब दिया कि आप मुझे गोली मार सकते है लेकिन आप मुझे चुप नहीं करवा सकते। मुकेश भाई हम बाबा साहेब की संताने है, हम लड़ेंगे! हम जीतेंगे! जय भीम ✊ ✊
Neeraj Bhawani96,743 Aufrufe • vor 5 Monaten

युवराज नशे में नहीं थे इस देश का सिस्टम नशे में है– युवराज दारू पी गाड़ी ले एक लंबी दूरी तय कर गुड़गांव से अपने घर नोएडा जा रहे थे, घर से करीब 400 मीटर पहले उनकी गाड़ी एक गढ्ढे में कूद जाती है,फिर वह सनरूफ खोल बाहर आते है,अपने डैडी को फोन करते हैं,पुलिस को फोन करते हैं, फ़्लैश लाइट जला अपनी पोजीशन भी बताते है कि मैं इधर हूं,वह अनबैलेंस हुई गाड़ी को बैलेंस भी करने के लिए उस पर लेट जाते है. और दारू के नशे वाले आदमी का बैलेंसिंग,स्पीच और जजमेंट वाला पार्ट बराबर काम नहीं कर पाता है,लेकिन यहां युवराज का सब कुछ बराबर काम कर रहा था. वह लगातार सही बात कर रहे थे,अपने बचाने की गुहार लगा रहे थे. धन्यवाद 🪴🪴
Neeraj Bhawani114,113 Aufrufe • vor 7 Monaten

तुम लोग को जितना मोदी जी दे रहे हैं उतना ही और मन बढ़ता जा रहा है. इतना बढ़िया बढ़िया मंदिर बनवा दिए हैं.अभी और कई की खुदाई चालू है जल्द ही उसे भी तुम्हे दिया जाएगा.अब्दुल को टाइट किया ही जा रहा है और तुम्हे अभी गैस भी चाहिए.हद है !घर तोड़े गए तो केवल अब्दुल के,गैस की कमी झेलनी पड़ी तो केवल अब्दुल को तो तुम लोग क्यों रो रहे हों.
Neeraj Bhawani73,044 Aufrufe • vor 5 Monaten

नौकरी में इंटरव्यू को क्यों खत्म होना चाहिए आइए जानते है.– मेरे मित्र हैं मनीष यादव जो कि 22 से 24 तक मारुति सुजुकी इंडिया Maruti Suzuki लिमिटेड मानेसर गुड़गांव प्लांट में TW के पद पर कार्यरत थे. Maruti Suzuki Arena वहां इन्हें कहा जाता था कि आप अच्छा कार्य करें, अच्छा व्यवहार रखें और अपनी अटेंडेंस अच्छी रखे तो इस कंपनी में आप को परमानेंट होने का मौका मिल सकता है.इसमें मनीष जी तीन बार के एम्प्लॉय ऑफ मंथ के अवॉर्डी भी रहे हैं. इनके साथ के लोग इन्हें कहते थे कि मनीष जरूर परमानेंट होंगे. दो साल बाद कंपनी द्वारा लिखित परीक्षा ली गई। जिसमें करीब 8 हजार लोग शामिल हुए थे। इस एग्जाम को पास केवल 252 लोग ही कर पाते है जिसमे मनीष भी थे। अब आती है इंटरव्यू की बारी तो इन सभी 252 लोगो का इंटरव्यू होता है. इस इंटरव्यू में मनीष से उनके फील्ड से संबंधित कोई सवाल नहीं किया जाता है. उनसे सवाल किए जाते है पिता जी क्या करते है,कितने भाई बहन हो आदि.तो इन्हें लगा कि मुझे यादव होने की सजा मिलेगी पक्का.और हुआ भी वही ,इनका सलेक्शन नहीं हुआ.जिस इंटरव्यू में से केवल 48 लोगों को चुना जाता है जिसमें संभवतः सभी लोग सवर्ण है.
Neeraj Bhawani65,045 Aufrufe • vor 5 Monaten