शब्द's banner
शब्द's profile picture

शब्द

@Only1MyThoughts23,387 subscribers

जो मन में है वही लिखता हूँ मेरे अपने शब्द हैं कड़वे हैं पर सच हैं

Shorts

सारा गंदा क़र दिया 😂

Sensitive content

सारा गंदा क़र दिया 😂

478,376 views

दो हो या तीन.. कोई चककर ही नहीँ 😛

दो हो या तीन.. कोई चककर ही नहीँ 😛

178,134 views

बॉलीवुड सस्ता नशा बन क़र रह गया 😂

बॉलीवुड सस्ता नशा बन क़र रह गया 😂

145,157 views

हाय शरमाऊँ, किस किस को बताऊँ ऐसे कैसे मैं सुनाऊँ सब को अपनी प्रेम कहानियाँ, अपनी प्रेम कहानियाँ बालम की, बालम की हाय तीन निशानियाँ #शुभदोपहर

हाय शरमाऊँ, किस किस को बताऊँ ऐसे कैसे मैं सुनाऊँ सब को अपनी प्रेम कहानियाँ, अपनी प्रेम कहानियाँ बालम की, बालम की हाय तीन निशानियाँ #शुभदोपहर

91,564 views

हों गया तो भाई किसी कीमती चीजें वापिस क़र देनी चाहिए 😛

हों गया तो भाई किसी कीमती चीजें वापिस क़र देनी चाहिए 😛

40,825 views

ये झूठी कहानी हमे न सुनाओ के माली मर जाए और बाग ठीक रहे, ये कैसे मुमकिन है राहे इश्क़ में महबूब छोड़ जाए और दिमाग ठीक रहे….

ये झूठी कहानी हमे न सुनाओ के माली मर जाए और बाग ठीक रहे, ये कैसे मुमकिन है राहे इश्क़ में महबूब छोड़ जाए और दिमाग ठीक रहे….

54,008 views

याद आयेंगी एक दिन तुम्हें ये इनायतें भी ... हमारा कीमती हो कर भी तेरे लिए मुफ्त हो जाना ....!!!🖤🖤

याद आयेंगी एक दिन तुम्हें ये इनायतें भी ... हमारा कीमती हो कर भी तेरे लिए मुफ्त हो जाना ....!!!🖤🖤

42,949 views

अब के बरसात जो आए,तो एक सजा सबको मिले..!! बरसे जो दर्द बनके सावन, तो वफ़ा सबको मिले....!!!!

अब के बरसात जो आए,तो एक सजा सबको मिले..!! बरसे जो दर्द बनके सावन, तो वफ़ा सबको मिले....!!!!

33,850 views

Videos

नया कांड वायरल हो रहा हैं
2:48

Sensitive content

This media may contain sensitive content.

Only1MyThoughts's profile picture

**कॉन्डोम??** 😶 अरे भाई, आराम से सुनने में भी अजीब लगता है। दुकानदार के सामने खड़े होकर सीधे "भैया एक पैकेट कॉन्डोम देना" बोलने में शर्म आती है। इसलिए हम कोड बना रखे हैं — "भैया एक लिफाफा दे दो" "वो वाला पैकेट" "छोटा सा पैकेट" "रंगीन लिफाफा" "वो चीज जो कल रात चाहिए थी" दुकानदार भी समझ जाता है। वो मुस्कुराते हुए नीचे से निकाल के देते हैं जैसे कोई अंडरग्राउंड डील हो रही हो। दोस्तों के बीच तो लड़के खुलकर बात कर लेते हैं — "भाई कल रात वाली कंडोम कैसी थी?", "फ्लेवर वाला ट्राई किया?" मज़ाक भी उड़ाते हैं, अनुभव भी शेयर करते हैं। लेकिन **घर वालों के सामने**? बस चुप्पी। आँखें नीची। शर्म से ज़मीन में घुस जाने का मन करता है। माँ-बाप के सामने तो **"वो चीज़"** का नाम लेना भी पाप लगता है। जबकि असल में यही सबसे ज़रूरी है। **सच्चाई ये है:** - दोस्तों से बात तो सिर्फ़ मज़ाक या ब्रैगिंग तक रह जाती है। - परिवार और स्कूल से जागरूकता मिलनी चाहिए, ताकि शर्म कम हो और सुरक्षित सेक्स की सही जानकारी मिले। अगर माता-पिता और टीचर खुलकर बात करें — "बेटा, सेक्स नॉर्मल है, लेकिन बिना प्रोटेक्शन के खतरनाक है" — तो बहुत सारी गलतियाँ, अनचाही प्रेग्नेंसी और बीमारियाँ रुक सकती हैं। स्कूल में भी सिर्फ़ "रिप्रोडक्टिव सिस्टम" पढ़ा के छोड़ देते हैं। प्रैक्टिकल बात नहीं बताते।

शब्द

13,264 views • 3 months ago