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@Only1MyThoughts • 23,387 subscribers
जो मन में है वही लिखता हूँ मेरे अपने शब्द हैं कड़वे हैं पर सच हैं
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रेखा सरकार 5 kg अनाज से दो पर आ गई और सपने पंजाब जीतने के ले रहे है 😛
शब्द95,452 views • 3 months ago

बादशाह के जिस टटीरी गाने पर विवाद हो रहा असल मे वो गामा बादशाह का है ही नहीं कर्मबीर फौजी जों हरयाणा मे फौजी नाम से मशहूर है असल गाने के मालिक वही है ओरिजनल "टटीरी" गाना जो कर्मबीर फौजी की लड़की सिमरन जागलान गा चुकी है 3 साल पहले । कैसा लगा ये गाना कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं ?
शब्द138,300 views • 6 months ago
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औरत को समझा लोगे लेकिन औरत की वासना को कोई नही समझा सकता वो संतुस्टी के कुछ भी करेगी लेकिन वासना से समझौता नही क़र पायेगी अब ये वीडियो देख लो इसमें औरत प्रेमी को बुलाया किसी के आने की आहट से पति को बेड मे छिपा दिया लेकिन बेचारा प्रेमी बच नही पाया और बुरी तरह से पिट गया 😛
शब्द131,420 views • 11 months ago

मैं वो सहरा जिसे पानी की हवस ले डूबी तू वो बादल जो कभी टूट के बरसा ही नहीं!🥀
शब्द98,079 views • 2 years ago

**कॉन्डोम??** 😶 अरे भाई, आराम से सुनने में भी अजीब लगता है। दुकानदार के सामने खड़े होकर सीधे "भैया एक पैकेट कॉन्डोम देना" बोलने में शर्म आती है। इसलिए हम कोड बना रखे हैं — "भैया एक लिफाफा दे दो" "वो वाला पैकेट" "छोटा सा पैकेट" "रंगीन लिफाफा" "वो चीज जो कल रात चाहिए थी" दुकानदार भी समझ जाता है। वो मुस्कुराते हुए नीचे से निकाल के देते हैं जैसे कोई अंडरग्राउंड डील हो रही हो। दोस्तों के बीच तो लड़के खुलकर बात कर लेते हैं — "भाई कल रात वाली कंडोम कैसी थी?", "फ्लेवर वाला ट्राई किया?" मज़ाक भी उड़ाते हैं, अनुभव भी शेयर करते हैं। लेकिन **घर वालों के सामने**? बस चुप्पी। आँखें नीची। शर्म से ज़मीन में घुस जाने का मन करता है। माँ-बाप के सामने तो **"वो चीज़"** का नाम लेना भी पाप लगता है। जबकि असल में यही सबसे ज़रूरी है। **सच्चाई ये है:** - दोस्तों से बात तो सिर्फ़ मज़ाक या ब्रैगिंग तक रह जाती है। - परिवार और स्कूल से जागरूकता मिलनी चाहिए, ताकि शर्म कम हो और सुरक्षित सेक्स की सही जानकारी मिले। अगर माता-पिता और टीचर खुलकर बात करें — "बेटा, सेक्स नॉर्मल है, लेकिन बिना प्रोटेक्शन के खतरनाक है" — तो बहुत सारी गलतियाँ, अनचाही प्रेग्नेंसी और बीमारियाँ रुक सकती हैं। स्कूल में भी सिर्फ़ "रिप्रोडक्टिव सिस्टम" पढ़ा के छोड़ देते हैं। प्रैक्टिकल बात नहीं बताते।
शब्द13,264 views • 3 months ago