
Prashant Tandon
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Broadcast Journalist & Media Expert. Tweets are personal.
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ये वही लड़की है जो कल बस की चाभी लेकर भाग गई थी. इसके ज़रिये जेन ज़ी के मनोविवज्ञान को समझने की ज़रूरत है. ये भाग कर खुद को डिटेन होने से आसानी से बचा सकती थी लेकिन इसे उन सभी को भी बचाना था जिन्हें वो पर्सनली शायद जानती भी न हो और इसलिये बस की चाभी लेकर भाग गई. ऐसे साहसी युवा लोकतंत्र को बचा लेंगे. Lord Moran के The Anatomy of Courage की परिभाषा में फिट बैठते हैं ऐसे युवा.
Prashant Tandon94,960 views • 1 day ago

राहुल गांधी 2029 की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि कह रहे हैं कि अगले कुछ महीनों में देश में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. ये किसी रैली में दिया गया भाषण नहीं है बल्कि इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बैठ कर दिया गया बयान है. राहुल गांधी बिना उत्तेजित हुये ठंडे दिमाग से इस टाइमलाइन को दे रहे हैं.
Prashant Tandon26,609 views • 6 days ago

अब फोकस धर्मेंद्र प्रधान नहीं हैं - मोदी का इस्तीफा मांगा जा रहा है, नारे बीजेपी के खिलाफ लग रहे हैं. ये असर होता है जब राहुल गांधी संसदीय विपक्ष को लेकर प्रधानमंत्री निवास के सामने धरने पर बैठ जाते हैं, हिरासत में लिये जाते हैं. जन आंदोलन प्यादे के खिलाफ नहीं किये जाते. तस्वीरें मुंबई की हैं.
Prashant Tandon106,529 views • 2 months ago

अंदर गये तो भंडारा खत्म, बाहर निकले तो चप्पल गायब 😀 यही स्थिति है तृणमूल के भगोड़ों की - मारे मारे फिर रहे हैं. जिस नेशनलिस्ट सिटीजेन्स पार्टी में विलय का दावा किया उसके महासचिव ऋतिक मंडल कह रहे हैं इन्हे नहीं लेंगे. बदनामी होगी. लोकतंत्र और संसद का तमाशा बना दिया बीजेपी ने.
Prashant Tandon123,388 views • 3 months ago

कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने डॉ मनमोहन सिंह को आरोप मुक्त किया: 11 साल बाद सोनिया गांधी सही साबित हुईं. 15 मार्च 2015 को सोनिया गांधी ने कांग्रेस दफ्तर से डॉ मनमोहन सिंह के घर तक पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ मार्च निकाला था. तब सोनिया गांधी ने कहा था कि डॉ सिंह निर्दोष हैं. कोयला घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश खुद डॉ मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते हुये दिए थे. 2014 में ही सीबीआई ने क्लोसर रिपोर्ट दी थी लेकिन मोदी सरकार के दौरान ये मामला दोबारा खोला गया था.
Prashant Tandon62,244 views • 2 months ago

कल राहुल गांधी इंडिया गठबंधन की दिल्ली में हुई बैठक में थे, आज बेंगलुरू में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सूरज हेगड़े को अंतिम विदाई देने पहुंचे. सूरज हेगड़े जी का परसों आकस्मिक निधन हो गया था. बात पार्ट टाइम - फुल टाइम पॉलिटिक्स की नहीं है - इंसानियत के तकाज़े पर राहुल खरे उतरते हैं.
Prashant Tandon92,328 views • 3 months ago

मुझे लगा था कि सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि FCRA और उनकी NGO पर CBI जांच के दबाव में सरकार के साथ जुगलबंदी कर रहे हैं. मैं गलत था. ये दोनों वैचारिक रूप से RSS के साथ हैं, मोदी भक्त हैं. गीतांजलि संविधान से सेक्युलर शब्द को हटाने की वकालत करती रहीं हैं, भारत को संवैधानिक लोकतांत्र की जगह हिंदूराष्ट्र बनाने की हिमायती हैं..
Prashant Tandon57,904 views • 2 months ago

सौ साल लगे गाय पर राजनीति का सही जवाब आने में: आरएसएस सौ साल से गाय की राजनीति करता आया है. उद्देश्य गाय को बचाना नहीं था बल्कि इसके सहारे मनुवाद को स्थापित करना था और टार्गेट मुसलमान को बनाया गया. गाय की राजनीति ने सबको डिफेंसिव कर दिया था, गांधी तक को. गाय भारत के संविधान तक में आ गई आर्टिकल 48 में. इस पूरी शताब्दी में एक बात स्थापित कर दी गई कि मुसलमान गाय काटता है लेकिन एक दूसरा सच छुपाया गया कि गाय कटवाता कौन है, काटने के लिए बेचता कौन है और पैसा कौन कमाता है. बंगाल के मुसलमानों ने इस छुपे हुए सच से पर्दा हटा दिया. बकरीद पर बंगाल के मुसलमानों ने तय कर लिया कि वो गाय की कुर्बानी नहीं करेंगे. हाहाकार मचा हुआ है क्योंकि गाय बेचने का काम हिंदू करते हैं जिनमें घोष समाज का बड़ा कब्जा है. बकरीद पर कुर्बानी के लिए मुंह मांगी कीमत मिलती है जो साल भर का खर्चा निकलती है व्यापारियों का. करोड़ों का कर्ज़ा लिया जानवार खरीदने और उसके रख रखाव में कि बकरीद में माल काटेंगे. मुसलमानों के फैसले ने सब किए धरे पर पानी फेर दिया. अब वहां मुसलमान हिंदू व्यापारियों से कह रहा कि अपनी मां को मत बेचो, ले जाओ और सेवा करो. अब इस आंदोलन को बंगाल के बाहर भी निकलना चाहिये. पहली बार गाय की राजनीति पर सही जवाब मिला है. लोकतंत्र में कौन क्या खाता है ये उसका चुनाव है लेकिन अगर इस पर बीजेपी राजनीति करती है और बेकसूर लोग मारे जाते हैं तो रणनीतिक फैसले समय की मांग है.
Prashant Tandon97,069 views • 4 months ago

खुशखबरी: अरुण पुरी की नफ़रत की दुकान में भारी मंदी है. इन्हें अब लोग देख नहीं रहे हैं. गोदी मीडिया ने 12 साल देश में इतनी नफ़रत फैलाई कि कई बेकसूर लोगों की जानें गई. भविष्य की सरकारों को अरुण पुरी जैसों पर मुकदमा चला कर जेल में डालना चाहिये. वीडियो क्रेडिट meghnad (Nerds ka Parivaar)
Prashant Tandon55,744 views • 2 months ago

संसदीय विपक्ष को इस असमंजस से निकल जाना चाहिये कि ये युवा किसी के कहने पर दिल्ली आ गये. कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के बड़े नेताओं को इन आंदोलनकारी युवाओं से फौरन संवाद स्थापित करना चाहिये, इनके साथ मिल कर आंदोलन को व्यापक बनाना चाहिये. सड़क पर जो छात्र हैं उनका कोई नेता नहीं है.
Prashant Tandon47,207 views • 2 months ago

तृणमूल के भगोड़ों का किसी 'नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी' में तथाकथित विलय 100% गैरकानूनी है. कानून एकदम साफ़ है संसदीय दल अपने आप में पॉलिटिकल पार्टी नहीं है - पार्टी सदन के बाहर भी होती है. सुभाष देसाई Vs प्रिंसिपल सेक्रेटरी महाराष्ट्र सरकार में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने साफ़ किया है 'अलग गट' कुछ नहीं होता है. मर्जर का मतलब है कि तृणमूल कांग्रेस का ममता बनर्जी समेत सभी संसद, विधायक, पदाधिकारी, सभासद इत्यादी, तृणमूल के दफ्तर, वेबसाइट, बैंक अकाउंट, सोशल मीडिया अककाउंट्स सबका 'नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी' में विलय हो गया है. ऐसा हुआ है क्या? भगोड़ों ने संविधान और कानून को मज़ाक समझ रखा है.
Prashant Tandon64,021 views • 3 months ago

रोज रात में जंतर मंतर जाता हूं - एक फर्क देखा. लाठी चार्ज, पेलेट गन और आंसू गैस चलने के बाद जेन ज़ी की माओं ने धरने पर आना शुरु कर दिया है, बहुत गुस्से में हैं. हमारी पीढ़ी तो घरों में पिट कर बड़ी हुई है लेकिन जेन ज़ी को बड़े नाज़ों से पाला जा रहा है जिन पर मोदी ने किलों लगी लाठियां चलवाई हैं.
Prashant Tandon41,377 views • 2 months ago