
Rajat Pandey
@RajatpandeyJF • 10,119 subscribers
Views, Post, Retweets are personal Journalist at https://t.co/iZb5h0jDTf For any Lead Mail at [email protected]
Shorts
Videos

अमूमन मैं ऐसे पोस्ट का रिप्लाई नहीं करता, लेकिन Sanjay sharma जी, अब जवाब देना ज़रूरी हो गया है. 1. ये आरोप सरासर झूठ है कि लल्लनटॉप ने ख़बर के साथ 4 PM का ज़िक्र नहीं किया. लल्लनटॉप शो की क्लिप नीचे अपलोड की है, सुन लीजिए. स्टोरी शाहीन और नफीसा थे, 4 PM नहीं. लेकिन आप अपने पत्रकारों से मारपीट के मामले को 4 PM के मार्केटिंग इवेंट में क्यों तब्दील करना चाहते हैं? क्या इसमें आपका कोई कमर्शियल फायदा है? 2. क्या आप इस घटना की पीड़िता शाहीन से असहमत हैं? क्योंकि शाहीन समझती हैं कि मैं उनके साथ खड़ा रहा. आपसे भी अधिक. 3 सितंबर को 11:45 पर मुझे सूचना मिली. 3 बजे बजे तक शाहीन AIIMS पहुंचीं. 5 मिनट बाद मैं AIIMS के ट्रॉमा सेंटर में था. MLC बनने में 8 बज गए. इन तमाम घंटों के दौरान मैं AIIMS में ही रहा. बतौर पत्रकार जो मदद बन पड़ी, मैंने की. इस दौरान मैं, एक वकील साहब और शाहीन का परिवार एम्स में मौजूद थे. संजय जी, आप वहां नहीं थे. उसके बाद शाहीन-नफीसा के साथ मैं साकेत थाने गया. वहां भी शाहीन के परिवार और मोहल्ले के लोग थे. संजय जी, आप वहां नहीं थे. मैं रात 3 बजे साकेत थाने में रहा. लगातार रिपोर्ट कर रहा था. इसकी पुष्टि शाहीन की इंस्टाग्राम स्टोरी करती है, जिसमें वो मुझे शुक्रिया कह रही हैं. ये क्या बात हुई कि पीड़िता मुझे शुक्रिया कह रही हैं और पीड़िता का संपादक मुझ पर पक्षपाती रिपोर्टिंग का आरोप लगा रहा है? संपादक इस बहाने कहीं अपने ब्रांड को चमकाना तो नहीं चाहता? 3. इसी बीच संजय जी, आपने भी मेरे एक एक्स पोस्ट को रीशेयर करते हुए धन्यवाद लिखा था. शायद तब आप नहीं जानते थे कि मैं लल्लनटॉप का पत्रकार हूं. मेरे लिए शाहीन और नफीसा की सेहत ज़्यादा ज़रूरी थी. लेकिन आपके लिए नफीसा के नाम की स्पेलिंग ज़्यादा ज़रूरी. आपके लिए ये ज़्यादा ज़रूरी था कि इस घटना के बहाने 4 PM का नाम कितनी बार चमक जाए. इस मामले में अभी तक FIR नहीं लिखी गई है. उसके लिए भी आवाज़ उठाते रहेंगे. आपकी तरह प्रेस कांफ्रेंस के बाद घर जाकर नहीं बैठेंगे. जितने वीडियो आप मेरे लिए बनवा रहे उतने FIR करवाने के लिए बनवाते तो बेहतर होता.
Rajat Pandey39,764 görüntüleme • 9 gün önce

कल जंतर-मंतर पर एक बार फिर इरफ़ान से मुलाक़ात हुई. वो वैसा ही था जैसा पहली बार मिला. जंतर मंतर के बाहर दरी बिछाए आंदोलन पर बैठा था. 20 जुलाई की लाठीचार्ज में पुलिस ने उसपर भी लाठियां भांजी. इरफान बताते हैं कि पुलिस ने उनका सिर पैर में फंसा कर मारा. कुर्ता फट गया. चप्पल खो गए. इरफान के पांव में चप्पल नहीं थे. उसे चप्पल भिजवा दिए हैं. लेकिन इरफान के चहरे पर वो मुस्कान थी जो उसे बाकियों से उसे अलग बनाती है. हर बार इरफान से मिलकर अपनी परेशानियां भूल जाता हूं. सोचता हूं ये इतना परेशान होकर भी मुस्कुराता है और हमारे हिस्से तो भगवान ने फिर भी बहुत कुछ दिया है. इरफ़ान की कहानी लाचारी की नहीं हिम्मत की है. अपने संस्थान The Lallantop का बहुत शुक्रगुज़ार हूं कि वो हमें इरफ़ान जैसी कहानियों तक जाने का मौक़ा देते हैं. #cjp #jantarmantar #lathicharge
Rajat Pandey213,434 görüntüleme • 1 ay önce

#delhipolice पर महिला पत्रकरों के साथ मारपीट का आरोप लगा. रात 10 बजे FIR लिखी जाने की शुरुआत हुई. थाने में वकीलों और पत्रकारों की भीड़ बढ़ने लगी. अब पुलिस शिकायत की रिसीविंग देने में देरी कर रही. नाराज़ वकील और पत्रकार साकेत थाने में ही बैठ गए हैं. कोई यहाँ से जाने को तैयार नहीं. आला अधिकारी चुप्पी साधे हैं. भीड़ का सामना सिपाही कर रहे.
Rajat Pandey49,819 görüntüleme • 16 gün önce

जूनियर असिस्टेंट 5512 भर्ती के छात्र एक बार फिर बारिश के बीच #upsssc के दफ्तर और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचें. ये अपना फाइनल रिजल्ट मांग रहे. बीते एक हफ़्ते में आयोग ने 2 पेंडिंग रिजल्ट दे दिए. छात्रों को अब उम्मीद नज़र आने लगी है. उम्मीद है की तमाम पेंडिंग रिजल्ट अब जल्द ही जारी होंगे. तस्वीर बदल जरूर रही है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है. संवाद जरूरी है. #upsssc
Rajat Pandey71,652 görüntüleme • 1 ay önce

#delhipolice पर महिला पत्रकारों को कमरा बंद कर पीटने का आरोप. देर रात तक FIR न लिखी जाने पर साकेत थाने में वकीलों का प्रदर्शन. पहले ACP ने एक्शन लेने का आश्वासन दिया लेकिन अब गायब हैं. न SHO सामने आ रहे और ना ही ACP. महिला पत्रकारों के समर्थन में आए लोग थाने में प्रदर्शन पर बैठ गए हैं.
Rajat Pandey17,043 görüntüleme • 16 gün önce

24 अगस्त का SSC प्रोटेस्ट हमेशा याद रहेगा. बीते कुछ वक्त में मेरे संस्थान The Lallantop ने मुझे बहुत मौके दिए. इस दौरान कई प्रोटेस्ट कवर किए. प्रयागराज में UPPSC का प्रोटेस्ट हुआ तो वहां 4 दिन तक कवरेज की. जब तक आंदोलन खत्म नहीं हो गया. बिहार में हुए BPSC प्रोटेस्ट को भी कवर किया. 25 दिसंबर को पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया. हमने वो भी कवर किया. हमने वो मंजर पूरे देश को दिखाया. लेकिन इस बीच किसी पुलिस अधिकारी ने हमें अपना काम करने से रोका नहीं. लेकिन 24 अगस्त को राम लीला मैदान में प्रोटेस्ट के दौरान जो हुआ उससे जरूर मुझे धक्का लगा. जब दिल्ली के DCP सेंट्रल निधिन वालसन ने पुलिस को निर्देश देते हुए ये कहा कि इनका माइक, कैमरा छिनालो. तो एक पल को ऐसा लगा मानो किसी ने कपड़े उतार दिए हो. क्योंकि एक पत्रकार के लिए उसका माइक ही उसका अभिमान होता है. ये वो तब कर रहे थे जब उन्होंने मेरे साथी Rashid Ali Kazmi का ID कार्ड देखा. उन्होंने कहा डाउट है. जांच होगी वाह....हमने पूछा कि आख़िर क्या जांच होगी? बात में यही अधिकारी कहते हैं हम तो छात्रों को डिटेन कर रहे... गलती से पत्रकारों को डिटेन कर लिया... बड़े-बड़े राजनीतिक मंचों से कई बार सुना था कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है. लेकिन उस दिन उस स्तंभ को भी तार-तार होते देखा. लेकिन उस दौरान एक एहसास और मिला. अपनेपान का. एकजुटता का. अपनों के होने का. जैसे मेरे संस्थान को इसकी जानकारी मिली. सभी ने पूरी ताकत झोंक दी हमारे लिए. ये मेरे लिए गौरव की बात थी मुझ जैसे अड़ने से पत्रकार के लिए मेरे संपादक से लेकर संस्थान के सीनियर्स सब देर रात तक लगे रहे. पल-पल का अपडेट ले रहे थे. सौरभ सर, कुलदीप सर, रजत सर समेत पूरा दफ़्तर हमारे साथ खड़ा था. और इसी से मिली हिम्मत से हम भी डिटेन होने के बाद भी रिपोर्टिंग करते रहे. संस्थान के लोगों से इतर तमाम लोगों ने मोहब्बत दिखाई. लोगों ने एहसास कराया कि हमारा परिवार काफी बड़ा. तमाम लोगों ने कहा आप अच्छा कर रहे. लल्लनटॉप पर पूरा भरोसा है कि वो छात्रों का साथ देगा. और हम यही वादा फिर दोहरा रहे हैं कि चाहे डिटेन हों, चाहे दबाव पड़े लल्लनटॉप हमेशा छात्रों के हितो के साथ आपको खड़ा मिलेगा. एक बात और पुलिस को ये भी समझना होगा कि वो पत्रकारों को उनका काम करने से नहीं रोक सकती. मोहब्बत जिंदाबाद ❤️ #ssc_protest #SSCProtest #Lallantop
Rajat Pandey51,341 görüntüleme • 1 yıl önce

नीतीश जब छोटे थे तभी पिता का देहांत हो गया. मां ने नीतीश को 12वीं के बाद पढ़ाई के लिए दिल्ली भेजा. 21 साल की उम्र पहली बार BPSC का एग्जाम क्लियर कर इंटरव्यू दिया. लेकिन बात नहीं बनी. 9 अटेम्प्ट, 5 इंटरव्यू और दिए. एग्जाम नहीं क्लियर हुआ. इस सबके बीच मां से बात कम होने लगी. नीतीश कहते हैं 'अब मां से नज़र मिलाने की हिम्मत नहीं होती.' ये कहानी सिर्फ़ एक नीतीश की नहीं है. #BPSC #BPSC70th #BPSCStudentsProtest #lallantop
Rajat Pandey60,646 görüntüleme • 1 yıl önce

ये वीडियो नहीं हमारे देश की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर है. प्राइवेटाइजेशन का मंत्र जपने वालों को ये तस्वीर जरूर देखनी चाहिए. वीडियो रांची के एक अस्पताल का है. बताया जा रहा कि पैर में फ्रैक्चर था. आरोप है कि अस्पताल वालों ने 2-3 दिन तक ड्रेसिंग नहीं की. इन्फेक्शन पूरे शरीर में फेल गया. ICU में शिफ्ट किया. पेशेंट की मौत हो गई. अस्पताल ने बिल बनाया 22 लाख का. ऐसा परिजनों का आरोप है. आरोप ये भी है कि परिवारवालों ने जब हंगामा किया तो अस्पताल वाले परिजनों को ही धमकाने लगे. Hemant Soren Office of Chief Minister, Jharkhand CMO JHARKHAND Jharkhand Police DGP Jharkhand
Rajat Pandey10,638 görüntüleme • 2 ay önce

ये उनका दर्द है जिन्होंने 2021 की राजस्थान SI भर्ती मेहनत से क्लियर की थी. ये उनका दर्द है जो केंद्र सरकार की नौकरी छोड़ SI बनने के लिए आए थे. लेकिन अब 4 साल बाद हाई कोर्ट ने SI भर्ती रद्द करदी है. ये सब पूछ रहे आख़िर इनकी गलती क्या है? ये तो पेपर लीक में शामिल नहीं थे. इनका इंसाफ कौन करेगा? इनके 4 सालों की भरपाई कैसे होगी? राजस्थान #SI_भर्ती_2021 का एक पक्ष ये भी है. Bhajanlal Sharma CMO Rajasthan #SI_भर्ती_2021 #Rajasthan
Rajat Pandey30,535 görüntüleme • 1 yıl önce

तेज बारिश के बीच भी SSC के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों का आंदोलन जारी है. #SSCProtest #sscprotest2025 #SSC
Rajat Pandey19,164 görüntüleme • 1 yıl önce

BPSC के खिलाफ छात्रों की नाराज़गी जारी है. आज जब इसी मामले से जुड़ा ज्ञापन लेकर छात्र बिहार बीजेपी के दफ्तर पहुंचे तो जो हुआ वो आपके सामने है. छात्रों का कहना है कि उनके कुछ साथियों को पुलिस ने डिटेन किया है जिन्हें अभी तक छोड़ा नहीं गया. #BPSC #bpscprotest #bpsc70th
Rajat Pandey16,146 görüntüleme • 1 yıl önce
Daha fazla içerik yok.