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Ravindra Upadhyay

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लाइन लगाओ... इनके ख़्वाबों में एंट्री शुरू हो गई है।

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कैब में बैठी एक लड़की फोन पर किसी से बात कर रही थी, और बातचीत कुछ ऐसी थी लड़की: "तुम्हारे जाते ही वो भी मुझे छेड़ेगा... वो भी मुझे छेड़ेगा... मैं ऐसी सिचुएशन में नहीं जाना चाहती यार।" लड़की: "मैं वॉशरूम गई तो वो बोलता है, 'सुनो ना, मेरी गर्दन में बहुत दर्द हो रहा है, थोड़ा मसाज कर देना... चलो, मैं भी आता हूँ वहाँ।'" लड़की: "मैंने कहा, जो भी हो, तुम्हारे सामने ही हो..." लड़की: "मेरे पास तीन ऑप्शंस हैं... और तीनों का मैं नहीं कर सकती..." आजकल लोगों की निजी बातचीत भी सफर का हिस्सा बन जाती है। ड्राइवर बेचारा सिर्फ गाड़ी चलाने निकलता है, लेकिन कई बार ऐसी बातें भी उसके कानों तक पहुँच जाती हैं जिनसे उसका कोई लेना-देना नहीं होता। आपको क्या लगता है, ऐसी स्थिति में ड्राइवर क्या करे?

Ravindra Upadhyay

442,168 次观看 • 1 个月前

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हितेश लखानी नाम के एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया के लिए कलेक्टरेट कार्यालय, इंदौर (मध्य प्रदेश) गए थे। उन्होंने लगभग 1.5 घंटे इंतज़ार किया। जब उन्होंने विनम्रता से पूछा कि अभी और कितना समय लगेगा, तो उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया गया, जबकि स्टाफ का एक सदस्य इंस्टाग्राम स्क्रॉल करने में व्यस्त था। इसके बाद हितेश लखानी नाम के उस व्यक्ति ने वही सवाल पूछने के लिए दूसरे अधिकारी के पास गए। इससे पहले कि वे अपनी बात पूरी कर पाते, एक महिला पुलिस अधिकारी उनके पास आई और बोली: "चुपचाप बैठ जा, बक-बक मत कर। एक थप्पड़ मारूँगी, कुछ नहीं कर पाएगा।" हितेश लखानी न तो चिल्ला रहे थे और न ही कोई हंगामा कर रहे थे। वे केवल धैर्यपूर्वक इंतज़ार करने के बाद जानकारी पूछ रहे थे। सम्मान इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि आप कौन हैं या कहाँ हैं। हर नागरिक के साथ गरिमा और सम्मान से व्यवहार किया जाना चाहिए। यह वीडियो इसलिए साझा किया जा रहा है क्योंकि चुप्पी ऐसे व्यवहार को जारी रहने देती है। उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस मामले की जाँच करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि किसी और को ऐसा अनुभव न झेलना पड़े। Collector Indore Chief Minister, MP Dr Mohan Yadav Shankar Lalwani Pushyamitra Bhargav

Ravindra Upadhyay

224,369 次观看 • 1 个月前

भारतीय रेलवे या गुंडागर्दी का अड्डा? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर ट्रेन के अंदर IRCTC कैटरिंग स्टाफ एक शख्स के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। यात्रियों की अक्सर शिकायत रहती है कि ट्रेन में ₹10 की चाय ₹20 में, ₹14 की पानी की बोतल ₹20 में, और ₹80 की निर्धारित थाली ₹120 से ₹200 तक बेची जाती है। ऐसे आरोपों के बीच अगर कर्मचारियों पर मारपीट जैसे गंभीर आरोप भी सामने आएं, तो यह यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। रेल मंत्रालय और IRCTC को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। आपकी क्या राय है? क्या रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है?
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भारतीय रेलवे या गुंडागर्दी का अड्डा? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर ट्रेन के अंदर IRCTC कैटरिंग स्टाफ एक शख्स के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। यात्रियों की अक्सर शिकायत रहती है कि ट्रेन में ₹10 की चाय ₹20 में, ₹14 की पानी की बोतल ₹20 में, और ₹80 की निर्धारित थाली ₹120 से ₹200 तक बेची जाती है। ऐसे आरोपों के बीच अगर कर्मचारियों पर मारपीट जैसे गंभीर आरोप भी सामने आएं, तो यह यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। रेल मंत्रालय और IRCTC को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। आपकी क्या राय है? क्या रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है?

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107,052 次观看 • 1 个月前

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ट्रेन संख्या 12281 (Duronto Express) से गया से दिल्ली जा रही एक महिला यात्री (कोच S6, सीट 7) का रात लगभग 1:00–1:30 बजे पर्स चोरी हो गया। पर्स में उनके बेटे गोपाल की पढ़ाई और परिवार के लिए रखे लगभग ₹4–5 लाख के गहने थे। RPF में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस सहायता नहीं मिली है। यह सिर्फ गहनों का मामला नहीं, बल्कि एक परिवार की मेहनत और बेटे के भविष्य से जुड़ा मामला है। सभी X यूज़र्स से विनम्र अपील है कि कृपया इस पोस्ट को अधिक से अधिक रीपोस्ट करें ताकि यह मामला रेलवे प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक जल्द पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। माननीय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा है। Ministry of Railways Ashwini Vaishnaw RPF INDIA Central Railway RPF DLI Division NR @drm_gaya RailwaySeva

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112,043 次观看 • 2 个月前

एक माँ की मौत हो गई... लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। 12 जुलाई 2026 को ट्रेन संख्या 12216 गरीब रथ सुपरफास्ट (बांद्रा–दिल्ली सराय रोहिल्ला) में सफर के दौरान एक महिला की तबीयत बिगड़ गई। समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिलने से उनकी मृत्यु हो गई। सहयात्रियों ने टीटीई से कई बार अनुरोध किया कि ट्रेन को नज़दीकी स्टेशन पर रोक दिया जाए ताकि एंबुलेंस से महिला को अस्पताल पहुँचाया जा सके, लेकिन आरोप है कि अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। महिला ने यात्रा के दौरान ही दम तोड़ दिया। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि उनके साथ सफर कर रहा 18 वर्षीय बेटा लंबे समय तक यही समझता रहा कि उसकी माँ सिर्फ बेहोश हुई हैं। अब ज़रूरत है निष्पक्ष और गहन जांच की, ताकि यह पता चल सके कि रेलवे कर्मचारियों ने आपातकालीन प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं, और क्या इस हादसे को टाला जा सकता था। आखिर इस मौत की जिम्मेदारी किसकी होगी?
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एक माँ की मौत हो गई... लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। 12 जुलाई 2026 को ट्रेन संख्या 12216 गरीब रथ सुपरफास्ट (बांद्रा–दिल्ली सराय रोहिल्ला) में सफर के दौरान एक महिला की तबीयत बिगड़ गई। समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिलने से उनकी मृत्यु हो गई। सहयात्रियों ने टीटीई से कई बार अनुरोध किया कि ट्रेन को नज़दीकी स्टेशन पर रोक दिया जाए ताकि एंबुलेंस से महिला को अस्पताल पहुँचाया जा सके, लेकिन आरोप है कि अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। महिला ने यात्रा के दौरान ही दम तोड़ दिया। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि उनके साथ सफर कर रहा 18 वर्षीय बेटा लंबे समय तक यही समझता रहा कि उसकी माँ सिर्फ बेहोश हुई हैं। अब ज़रूरत है निष्पक्ष और गहन जांच की, ताकि यह पता चल सके कि रेलवे कर्मचारियों ने आपातकालीन प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं, और क्या इस हादसे को टाला जा सकता था। आखिर इस मौत की जिम्मेदारी किसकी होगी?

Ravindra Upadhyay

17,446 次观看 • 1 个月前

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