
Rubika Liyaquat
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Tv Journalist. Heart belongs to Udaipur,Rajasthan. Soul to India. Life to humanity.
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राजस्थान की हूँ… क्षत्राणियों के लिए सम्मान क्या है- समझती हूँ।बचपन से जौहर की कहानियाँ सुनते आई हूँ.. जब कोई जौहर को सीधे-सीधे “कायरता” कह देता है, तो बात चुभती है। आप सहमत मत होइए, सवाल कीजिए, बहस कीजिए… लेकिन बिना पूरा इतिहास समझे वीरांगनाओं के फ़ैसले को कायर कह देना असल में कायरता है।
Rubika Liyaquat189,890 次观看 • 1 天前

मीडिया के ख़िलाफ़ फैलाई नफ़रत में ख़ुद ही फँसते हुए देख कर दुख हुआ। वो तो शुक्र है मास्क वाले ‘सिपाहियों’ का कि कुछ अनहोनी नहीं हुई। वो कौन सा दोहा है? करता था सो क्यों किया, अब करि क्यों पछताय। बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥ कहाँ गया वो नफ़रती कीड़ा जिसकी देन है ये नफ़रत? उसने अजीत जी का कुशल मंगल जाना के नहीं?
Rubika Liyaquat948,791 次观看 • 1 个月前

रचनात्मक कांग्रेस के मंच पर किसी महिला को लेकर की गई टिप्पणी फूहड़ता नहीं तो और क्या है? राहुल जी, आपने भी साबित कर ही दिया कि मुद्दा कोई भी हो… दुश्मन कोई भी हो… औरत को हथियार बनाकर, उसके सम्मान को ठेस पहुँचाकर, उस पर गैरज़रूरी टिप्पणी करके अपनी ego satisfy करना कितना आसान है। आपके पास मुद्दों की कोई कमी नहीं थी। प्रधानमंत्री मोदी जी को घेरने के लिए बहुत कुछ था। उनके काम पर सवाल करते, उनकी नीतियों पर सवाल करते, उनके फैसलों पर सवाल करते। लेकिन आपने और आपके मित्र नेता ने चुना सबसे आसान रास्ता…एक महिला पर फूहड़ टिप्पणी करना। क्यों? क्योंकि महिला को निशाना बनाना शायद मुद्दे पर लड़ने से आसान है। और यक़ीन मानिए, सबसे हैरानी की बात ये है कि इस पर कोई मलाल भी नहीं होगा।
Rubika Liyaquat199,736 次观看 • 20 天前

IIT के डायरेक्टर का संसद में मज़ाक उड़ाया गया “गौमूत्र विशेषज्ञ है उन्हें क्या पता शिक्षा के बारे में” इतनी घृणा कि पूरी पहचान को एक तंज में समेट दिया जाए ? प्रियंका जी का भाषण लिखने वालों ने प्रो. कामकोटि के प्रोफ़ाइल का प भी पढ़ा? प्रोफ़ेसर कामकोटि IIT मद्रास के डायरेक्टर हैं कंप्यूटर साइंस में M.S. और Ph.D. की है 150 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय रिसर्च पेपर लिखे हैं प्रो. कामकोटि ने उस टीम के हेड रहे जिसने SHAKTI..भारत का पहला स्वदेशी इंडस्ट्रियल-ग्रेड माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया। यानी ऐसी चिप, जिससे रक्षा, संचार और दूसरी अहम तकनीकों के लिए भारत की विदेशी प्रोसेसरों पर निर्भरता कम हो सके।
Rubika Liyaquat361,939 次观看 • 1 个月前

जो तुम्हारी कथा दोहराए वो स्वतंत्र…जो ज़मीन का सच दिखाए, वो “गोदी” आंदोलन तब तक ही जनांदोलन रहता है, जब तक वह असहमति और स्वतंत्र पत्रकारिता…दोनों का सम्मान करता है। जिस दिन कैमरे से डर लगने लगे, उस दिन आत्ममंथन आंदोलन को करना चाहिए, पत्रकार को नहीं…. आज मेरी सहयोगी के साथ जो हुआ, वह केवल एक पत्रकार के साथ अभद्रता नहीं है वह उस लोकतांत्रिक संस्कृति पर हमला है जिसमें पत्रकार का काम घटनास्थल से सच दिखाना होता है न कि किसी पहले से निर्धारित पटकथा का हिस्सा बनना।
Rubika Liyaquat376,279 次观看 • 1 个月前

न्यूज़ की पाठशाला में हमने फ़ैसला किया था कि हम गाली देने वाले किसी भी बच्चे की तस्वीर नहीं दिखाएँगे। ये एक conscious decision था.. वजह साफ़ थी कि कल को जब वो protest की दुनिया से इतर निकलें तो embarrass न होना पड़े जग उनकी तस्वीरें दिखा रहा था लेकिन न्यूज़ की पाठशाला नहीं।
Rubika Liyaquat237,141 次观看 • 1 个月前

