
रुद्रभक्त
@Rudrabhakt_JB • 4,366 subscribers
स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्याय्येन मार्गेण महीं महीशाः। गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु॥ #BrahmanVadi #Manuvadi 🔥
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सुप्रीम कोर्ट में UGC की hearing लीक हो गयी हैं .....🤭🤓 #UGC_RollBack
रुद्रभक्त76,175 görüntüleme • 6 ay önce

पॉडकास्ट के बीच मे राजकुमार भाटी झूठ बोलते पकड़ा गया..😂🔥 "मैने कभी नही बोला जिन्ना सेक्युलर था अभी दिखाओ मुझे क्लिप, तुम पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर पॉडकास्ट कर रहे हो" ऐसा कहना था राजकुमार भाड़ी का, इतने में पत्रकार ने क्लिप चला दिया और भाड़ी का झूठ एक्सपोज कर दिया।😂👇
रुद्रभक्त46,904 görüntüleme • 3 ay önce

Indian Gvt like🤡 Sc / St / Obc : "तुमसे बैर नहीं...😐" General Category: "तुम्हारी खैर नहीं..."।💀 #UGC_RollBack
रुद्रभक्त47,634 görüntüleme • 6 ay önce

दामोदर जैसे 500 आए… 500 चले गए अगर दामोदर में सच में दम है तो सामने आ जाए 😂 अनिल मिश्र जी ने एक ही बयान में दामोदर यादव के राजनीतिक प्रोपेगैंडा की हवा निकाल दी है 🔥 जो दामोदर और सुनील अस्तेय ग्वालियर प्रशासन को 14 मार्च तक मूर्ति लगाने की धमकी दे रहे थे, उन्हें साफ कह दिया गया है — मूर्ति की बात छोड़… दम हो तो ग्वालियर हाई कोर्ट आकर दिखाओ! 👇👇 #Feb1BharatBandAgainstUGC
रुद्रभक्त32,309 görüntüleme • 6 ay önce

"कैलाश पासवान को हम बचपन से जानते हैं। करीब 10 साल तक काम करता रहा ― हमारे घर पर रहता था, खाता-पीता था, गाय का चारा डालता था, घर के काम करता था।" मेरा बेटा उसे अपने साथ केरल ले गया था। अब केरल में जाकर एक ही बात ―"पैसा दो, पैसा दो।" ये कोई बात हुवा? ये कहना है SC―ST केस में मुख्य आरोपी में से एक हेमंत झा की माता जी का। ये सीधा कृतघ्नता का मामला दिखता हैं, ग्रामीण व्यवहार में ऐसा होता है कि आवश्यकता पड़ने पर एक-दूसरे के घर आवाजाही होती है लेकिन कैलाश पासवान ने दुर्भावना के चलते किसी बात का फायदा उठाकर SC ST Act के ढाल में पूरे गांव को फंसाने की चाल चल दी। बाकी पुलिस के जांच में पता लग ही जायेगा!! ये कौन-सा कानून हैं?🤔 ये कौन- सा न्याय हैं?🤔 ये बेहद गम्भीर सवाल है।😔 #SaveDarbhangaBrahmins
रुद्रभक्त23,034 görüntüleme • 6 ay önce

SC/ST एक्ट पर एक जरूरी जानकारी ..👇👇 सुप्रीम कोर्ट (Hitesh Verma केस) के अनुसार, जातिसूचक अपमान तभी अपराध माना जाएगा जब वह public view (सार्वजनिक दृष्टि) में हो। घर के अंदर निजी बहस, बिना स्वतंत्र गवाह के, आमतौर पर इस एक्ट में नहीं आती। सुनिये एडवोकेट हिमांशु तिवारी को...⬇️✅
रुद्रभक्त16,519 görüntüleme • 5 ay önce