
Santosh Patel DSP
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DSP Santosh Patel From Panna MP Working SDOP Behat Gwalior MP Police
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वर्दी जब माँ की ममता का फ़र्ज़ निभाती है तो सबके मुँह से यही निकलता है कि पुलिस हो तो ऐसी…asi सोनिया पटेल ने सड़क किनारे रह रही महिला की मृत्यु होने पर सोलह श्रृंगार कर अंतिम संस्कार करवाया उसके बाद बच्चे को माँ की गोद का एहसास करवाया। mpolice की मानवीय संवेदनाओं के लिए जय हिंद
Santosh Patel DSP76,455 просмотров • 15 дней назад

सलमान ख़ान से भोपाल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के समय मुलाक़ात हुई थी। ये हमारी भावनाओं को समझकर फ्री में सब्ज़ी दे दिया करते थे।14 साल बाद जब अचानक मिले तो दोनों बहुत खुश हुए।बुरे समय में साथ निभाने वाले को भूल जाना किसी पाप से कम नहीं।बंदे में एक दोष न हो, बंदा ऐहसान फ़रामोश न हो
Santosh Patel DSP549,618 просмотров • 1 год назад

पिता बोले गाँव वापस आ जाओ और भैंस चराओ लेकिन ब्याज में फ़ीस लेकर MTech करने इंदौर पहुँचा तो क़िलेदार सर कड़क प्रोफेसर मिले जिन्होंने कविताओं के कारण कॉलेज से भगवा दिया।10 वर्ष बाद मिठाई लेकर चरण छूने घर गया तो गुरु ने कविता सुनाई इसी को कहते हैं जो भी होता है अच्छे के लिये होताहै
Santosh Patel DSP463,396 просмотров • 1 год назад

बीच सड़क में कुर्सी डाले बैठे गाँव के दो व्यक्ति..जिनकी बदौलत कोई भी जनहानि नहीं हुई।मुख्य सड़क का नाला लगातार 24 घंटे उफान पर था लेकिन बिना वर्दी की मौजूदगी के राहगीरों को सही व उचित मार्गदर्शन देने का काम करने वाले महानुभावों को प्रणाम। जनसेवा का भाव गांवों को खूबसूरत बनाता है
Santosh Patel DSP295,709 просмотров • 1 год назад

IPS और DSP के जेब में भी पैसे नहीं होते क्योंकि आजकल मोबाइल के अंदर होते हैं, जालसाजों की नजर मोबाइल को हैक कर पैसे उड़ाने।खाता को सुरक्षित रखने साइबर फ्रॉड से बचने के लिए बालाघाट एसपी श्री आदित्य मिश्रा सर ने बताया कि 1930 में फ़ोन न लगे तो में एंट्री करे
Santosh Patel DSP59,961 просмотров • 3 месяцев назад

एक युवक की बाइक में केक टंगा था और इसी मोड़ में घायल पड़ा था। जब उठाकर अस्पताल भेजा तो पता चला कि मॉल से नौकरी कर बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए गाँव वापस जा रहा था। उस दिन दो कमियाँ दिखी थीं एक उसके पास हेलमेट नहीं थी और दूसरी झाड़ियों के वजह से वाहन दिखाई नहीं दिया वरना जान बचती
Santosh Patel DSP317,313 просмотров • 1 год назад

छूआछूत की विदाई-आकाश सफ़ाई करने आता था। शुरुआत में बर्तनों से पानी भी नहीं पीता था लेकिन साथ में खाया तो बेटे के लिए हलुआ,पराठे लाने लगा औ सफ़ाई से भाई की फीलिंग चालू हुई।यदि सम्मान न करता तो ख़ुदा पूछता कि तुम्हें तुम्हारे काम का सम्मान मिला लेकिन तुमने उसके काम को काम नहीं समझा
Santosh Patel DSP264,369 просмотров • 1 год назад

मोबाइल को कभी भी गहन या गारंटी के रूप में न रखें अन्यथा जेल जाने का रास्ता खुल सकता है। चोरी का मोबाइल लेकर आते हैं और मोबाइल को रखकर उधार पैसे ले जाते हैं। उसके बाद पैसे लौटाने नहीं आते और हम मोबाइल चलाते हैं तो पुलिस पकड़ने आ जाती है। CEIR Portal का उपयोग करें
Santosh Patel DSP167,478 просмотров • 1 год назад

पत्नी की मृत्यु के बाद SI मानसिक डिस्टर्ब हुआ और 40 साल से गुम रहा जिसका इकलौता बेटा पिता को मृत मान चुका था लेकिन फेसबुक के एक वीडियो से पिता पुत्र मिल गए। अनाथ बेटा बैतूल से महाराष्ट्र में शिफ्ट हो गया था..पिता के चरण छूकर भावुक हो गया। रील ऐसी बनाओ जो रिश्ते बनाये न कि तोड़े।
Santosh Patel DSP171,353 просмотров • 1 год назад

पुलिस की गाड़ी देख डर गयीं कि कहीं फँसा न दें।ईंट भट्ठों की ज़िंदगी शिक्षा से बहुत दूर रहती है। ये हमारे गाँव तरफ़ के लोग हैं जिनके साथ ख़ुशी के पल बिताए और उन्हें ऐह्सास करवाया कि हमारा बचपन भी ऐसे ही ईंट के फड़ों में बीता लेकिन ज़्यादा समय स्कूल में दिया इसलिए कुछ ख़ास कर पाये।
Santosh Patel DSP314,047 просмотров • 2 лет назад

मेरे गाँव में अहिरवार समाज का पहला लड़का जो पढ़ाई के बाद सरकारी सेवा में चयनित हुआ। पुलिस सिपाही बनने के बाद उसे सम्मान मिलेगा इसलिए लड़के को सम्मान न देकर उसके माता पिता को सम्मानित किया ताकि दूसरे पैरेंट्स भी प्रेरणा लें एयर अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल दें।
Santosh Patel DSP206,020 просмотров • 1 год назад

ये सलमान भाई के घर का वीडियो है। उन्हें मानव व मीडिया से जो सम्मान मिल रहा है वो ज़िंदगी की सबसे बड़ी ख़ुशी के जैसा लग रहा है। अगर कुछ देने लायक़ हों तो देते रहना चाहिए क्योंकि ये दुनिया एक दिन कई गुना लौटाती है।दुआ है कि आपकी सब्ज़ी हमेशा हरी रहे और ज़िंदगी ख़ुशियों से भरी रहे।
Santosh Patel DSP202,055 просмотров • 1 год назад

14 वर्ष पुराने साइकिल मित्र भोजराज यादव जी से शादी में मुलाकात हुई जहां वो 40 वर्ष की उम्र में 40 किलोमीटर साइकिल चलाकर आये थे उनकी इच्छा थी कि मैं एक बार उनकी साइकिल में बैठूँ छोटी छोटी ख्वाहिशें बड़ी-बड़ी खुशियाँ लाती हैं, दोस्तों की दुआयें ज़िंदगी को सदाबहार बनाती हैं।
Santosh Patel DSP326,067 просмотров • 3 лет назад

एक दिव्यांग जो शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम है और वह दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेने अपने पिता के साथ आया हुआ था। देखिए उसके हौंसले और पिता का बच्चों के प्रति समर्पण जिसे कंधे में उठाकर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में ले जाते हैं। #Divyang #दिव्यांग #सामाजिक_न्याय #SocialJustice #DSP
Santosh Patel DSP332,107 просмотров • 3 лет назад