
Santosh Patel DSP
@Santoshpateldsp • 35,663 subscribers
DSP Santosh Patel From Panna MP Working SDOP Behat Gwalior MP Police
Shorts
Videos

वर्दी जब माँ की ममता का फ़र्ज़ निभाती है तो सबके मुँह से यही निकलता है कि पुलिस हो तो ऐसी…asi सोनिया पटेल ने सड़क किनारे रह रही महिला की मृत्यु होने पर सोलह श्रृंगार कर अंतिम संस्कार करवाया उसके बाद बच्चे को माँ की गोद का एहसास करवाया। mpolice की मानवीय संवेदनाओं के लिए जय हिंद
Santosh Patel DSP76,455 görüntüleme • 15 gün önce

सलमान ख़ान से भोपाल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के समय मुलाक़ात हुई थी। ये हमारी भावनाओं को समझकर फ्री में सब्ज़ी दे दिया करते थे।14 साल बाद जब अचानक मिले तो दोनों बहुत खुश हुए।बुरे समय में साथ निभाने वाले को भूल जाना किसी पाप से कम नहीं।बंदे में एक दोष न हो, बंदा ऐहसान फ़रामोश न हो
Santosh Patel DSP549,618 görüntüleme • 1 yıl önce

पिता बोले गाँव वापस आ जाओ और भैंस चराओ लेकिन ब्याज में फ़ीस लेकर MTech करने इंदौर पहुँचा तो क़िलेदार सर कड़क प्रोफेसर मिले जिन्होंने कविताओं के कारण कॉलेज से भगवा दिया।10 वर्ष बाद मिठाई लेकर चरण छूने घर गया तो गुरु ने कविता सुनाई इसी को कहते हैं जो भी होता है अच्छे के लिये होताहै
Santosh Patel DSP463,396 görüntüleme • 1 yıl önce

बीच सड़क में कुर्सी डाले बैठे गाँव के दो व्यक्ति..जिनकी बदौलत कोई भी जनहानि नहीं हुई।मुख्य सड़क का नाला लगातार 24 घंटे उफान पर था लेकिन बिना वर्दी की मौजूदगी के राहगीरों को सही व उचित मार्गदर्शन देने का काम करने वाले महानुभावों को प्रणाम। जनसेवा का भाव गांवों को खूबसूरत बनाता है
Santosh Patel DSP295,709 görüntüleme • 1 yıl önce

IPS और DSP के जेब में भी पैसे नहीं होते क्योंकि आजकल मोबाइल के अंदर होते हैं, जालसाजों की नजर मोबाइल को हैक कर पैसे उड़ाने।खाता को सुरक्षित रखने साइबर फ्रॉड से बचने के लिए बालाघाट एसपी श्री आदित्य मिश्रा सर ने बताया कि 1930 में फ़ोन न लगे तो में एंट्री करे
Santosh Patel DSP59,961 görüntüleme • 3 ay önce

एक युवक की बाइक में केक टंगा था और इसी मोड़ में घायल पड़ा था। जब उठाकर अस्पताल भेजा तो पता चला कि मॉल से नौकरी कर बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए गाँव वापस जा रहा था। उस दिन दो कमियाँ दिखी थीं एक उसके पास हेलमेट नहीं थी और दूसरी झाड़ियों के वजह से वाहन दिखाई नहीं दिया वरना जान बचती
Santosh Patel DSP317,313 görüntüleme • 1 yıl önce

छूआछूत की विदाई-आकाश सफ़ाई करने आता था। शुरुआत में बर्तनों से पानी भी नहीं पीता था लेकिन साथ में खाया तो बेटे के लिए हलुआ,पराठे लाने लगा औ सफ़ाई से भाई की फीलिंग चालू हुई।यदि सम्मान न करता तो ख़ुदा पूछता कि तुम्हें तुम्हारे काम का सम्मान मिला लेकिन तुमने उसके काम को काम नहीं समझा
Santosh Patel DSP264,369 görüntüleme • 1 yıl önce

मोबाइल को कभी भी गहन या गारंटी के रूप में न रखें अन्यथा जेल जाने का रास्ता खुल सकता है। चोरी का मोबाइल लेकर आते हैं और मोबाइल को रखकर उधार पैसे ले जाते हैं। उसके बाद पैसे लौटाने नहीं आते और हम मोबाइल चलाते हैं तो पुलिस पकड़ने आ जाती है। CEIR Portal का उपयोग करें
Santosh Patel DSP167,478 görüntüleme • 1 yıl önce

पत्नी की मृत्यु के बाद SI मानसिक डिस्टर्ब हुआ और 40 साल से गुम रहा जिसका इकलौता बेटा पिता को मृत मान चुका था लेकिन फेसबुक के एक वीडियो से पिता पुत्र मिल गए। अनाथ बेटा बैतूल से महाराष्ट्र में शिफ्ट हो गया था..पिता के चरण छूकर भावुक हो गया। रील ऐसी बनाओ जो रिश्ते बनाये न कि तोड़े।
Santosh Patel DSP171,353 görüntüleme • 1 yıl önce

पुलिस की गाड़ी देख डर गयीं कि कहीं फँसा न दें।ईंट भट्ठों की ज़िंदगी शिक्षा से बहुत दूर रहती है। ये हमारे गाँव तरफ़ के लोग हैं जिनके साथ ख़ुशी के पल बिताए और उन्हें ऐह्सास करवाया कि हमारा बचपन भी ऐसे ही ईंट के फड़ों में बीता लेकिन ज़्यादा समय स्कूल में दिया इसलिए कुछ ख़ास कर पाये।
Santosh Patel DSP314,047 görüntüleme • 2 yıl önce

मेरे गाँव में अहिरवार समाज का पहला लड़का जो पढ़ाई के बाद सरकारी सेवा में चयनित हुआ। पुलिस सिपाही बनने के बाद उसे सम्मान मिलेगा इसलिए लड़के को सम्मान न देकर उसके माता पिता को सम्मानित किया ताकि दूसरे पैरेंट्स भी प्रेरणा लें एयर अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल दें।
Santosh Patel DSP206,020 görüntüleme • 1 yıl önce

ये सलमान भाई के घर का वीडियो है। उन्हें मानव व मीडिया से जो सम्मान मिल रहा है वो ज़िंदगी की सबसे बड़ी ख़ुशी के जैसा लग रहा है। अगर कुछ देने लायक़ हों तो देते रहना चाहिए क्योंकि ये दुनिया एक दिन कई गुना लौटाती है।दुआ है कि आपकी सब्ज़ी हमेशा हरी रहे और ज़िंदगी ख़ुशियों से भरी रहे।
Santosh Patel DSP202,055 görüntüleme • 1 yıl önce

14 वर्ष पुराने साइकिल मित्र भोजराज यादव जी से शादी में मुलाकात हुई जहां वो 40 वर्ष की उम्र में 40 किलोमीटर साइकिल चलाकर आये थे उनकी इच्छा थी कि मैं एक बार उनकी साइकिल में बैठूँ छोटी छोटी ख्वाहिशें बड़ी-बड़ी खुशियाँ लाती हैं, दोस्तों की दुआयें ज़िंदगी को सदाबहार बनाती हैं।
Santosh Patel DSP326,067 görüntüleme • 3 yıl önce

एक दिव्यांग जो शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम है और वह दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेने अपने पिता के साथ आया हुआ था। देखिए उसके हौंसले और पिता का बच्चों के प्रति समर्पण जिसे कंधे में उठाकर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में ले जाते हैं। #Divyang #दिव्यांग #सामाजिक_न्याय #SocialJustice #DSP
Santosh Patel DSP332,107 görüntüleme • 3 yıl önce