
SHUBHAM REWAR
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Student leader Rajasthan University (NFU)
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आज राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर मेरे द्वारा पिछले 6 दिन से दिए जा रहे धरने की मांगों को CJP राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका जी ने पूर्ण रूप से समर्थन दिया, साथियों मैं पिछले 6 दिन से राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव करवाई जाने एवं राजस्थान के विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा का नियमित विभाग खोलने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हूँ। Ashutosh Ranka #Rajasthanuniversity
SHUBHAM REWAR100,236 次观看 • 2 个月前

राज्यपाल के कार्यक्रम से एक दिन पहले आधी रात को मेरे घर पहुंची पुलिस कल डीडवाना शहर में राज्यपाल का कार्यक्रम प्रस्तावित है। पुलिस को आशंका है कि मैं कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन कर सकता हूँ। इसी आशंका के चलते आज रात करीब 12 बजे पुलिस मेरे घर पहुंची और मुझे थाने ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। मैं सवाल पूछना चाहता हूँ—क्या किसी संभावित शांतिपूर्ण विरोध की आशंका मात्र के आधार पर आधी रात को किसी के घर पहुंचकर उसे थाने ले जाना उचित है? लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना और अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना नागरिकों का अधिकार है। अगर मेरे द्वारा कोई कानून-विरोधी गतिविधि नहीं की गई है, तो केवल आशंका के आधार पर इस तरह की कार्रवाई क्यों? मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मैं शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार के साथ खड़ा हूँ। डराने से आवाज़ नहीं दबेगी। लोकतंत्र में सवाल पूछना हमारा अधिकार है। 🇮🇳
SHUBHAM REWAR43,374 次观看 • 1 个月前

आज मैं जयपुर स्थित राजकीय विद्यालय में गया और वहाँ की जमीनी हकीकत आप सभी के सामने रखी। राजस्थान के शिक्षा विभाग के नए निर्देशों के अनुसार सरकारी स्कूलों में फोटो, वीडियो या इंटरव्यू के लिए अनुमति की व्यवस्था की गई है। मैं इस व्यवस्था का कड़ा विरोध करता हूँ। अगर सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाएँ अच्छी हैं, तो उन्हें जनता के सामने आने से डर कैसा? आज जो स्थिति मैंने यहाँ देखी, वह मैंने आपको दिखाई है। सवाल सिर्फ एक स्कूल का नहीं है—सवाल हमारे बच्चों की शिक्षा, हमारे सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और जवाबदेही का है। मैं राजस्थान के युवाओं से अपील करता हूँ—डरिए मत। अपने गाँव में जाइए, अपनी ढाणी में जाइए, अपने शहर में जाइए। सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति देखिए, जिम्मेदारी और कानून का सम्मान करते हुए जो तथ्य सामने हों, उन्हें जनता के सामने रखिए। युवा डरने वाला नहीं है। युवा सवाल पूछेगा। और अगर इस सच्चाई को सामने रखने पर मुकदमे की बात आती है, तो सबसे पहला मुकदमा मेरे ऊपर दर्ज करो। मैं देखना चाहता हूँ कि सरकार कितने मुकदमे दर्ज करती है। व्यवस्था में कमी है तो उसे छिपाना समाधान नहीं है— उसे सुधारना ही असली जिम्मेदारी है। आवाज़ दबाने से सवाल खत्म नहीं होते। युवा सवाल पूछता रहेगा। Madan Dilawar राजस्थानी काका 💪🙏
SHUBHAM REWAR21,516 次观看 • 1 个月前

आदरणीय पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी, अस्पताल पहुँचकर मेरा कुशलक्षेम पूछने, स्वास्थ्य की चिंता व्यक्त करने और एक अभिभावक की भांति स्नेहपूर्ण संबल देने के लिए आपका हृदय से आभार! मुलाकात के दौरान जब आपने कहा कि "तुम अपना अनशन समाप्त कर दो, इस संवेदनहीन सरकार के लिए अपनी जान जोखिम में मत डालो, यह सरकार किसी की नहीं सुनती", तो आपके इन शब्दों में प्रदेश के युवाओं के प्रति एक सच्चे अभिभावक की गहरी चिंता साफ दिखाई दी। आपकी यह सीख और चिंता मेरे लिए अत्यंत मायने रखती है। परंतु आदरणीय गहलोत जी, छात्रसंघ चुनावों की बहाली और हमारी मातृभाषा 'राजस्थानी' के सम्मान की यह लड़ाई अब सिर्फ मेरी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं रही, बल्कि यह राजस्थान के लाखों युवाओं के भविष्य, लोकतांत्रिक अधिकारों और सांस्कृतिक अस्मिता का सवाल बन चुकी है। सरकार चाहे कितनी भी बेपरवाह और संवेदनहीन बनी रहे, लेकिन जब तक हमारे युवाओं को उनका हक नहीं मिल जाता और मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक यह छात्र शक्ति अपने कदम पीछे नहीं हटाएगी। इस कठिन परिस्थिति में युवाओं की आवाज़ बनने और हमारे इस संघर्ष को संबल प्रदान करने के लिए आपका पुनः कोटि-कोटि धन्यवाद एवं आभार! 🙏✊
SHUBHAM REWAR14,408 次观看 • 2 个月前

जब तक मेरी माँ का आशीर्वाद मेरे साथ है तब तक मेरे हौसले,मेरी हिम्मत और मेरा संघर्ष जारी रहेगा... मा. मुख्यमंत्री श्री Bhajanlal Sharma जी आप मेरी मांगो पर संज्ञान लीजिये, में पिछले 10 दिन से भूख हड़ताल पर हूँ। Dr Prem Chand Bairwa Haribhau Bagade CMO Rajasthan Lok Bhavan Rajasthan
SHUBHAM REWAR10,956 次观看 • 2 个月前

"00 मार्क्स कैसे मिल सकते हैं?" — छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं सहेगे! राजस्थान विश्वविद्यालय में रिवैल्यूएशन के नाम पर जो खेल चल रहा है, वह अब किसी से छुपा नहीं है। 90% से ज़्यादा छात्र इस बार बैक लगने से परेशान हैं। लेकिन इससे भी बड़ी चिंता की बात ये है कि कई छात्रों को "00" अंक दिए गए हैं। ❓ सवाल ये है – क्या सबने खाली कॉपी दी थी? ❓ क्या सभी छात्र फेल हैं? ❓ या फिर यूनिवर्सिटी में कोई बड़ा घोटाला चल रहा है? छात्र फीस भरते हैं, मेहनत करते हैं, और उम्मीद करते हैं कि अगर गलती हुई है तो रिवैल्यूएशन में न्याय मिलेगा। लेकिन यहाँ तो Revaluation के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं और बदले में 00 मार्क्स दिए जा रहे हैं। ⚠️ ये गलती नहीं — ये एक सिस्टमेटिक धोखा है! 🔹 कई छात्रों को लगता था कि उनके पेपर अच्छे हुए हैं, लेकिन Revaluation के बाद भी उन्हें 00 अंक मिले। 🔹 उत्तरपुस्तिकाएँ दिखाने से इनकार किया जा रहा है। 🔹 कोई लिखित स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा कि "00" क्यों आए। 🔹 छात्रों से फीस ली गई लेकिन जांच ठीक से हुई भी या नहीं, कोई जवाब नहीं। ✊ मैं शुभम रेवाड इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाता हूँ और माँग करता हूँ: 1️⃣ Revaluation प्रक्रिया की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच करवाई जाए। 2️⃣ सभी प्रभावित छात्रों को उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी दी जाए। 3️⃣ जिन छात्रों को "00" मिले हैं, उनकी कॉपियाँ दोबारा जांची जाएं। 4️⃣ छात्रों से लिए गए पैसों का हिसाब सार्वजनिक किया जाए। 5️⃣ दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो – चाहे वो कोई भी हो। 📢 अगर आप भी इससे पीड़ित हैं: 📌 अपनी रसीद, रोल नंबर और मार्कशीट मुझे भेजें। 📌 हम जल्द ही एक Google Form जारी करेंगे ताकि सबकी जानकारी इकट्ठी की जा सके। 📌 पोस्ट को शेयर करें ताकि यह आवाज़ हर छात्र तक पहुँचे। 🛑 छात्रों के भविष्य के साथ ऐसा मज़ाक अब और नहीं चलेगा। जब छात्र एक होते हैं – तो सिस्टम झुकता है। आइए, इस अन्याय के खिलाफ एकजुट हों! #JusticeForStudents #RevaluationScam #RajasthanUniversity #ShubhamRewar #RUStudentsDemandJustice #00MarksKaJawabDo
SHUBHAM REWAR31,948 次观看 • 1 年前

साथियों, राज्यपाल महोदय स्वयं महाराष्ट्र से आते हैं, हमें इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है। अपनी मातृभाषा से प्रेम करना अच्छी बात है, लेकिन महामहिम को यह समझना होगा कि वे महाराष्ट्र के नहीं, बल्कि राजस्थान के राज्यपाल हैं! ऐसा लगता है कि महामहिम को राजस्थान की भाषा और यहाँ की संस्कृति समझ नहीं आ रही, इसीलिए उन्होंने सोचा कि चलो राजस्थान पर मेरी खुद की भाषा ही लागू कर देता हूँ! राजस्थानी भाषा को दरकिनार करके, उसे नीचे रखकर, मराठी भाषा को प्राथमिकता देना राजस्थान के करोड़ों युवाओं और छात्र शक्ति के स्वाभिमान पर सीधा प्रहार है!हम इस मंच से साफ कर देना चाहते हैं कि हम किसी भी भाषा का अपमान या अनादर नहीं करते। भारत की सभी भाषाएं हमारे लिए पूजनीय हैं, और राजस्थान का दिल इतना बड़ा है कि यहाँ हर भाषा के लिए हमेशा द्वार खुले हैं। लेकिन हमारा विरोध इस पक्षपातपूर्ण रवैये से है!एक तरफ सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि स्कूलों में राजस्थानी भाषा अनिवार्य करो, प्रदेश का युवा सालों से मांग कर रहा है कि हर यूनिवर्सिटी में राजस्थानी विभाग खोलो—तब तो सरकार और राजभवन की फाइलें आगे नहीं बढ़तीं! और जैसे ही महाराष्ट्र सरकार से प्रस्ताव आता है, राज्यपाल जी तुरंत सक्रिय हो जाते हैं और उसे सब जगह लागू करने का आदेश दे देते हैं! क्या राजस्थान की यूनिवर्सिटीज राजस्थान के युवाओं के लिए हैं या अपनी पसंद की भाषाएं थोपने के लिए?आज इस पुतला दहन के माध्यम से हम राजभवन तक यह साफ संदेश पहुँचाना चाहते हैं: 'पहले मायड़ भाषा का सम्मान करो, फिर किसी और भाषा की बात करो!' हमारी मांग सीधी है—अगर मराठी के केंद्र खुलेंगे, तो उससे पहले राजस्थान की हर एक यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा का पूर्ण विभाग अनिवार्य रूप से खुलना चाहिए! अगर हमारी भाषा को उसका हक नहीं मिला, तो यह छात्र आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि और उग्र होगा!राजस्थानी भाषा को उसका हक दो!छात्र शक्ति ज़िंदाबाद! इंकलाब ज़िंदाबाद!" #RajasthanUniversity #ShubhamRewarRU
SHUBHAM REWAR10,222 次观看 • 2 个月前

अब हेलमेट पहनकर देनी होगी परीक्षा। जिस तरह राजस्थान विश्वविद्यालय के infrastructure के हालात है , यहां परीक्षा देते विद्यार्थी के ऊपर पंखा गिर जाता है , और उसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उस छात्र के स्वास्थ्य के बारे में कोई सहानुभूति नहीं जताई गई और इस घटना पर कोई भी action विश्वविद्यालय द्वारा नहीं लिया गया । इससे यही पता चलता है कि विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों के safety की कोई परवाह नहीं है। लेकिन एक responsible student leader होने के नाते मेरी यह जिम्मेदारी बनती है कि मैं जितना हो सके उतना में मेरे छोटे भाई-बहनों की सेफ्टी पर ध्यान दूं। इसी के तहत आज परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों को हेलमेट देकर ये सुनिश्चित किया कि इस विश्वविद्यालय के खस्ताहाल infrastructure के कारण अगर कुछ होता है तो ये safe रह सके ।
SHUBHAM REWAR36,631 次观看 • 1 年前

नेता नहीं आम विद्यार्थी बनकर इस लड़ाई को लड़ेंगे ✊ #RASMAINSPOSTPONE2025 RAS मुख्य परीक्षा को postpone कर के विद्यार्थियों को न्याय देने के बजाय इस तानाशाही सरकार ने पुलिस प्रशासन को आगे करने का रास्ता अपनाया, लेकिन समस्त युवा शक्ति ये जानती है कि RAS 2023 की भर्ती जब तक पूर्ण रूप से सम्पन्न नहीं हो जाती तब तक RAS 2024 की मुख्य परीक्षा अगर होती है तो इससे बड़ा अन्याय विद्यार्थियों के साथ कुछ नहीं हो सकता। लेकिन मैं इस भजनलाल सरकार और RPSC को बताना चाहता हूं कि पुलिस को आगे करके आप हमें डरा ओर धमका नहीं सकते अर्थात जब तक विद्यार्थियों के साथ पूर्ण न्याय नहीं होता ये संघर्ष ऐसे ही जारी रहेगा फिर चाहे पुलिस की लाठियां खानी पड़े या मुकदमे झेलने पड़े। 2023 आरएस भर्ती के interview अभी चल रहे हैं अर्थात उस भर्ती का परिणाम अभी नहीं आया लेकिन RPSC ने 2024 आरएस भर्ती की मुख्य परीक्षा की तारीख जारी कर दी है इससे नुकसान ये होगा कि आर०ए०एस० 2023 के अंतिम परिणाम से पहले यदि आर०ए०एस० मुख्य परीक्षा 2024 का आयोजन होता है तो interview दे रहे ऐसे अभ्यर्थी जो prelims परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके है वो फिर से मुख्य परीक्षा में बैठेंगे, अभ्यर्थियों के इस दोहराव से सैकड़ों पदों का व्यर्थ होना तय है, जिससे अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। इसी के साथ RAS 2024 मुख्य परीक्षा को Postpone करने का एक और मुख्य कारण यह है कि - हाल ही में पाकिस्तान के साथ उत्पन्न हुए तनाव की वजह से सीमा क्षेत्र के अभ्यर्थियों व सेवारत कार्मिकों के लिए समय का अभाव पैदा किया है। जो किसी भी तरह से समान अवसर व प्रतियोगिता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। #RASMAINSPOSTPONE2025
SHUBHAM REWAR20,403 次观看 • 1 年前

"राजस्थान विश्वविद्यालय में यह कैसा भेदभाव? जब शिक्षक संघ के चुनाव हो सकते हैं, तो छात्र संघ के क्यों नहीं? क्या प्रशासन छात्रों की आवाज़ से डरता है? आज हमने नामांकन प्रक्रिया का विरोध कर यह जताया है कि बिना 'छात्र लोकतंत्र' के कोई भी दूसरा चुनाव स्वीकार्य नहीं है। हमारी मांग जायज है—हमें हमारा लोकतांत्रिक अधिकार चाहिए! ✊🚩"
SHUBHAM REWAR12,471 次观看 • 8 个月前

*इसलिए जरूरी है छात्र संघ चुनाव* साथियों ये सरकार कहती है कि छात्र चुनाव का कोई महत्व नहीं है इसलिए सरकार छात्र संघ चुनाव नहीं करवा रही। तो साथियों मैं बताता हूं छात्र संघ चुनाव क्यों जरूरी है ? छात्र संघ चुनाव ने देश ओर और प्रदेश को क्या दिया है? छात्र संघ चुनाव मजबूत छात्र प्रतिनिधि देते हैं जो हर परिस्थिति में आम गांव ढाणी से आए विद्यार्थियों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं । इसी संघर्ष के दौरान वह धरातल की समस्याओं से परिचित होते है। और जब जब विश्विद्यालयों से निकले हुए नेता लगातार संघर्ष करके चुनाव जीतकर लोकसभा ओर विधानसभा में पहुंचते है तो वो उन धरातल पर आ रही समस्याओं को सदन में मजबूती से रखते हैं और उनका समाधान करवाते हैं। वहीं, दोस्तों जो परिवार वाद की राजनीति का फायदा लेकर सदन में आते है उनको युवाओं की उन समस्याओं से कोई लेना देना नहीं होता वह सिर्फ सत्ता का सुख भोगते हैं। इस लिए अगर आम छात्रों ओर युवाओं की आवाज को , समस्याओं को ऊपर तक पहुंचाना है और उनका समाधान करवाना है तो छात्र संघ चुनाव जरूरी है। आप देख सकते है विश्वविद्यालय से निकले हुए जितने भी नेता है आज वो किसी न किसी तरीके से पीड़ित और शोषितों के साथ खड़े मिलते हैं। इसीलिए छात्रसंघ चुनाव जरूरी है। #छात्रसंघचुनाव
SHUBHAM REWAR18,147 次观看 • 1 年前