
Siddhant Mohan
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Journalist with @TheLallantop. Documentarian, Writer, Photographer. Fellow @thomsonreuters and @ICFJ. views personal.
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इसी वीडियो पर पंजाब में बवाल मचा हुआ है. आम आदमी पार्टी का साफ़ कहना है कि इस वीडियो में दिख रहा व्यक्ति CM भगवंत मान नहीं है, कोई और शख़्स है. डेढ़ साल पहले जब ये वीडियो वायरल हुआ था, तब भगवंत मान ने कहा था कि ये वीडियो रियल नहीं, AI है. ये भी सवाल उठ रहे हैं कि होटल के कमरे में गुरु साहब और जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरें-प्रतिमाएं कहां लगाई जाती हैं. लेकिन अकाल तख्त ने CM भगवंत मान को बेदखल करने का आदेश दे दिया है. अकाल तख़्त का ये भी कहना है कि उन्होंने CM मान से आग्रह किया था कि वो भी कोई फॉरेंसिक लैब सुझा दें, ताकि वीडियो की जांच कराई जा सके. लेकिन, बकौल श्री अकाल तख्त साहिब, CM मान ने तब ऐसा नहीं किया. और अकाल तख्त ने ख़ुद करवाई जांच के आधार पर दावा कर दिया कि वीडियो AI नहीं है. कहा जा रहा है कि सीएम भगवंत मान अभी भी फॉरेंसिक जांच करवाकर अपने दावे की पुष्टि कर सकते हैं. ऐसे में ये विवाद भी ठंडा हो जाएगा, और आम आदमी पार्टी को सरकारी प्रेस कांफ्रेंस और सोशल मीडिया टीम की कम से कम मदद लेनी पड़ेगी. वरना, न तो अकाली, न तो बीजेपी और न कांग्रेस इस मुद्दे को छोड़ने के मूड में हैं.
Siddhant Mohan173,006 次观看 • 3 个月前

मैं पहले क्रिकेटर बनना चाहता था, नहीं बन पाया. चश्मा लग गया, आंख ख़राब हो गई. फिर मैंने सोचा कि हीरो बनूंगा. नहीं बन पाया, बॉडी ख़राब हो गई. फिर सोचा कि डॉक्टर बनूंगा. कभी इंजीनियर बनने, कभी अच्छा IAS बनने का ख़्वाब आया, मैं कुछ नहीं बन पाया. फिर मुझे एक दिन समझ आ गया कि मेरी असली मंज़िल है कि मैं सिनेमा बनाऊं. ऐसी फ़िल्में डायरेक्ट कर दूं कि बुद्धिजीवी मेरी फ़िल्में रिकमेंड करेंगे. लेकिन मैं वो भी नहीं बन पाया. फिर मैं एक बुद्धिजीवी बना. और इस बुद्धिजीवी की बात मानना, ये छोटी-सी मूवी देख जाना. बहुत चिलांटू काम है.
Siddhant Mohan70,401 次观看 • 1 个月前

क्या नोएडा की डीएम मेधा रूपम के केस में बेंच के आवंटन में फेरबदल किया गया? क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के रोस्टर के हिसाब से कुछ सीनियर जजों के पास मेधा रूपम का केस जाना चाहिए था. लेकिन उनमें से किसी के पास मेधा रूपम का केस नहीं गया. गया तो एकदम अलग बेंच के सामने. उन जज सतीश चंद्र शर्मा की बेंच के सामने, जिनके ख़ुद के बेटे चुनाव आयोग के वकील हैं.
Siddhant Mohan20,578 次观看 • 14 天前
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कल राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस थी. हमने उनसे पूछा कि आप कोषाध्यक्ष का काम कैसे करते थे? उन्होंने कहा - "हम आते नहीं थे, पुणे में रहते थे. हमारे चार्टर्ड अकाउंटेट की टीम अयोध्या आती थी, और महीने में 'पांच दिन' यहां रहती थी. वही सारा काम देखती थी."
Siddhant Mohan52,704 次观看 • 3 个月前