
आज़ाद कलम.🕊️✍️
@Sujan__Parihar • 10,185 subscribers
मिज़ाज-ए-शायराना।। कुछ अधूरे लोगों के लफ्ज़।। सादगी।। पवित्रता।। अदृश्य।। अनजान।। कविता।। सुजान।। लापता।।
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‘‘हे पार्थ तुम अपनी जिंदगी की खुद जामवंत हो ,, तुम्हें खुद ही अपनी शक्तियों को पहचाना होगा।।’’
आज़ाद कलम.🕊️✍️136,387 просмотров • 1 год назад

पूरा शहर नंगा हो गया अमीरी के चक्कर में ,, कुछ के सीने पर अब भी दुपट्टा है संस्कारों के चक्कर।।
आज़ाद कलम.🕊️✍️125,327 просмотров • 2 лет назад

कभी समाज ,कभी रिश्तेदार ,कभी मोहब्बत ,, न जाने मुझे कितना अंदर से तोड़ा है इन सब ने॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️83,886 просмотров • 1 год назад

उसे कहो के बहुत जल्द मिलने आए हमें ,, अकेले रहने की आदत ही न पड़ जाएं हमें ॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️47,764 просмотров • 1 год назад

अगर यहां तक उसने ला लिया है ,, तो आगे भी रास्ता वही दिखाएगा॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️34,471 просмотров • 1 год назад

अपने व्यक्तित्व को इतना भी हल्का मत होने देना ,, कि कल को तुम्हारे व्यक्तित्व पर कोई उंगली उठा लें।।
आज़ाद कलम.🕊️✍️37,456 просмотров • 1 год назад

विनम्रता से रहिए सादगी में जीए ,, सफलता तो क्या है आज नहीं तो कल॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️29,416 просмотров • 1 год назад

सवेरे का खिला फुल शाम को मुरझा जाता है ,, यही हिसाब जिंदगी का है जो आज हैं क्या पता कल हो॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️26,924 просмотров • 1 год назад

सरकारी नौकरी बड़ा महंगा तोहफा है ,, इसके आगे हर तोहफा फिका सा लगता है..!!
आज़ाद कलम.🕊️✍️28,833 просмотров • 1 год назад

स्वाभिमान और सम्मान से जिओ ,, यह दुख भी एक न एक दिन स्वत: समाप्त हो जाएंगे ॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️27,327 просмотров • 1 год назад

उद्देश्य जब सही रास्ते पर चलने लगे ,, तो आंतरिक खुशी स्वत: स्फूर्त होती है..!!
आज़ाद कलम.🕊️✍️24,801 просмотров • 1 год назад

Depression आपके अंदर से इतना मजबूत कर देता है ,, की फिर आप हर काम को सोच विचार करके करते हैं॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️28,651 просмотров • 1 год назад

शोषण तब तक होता रहेगा ,, जब तक आप अपनी आवाज बुलंद ना करोगे॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️15,915 просмотров • 1 год назад

हवाएं बाद में बातें पहले ही पहुंच जाती है ,, सत्य बाद में पहले झूठ सुनाया जाता है मित्र॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️16,618 просмотров • 1 год назад

आपके शब्दों से आपका व्यक्तित्व चमकना चाहिए ,, यूं तो बोलने को तो जानवर भी कुछ न कुछ बोलते हैं॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️19,538 просмотров • 1 год назад

क्यों उसको पाने में जिंदगी को इतना कष्ट दे ,, छोड़कर उसे चलो जिंदगी के दूसरे लम्हें को जीते हैं॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️18,317 просмотров • 1 год назад

किसके हिस्से में कितना लिखा है ,, वह वक्त आने पर ही मालूम होता है॥
आज़ाद कलम.🕊️✍️13,715 просмотров • 1 год назад