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Sumit Chauhan

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Founding Editor @TheNewsBeak & @TheShudra. Ex- ABP News, Zee News, India News & News Nation. Alumnus @IIMC_India. Jai Bhim - Jai Bharat

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अभी-अभी : दिल्ली पुलिस ने Dr Ritu Singh के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लिया। Chandra Shekhar Aazad, Mehmood Pracha, Himanshu Valmiki और डॉ ऋतु समेत बड़ी संख्या में लोगों को पुलिस बस में भरकर ले गई। #JusticeForDrRituSingh

अभी-अभी : दिल्ली पुलिस ने Dr Ritu Singh के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लिया। Chandra Shekhar Aazad, Mehmood Pracha, Himanshu Valmiki और डॉ ऋतु समेत बड़ी संख्या में लोगों को पुलिस बस में भरकर ले गई। #JusticeForDrRituSingh

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UGC मामले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर दलित-बहुजन समाज का प्रदर्शन। यूजीसी नियमों की बहाली की माँग।

UGC मामले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर दलित-बहुजन समाज का प्रदर्शन। यूजीसी नियमों की बहाली की माँग।

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अशोक विजयदशमी की शुभकामनाएँ अशोक विजयदशमी केवल विजय का पर्व नहीं, बल्कि अन्याय और हिंसा पर करुणा और धम्म की जीत का प्रतीक है। सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध की विभीषिका देखकर हिंसा का त्याग किया और धम्म का मार्ग अपनाया। उनकी यह ऐतिहासिक विजय मानवता की सबसे बड़ी जीत थी। सदियों बाद, इसी दिन 14 अक्टूबर 1956 को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा लेकर धम्मचक्र प्रवर्तन किया। इसने शोषण और असमानता पर आधारित व्यवस्था को गहरी चुनौती दी और समाज को समता, न्याय और बंधुत्व के रास्ते पर आगे बढ़ाया। अशोक विजयदशमी हमें याद दिलाती है कि असली विजय तलवार से नहीं, बल्कि विचार और करुणा से होती है। यही विजय धम्म की विजय है। जय भीम। नमो बुद्धाय।

अशोक विजयदशमी की शुभकामनाएँ अशोक विजयदशमी केवल विजय का पर्व नहीं, बल्कि अन्याय और हिंसा पर करुणा और धम्म की जीत का प्रतीक है। सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध की विभीषिका देखकर हिंसा का त्याग किया और धम्म का मार्ग अपनाया। उनकी यह ऐतिहासिक विजय मानवता की सबसे बड़ी जीत थी। सदियों बाद, इसी दिन 14 अक्टूबर 1956 को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा लेकर धम्मचक्र प्रवर्तन किया। इसने शोषण और असमानता पर आधारित व्यवस्था को गहरी चुनौती दी और समाज को समता, न्याय और बंधुत्व के रास्ते पर आगे बढ़ाया। अशोक विजयदशमी हमें याद दिलाती है कि असली विजय तलवार से नहीं, बल्कि विचार और करुणा से होती है। यही विजय धम्म की विजय है। जय भीम। नमो बुद्धाय।

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Jai Bhim from Statue of Liberty 💙

Jai Bhim from Statue of Liberty 💙

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मूत्रकांड : ज़रा सोचिए संविधान के दौर में ये लोग ऐसी सोच रखते हैं, तब क्या हाल रहा होगा जब मनुस्मृति का राज था?

मूत्रकांड : ज़रा सोचिए संविधान के दौर में ये लोग ऐसी सोच रखते हैं, तब क्या हाल रहा होगा जब मनुस्मृति का राज था?

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अभी अभी दिल्ली पुलिस ने Dr Ritu Singh और उनके साथियों को धरना स्थल से जबरन उठा दिया। ये दूसरी बार है, आज सुबह भी धरना ज़बरदस्ती हटाया गया था। पुलिस ऋतु और उनके साथियों को बस में भरकर ले गई।

अभी अभी दिल्ली पुलिस ने Dr Ritu Singh और उनके साथियों को धरना स्थल से जबरन उठा दिया। ये दूसरी बार है, आज सुबह भी धरना ज़बरदस्ती हटाया गया था। पुलिस ऋतु और उनके साथियों को बस में भरकर ले गई।

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मान्यवर कांशीराम साहब के संघर्ष को दिखाती ये वीडियो देखिए, उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी हमारे लिए कुर्बान कर दी। धन्य कांशीराम 💙

मान्यवर कांशीराम साहब के संघर्ष को दिखाती ये वीडियो देखिए, उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी हमारे लिए कुर्बान कर दी। धन्य कांशीराम 💙

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हमारे लिए किसी भी भगवान से बढ़कर हैं बाबा साहब डॉ अंबेडकर 💙

हमारे लिए किसी भी भगवान से बढ़कर हैं बाबा साहब डॉ अंबेडकर 💙

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क्या आप उन 15 बहुजन क्रांतिकारियों के नाम जानते हैं जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सबकुछ क़ुर्बान कर दिया? तिलका मांझी, उदैया चमार, सिदो-कान्हू, मातादीन भंगी, वीरा पासी, बांके चमार, गंगा दीन मेहतर, मक्का पासी, ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई, चेता राम जाटव, बालू राम मेहतर, धरती आबा बिरसा मुंडा, शहीद उधम सिंह और बाबू मंगू राम। इनमें किसी ने अंग्रेज़ी सत्ता के खिलाफ हथियार उठाए, किसी ने जंगल-जमीन के अधिकार के लिए संघर्ष किया, तो किसी ने 1857 के विद्रोह में अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। इनके योगदान को जानना और याद रखना सिर्फ इतिहास पढ़ना नहीं, अपने इतिहास के उन पन्नों को आवाज़ देना है, जिन्हें लंबे समय तक अनदेखा किया गया। आज़ादी सबकी थी, बलिदान भी सबका था। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी क्रांतिकारियों को नमन। 🇮🇳 #independenceday #india #insta #trending #jaibhim (AI Representative Images)

Sumit Chauhan

15,239 görüntüleme • 3 gün önce

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आज हमारी बेटी ज़िया आंबेडकर का पहला जन्मदिन है। 💙 एक साल पहले तुम हमारे जीवन में आईं और अपने नाम की तरह हमारे घर में रोशनी लेकर आईं। तुम्हारी हर मुस्कान ने हमें उम्मीद दी, हर छोटी-सी हँसी ने संघर्षों के बीच आगे बढ़ने की ताक़त दी। आज इस विशेष दिन पर हम तथागत भगवान बुद्ध, सतगुरु रविदास महाराज जी, महात्मा ज्योतिबा फुले, माता सावित्रीबाई फुले, बाबा साहब डॉ आंबेडकर और माता रमाई को नमन करते हैं, जिनकी शिक्षा, करुणा, समानता और न्याय की विरासत से हमने तुम्हारा नाम और तुम्हारे भविष्य के सपने जोड़े हैं। बेटी, हमारी यही कामना है कि तुम हमेशा सच के साथ खड़ी रहो, अन्याय के सामने कभी झुको नहीं, हर इंसान का सम्मान करो और अपने ज्ञान, संवेदना और साहस से इस दुनिया को थोड़ा और बेहतर बनाओ। तुम्हारी पहचान केवल हमारी बेटी होने से नहीं बल्कि अपने विचारों, अपने कर्मों और अपने इंसानी मूल्यों से बने। हम चाहते हैं कि तुम तथागत बुद्ध की करुणा, सतगुरु रविदास की समानता, फुले दंपति की शिक्षा और बाबा साहब के मूल्यों और संघर्ष को अपने जीवन का पथप्रदर्शक बनाओ। तुम्हारे आने से हमने फिर से सीखा कि उम्मीद हमेशा जन्म लेती है। तुम्हारी छोटी-छोटी उँगलियों ने हमें बड़े-बड़े सपने देखने की हिम्मत दी है। जन्मदिन मुबारक हो, हमारी प्यारी ज़िया आंबेडकर। तुम्हारा जीवन ज्ञान, प्रेम, साहस, समानता, स्वाभिमान और मानवता की रोशनी से हमेशा प्रकाशित रहे। जय भीम। नमो बुद्धाय। #jaibhiim #ambedkar #ziyaambedkar #sumitchauhan #birthdaybash

Sumit Chauhan

25,973 görüntüleme • 1 ay önce

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सवर्णों की हिप्पोक्रेसी देखिए आरक्षण को गंदी-गंदी गालियां देने वाले पत्रकार उत्कर्ष सिंह ने EWS का सर्टिफिकेट बनवाकर रिज़र्वेशन ले लिया और UPSC के ज़रिए IIS यानी इंडियन इंफोर्मेशन सर्विसेज़ में रैंक वन ऑफिसर बन बैठा। जो आदमी कॉलेज से लेकर दफ्तर तक में आरक्षण को गाली देता था, दलितों को मुफ्त की मलाई खाने वाला कहता था, वो खुद सुदामा कोटे की मलाई खा गया। ABP न्यूज़ और दैनिक भास्कर जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में लाखों रुपये के सैलरी पैकेज़ के बाद भी ये गरीब बन गया और IIS की नौकरी हड़प ली। क्या ये हिप्पोक्रेसी नहीं है? क्या इस दोगलेपन पर कोई नहीं बोलेगा? जल्द The News Beak पर विस्तृत रिपोर्ट आ रही है।

Sumit Chauhan

126,810 görüntüleme • 11 ay önce