
Supriya Shrinate
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सुप्रिया श्रीनेत।Chairperson Social Media & Digital Platforms।Member Congress Working Committee।Maharajganj, UP।Former Executive Editor Times Group। @INCIndia
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BJP’s biggest mistake They haven’t still figured out What Rahul Gandhi is made of Nerves of steel and a resolve so deep That these coward Sanghis squirm every time he takes a stand Go on. Lodge more FIRs He will fight you fiercely. You will eventually have to bend
Supriya Shrinate179,949 Aufrufe • vor 2 Tagen

GDP का बेस ईयर 2011-12 से बदल कर 2022-23 करने के बाद GDP ग्रोथ आंकड़ा बढ़ कर ही आता लेकिन कृषि, मैनुफैक्चरिंग, खनन सब मंदा क्यों है? चिंता की बात है कि: नौकरी नहीं बन रहीं, निवेश नहीं हो रहा, विदेशी निवेशक मार्केट छोड़ रहे हैं, रुपया गिर रहा है, क़र्ज़ का बोझ निरंतर बढ़ रहा है
Supriya Shrinate138,024 Aufrufe • vor 1 Tag

एकदम से कुछ बकलोल आज बता रहे हैं कि वह पेपर कप में चाय पीते हैं असल में यही लोग अपने घर में सफ़ाई कर्मचारियों, काम करने वालों को अलग बर्तन में खाना देते हैं इन्होंने कभी जाति का दंश झेला ही नहीं है इनको एक दलित के साथ जो भेदभाव होता है उसका अंदाज़ा ही नहीं है राहुल गांधी जी ने कड़वा सच बोल दिया तो बिलबिलाना लाज़मी है They are a bunch of ignorant, insensitive idiots
Supriya Shrinate214,321 Aufrufe • vor 3 Tagen

Kangana Ranaut’s statement on Kriti Sanon’s choice of clothes is disgusting and smacks of misogyny and patriarchy. Women will wear what they want to. Keep your opinions to yourself. आप दूसरों के कपड़ों पर तीखटिप्पणी करना बंद कर दीजिए - frustrated sound करती हैं!
Supriya Shrinate581,499 Aufrufe • vor 7 Tagen

BJP वाले मनुस्मृति के समर्थन में कूद पड़े हैं - यह कोई हैरानी वाली बात नहीं है मनुस्मृति में महिलाओं को सिर्फ दोयम दर्जे का या पुरुष पर निर्भर रहने के लिए ही नहीं कहा गया है - बल्कि तमाम और वाहियात घटिया बातें कहीं हैं -सुनकर खून खौल जाए 👇 ▪️मनुस्मृति के पांचवें अध्याय के 148वें श्लोक में कहा गया है कि "एक स्त्री को हमेशा अपने पिता के संरक्षण में रहना चाहिए, विवाह पश्चात पति द्वारा उसका संरक्षण होना चाहिए, पति की मृत्यु के बाद उसे अपने बच्चों की दया पर निर्भर रहना चाहिए. लेकिन किसी भी स्थिति में एक महिला स्वतंत्र नहीं रह सकती" यानी स्त्री के पास अपने बारे में भी निर्णय लेने के अधिकार नहीं है ▪️मनुस्मृति में महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार नहीं है. सिर्फ वे महिलाएं ही वेदों का अध्ययन कर सकती हैं, जिनका यज्ञोपवीत संस्कार होता है. यानी उच्च वर्ण की कुछ महिलाओं को छोड़कर किसी को कोई शिक्षा लेना का अधिकार नहीं है ▪️मनुस्मृति के 15वें नियम में कहा गया है कि 'महिलाओं का चंचल मन और स्वाभाविक हृदयहीनता की वजह से अपने पति के प्रति धोखेबाज हो सकती हैं. ऐसे में उन्हें निगरानी में रखना चाहिए ▪️मनुस्मृति के दूसरे अध्याय में कहा गया है कि 'पुरुषों को उत्तेजित करना और उनको बहकाना महिलाओं का स्वभाव है. ऐसे में समझदार लोगों को महिलाओं के आसपास संभलकर रहना चाहिए. किसी भी पुरूष को अपनी मां, बहन या बेटी के साथ भी एकांत में नहीं रहना चाहिए, वर्ना स्त्रियों की वजह से पुरूष का धर्म भ्रष्ट हो सकता है ▪️मनुस्मृति में कहा गया है कि राजा धन और स्त्रियों की रक्षा करता है. मगर विपत्ति में धन या स्त्रियों के प्रयोग से भी राज्य को सुरक्षित रख सकता है. यानी स्त्रियों का उपयोग वस्तु की तरह किया जा सकता है ▪️मनुस्मृति में कहा गया है कि महिला को अपने माता-पिता या पति की संपत्ति पर प्रत्यक्ष अधिकार नहीं है. अगर वह धन अर्जित करती है तो वो धन उसके पति या पुत्रों को जाएगा. यदि स्त्री के भाई हैं, तो उसे माता-पिता की संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलेगा ▪️मनुस्मृति के तीसरे अध्याय में मनु ने महिलाओं की तुलना कुत्ते और सुअर से की है. कहा है कि “जब ब्राह्मण भोजन करें तब उन्हें किसी सुअर, मुर्गे, कुत्ते या किन्नर या ऐसी महिला जो रजस्वला (पीरियड्स) में हो, उसको देखना भी नहीं चाहिए” तीसरे अध्याय में ही कहा गया है कि उस महिला से विवाह न किया जाए, जिसके बाल और आंखें लाल हो. या एक ऐसी महिला जो नीची जाति की हो ▪️मनुस्मृति के ग्यारहवें श्लोक में कहा गया है कि जिस स्त्री के भाई न हो या जिसके पिता को कोई न जानता हो यानी वो लड़की किसकी है ये किसी को न मालूम हो तो उस स्त्री से विवाह करने वाला आदमी मूर्ख होता है. जबकि बिना बाप वाले पुत्र से विवाह करने में कोई दिक्कत नही है आख़िर कौन हैं वो महिलायें जिनका खून नहीं खौलता यह सब सुनकर? मनुस्मृति जिसकी घटिया बातों से यह कहकर ध्यान भटकाने की कोशिश है कि बाक़ी धर्मों की बात नहीं हो रही - ऐसे लोग तो राजा राममोहन रॉय को सती प्रथा ख़त्म करते वक़्त कहते बाक़ी धर्मों की कुरीतियाँ ख़त्म कीजिए. ये कैसी बचकानी बेहूदी और महिला विरोधी बात है आख़िर BJP वाले मनुस्मृति का बचाव कैसे कर सकते हैं?
Supriya Shrinate655,778 Aufrufe • vor 8 Tagen

सोनिया गांधी जी की किताब ‘Belonging’ विदेश में दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पब्लिशर Knopf छाप रहा है भारत में Penguin India से किताब छापने की बात थी - जो हिचकिचा रहा है Penguin India आत्मकथा में चीज़ें बदलवाना चाहता था अरे डरपोकों, वह सोनिया गांधी हैं. किसी से नहीं डरतीं और दबाव में तो उनसे कोई काम करा ही नहीं सकता वैसे इस बौखलाहट के पीछे मोदी का डर साफ़ है एक बात तो है लेकिन अब जो हिंदुस्तान में इस किताब को छापेगा उसके हाथ तो बम्पर लॉटरी लग गई है!
Supriya Shrinate210,869 Aufrufe • vor 4 Tagen

राहुल गांधी जी पर 38 मुकदमे हैं, BJP को लगता है एक FIR से वह विचलित हो जायेंगे? BJP कह रही है ग्राउंड की सफ़ाई कर रहे थे - क्या नगर निगम का ठेका मिल गया है? पुलिस कांग्रेस वालों की कंप्लेन तक नहीं लेती और नेता विपक्ष के ख़िलाफ़ बिना preliminary inquiry के FIR दर्ज हो जाती है?!
Supriya Shrinate50,013 Aufrufe • vor 1 Tag

विदेश में: हिंदू मुस्लिम भाई भाई देश में: मुस्लिमों की मार कुटाई यही है RSS की असलियत- बिना पुताई
Supriya Shrinate125,365 Aufrufe • vor 3 Tagen

“चाय की दुकान पर कहते हैं - तुम डोम जाति से हो, इसलिए तुम्हें ग्लास में चाय नहीं देंगे.” सुनिए इस महिला को और फिर अगर रत्ती भर भी ईमानदारी हो तो यह मानिए कि भारत में छुआछूत की गंदी बीमारी की गहरी जड़ें हैं राहुल गांधी ने सच कहा है - मुँह मोड़ने से काम नहीं चलेगा
Supriya Shrinate99,762 Aufrufe • vor 3 Tagen

एक बड़ी लहर हर नाव को ऊपर उठा देती है - ग्रोथ ठीक यही काम करती है ▪️तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी निशानी शेयर बाज़ार में उछाल होता है, लोग ज़्यादा समृद्ध होते हैं, उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ती है, नौकरियों का सृजन होता है, ज़्यादा और निवेश होता है ▪️ग्रोथ पेड़ों पर तो लटकती नहीं कि लोग उसे देख लें - विकास लोगों के रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महसूस होता है ▪️इसलिए जब प्रधानमंत्री और BJP GDP Growth मतलब विकास का ढोल पीटते हैं, तो सवाल उठता है - किसका विकास? ▪️इस विकास का लाभ कौन उठा रहा है? इससे किसे फायदा हो रहा है? कौन बढ़ रहा है, कौन समृद्ध हो रहा है? ▪️साफ़ है कि आम भारतीय तो हैं नहीं - जो भीषण महँगाई, कर्ज़ और बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं 🚨पर समस्या कम विकास या कम GDP की नहीं है - समस्या GDP के आंकड़ों पर उठ रहे सवालों की है. समस्या एक चौपट अर्थव्यवस्था को किसी तरह शानदार पेश करने की नाकाम कोशिशें की है 🚨भारत के डेटा पर अब तक कोई विवाद नहीं हुआ है - लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं 🚨 विशेषज्ञ कहते हैं कि GDP के बेस वर्ष को 2023-24 में बदलने से विकास के आँकड़े बढ़ गए हैं, लेकिन ज़्यादातर ने इस आँकड़े की गणना पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि असल ग्रोथ रेट काफी कम है 🔹 GDP ग्रोथ रेट nominal GDP ग्रोथ रेट में से महंगाई घटाकर निकाली जाती है 🔹 पहली तिमाही में nominal GDP ग्रोथ रेट 10.3% रहा और सरकार के अपने डिफ्लेटर ने महंगाई को सिर्फ़ 2.5% आँका 🔹जिसके चलते पहली तिमाही की GDP विकास दर 7.8% आई 🔹लेकिन हर भारतीय यह मानेगा कि महंगाई से मासिक बजट बिगड़ गया है. खाने-पीने से लेकर पेट्रोल, डीजल, CNG , आवागमन और शिक्षा सब कुछ तेज़ी से महँगा हुआ है 🔹इसलिए 2.5% इन्फ्लेशन ज़मीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है - खासकर जब उसी दौरान में retail महंगाई 3.9% और थोक महंगाई 9.4% रही 🔹उस दौरान में अर्थव्यवस्था की असल महंगाई m वास्तव में 5.7% थी, जिससे GDP ग्रोथ रेट घटकर सिर्फ़ 4.4% रह जाती है 🔹दिलचस्प बात यह है कि GDP डिफ्लेटर और इफेक्टिव मतलब प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर आमतौर पर 1.2 से 1.3% के बीच रहता है 🔹लेकिन पहली तिमाही में GDP डिफ्लेटर और प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर 3.4% रहा - जो संभवतः इतिहास में पहली बार हुआ 🔹अगर यह मान कर चलिए तो GDP ग्रोथ रेट सिर्फ़ 6.3% है, जो उस 7.8% के आँकड़े से काफ़ी कम है जिसके बल पर BJP और ख़ुद मोदी बेवकूफ़ी से छाती ठोक रहे हैं ▪️अगर भारत में सच में इतनी ज़्यादा ग्रोथ हो रही होती तो: • युवाओं को नौकरियों का संकट नहीं झेलना पड़ता. 8.7 करोड़ युवा न काम कर रहे हैं, न पढ़ाई कर रहे हैं और न कोई skill सीख रहे हैं • कृषि मात्र 3.6% की दर से नहीं बढ़ रही होती • GFCF (निजी निवेश) सिर्फ़ 11.9% की दर से नहीं बढ़ रहा होता • विदेशी निवेशकों ने 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच भारतीय शेयरों में करीब ₹2.24 लाख करोड़ न बेचे होते - जो पूरे साल 2025 में लगभग ₹1.66 लाख करोड़ के हुए आउटफ्लो से भी ज़्यादा है • रुपया निरंतर गिरता नहीं, जबकि RBI ने रुपए को संभालने के लिए क़रीब 150 अरब डॉलर से ज़्यादा / लगभग 14.23 लाख करोड़ रुपये झोंक दिए • भारत का कर्ज़ बढ़कर 228 लाख करोड़ रुपये नहीं पहुँच जाता 👉👉ऊँची GDP ग्रोथ रेट के लिए सरकार को प्लान बनाना होगा, सिर्फ़ अख़बारों और टीवी छानने की हैडलाइन मैनेज करने और फ्रंट कैमरा पर वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा 👉👉और अगर सब कुछ इतना ठीक ही है - तो फिर लोगों को यहाँ वहाँ न जाने की, सोना ना ख़रीदने की, शादी ब्याह कैसे किया जाये जैसी चीज़ों की सलाह आप नहीं देते मोदी जी. क्योंकि आप भी यह जानते हैं कि इकॉनमी कुम्हलाता खस्ताहाल है - और आपके पास कोई प्लान नहीं है
Supriya Shrinate32,958 Aufrufe • vor 22 Stunden

कर्नल सोफिया कुरैशी तो याद होंगी आपको Operation Sindoor के वक़्त वो जांबाज़ ऑफिसर जो मीडिया की ब्रीफिंग करती थीं उनको मध्यप्रदेश के BJP मंत्री विजय शाह ने “आतंकियों की बहन” कहा था क्या आप जानते हैं कि ऐसी गलीच बात के लिए उनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी सुप्रीम कोर्ट ने दे दी लेकिन उस आदेश के बावजूद पूरी मध्यप्रदेश कैबिनेट ने इसकी मंजूरी नहीं दी - *उन्होंने decide किया कि विजय शाह के ख़िलाफ़ केस नहीं चलेगा* 🔹क्या यह सेना के शौर्य का अपमान नहीं है? 🔹क्या यह नारी शक्ति की अवमानना नहीं है? 🔹क्या यह सुप्रीम कोर्ट की खुली तौहीन नहीं है? BJP के ढोंगी आईन्दा महिलाओं के सम्मान पर मुँह मत खोलना मोदी जी कोरी बकवास ही करते फिरेंगे या कोई एक्शन भी लेंगे?
Supriya Shrinate166,747 Aufrufe • vor 6 Tagen

अमित शाह की इतनी हिम्मत कि वो महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर, आचार्य कृपलानी जैसे लोगों को देश विरोधी बुला रहे हैं?! 1937 में आज़ादी के इन महानायकों ने फैसला लिया वंदे मातरम् के दो छन्द गाये जायेंगे हम वही करेंगे
Supriya Shrinate327,068 Aufrufe • vor 12 Tagen

सोनिया गांधी जी पर अपशब्द बोलने वाले BJP के लोग सबसे निम्न स्तर की, सबसे घटिया और सबसे गंदी राजनीति करते हैं सोनिया गांधी जी से ज्यादा भारतीयता कम महिलाओं में होती है 21 साल की उम्र में जब उन्होंने अपनी मांग में राजीव जी का सिंदूर भरा, तो जीवनपर्यंत भारत की हो गईं राजीव जी की सुहागन रहते हुए सोनिया जी ने इस देश में कम वक्त बिताया है, जबकि वैधव्य को झेलते हुए उन्होंने ज्यादा वक्त इस देश में बिताया है इसके बावजूद उनकी देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा, सम्मान, गरिमा और शालीनता का कोई मुकाबला नहीं कर सकता उन्होंने इस देश को भोजन का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार और मनरेगा जैसे बड़े कानून दिए
Supriya Shrinate364,665 Aufrufe • vor 14 Tagen

बीएल संतोष जी, आप तो खुल कर छुआछूत का समर्थन कर रहे हैं - उसे जायज़ ठहरा रहे हैं एक तो “कुछ दलित भी मौजूद थे” अर्धसत्य है लेकिन यह आपकी घिनौनी मानसिकता को उजागर करता है छुआछूत एक अपराध है - period. कोई भी करे जिस दलित युवा की आप बात कर रहे हैं उसने आपकी पूरी पोल खोल दी है दलित युवा का कहना है कि उन्हें प्रसाद बाँटने के बहाने झूठ बोल कर ले जाया गया था आप तो असल में छुआछूत का समर्थन कर रहे हैं - जिसके चलते तो असल में आप पर FIR दर्ज होनी चाहिए यही आपका, RSS का और BJP का असली चेहरा है - दलित विरोधी और छुआछूत में विश्वास करने वाला
Supriya Shrinate76,099 Aufrufe • vor 3 Tagen