
उदय वीर सिंह जैवार
@UJaiwar • 12,782 subscribers
प्रोफ़ेसर एवं सामरिक विश्लेशक
Videos

😀सरदार जी की लस्सी😀 ********************* आजकल मार्केटिंग के नए नए तरीके और कॉम्पीटिशन भी बढ़ गए हैं! ग्राहक भी होशियार है,वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह रेट कन्फर्म करता है और यह भी देखता है कि यदि सामान पसंद नहीं आया तो वापसी की संभावना और तत्काल पैसे मिल जाएं! छोटे दुकानदार भी ऑफर देते हैं- यहाँ सरदार जी ने भी मार्केटिंग का नया तरीका निकाला है- लोगों को लगता है कि बड़ा गिलास सस्ता है! "ओ साडी लस्सी पियोगे तो ऐश करोगे” ********************************
उदय वीर सिंह जैवार28,810 views • 10 days ago

😀जिगरी दोस्त और शर्त😀 ======================= अक्सर दोस्तों में शर्त लगती है,कोई शर्त जीतता है-कोई हारता है! जीतने वाला अक्सर खुश होता है और हारने वाला मायूस! लेकिन यहाँ जीतने वाला भी ख़ुश और हारने वाला,उससे भी ज़्यादा ख़ुश! हारने वाला क्यों ख़ुश है ! आपकी क्या राय है ***************** ?
उदय वीर सिंह जैवार37,425 views • 17 days ago

🙃 "राणा जी मुझको माफ़ करना, गलती म्हारे से हो गई।"🙃 ===================
उदय वीर सिंह जैवार78,210 views • 3 months ago

😀बीबी और धुलाई😀 ============== बड़े बुजुर्ग कहते हैं जब भी परिवार के साथ बाहर या सार्वजनिक स्थानों पर जाएं, थोड़ा धैर्य रखें,हर छोटी-बड़ी बात पर झगड़ना सही नहीं हैं! यहाँ बीबी की धुलाई ने यह साबित कर दिया की-“ हर जगह चौड़ा होने की या कॉलर खड़ा करने “ की जरूरत नहीं है! ऐसे लोगों को समझाने का “ धुलाई का रास्ता “ आपको कैसा लगा ?
उदय वीर सिंह जैवार14,772 views • 18 days ago

🙃बेटी-दामाद और ससुर🙃 *********************** आज के पारिवारिक माहौल की सुख-शांति की सभी को चिंता है! लेकिन बहुत कम लोग सही रास्ता अपनाते हैं! यहाँ देखिए-पत्नी भी खुश,पति भी खुश और ससुर जी भी खुश! लेकिन तीनों में होशियार कौन निकला जिसकी तारीफ़ की जाय-समझ नहीं आ रहा!
उदय वीर सिंह जैवार30,562 views • 1 month ago

🙃Good morning 🙃 मन की बात *********** - कवि सम्पत सरल आया फिर रविवार है, रेडियो पर शोर है, बातों के इस जाल में, फँसा कोई और है। काम की कोई बात नहीं, बस किस्सों का अंबार है, हकीकत की ज़मीन सूखी, शब्दों की बौछार है। सिर्फ़ जुमलों की खेती, वादों का बाज़ार है, ज़िम्मेदारी से किनारा, बस प्रचार ही प्रचार है। मुद्दे गायब हैं यहाँ, बस मंत्रों का जाप है, आम आदमी की पीड़ा, यहाँ चुपचाप है। भक्तों का ये सम्मोहन, गजब का ये खेल है, तर्कों की है विदाई, और सच्चाई से बेमेल है। एक तरफा है ये धारा, सवाल पूछना मना है, सुनने वालों के लिए बस, एक सपना बुना है।
उदय वीर सिंह जैवार30,444 views • 2 months ago

😀अतिथि सत्कार 😀 *************** होटल मैनेजमेंट ट्रेनिंग और रोज़गार
उदय वीर सिंह जैवार18,566 views • 2 months ago

😀बीबी की बहन और बंदा खुश 😀 ***************************** साली और जीजा का रिश्ता भारतीय समाज और संस्कृति में एक बहुत ही अनूठा और जीवंत रिश्ता माना जाता है। इसमें जहाँ एक ओर मर्यादा और सम्मान होता है, वहीं दूसरी ओर दोस्ती और ठिठोली की एक गहरी मिठास भी घुली होती है। बंदा कितना ख़ुश है!
उदय वीर सिंह जैवार14,615 views • 1 month ago