
Lalit Mishra Lavi
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सनातनी 🚩
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Jaiky Yadav उत्तर प्रदेश के आगरा में एक दवा फैक्ट्री पकड़ी गई। 4 में से 3 सैंपल फेल मिले। नकली दवाओं की सप्लाई पूरे नॉर्थ इंडिया में हो रही थी। जो नकली दवाई सिर्फ 6 लाख रुपए में तैयार हुई, उसे मार्केट में 85 लाख रुपए में बेचा गया। फैक्ट्री मालिक विजय गोयल सहित 10 आरोपी जेल में हैं।
Lalit Mishra Lavi238,843 Aufrufe • vor 1 Jahr

यूपी के बलिया में रुदल यादव भैंस चरा रहे थे. तभी यूपी पुलिस के 2 सिपाही आए और रुदल को पकड़ लिया. रुदल को थाने ले गए और धमकाने लगे कि फर्जी केस में फंसा देंगे. पहले ढाई लाख मांगे, फिर डेढ़ लाख मांगे, रुदल चिरौरी करते रहे तो 1 लाख पर मामला सेट हुआ. रुदल ने थाने से ही कॉल किया और दो बार में 50-50 हजार रुपए एक अकाउंट के ट्रांसफर करवा दिए. इसके बाद यूपी पुलिस के सिपाहियों ने रुदल को छोड़ दिया. रुदल ने शिकायत की, जांच हुई और सिपाही सस्पेंड कर दिए गए.
Lalit Mishra Lavi219,779 Aufrufe • vor 1 Jahr

Jaiky Yadav ये वीडियो देख कर आपके भी रोंगटे खड़े हो जायेंगे । आगरा की वीडियो बताई जा रही है ।
Lalit Mishra Lavi126,341 Aufrufe • vor 1 Jahr
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Gurpreet Garry Walia थप्पड़ का जवाब थप्पड़" 📍मध्यप्रदेश
Lalit Mishra Lavi130,343 Aufrufe • vor 1 Jahr

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश की भाषा !!! पत्रकार -: ठेकेदार बोल रहा है कि पैसे मंत्री विधायक तक पहुच जाता है .... मंत्री जी -: कौन ठेकेदार है बुला लाओ उस #मादर**द को .... ये बाबा मुख्यमंत्री सरकार के मंत्री जी की भाषा है , ऑन कैमरे पर ऐसा बोल रहे है तो जनता के साथ किस तरह का व्यवहार करते होंगे ।
Lalit Mishra Lavi113,854 Aufrufe • vor 1 Jahr

पानी.. पानी.. पानी ले आओ.... लेकिन इतना भी वक्त नहीं था.. जब तक पानी आता, तब तक उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे.. सब कुछ पलक झपकते ही हो गया. ये बहुत तगड़ा वाला प्यार था.. शायद भगवान को भी अच्छा नहीं लगा, कोई किसी से इतना प्यार करे!! वाकई ये पति-पत्नी का बहुत ही पवित्र प्यार था.. इसमें पति का त्याग और समर्पण ज्यादा दिख रहा.. लेकिन मंजूरे खुदा जो हो, वही होता है न.. पत्नी की तबियत खराब रहती थी.. पति ने उसकी देखभाल के लिए वीआरएस लिया था.. सोचा होगा, घर में रहूंगा तो उसकी सेवा करूंगा जिसने जीवन भर मेरी सेवा की. आज उन्हीं की वीआरएस की पार्टी थी.. पार्टी में पत्नी की तबीयत बिगड़ गई.. शायद कार्डियक अरेस्ट हो गया.. सबके सामने उनकी पत्नी की मौत हो गई.. हिंदुस्तान में पत्नियों का धर्म होता है जब तक वो जिंदा रहेंगे तब तक पति की सेवा करेंगी. उनके लिए पति से अपनी सेवा कराना पाप होता है.. खैर, मैं इसे दकियानूसी सोच मानता हूं.. अब आप सोचिए, कितना कष्टकारी होगा उस आदमी के लिए वो पल.. जिसने अपनी बीमार पत्नी की सेवा के लिए नौकरी के तमाम दिन छोड़ दिए.. वो शख्स जो पत्नी के साथ बाकी बचे पल जीना चाहता था, उसने उसी पत्नी को अपनी आंखों के सामने मरते हुए देखा.. हे ईश्वर.. ऐसा क्यूं करते हो आप??
Lalit Mishra Lavi107,368 Aufrufe • vor 1 Jahr

“इलाज के लिए हाथ जोड़ता रहा मरीज़, तड़पते-तड़पते मौत: वेंटिलेटर नहीं मिला” “VIDEO: लखनऊ के KGMU में इलाज के लिए हाथ जोड़ता रहा मरीज़, फिर भी नहीं मिला वेंटिलेटर, मौत” “लखनऊ के केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग में संवेदनहीनता की हदें पार करती एक वीडियो वायरल हो रहा है। मरीज़ हाथ जोड़कर इलाज की गुहार लगा रहा था, लेकिन डॉक्टर नहीं पसीजे और उसकी मौत हो गई।” ये पढ़कर आपके मन में क्या आता है? सनसनीख़ेज़ लग रही होगी ख़बर। पत्रकार महोदय भी खुश होंगे कि क्या बढ़िया हेडलाइन्स लिखी है, खूब वायरल हो गई। खुश ही होंगे वो। मरीज़ के मरने का कोई दुख नहीं होगा इन पत्रकारों को। क्योंकि ये गिद्ध हैं। वायरल ख़बर पर अपनी दुकान चलाने वाले गिद्ध, जिनके लिए वो मरीज़ मात्र एक सनसनीख़ेज़ ख़बर था। गिद्ध ना होते तो सवाल करते सरकार से और छापते कि वेंटिलेटर की कमी क्यों है अस्पतालों में। क्योंकि इसी हेडलाइन्स के नीचे की ख़बर में लिखा है कि मरीज़ को वेंटिलेटर की ज़रूरत थी, पर खाली न होने से रेफर कर दिया गया। मतलब डॉक्टर को क्या करना चाहिए था? जो मरीज़ वेंटिलेटर पर थे, उनका वेंटिलेटर हटाकर मरने के लिए छोड़ देते? मुझे नहीं पता कि मीडिया संस्थानों में क्या hierarchy होता है, लेकिन कुछ तो होता होगा ना?? चलिए, जिस पत्रकार ने ये छापा, वो थोड़े नासमझ होंगे, या मूर्ख होंगे, या धूर्त होंगे। हर पेशे में कुछ ना कुछ ऐसे लोग होते हैं। लेकिन उनके ऊपर एडिटर टाइप कुछ होते होंगे ना? या ऊपर से नीचे तक ऐसे गिद्धों की फ़ौज है मीडिया संस्थानों में? हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स, सबने एक जैसा हेडलाइन्स दिया है। क्या किसी ने ज़रूरी नहीं समझा ख़बर को सही तरीक़े से लिखना? और आप इनसे पूछेंगे कि वेंटिलेटर है क्या, तो ये कहेंगे कि वेंटिलेटर तो कुछ है ही नहीं साहब। पैसा बनाने की मशीन है जी बस। वेंटिलेटर एक जीवन रक्षक प्रणाली है। जो मरीज़ वेंटिलेटर पर हैं, वो बिना वेंटिलेटर के जीवित नहीं रह सकते। एक मरीज़ के वेंटिलेटर को हटाकर दूसरे मरीज़ को वेंटिलेटर नहीं दिया जा सकता। पूछिए जाकर सरकार से कि वेंटिलेटर की कमी क्यों है। पत्रकार बनिए। गिद्ध भरे पड़े हैं।
Lalit Mishra Lavi97,020 Aufrufe • vor 1 Jahr

बहुत दुःखद एक आतताई औरंगजेब हुआ था जो जनेऊ काटता था आज यह दृश्य देखकर मन विचलित हुआ कि परीक्षा देने के लिए लोगो को अपने हाथ का कलावा कटवाना पड़ा परीक्षा केंद्र में,सनातनी और हिन्दू राष्ट्र की बात करने वाले कहा सो गए,मै इस तरह की घटना की घोर निंदा करता हूँ, और मांग करता हूँ विधानसभा सत्र प्रारंभ होने पर सुरक्षा के लिए जितने भी पुरुष माननीय है उनको अंडरवियर और बनियान में प्रवेश दिया जाए अपने ही देश मे योगी सरकार उत्तर प्रदेश में हाथ का कलावा काट दिया गया हद हो गई #YogiAdityanath
Lalit Mishra Lavi60,320 Aufrufe • vor 1 Jahr