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Self love is gay always hate yourself as much as you can. (शुक्र है जिंदगी दोबारा नहीं मिलेगी)

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इतना गन्दा मज़ाक कौन करता है भाई 💔 बेचारे कि फट के 4 हो गयी थी 😂

इतना गन्दा मज़ाक कौन करता है भाई 💔 बेचारे कि फट के 4 हो गयी थी 😂

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देखा ये कितना ख़तरनाक है 💔 आर्टिफीसियल तरीके से रँगे हुए फल और सब्जियों से दुरी बनाना ही हमारे लिए बेहतर होगा 👍

देखा ये कितना ख़तरनाक है 💔 आर्टिफीसियल तरीके से रँगे हुए फल और सब्जियों से दुरी बनाना ही हमारे लिए बेहतर होगा 👍

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कुदरत ने इसके बाजूओं में इतनी ताकत दी है की, इंसानी अविष्कार भी देख के शरमा जाए 👍

कुदरत ने इसके बाजूओं में इतनी ताकत दी है की, इंसानी अविष्कार भी देख के शरमा जाए 👍

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प्रकृति से खिलवाड़ करते हैं कुछ लोग, पर भुगतना सभी को पड़ता है.........

प्रकृति से खिलवाड़ करते हैं कुछ लोग, पर भुगतना सभी को पड़ता है.........

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यही होता है जब आप गूगल मैप फास्टेस्ट रूट पर आँख बंद करके भरोसा करते हो........

यही होता है जब आप गूगल मैप फास्टेस्ट रूट पर आँख बंद करके भरोसा करते हो........

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Yogya_balak's profile picture

जब बिजली नहीं थी, तब अंग्रेजों को ठंडी हवा कैसे मिलती थी... एयर कंडीशनर और बिजली के पंखों से पहले, ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में बड़े-बड़े कपड़े के छत वाले पंखे, जिन्हें पंखा (Punkah) कहा जाता था, इस्तेमाल किए जाते थे। लेकिन इन्हें कोई मशीन नहीं चलाती थी। इन पंखों को घंटों तक रस्सी खींचकर भारतीय कर्मचारी, जिन्हें पंखा वल्लाह (Punkah Wallah) कहा जाता था, हाथ से चलाते थे। भीषण गर्मी में लगातार यह काम करना बेहद कठिन और थकाऊ होता था। एक तरफ अंग्रेज अधिकारी आराम से ठंडी हवा का आनंद लेते थे, वहीं दूसरी तरफ भारतीय मजदूर उसी आराम की कीमत अपने कठिन श्रम से चुकाते थे। इतिहास हमें सिर्फ अतीत नहीं बताता, बल्कि यह भी सिखाता है कि किसी भी समाज की समृद्धि और आराम कभी भी दूसरों के शोषण की कीमत पर नहीं होना चाहिए।

ASHaraf

114,760 просмотров • 6 дней назад

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