
नीरज نیرج
@_virakt • 8,111 subscribers
Atheist | Ambedkarite | Curious | Pharmacist | Poet-Writer | Veracious | Rationalist | Socio-political | Photography | Learner | Pessimistic | 🏳️🌈
Videos

'मसान' का यह सीन जब देखा था पहली बार तो यह समझने में नाकाम रहा कि ब-मुश्किल से एक मिनट के इस दृश्य में वह कौन सी बात थी! उस समय मैं, बारहवीं का विद्यार्थी था...समझने के लिए शायद थोड़ा कम उम्र थी लेकिन अब जब उस बात को आठ साल बीत चुके हैं तो धीरे-धीरे समझने लगा कि यह कितनी ठोस बात है— "हम पिताजी के साथ रहते हैं, पिताजी अकेले रहते हैं" यह फिल्म इसीलिए भी बहुत खूबसूरत है चूंकि यह जस की तस है...क्षणिक घटनाओं से भरी हुयी इंच-इंच के बिछड़ते अपार पीड़ाओं, कभी-कभी सुखद लौट आए प्रेम से। कभी कभी बहुतों के दुःख कहे से परे हो जाते हैं और ऐसा तब होता है जब कोई असल में अकेला हो जाता है। फिल्म : मसान (२०१५)
नीरज نیرج79,663 просмотров • 8 месяцев назад

"बीहड़ में बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट में" 📽️ : पान सिंह तोमर
नीरज نیرج47,568 просмотров • 1 год назад

"मैं किसान हूं आसमान में धान बो रहा हूं" : विद्रोही जी को फिर सुनिए
नीरज نیرج25,302 просмотров • 1 год назад

चीज़ों के गिरने के नियम होते हैं मनुष्यों के गिरने के कोई नियम नहीं होते : नरेश सक्सेना जी को सुनिए
नीरज نیرج15,024 просмотров • 11 месяцев назад
Больше нет контента для загрузки