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ABHISHEK SEMWAL

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Political Junkie | Hippie from Himalayas | Temples|Culture| रंगीलो गढ़वाल छबीलो कुमाऊं।जय श्री केदार

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Birthday celebrations in Kedarnath? Why shouldn’t such people be jailed for this? They have absolutely no basic civic sense. Idiots. Cc Rudraprayag Police Uttarakhand Uttarakhand Police

Birthday celebrations in Kedarnath? Why shouldn’t such people be jailed for this? They have absolutely no basic civic sense. Idiots. Cc Rudraprayag Police Uttarakhand Uttarakhand Police

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मैं पिछले 6-7 वर्षों से इस प्लेटफॉर्म पर लगातार लिखते आया हूँ कि उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले चमोली में कुकुरमुत्तों की तरह उग आए धर्मस्थल एक दिन चिंता का सबब बनेंगे। खबर है कि हालिया मारपीट विवाद के बाद कुछ निहंगों ने रुद्रप्रयाग के एक गुरुद्वारे पर कब्जा कर दिया है और पुलिस के अलावा आईटीबीपी भी मोर्चे पर उतर गई है। सवाल यही है कि राज्य का माहौल खराब करने की ये साजिश के तहत इन उपद्रवियों को यहाँ कौन भेज रहा है? क्या ये उत्तराखंड सरकार के ख़िलाफ़ षड्यंत्र किया जा रहा है? देश की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती देने वाले इन एलिमेंट्स पर तुरंत UAPA लगा देना चाहिए। लेकिन एक तथ्य तो यही है कि इन्हें शुरुआत से ज़मीन स्थानीय लोगों ने ही प्रोवाइड करवाई है, अब भुगत रहे हैं।खैर, समाधान तो यही है 👇🏻

ABHISHEK SEMWAL

26,102 views • 1 month ago

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केदारनाथ में Blinkit, Zomato या Rapido जैसी सुविधाओं की तलाश मत करिए आजकल कुछ कंटेंट क्रिएटर्स और यहां तक कि कुछ चर्चित लोग भी केवल सनसनी फैलाकर व्यूज़ बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। छोटी-छोटी असुविधाओं को इस तरह पेश किया जा रहा है जैसे पूरी यात्रा में कोई व्यवस्था ही न हो, जबकि यह सच नहीं है। केदारनाथ यात्रा हमेशा से एक चुनौतीपूर्ण और आस्था से भरा सफर रहा है। पहले यात्री कई दिनों की कठिन यात्रा के बाद बाबा के दर्शन कर पाते थे। रास्ते की कठिनाइयाँ ही इस यात्रा का हिस्सा मानी जाती थीं। आज परिस्थितियाँ बदली हैं, सुविधाएँ पहले से बेहतर हुई हैं, लोग सुबह निकलकर शाम तक धाम पहुँच पा रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर चीज़ तुरंत, फटाफट और हाथोंहाथ मिलनी चाहिए। कुछ लोग इस यात्रा को भी शहरी सुविधाओं के नजरिए से देखने लगे हैं, और जब वैसा नहीं होता तो उसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर वायरल होने की कोशिश करते हैं। यह दृष्टिकोण न केवल गलत है बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ भी अन्याय है। यात्रा का उद्देश्य केवल सुविधा नहीं, बल्कि श्रद्धा, धैर्य और अनुभव है। इसलिए ऐसी सनसनीखेज़ बातों से बचें और केदारनाथ यात्रा को बदनाम करने की बजाय उसकी गरिमा को समझें और बनाए रखें। सुनिए, पंजाब से आए एक श्रद्धालु की बातों को 👇🏻

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38,931 views • 3 months ago

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