
Abhinay Maths
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Vigilant, Fearless, Torchbearer,बेबाक, सत्यग्राही, संघर्षी, निर्भीक | मेरी लड़ाई ख़राब Education & Exam system के खिलाफ है || ◆mail- [email protected]
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मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा। आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए। क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए। आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है। मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए। और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात की है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है। दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं। हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं। इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय। लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
Abhinay Maths224,485 просмотров • 3 дней назад

सरकारी परीक्षाओं में अव्यवस्था अब खबर नहीं, लगभग routine ही बनती जा रही है। Video में seriousness देखिए ! Exam hall के अंदर खुलेआम mobile लेकर paper दिया जा रहा है। अब इस पर क्या ही कहा जाए? यहां सीधे-सीधे exam centres की व्यवस्था, निगरानी, और जिम्मेदार लोगों की संवेदनशीलता पर सवाल उठते हैं। लेकिन शायद उन्हें भी पता है कि ना कोई बड़ी कार्रवाई होनी है, ना blacklist होना है.......... अगली बार फिर Centre मिल ही जाएगा। फिर अंत में वही statement जारी होगा परीक्षा पूर्ण पारदर्शिता और सुचारु रूप से सम्पन्न हुई। इतनी “पारदर्शिता” कि आराम से mobile से answer check करके exam दिया जा सके। सबसे दुखद बात यही है कि अब लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा टूटना भी system को गंभीर समस्या नहीं लगता।
Abhinay Maths88,690 просмотров • 7 дней назад

मुख्यमंत्री Nitish Kumar जी- आपने पटना की बड़ी कुर्सी छोड़ने से पहले, दिल्ली की कुर्सी हासिल कर ली है, आपको बहुत बधाई!! लेकिन बिहार के ये नौजवान अभी भी धूप में बैठे हैं, बस एक सवाल के जवाब के लिए... सरकार, अपने वादे कब पूरे करेगी? बहाली कब निकालेगी? नीतीश जी, आपने तो खुद पिछले साल वादा किया था, कहा था- टीचर बहाली के लिए BPSC TRE 4.0 का आयोजन जल्द किया जाएगा BPSC कैलेंडर में अगर ये एग्जाम 2024 में हो जाना था, तो कम से कम अप्रैल 2026 में तो डेट फाइनल करा दीजिए... और लाखों लोगों की दुआ के साथ दिल्ली जाइए....
Abhinay Maths139,252 просмотров • 1 месяц назад

नेपाल में हो रहा Gen Z द्वारा सरकार के खिलाफ protest सिर्फ social media के ban को लेकर है तो ये आपका misconception है बल्कि नेपाल में पिछले कई सालों से हो रही misgovernance और corruption के खिलाफ इतनी बड़ी आवाज़ हुई है- चाहें संसद में आग लगी और प्रधानमंत्री का देश छोड़ देना हो या वित्तमंत्री को सड़कों पर दौड़ा दौड़ा कर पीटना- कोई एक दिन या एक घटना का दर्द नहीं है...सच ये है सरकार को मालूम चल चुका था कि एक बड़ा विद्रोह होने वाला है...और इसीलिए उन्होंने social media को ban किया था ताकि लोगो क़ी आवाजें आग की तरह न फैले और उन्हें दबा दिया जाए!
Abhinay Maths322,671 просмотров • 8 месяцев назад

आप महीने भर मेहनत करते हैं, फिर सैलरी आती है सैलरी पर टैक्स लगता है फिर आप दुकान से, या मॉल से, या ऑनलाइन ग्रॉसरी मंगाते हैं, तो उस पर GST देते हैं... मतलब जेब कदम कदम पर कटती है लेकिन बदले में आपको मिलता है- फेक सामान, फेक refined oil, fake ghee, fake paneer, यहां तक दवा, toothpaste, भी फेक हो सकता है लेकिन इसके लिए सरकार का कोई जिम्मेदार नहीं? और अगर हमारी-आपकी थाली तक fake items आ ही जा रहे हैं तो सरकार को कुछ हर्जाना क्यों नहीं देना चाहिए? क्योंकि जो कार्रवाई की जानी चाहिए वो तो हो नहीं रही... आखिरी बार किसी बड़े fssai अधिकारी पर एक्शन कब लिया गया था?
Abhinay Maths50,156 просмотров • 1 месяц назад

फिल्म बनाने वालों ने खुद काल्पनिक / fictional work बताया है और मोदी जी इसे सच्चाई बता रहे है फिर तो Kerala Files / Kerala Story, Kashmir Files, Dhurandhar को CBSE के सिलेबस में शामिल करा दीजिए बच्चे भी फिल्म देखकर ही इतिहास- भूगोल समझ लेंगे और खुश भी रहेंगे। विपक्ष भी झूठ नहीं फैला पाएगा, उन्हीं के बच्चे, स्कूल में दिखाया- बोल देंगे...
Abhinay Maths63,698 просмотров • 1 месяц назад

मोदी जी पर आम आदमी ही नहीं, आम आदमी पार्टी भी भरोसा करती है मगर अफ़सोस कि भरोसा यहाँ भी टूट गया !!
Abhinay Maths82,192 просмотров • 2 месяцев назад

Digital india का दौर है AI का युग आ चुका है ! वंदे भारत चल रही है, बुलेट ट्रेन चलने वाली है! लेकिन दिल्ली से पटना एक ट्रेन (03294) 50 घंटे 17 मिनट लेट पहुंच रही है ?? यह रेलवे की वेबसाइट का glitch भी हो सकता है लेकिन ये ट्रेन तो हर दिन 5 घंटे देरी से दिल्ली से खुल रही... क्यूँकि इस ट्रेन में टिकट लेने वाले लोगों के समय की कोई कीमत नहीं है, इसलिए रोज ऐसा होता है? या इसके जिम्मेदार नेहरू जी हैं! जिनको जिम्मेदारी दी गई है वो साहब की भक्ति में लीन है और साहब सबको रील परोसकर भगवान स्वरूप दिखा भी रहे है । जय हो
Abhinay Maths63,535 просмотров • 2 месяцев назад

हवा - लेने लायक नहीं । पानी - पीने लायक़ नहीं ।(MP में देखा अपने ) कभी नक़ली अंडे पकड़े जा रहे तो कभी नक़ली पनीर और मावा । ORS ban court order के बाद new Court order से इसलिए बिकेंगे क्यूकि कंपनी के पास stock पड़ा है । कोविड वाली भी असर दिखा ही रही थी तो खबर मिली कि रेबीज वैक्सीन नकली है किस दिशा में देश है जहाँ प्रधानमंत्री को लगता कि पकौड़े की रेडी लगाना रोजगार है और वही 2047 में भारत विकसित हो जाएगा । हमने तो नहीं देखा विकसित देशों में रेडी और फेरी लगाने वाले । कौन ठीक करेगा क्यूकि सरकार तो हमने ख़ुद की पार्टी विस्तार के लिए चुनी है । 2021 में new education पालिसी लाए थे खबरदार जो उसके लागू करने की बात शिक्षामंत्री कर ले । ईश्वरीय रूप प्रधानमंत्री जी से विनती है कि मानवीय रूप में आकर देश को सही दिशा में लाने के लिए कार्य करें - महराज आपको भारत का ख्याल रखने को चुना है - कुछ दिन विदेशी दौरों से भी छुट्टी लेकर महान भारत की और अपनी नजरें डाले । Narendra Modi
Abhinay Maths132,237 просмотров • 4 месяцев назад

कल बेटी की शादी है, हलवाई बैठे हैं... Yogi Adityanath जी प्लीज इन्हें तुरंत मदद करा दें ये अमेठी के रहने वाले हैं, रविंद्र नाथ तिवारी नाम है बेटी की शादी पिता की जिंदगी का सबसे खास दिन होता है फिर किसी पिता को इस तरह सड़क पर LPG सिलिंडर लेकर खड़ा देखना दुखद है साथ ही, आने वाले हफ्ते में जिनकी शादियां हैं, उन्हें क्या करना है इस पर भी सरकार की ओर से निर्देश आ जाता तो ज्यादा अच्छा होता फिर अफवाह फैलने का चांस खत्म हो जाता...
Abhinay Maths66,883 просмотров • 2 месяцев назад

हम यकीन कर लेते हैं ऐसे लोगों पर जो हमारा काट रहे हैं विराट कोहली कहते हैं हम सिर्फ हेल्दी खाते हैं, लेकिन चिप्स का ad करते हैं शाहरुख़ ख़ान खुद गुटखा नहीं खाते, लेकिन कहते हैं दाने दाने में केसर... बीजेपी गौ माता कहती है, लेकिन बीफ बेचने वालों से चंदा लेती है... क्यों दोस्तों, ये जो बातें मैंने कही है, आप इसको समझ रहे हैं? असल में हो क्या रहा है, और दिखाया क्या जा रहा है?
Abhinay Maths49,824 просмотров • 2 месяцев назад

रवि किशन Ravi Kishan भाई आप हमेशा मजाक के मूड में रहते हैं क्या? खराब समोसे को लेकर आप थोड़ा भी serious होते तो एक बार नड्डा जी से मिल आते... fssai के निकम्मे अधिकारियों पर कार्रवाई करा देते एक बढ़िया ऑनलाइन सिस्टम बना देते जहां जनता शिकायत करे, तय समय में कार्रवाई हो जाए... समोसे के साथ-साथ नकली पनीर, नकली मसाले पर भी रोक लगती... fssai पर लिखने वालों पर FIR हो रही, उसे भी देख लेते... तब गारंटी मैं लेता हूं एक भी जनता आपका मजाक नहीं उड़ा पाती...
Abhinay Maths49,263 просмотров • 2 месяцев назад

रिज़ल्ट आने के पहले ही पूरा ‘बाज़ार’ सज जाता है! हर कोई भागा फिरता है कि Topper Rank वाला पोस्टर सबसे पहले हम डाल दें अपने प्लेटफार्म पर… वीडियो, इंटरव्यू, पोस्ट सब फटाफट तैयार हो जाता है! और लाइन भी सेट रहता है- “यही है सबसे Best प्लेटफार्म…” अरे मान लिया भाई… बच्चा तुमसे भी पढ़ा होगा… पर क्या पूरा रिज़ल्ट तुम्हारा हो गया? उसकी अपनी मेहनत, बाकी टीचर्स का योगदान, सब गायब हो गया क्या? एक टीचर… जिसका 25% भी रोल नहीं रहा… वो भी टॉपर के साथ फोटो खिंचवाकर पूरा क्रेडिट ले रहा है! और उधर लाखों बच्चों को क्या बेचा जा रहा है? - सीधा-सीधा भ्रम! कंज्यूमर कोर्ट भी कह चुका है - ये सब मत करो, जुर्माना भी लग चुका है… फिर भी खेल वही चल रहा है… बिना रुके!
Abhinay Maths42,231 просмотров • 1 месяц назад

हमलोग 2047 में विकसित बनने जा रहे हैं ? ? ? ऐसा क्यों कभी-कभी लगता है कि हम लोग अविकसित और असभ्य भारत की ओर बढ़ रहे हैं ! भारत को अगर developed बनना है तो उसका पहला step है- problems को खुलकर स्वीकार करना समस्या को deny करेंगे, कभी solve नहीं कर पाएंगे और जब ये बताया जाता है- हम आगे बढ़ रहे हैं... तो ये जरूरी है चेक करना कि क्या हम सही रास्ते पर हैं? अगर मैं दिल्ली से चंडीगढ़ के रास्ते पर हूं... अगले एक घंटे के बाद, सोनीपत और उसके एक घंटे में करनाल नहीं पहुंच रहा हूं तो इसका मतलब, मैं चंडीगढ़ कभी नहीं पहुंचूंगा... क्योंकि असलियत में, मैं उस रास्ते पर ही नहीं हूं.... सिर्फ आंख मूंदकर कल्पना करने से कि हम चंडीगढ़ जा रहे हैं, वहां नहीं पहुंच पाएंगे.... हमें सही रास्ते पर कार को ले जाना ही होगा... और हां, जब मैं देश की समस्या बता रहा हूं, इसका मतलब ये नहीं है कि मुझे देश से प्यार नहीं है... मुझे इस देश से बहुत प्यार है, मैं अपने बेटे-बेटियों के लिए आज से ज्यादा सुंदर, ज्यादा विकसित भारत बनाना चाहता हूं... लेकिन इसके लिए हमें और आपको, साथ आना होगा... आज जरूरत है कि हम सब ऑनलाइन आकर बताएं, देश में क्या-क्या गलत हो रहा है और उसका solutions कैसे निकाल सकते हैं... तभी हम आजादी के 100 साल पूरे होने पर... 2047 में विकसित भारत के हकदार बन सकते हैं!
Abhinay Maths69,592 просмотров • 3 месяцев назад

जब 1 डॉलर = 60 रुपये हुआ था, तब देश में “आर्थिक संकट” की बात होती थी… आज रुपया गिरकर, 90–95 प्रति डॉलर तक पहुंच गया है और कहा जा रहा है- "सब ठीक चल रहा है" सवाल राजनीति का नहीं, अर्थव्यवस्था का है... रुपया गिरने का मतलब है- एक import dependent देश है — Crude Oil, Electronics, Machinery सब बाहर से आता है। रुपया कमजोर ⇒ Import महंगे ⇒ Inflation बढ़ेगा ⇒ आम आदमी पर सीधा बोझ। 2.Dollar में होने वाला कर्ज (External Debt) महंगा हो जाता है। रुपया गिरा ⇒ उसी कर्ज को चुकाने के लिए ज्यादा रुपये देने पड़ेंगे ⇒ Fiscal pressure बढ़ा 3.हां, Export को कुछ फायदा होता है, लेकिन भारत का Export base अभी उतना मजबूत है नहीं कि वह नुकसान की भरपाई कर सके। 4.Rupee depreciation लगातार हो रहा हो Foreign investors का confidence कमजोर हो रहा है या फिर economy में structural issues हैं। Developed economy बनने के लिए जरूरी है - Stable currency, Controlled inflation, Strong manufacturing & exports, & High investor confidence अगर रुपया लगातार गिरता रहा तो “Viksit Bharat” का सपना, सपना ही रह जाएगा देशभक्ति का मतलब सवाल पूछना है, क्योंकि मजबूत देश वही है जहाँ जवाबदेही हो। आप सब भी सवाल करो 🙏🏻
Abhinay Maths40,300 просмотров • 2 месяцев назад

सीकर में SSC भर्ती अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का ज़बरदस्त प्रदर्शन, जिसमें समर्थन देने सांसद भी शामिल हुए। अब युवा जाग चुका है! हर राज्य से शिक्षा प्रणाली और परीक्षा व्यवस्था की धांधलेबाज़ी के खिलाफ आवाज़ बुलंद हो रही है। धांधली और फ़र्ज़ीवाड़े के इस सिस्टम को अब नहीं सहेंगे।
Abhinay Maths137,764 просмотров • 10 месяцев назад

One Man Show की वजह से देश में समस्या बढ़ती जा रही हैं , आज सबसे बड़ी जरूरत है कि देश में जिम्मेदारियां बांटी जाए... रेल मंत्री अपने विभाग के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हों, नई ट्रेन चलाने पर क्रेडिट वो मोदी जी को ना दें, बल्कि, खुद लें...और अगर बार-बार ट्रेन पटरी से उतर जाए तो तुरंत इस्तीफा देकर कहीं समोसे-कचौरी बेचने चले जाएं इसी तरह, भारत के स्वास्थ्य मंत्री भी सिर्फ मोदी जी के ट्वीट, रिट्वीट ना करें, सामने आएं और जिम्मेदारी लें... ताकि, FSSAI का कामकाज हम उन्हें रिपोर्ट कर सकें... 2020 में आई new education policy कब अपडेट होगी, शिक्षा मंत्री इसके बारे में बताएं... अभी हो ये रहा है कि हर अच्छी चीज का क्रेडिट मोदी जी को दिया जा रहा है, और कुछ भी खराब होता है तो खामोशी छा जाती है, मीडिया भी मौन रहता है, क्योंकि मोदी भगवान बना दिए गए हैं, उन पर सवाल नहीं करना है!! इसी वजह से कितना भी बड़ा कांड हो जाए, कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देते ये सिस्टम बंद करना होगा !
Abhinay Maths47,446 просмотров • 3 месяцев назад

आस-पास चुनाव का माहौल है… विकास के बड़े-बड़े वादे फिर सुनने को मिल रहे हैं। लेकिन इस पूरे शोर में… quality education की बात दब सी जाती है। सच तो ये है… कि बिना अच्छी education के, कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता… ना ही developed countries से मुकाबला कर सकता है। जमीनी हकीकत क्या है? कहीं स्कूल पूरे नहीं हैं… कहीं teachers की कमी है… और जहाँ teachers हैं, उनसे भी पढ़ाने के अलावा हर तरह के काम कराए जा रहे हैं। अब ऐसे में quality education आएगी कहाँ से? और शायद इसी का असर है… कि धीरे-धीरे हमने teachers का सम्मान करना भी कम कर दिया है। हमारी बात छोड़िए… सीधा सवाल ये है - सरकारी teachers के साथ जो हो रहा है, क्या वो सही है? उन्हें बार-बार चुनाव duty और दूसरे कामों में लगा दिया जाता है… और बच्चों की पढ़ाई पीछे छूट जाती है। क्या हम इसे समझना नहीं चाहते?
Abhinay Maths29,135 просмотров • 1 месяц назад