
Abhinay Maths
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Unfiltered Perspective, Beyond Narratives मेरी लड़ाई ख़राब Education & Exam system and cruel Health System के खिलाफ है || ◆mail- [email protected]
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एक छात्र जितनी Form Fees भरता है, कई बार उससे कई गुना पैसा तो परीक्षा वाले दिन ही खर्च हो जाता है। और ये आज की समस्या नहीं है। सालों से परीक्षा केंद्रों के बाहर बैग जमा करने के नाम पर ₹20, ₹30 से लेकर ₹100 तक वसूले जाते हैं। parking का चार्ज समझ आता है, लेकिन दूर-दराज से परीक्षा देने आए छात्रों के सामान की सुरक्षित व्यवस्था करना क्या परीक्षा आयोग की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए? मिलीभगत से जनता छात्र और ग़रीब लोगो से जितना हो सकता है लूट मार चल रही है फॉर्म का पैसा भी छात्र दे, सफर का खर्च भी उठाए और परीक्षा केंद्र पर सामान रखने के लिए भी पैसे दे तो फिर परीक्षा आयोग की तरफ़ से व्यवस्था आखिर किसके लिए है?
Abhinay Maths89,673 görüntüleme • 5 gün önce

सोचिए, देश में ऐसा दिन भी आ गया कि किसी के जश्न का बचा तेल किसी गरीब के घर का खाना बनता हैं।
Abhinay Maths147,005 görüntüleme • 1 ay önce

इतनी महंगाई के लिए भी एक दिया जलाइए… 🪔 आज एक तरफ़ साहब का जन्मदिन मनाया जा रहा है, दीये जलाए जा रहे हैं, जश्न की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं… और दूसरी तरफ़ जिस घर में रसोई का तेल खरीदना मुश्किल हो गया है, वहाँ चूल्हा कैसे जलेगा? जिस परिवार की कमाई का बड़ा हिस्सा राशन, दवा, बच्चों की फीस, गैस और रोज़मर्रा की जरूरतों में चला जाता है, उसकी परेशानी कौन दिखाएगा? और बिहार को देखिए… एक तरफ़ पानी में डूबे घर, बर्बाद फसलें और राहत का इंतज़ार करते 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। दूसरी तरफ़ उसी बिहार में जन्मदिन के अवसर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम हो रहे हैं। सवाल जन्मदिन मनाने का नहीं है। सवाल प्राथमिकताओं का है। जब जनता महंगाई से परेशान हो, जब बाढ़ में घर डूब रहे हों, जब परिवार राशन और दवाइयों के लिए संघर्ष कर रहे हों- तब मीडिया का कैमरा सिर्फ़ जश्न पर क्यों रहे? एक दिया साहब के जन्मदिन के लिए सही… लेकिन उस परिवार के चूल्हे के लिए ? जिसमें आज खाना बनाने के लिए तेल तक नहीं है। जश्न मनाइए, शुभकामनाएँ दीजिए- लेकिन जनता की तकलीफ़ को जश्न की रोशनी में छिपाइए मत।
Abhinay Maths108,383 görüntüleme • 1 ay önce

मुझे लगता है कि अब इस विवाद को यहीं रुक जाना चाहिए। बड़ा दिल रखकर माफ़ कर देना भी एक अच्छी बात होती है। बाकी कुछ चीज़ें हमेशा भगवान पर छोड़ देनी चाहिए। वही सबका हिसाब करता है, और घमंड भी वही सही समय पर तोड़ता है। हर लड़ाई का जवाब लड़ाई नहीं होता। कई बार शांत रह जाना ही जीत होती है। Maths Masti
Abhinay Maths221,110 görüntüleme • 2 ay önce

#Media की बची-खुची Credibility भी इस बात के साथ खत्म हो जाती है कि ये कल बता रहे थे कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा... और मैंने ये कल रात को ही कह दिया था कि अगर इन्होंने कहा ही है कि इस्तीफा नहीं होगा तो ये इस्तीफा जरूर होगा... इस इस्तीफे ने हम सबको लोकतंत्र का एहसास कराया है। और अब सरकार से ये विनती है कि वो एक कमेटी बनाए जो Protest का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों से भी मिले, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पेपर व्यवस्था में हो रही छोटी-बड़ी खामियों पर चर्चा करके उनका समाधान तुरंत निकाला जा सके... जड़ से इस Paper leak उद्योग को खत्म किया जा सके #paperleak #dharmendrapradhan
Abhinay Maths164,114 görüntüleme • 2 ay önce

जब रॉकेट की उल्टी गिनती शुरू होती है, तो हर सेकंड के साथ धड़कन बढ़ती है। लेकिन जब सामने #ISRO का नाम हो, तो इस काउंटिंग के साथ डर से ज्यादा विश्वास, उत्साह और positivity ही रहेगी। क्योंकि ISRO वो संस्थान है, जो हर मिशन के साथ हमारे विश्वास को और मजबूत करता है। 🇮🇳❤️ आज सुबह 2:55 AM पर GSLV-F17 ने श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी और EOS-05 (GISAT-1A) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। करीब 2,367 किलो का EOS-05 लगभग 36,000 KM की Geosynchronous Orbit से भारत की निगरानी क्षमता को और मजबूत करेगा। इससे खेती और फसल की निगरानी के साथ-साथ चक्रवात, मौसम, बाढ़, जंगल की आग और दूसरी आपदाओं पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
Abhinay Maths88,463 görüntüleme • 1 ay önce

मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा। आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए। क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए। आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है। मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए। और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात की है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है। दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं। हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं। इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय। लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
Abhinay Maths229,193 görüntüleme • 4 ay önce

श्रीराम, श्रीकृष्ण, श्री हनुमान... ये किसी पार्टी के स्टार प्रचारक नहीं हैं। ये करोड़ों लोगों की आस्था हैं। आस्था का सम्मान राजनीति से ऊपर हैं। सवाल राजनीति की मर्यादा का है- सत्ता किसी की भी हो, आस्था का सम्मान वोट से ऊपर हैं। जब विकास, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर तालियाँ कम पड़ने लगें... तब आस्था को भी चुनावी मंच पर बुला लो। भगवान चुनाव नहीं लड़ते...
Abhinay Maths165,456 görüntüleme • 3 ay önce

जब सत्ता के अपने सहयोगी भी "तानाशाही" जैसे शब्द इस्तेमाल करने लगे l तो इतना तो समझ लेना चाहिए कि कहीं न कहीं देश में संवाद की कमी है। PM ने #Neetpaper लीक के बाद संवाद किया होता तो शायद इतने बच्चे नहीं दुनिया से जाते । दुख है, कि आज संवाद आख़िरी में याद आता है। पहले विरोध को रोको, सख्ती दिखाओ, पहले कानूनी कार्रवाई और कड़ी चेतावनी की बातें करो ........ और जब हालात बिगड़ जाएँ, तब संवाद की याद आए। लोकतंत्र में संवाद पहला रास्ता होना चाहिए।.
Abhinay Maths129,237 görüntüleme • 2 ay önce

नेपाल में हो रहा Gen Z द्वारा सरकार के खिलाफ protest सिर्फ social media के ban को लेकर है तो ये आपका misconception है बल्कि नेपाल में पिछले कई सालों से हो रही misgovernance और corruption के खिलाफ इतनी बड़ी आवाज़ हुई है- चाहें संसद में आग लगी और प्रधानमंत्री का देश छोड़ देना हो या वित्तमंत्री को सड़कों पर दौड़ा दौड़ा कर पीटना- कोई एक दिन या एक घटना का दर्द नहीं है...सच ये है सरकार को मालूम चल चुका था कि एक बड़ा विद्रोह होने वाला है...और इसीलिए उन्होंने social media को ban किया था ताकि लोगो क़ी आवाजें आग की तरह न फैले और उन्हें दबा दिया जाए!
Abhinay Maths322,895 görüntüleme • 1 yıl önce

दिमागी नक्सल बताएँगे कि दिमागी नक्सल कौन है, पहले पत्रकारिता का धर्म निभा लो। विपक्ष पर कटाक्ष करना, विपक्ष से सवाल करना, विपक्ष को दिन-रात कटघरे में खड़ा करना- यही आता है तुम्हें। आज बिहार के 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। लेकिन सत्ता से एक सवाल पूछने की हिम्मत नहीं है तुममें- अभी तक क्या हुआ और आगे क्या होगा? अमित शाह जी ने कहा था-बिहार को 5 साल में बाढ़ मुक्त करेंगे। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन पर दीपक जला लो-कोई समस्या नहीं।लेकिन लाखों लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुसा है। पानी में खड़ी जनता के लिए सवाल कौन जलाए रखेगा? प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीया जनता जला रही है, लेकिन पत्रकारिता का दीया सत्ता के सामने सालों से बुझा है- वो कब जलेगा? गज़बे है भाई!
Abhinay Maths32,949 görüntüleme • 1 ay önce

मुख्यमंत्री Nitish Kumar जी- आपने पटना की बड़ी कुर्सी छोड़ने से पहले, दिल्ली की कुर्सी हासिल कर ली है, आपको बहुत बधाई!! लेकिन बिहार के ये नौजवान अभी भी धूप में बैठे हैं, बस एक सवाल के जवाब के लिए... सरकार, अपने वादे कब पूरे करेगी? बहाली कब निकालेगी? नीतीश जी, आपने तो खुद पिछले साल वादा किया था, कहा था- टीचर बहाली के लिए BPSC TRE 4.0 का आयोजन जल्द किया जाएगा BPSC कैलेंडर में अगर ये एग्जाम 2024 में हो जाना था, तो कम से कम अप्रैल 2026 में तो डेट फाइनल करा दीजिए... और लाखों लोगों की दुआ के साथ दिल्ली जाइए....
Abhinay Maths140,822 görüntüleme • 6 ay önce

पुलिस के ये तरीके अब काफी पुराने हो चुके हैं। अगर सत्ता में बैठे लोगों को लगता है कि लाठीचार्ज और Tear Gas से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के लिए आवाज़ उठा रहे JPSC JSSC छात्रों को चुप करा देंगे, तो शायद यह उनकी बड़ी भूल है। छात्रों की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती। उनकी जायज़ मांगों पर बात करनी ही होगी और उन्हें मानना ही पड़ेगा। परीक्षाओं में हो रही धांधली अब कहीं भी नहीं चलनी चाहिए। देश और हर राज्य में चल रहे इस Paper Leak उद्योग पर रोक लगनी ही चाहिए। लाठी और Tear Gas से सवाल दब सकते हैं, खत्म नहीं।
Abhinay Maths55,515 görüntüleme • 2 ay önce

सरकारी परीक्षाओं में अव्यवस्था अब खबर नहीं, लगभग routine ही बनती जा रही है। Video में seriousness देखिए ! Exam hall के अंदर खुलेआम mobile लेकर paper दिया जा रहा है। अब इस पर क्या ही कहा जाए? यहां सीधे-सीधे exam centres की व्यवस्था, निगरानी, और जिम्मेदार लोगों की संवेदनशीलता पर सवाल उठते हैं। लेकिन शायद उन्हें भी पता है कि ना कोई बड़ी कार्रवाई होनी है, ना blacklist होना है.......... अगली बार फिर Centre मिल ही जाएगा। फिर अंत में वही statement जारी होगा परीक्षा पूर्ण पारदर्शिता और सुचारु रूप से सम्पन्न हुई। इतनी “पारदर्शिता” कि आराम से mobile से answer check करके exam दिया जा सके। सबसे दुखद बात यही है कि अब लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा टूटना भी system को गंभीर समस्या नहीं लगता।
Abhinay Maths90,570 görüntüleme • 4 ay önce

बिहार के युवा शिक्षक भर्ती (TRE-4), BSSC, BPSC और बाकी तमाम परीक्षाओं की खामियों के खिलाफ सिर्फ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठा रहे हैं। राष्ट्रगान गाकर शुरू कर रहे हैं अपना आंदोलन… फिर भी सरकार इस देशप्रेम और न्याय की आवाज़ को क्यों अनदेखा कर रही है? Samrat Choudhary Mithilesh Tiwari #bpsc #TRE4 #BPSC #BSSC #PatnaProtest #ChatraNyaySatyagrah
Abhinay Maths41,717 görüntüleme • 1 ay önce

छात्र अपनी माँगों को लेकर और अपने लिए न्याय की उम्मीद में पटना की सड़कों पर हैं। Gandhi Maidan के JP Golambar से मुख्यमंत्री आवास की ओर निकलने वाले Students को रोकने के लिए पटना में भारी Police Force तैनात है। काश, अपने हक़ और न्याय की उम्मीद लेकर सड़क पर उतरे इन Students को रोकने की जगह उनकी बात सुनने की तैयारी दिखाई जाती। #BPSC #tre #bssc को लेकर Students के मन में जो सवाल और असंतोष है, उसका समाधान Barricade, Police Force या रोकने से नहीं, बातचीत और भरोसे से निकलेगा। Students अपने Future के लिए सड़क पर हैं,
Abhinay Maths35,823 görüntüleme • 1 ay önce

देश के हर कोने से छात्रों का सालों पुराना दर्द बाहर आ रहा है - उनकी मेहनत को जिस तरह से कुचला गया है कि झारखंड JPSC परीक्षा विवाद अब सिर्फ़ आरोपों तक सीमित नहीं रहा। CID ने अब तक 10 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें JPSC की पूर्व Deputy Controller of Examinations और डेटा प्रोसेसिंग कंपनी (TDPL) के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं। OMR में गड़बड़ी, रिज़ल्ट प्रोसेसिंग और भर्ती अनियमितताओं की जांच जारी है। अब ये होगा तो या तो लोग भी यही घूस देने को मजबूर होंगे या फिर डर से किताबें छोड़ने लगेंगे - ऐसे बनेगा भारत महान? दिनांक 29 जुलाई 2026 को JPSC-JSSC के पीड़ित छात्रों द्वारा *"संविधान मार्च"* का आयोजन दिनांक: 29 जुलाई 2026 ,समय: सायं 3:00 बजे से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची से अल्बर्ट एक्का चौक, रांची तक कर रहे है! झारखंड के सभी युवा साथी इस संविधान मार्च में शामिल होकर भ्रष्टाचार-मुक्त एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को सशक्त बनाने का विनम्र आग्रह करेंगें!!
Abhinay Maths47,721 görüntüleme • 2 ay önce