
Adv. Anil Mishra
@Adv_Anil_Mishra • 33,398 subscribers
Advocate, High Court of Madhya Pradesh Ex President, High Court Bar Association, Gwalior
Shorts
Videos

Oh, Maharashtra Govt, you geniuses! I’m stunned that my Gwalior SP office statement, deemed offensive only in your fine state, gets a free pass in MP & beyond. BNS 2023 must be nationwide, yet only you enforce it! Kudos for your unmatched law & order! #MaharashtraMagic
Adv. Anil Mishra157,655 Aufrufe • vor 1 Jahr

weather there are different parameter in between citizen under law
Adv. Anil Mishra32,140 Aufrufe • vor 2 Monaten

#BN_RAO #SAMVIDAN_NIRVATA_BN_RAO #kala_kanoon_scst #Baba_Sakpal_Murdabad बाबा सकपाल मुर्दाबाद! बाबा सकपाल मुर्दाबाद! यह कोई अपराध नहीं था — यह सच बोलने की सज़ा थी। और अगर सच बोलने पर सज़ा मिलती है, तो याद रखो — हम यह आंदोलन बार-बार करेंगे, भर-भर कर करेंगे, लेकिन सच कहना नहीं छोड़ेंगे। जो लोग खुलेआम कुछ भी कहते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं। जो मनुस्मृति जलाते हैं, तब भी सब मौन। लेकिन जब सच कहा गया — तो जेल! अब बहुत हुआ! अब चुप नहीं रहेंगे। अब सनातनी और सवर्ण समाज एकजुट होकर कहेगा — हम किसी से कम नहीं हैं! ⚔️ जो करना है कर लो — हम रुकेंगे नहीं! 🔥 जय महाकाल ✊ जय परशुराम 📜 जय संविधान निर्माता बी.एन. राव
Adv. Anil Mishra108,593 Aufrufe • vor 10 Monaten

लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण सभा में उस समय माहौल गरमा गया जब मंच से शंकराचार्य जी और UGC से जुड़े मुद्दों पर चर्चा शुरू ही हुई थी कि भाजपा के राज्यसभा सांसद Dinesh Sharma मंच छोड़कर चले गए। इस घटनाक्रम ने सभा में मौजूद लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए। क्या संवाद से दूरी समाधान है, या फिर खुलकर चर्चा ही लोकतंत्र की असली ताकत है? लखनऊ की इस सभा ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि समाज के मुद्दों पर गंभीर और पारदर्शी संवाद की आवश्यकता है। #Adv_anilmishra #ऑपरेशन_बगावत #BreakingNews #Lucknow #UttarPradesh #Update #ब्राह्मण #UGC
Adv. Anil Mishra83,530 Aufrufe • vor 8 Monaten

आरक्षण कम था क्या, जो अब UGC के नए नियमों का ज़हर बच्चों के भविष्य में घोला जा रहा है? देश को चाहिए था जोड़ने वाले फैसले, लेकिन लाए जा रहे हैं ऐसे नियम जो छात्र-छात्राओं के बीच जातीय खाई और गहरी करेंगे। यह शिक्षा सुधार नहीं, आने वाली पीढ़ी को बाँटने का खतरनाक प्रयोग है। इसके परिणाम समाज के लिए विनाशकारी होंगे। आरक्षण के बाद अब UGC के नियम! बच्चों की शिक्षा में सुधार नहीं, समाज में ज़हर घोलने की तैयारी। छात्र-छात्राओं को बाँटने की नीति देश को तोड़ेगी। इसे अभी रोका जाना चाहिए। #UGC_RollBack
Adv. Anil Mishra82,917 Aufrufe • vor 9 Monaten

पूरे देश में सकपाल की जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है, लेकिन मैं—अनिल मिश्रा—इस भीड़ का हिस्सा नहीं हूँ। साफ शब्दों में कहूँ तो हम सकपाल जयंती नहीं मनाते। मेरा मानना है कि देश में एक ही व्यक्ति को बार-बार महिमामंडित करना सही नहीं है। इतिहास में और भी ऐसे लोग रहे हैं जिनके योगदान को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। आज मैं खुलकर कहना चाहता हूँ — Benegal Narsing Rau जिंदाबाद! जिनका योगदान संविधान निर्माण में बेहद अहम था, लेकिन उन्हें वो सम्मान कभी नहीं मिला जिसके वो हकदार थे।
Adv. Anil Mishra55,110 Aufrufe • vor 6 Monaten

न ही कोई पार्टी न ही कोई नेता हम सवर्ण के साथ हे RSS प्रमुख जो वर्तमान में अ पने को ज्ञानी और भगवान समझते हे arkshsan और आंदोलन पर ज्ञान दे रहे हे लेकिन उन्हें nhi हे की जात वर्ण व्यवस्था समाप्त nhi हों सकती हम सनातनी हे और सनातन ही रहेगा और रही आरक्षण की तो हर क़ीमत पर समाप्त होगा wait karo भगवान जी आप अपनी कुर्सी बचा लो
Adv. Anil Mishra22,911 Aufrufe • vor 2 Monaten

सनातियों के विरुद्ध निरंतर की जा रही एकतरफ़ा कार्यवाही इस देश में उनके समानता के अधिकार का घोर उल्लंघन है। यह अत्यंत चौंकाने वाला एवं दुखद है कि आज मेरे घर के समीप स्थित मंदिर में आयोजित रामायण पाठ को, जो कि पूर्व से विधिवत निर्धारित था, पुलिस अधिकारियों द्वारा बलपूर्वक रुकवा दिया गया। यह कृत्य न केवल धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रहार है, बल्कि यह दर्शाता है कि सनातन धर्म के अनुयायियों के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, मेरे विरुद्ध लगातार भ्रामक एवं झूठी जानकारियाँ प्रसारित की जा रही हैं, परंतु मैं आज भी अपने सत्य एवं धर्मसंगत वक्तव्य पर दृढ़ता से अडिग हूँ। मैं स्पष्ट कहना चाहता हूँ कि चाहे जितनी भी FIR दर्ज हों, हर एक FIR हमारे लिए न्यायालय में सत्य को सिद्ध करने का एक नया अवसर लेकर आएगी। 🚩 सत्य की विजय अवश्य होगी। #मैं_भी_अनिल_मिश्रा #जयसनातन
Adv. Anil Mishra88,727 Aufrufe • vor 1 Jahr

सभी को नमस्ते! 🙏 कल शाम से X पर हनुमान मंदिर में हुए विवाद को लेकर भ्रामक और आधारहीन जानकारी फैलाई जा रही है। यह अपने आप में आश्चर्यजनक है कि कैसे कुछ लोग सत्य को भटकाने के लिए नए-नए मुद्दे गढ़ लेते हैं। मैं यहाँ पूरी सच्चाई आपके सामने रखना चाहता हूँ, ताकि आप स्वयं सही और गलत का निर्णय कर सकें। रामायण पाठ की जानकारी स्थानीय प्रशासन को कई दिन पहले से दी गई थी। 13 तारीख़ को ही दोनों पक्षों ने शांति की अपील कर दी थी, तो कोई विवाद की संभावना भी नहीं थी। इस आयोजन की सभी तैयारियाँ प्रशासन के निर्देशानुसार और उनकी अनुमति के साथ की गई थीं। कई दिनों से इस पाठ की तैयारी चल रही थी, और यह सुनिश्चित किया गया था कि सभी नियमों का पालन हो। कल जब रामायण मंदिर में लाई गई और मैं जब पंडित जी को ऑफिस से मंदिर लेकर की ओर जा रहा था, तभी हमें पता चला कि मंदिर के दोनों गेट्स पर अचानक ताला लगा दिया गया है। यह समझ से परे था, क्योंकि प्रशासन को आयोजन की पूरी जानकारी थी। यह पाठ केवल कुछ लोगों की उपस्थिति में हो रहा था, जैसा कि प्रशासन के नियमों में निर्धारित था। वीडियो फुटेज में भी साफ दिखता है कि वहाँ कोई भीड़ नहीं थी, और सभी नियमों का पालन हो रहा था। लेकिन मंदिर के गेट्स पर ताला लगाए जाने से लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं। यह स्वाभाविक ही था कि हनुमान जी के मंदिर में ताला देखकर लोग “जय श्री राम” के नारे लगाएँ। ये नारे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रशासन के इस अप्रत्याशित कदम के विरोध में थे। इस घटना के दौरान महिला अफ़सर हिना खान ने शायद यह समझा कि “जय श्री राम” के नारे उनके खिलाफ लगाए गए। जो पूर्णतः असत्य है, क्योंकि उस समय किसी को उनकी पहचान तक नहीं थी। नारे प्रशासन के ताले लगाने के खिलाफ थे, न कि किसी व्यक्ति विशेष के। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घटना को गलत रंग देकर भ्रामक narrative बनाया जा रहा है। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूँ कि रामायण पाठ का आयोजन और प्रसाद वितरण के लिए टेंट लगाना किसी भी तरह से धारा 144 CrPC या धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) का उल्लंघन नहीं करता। यह एक शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन था, जो पूरी तरह से नियमों के दायरे में था मैं आप सभी से अपील करता हूँ कि भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बजाय तथ्यों पर विश्वास करें। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सत्य को सामने लाएँ और शांति बनाए रखें। आइए, हम सब मिलकर सही जानकारी को बढ़ावा दें और किसी भी तरह के भ्रम से बचें। #सच_जानें #जय_श्री_राम
Adv. Anil Mishra82,037 Aufrufe • vor 1 Jahr

देश के साथ सबसे बड़ा बौद्धिक धोखा यह किया गया कि सकपाल (अंबेडकर) को जबरन “संविधान निर्माता” घोषित कर दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि उन्होंने भारतीय संविधान का एक भी मूल आर्टिकल नहीं लिखा। इससे भी बड़ा और निर्विवाद तथ्य यह है कि स्वयं भारत सरकार ने RTI के उत्तर में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर को “संविधान निर्माता” घोषित करने का कोई आधिकारिक प्रमाण या प्रमाण-पत्र मौजूद नहीं है। तो फिर सवाल सीधा है— जब न लेखन है, न प्रमाण है, न संवैधानिक घोषणा है, तो यह झूठा नैरेटिव आखिर किसने और क्यों गढ़ा? यह इतिहास नहीं, राजनीतिक प्रोपेगैंडा है। कुछ संगठनों ने सत्ता, वोट और सामाजिक विभाजन के लिए एक व्यक्ति को देवतुल्य बना दिया और असली संवैधानिक निर्माता सर श्री बी०एन० राउ साहब, एवं अन्य सदस्यों के सामूहिक योगदान और वास्तविक तथ्यों को पूरी तरह दबा दिया। झूठ को बार-बार दोहराकर उसे सच बनाने की साजिश रची गई। संविधान किसी भी स्थिति में सकपाल की देन नहीं थी, बल्कि सर श्री बी०एन० राउ साहब एवं अन्य सदस्यों का सामूहिक बौद्धिक प्रयास था। सकपाल (अंबेडकर) के नाम को थोपकर बाकी योगदानकर्ताओं को मिटा देना न केवल ऐतिहासिक अपराध है, बल्कि संविधान का भी अपमान है। आज जो लोग सवाल पूछने वालों को चुप कराना चाहते हैं, वही इस झूठी महिमा के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। अब बहुत हो चुका। झूठे नारे, झूठे प्रतीक और झूठे इतिहास के सहारे समाज को गुमराह करने की यह राजनीति अब स्वीकार नहीं की जाएगी। इतिहास भावनाओं से नहीं, तथ्यों से लिखा जाता है—और सच चाहे कितना भी कड़वा हो, उसे सामने आना ही होगा
Adv. Anil Mishra68,143 Aufrufe • vor 10 Monaten

आरक्षण के विरोध में वर्तमान सत्ता के संरक्षण में खड़े किए जा रहे तथाकथित लोगों को मेरा तथ्यात्मक जवाब। अब समय केवल बहस का नहीं, बल्कि अपनी आवाज़ बुलंद करने का है। मैं सभी सामाजिक संगठनों, युवाओं, बुद्धिजीवियों से आग्रह करता हूँ कि सामूहिक रूप से बैठक कर आंदोलन की तिथि, स्वरूप और रणनीति तय करें, ताकि हमारी आवाज़ संगठित, अनुशासित और प्रभावी ढंग से उठ सके।
Adv. Anil Mishra26,700 Aufrufe • vor 3 Monaten

स्पष्ट वीडियो में दिखता है कि पुलिस प्रशासन ने मंदिर पर ताला लगाया। दूसरे वीडियो में एक महिला अफसर कहती हैं कि यहाँ हमेशा रामायण का पाठ होता है, फिर 15 तारीख (मंगलवार) को मंदिर क्यों बंद किया गया? जब रिपोर्टर ने मंदिर के संबंध में पूछा, तो अफसर ने जवाब देने से मना कर दिया। मेरा निवास मंदिर के बगल में है, जो वीडियो में दर्शित है, पेंटिंग और शटर मेरे मकान के साइड की वाल पर दिख रहे हैं। मैं स्पष्ट करता हूँ कि जय श्री राम के नारे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रशासन के इस अन्यायपूर्ण कृत्य के खिलाफ हैं। हम किसी प्रोपेगंडा के बहकावे में नहीं आएँगे। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है: अपने आंदोलन को दृढ़ता से जारी रखना और रिजर्वेशन मुक्त भारत एवं सर श्री बी एन राउ साहब जी की स्थापना की माँग को सरकार के समक्ष रखना। आप सभी से अनुरोध है कि वीडियो देखें, सच्चाई समझें। जय श्री राम! #जय_श्री_राम #रिजर्वेशन_मुक्त_भारत
Adv. Anil Mishra69,621 Aufrufe • vor 1 Jahr

सभी सनातनियों और सवर्ण समाज के जागरूक भाइयों-बहनों से आग्रह है — 8 मार्च को जंतर-मंतर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और इस आंदोलन को शक्ति दें। यह किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि सम्मान, समान अधिकार और न्याय की लड़ाई है। सरकार से स्पष्ट मांग है कि सनातन समाज के खिलाफ भेदभावपूर्ण कानून बनाना बंद करे। अब समय है एकजुट होकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करने का। ✊ एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। #8MarchProtest #JantarMantar #SanatanEkta #EqualRights #संविधान #VoiceOfSanatan
Adv. Anil Mishra50,693 Aufrufe • vor 8 Monaten