
pandit Akash Shankdhar
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Believes in Socialist and Democratic ideology Socialist | Samajwadi Supporter Jai Hind 🇮🇳
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बहुत शानदार माननीय सांसद Anand Bhadauria साहब। भाजपा महिला मोर्चा की महिलाएं समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया जी के घर का घेराव करने पहुंचीं थीं, महिला आरक्षण बिल को लेकर। लेकिन सांसद जी ने इतनी शालीनता और तथ्यों के साथ अपनी बात रखी कि भाजपा की नेत्रियां बहस करने के बजाय वहां से निकलने लगीं। 😂 सांसद जी लगातार हाथ जोड़कर महिला सम्मान की बात करते रहे — “पानी पीकर जाइए, चाय पीकर जाइए…” इस पूरे घटनाक्रम में साफ दिखा कि भाजपा का प्रोपेगेंडा कमजोर पड़ता जा रहा है। वहां मौजूद महिलाएं भी समझ गईं कि उन्हें गलत जानकारी देकर भेजा गया था, जबकि असल में भाजपा ही इस कानून को पूरी गंभीरता से लागू करने की इच्छुक नहीं दिखती।
pandit Akash Shankdhar69,737 görüntüleme • 1 ay önce

आपने भाई प्रतीक जी को याद कर सुनिए क्या बोले माननीय बदायूं सांसद बड़े भैया श्री आदित्य यादव जी🙏😔
pandit Akash Shankdhar55,021 görüntüleme • 1 ay önce

ये है इटावा के लाल शहीद सूरज यादव के पिता — जिनका बेटा परसों कायर पाकिस्तानियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ। पूरा घर मातम में डूबा है — जवान बेटा बाप के सामने शहीद हो गया। लेकिन , शहीद सूरज यादव के पिता ने क्या कहा? अपनी बहू से कहा — ‘तु चिंता ना कर, मेरे पोते को चार साल और बड़ा हो लेने दे… फिर वह सूरज यादव बनेगा और देश का नाम रोशन करेगा।’ वाह! आपके हौसले, आपकी हिम्मत और देश के प्रति आपकी निष्ठा को देखकर हर हिंदुस्तानी को आप पर गर्व होगा। शहीद सूरज यादव को शत-शत नमन!"
pandit Akash Shankdhar341,281 görüntüleme • 1 yıl önce

झांसी के निलंबित इंस्पेक्टर मोहित यादव ने त्याग दिया हिंदू धर्म। क्या है पूरा मामला सुनिए..?
pandit Akash Shankdhar210,964 görüntüleme • 1 yıl önce

कप्तान साहब यह पढ़ा- लिखा नेता है. आप अपनी वर्दी का रौब हर जगह नही दिखा सकते है. प्रयागराज में एक कार्यकर्ता की फर्जी गिरफ्तारी हुई. वह भी रात के समय. M.L.C. डा. मान सिंह ने पुलिस अधिकारीयों से मिलने का समय मांगा तो वह टाल- मटोल कर रहे थे. वह तत्काल पुलिस कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गये. अधिकारी मौके पर पहुंचे तो अपनी रौब दिखानी चाही. डा. मान सिंह ने उन्हे ठीक से बताया कि प्रोटोकॉल क्या होता है. एक बात जानिए यदि जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, सांसद, विधायक एकजुट रहे तो सामान्य मामलों में पुलिस किसी कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित नही कर सकती. अभी कुछ ही दिन पहले सीतापुर में पुलिस कोतवाल ने एक वरिष्ठ नेता को अपशब्द कहा. वहां के सांसद आनंद भदौरिया हजारों कार्यकर्त्ताओं के साथ कोतवाली पहुंच गयें..पुलिस के अधिकारियों ने खेद व्यक्त कर मामला शांत कराया.
pandit Akash Shankdhar121,315 görüntüleme • 9 ay önce

अगर माननीय विधायक रमाकांत यादव जी नहीं होते तो योगी बाबा इस दुनिया में नहीं होते उनका नामोनिशान खत्म हो गया होता यही तकिया आजमगढ़ है !! जहां उनको घेर लिया गया था माननीय रमाकांत यादव जी ने योगी बाबा जी को बचाया था याद करें वह दिन योगी बाबा जी!! - श्री दरोगा प्रसाद सरोज सांसद
pandit Akash Shankdhar66,302 görüntüleme • 1 yıl önce

अखिलेश का मास्टर प्लान निकालेंगे, जिले में साइकिल यात्रा नेता कार्यकर्ता रहें तैयार..!
pandit Akash Shankdhar53,945 görüntüleme • 1 yıl önce

जयंत चौधरी की खामोशी... जब हाथरस में यूपी पुलिस ने लाठियां चलाई थीं, तब राकेश टिकैत का परिवार और पूरा पश्चिमी यूपी का जाट समाज जयंत चौधरी के साथ खड़ा था। एक आवाज़ में समर्थन दिया गया। आज वही जयंत चौधरी , डेढ़ जिले की पार्टी के मुखिया होकर समाजवादी पार्टी की मेहरबानी से राज्यसभा पहुंच गए, और 9 विधायकों के बल पर केंद्र में मंत्री भी बन गए। लेकिन बदले में क्या मिला? अपने ही लोगों को भूल जाना? मुज़फ्फरनगर में राकेश टिकैत पर हमला होता है, और जयंत चौधरी चुप्पी साध लेते हैं। ये चुप्पी अब उनके पूरी तरह से संघी एजेंडे की तरफ झुकाव का प्रमाण बन रही है। इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता इन्हें दूसरा दुष्यंत चौटाला बना कर छोड़ेगी। जो खुद को किसानों का नेता कहता है, वो तब चुप बैठा रहा जब किसान की पगड़ी उछाली गई। चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजीत सिंह ने पार्टी भले ही खत्म होने दी हो, लेकिन आत्मसम्मान और विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया। और आज, एक मंत्री पद के लिए जयंत ने सब कुछ गिरवी रख दिया। अब फैसला जनता का है।
pandit Akash Shankdhar33,647 görüntüleme • 1 yıl önce

ब्रजेश पाठक किसी जमाने में चौकीदारी करते थे, ब्रजेश पाठक खुद माफिया है : अखिलेश यादव जी
pandit Akash Shankdhar36,266 görüntüleme • 1 yıl önce