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Akash Anand

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National Convenor, BSP | A young supporter of Baba Saheb's vision | https://t.co/9ahIqr1vzR https://t.co/AwVdUTjGgq

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आज मैं उत्तरप्रदेश के नगीना लोकसभा में दोपहर 12 बजे, हिन्दू कॉलेज में एक चुनावी सभा को सम्बोधित करूँगा। ये जनसभा आप सबकी सभा है जो बहुजन समाज पार्टी के विचारों में, आदरणीय बहनजी के विकास में विश्वास रखते हैं, आइए बड़ी से बड़ी संख्या में साथ आकर नगीना को बसपा के नीले रंग में रंग दें, आइए एक बेहतर देश और एक सकारात्मक राजनीति के लिए कदम से कदम मिलाकर बसपा को मज़बूत और विजयी बनाएं। जय भीम, जय भारत।

आज मैं उत्तरप्रदेश के नगीना लोकसभा में दोपहर 12 बजे, हिन्दू कॉलेज में एक चुनावी सभा को सम्बोधित करूँगा। ये जनसभा आप सबकी सभा है जो बहुजन समाज पार्टी के विचारों में, आदरणीय बहनजी के विकास में विश्वास रखते हैं, आइए बड़ी से बड़ी संख्या में साथ आकर नगीना को बसपा के नीले रंग में रंग दें, आइए एक बेहतर देश और एक सकारात्मक राजनीति के लिए कदम से कदम मिलाकर बसपा को मज़बूत और विजयी बनाएं। जय भीम, जय भारत।

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हरियाणा की सोहना विधानसभा के तावडू में होनहार बॉलीबॉल खिलाडियों से मिलना हुआ। हरियाणा के युवा खेलों में जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सरकारी मदद प्रोत्साहन के अभाव में कई युवाओं को मौका नहीं मिल पा रहा है। हरियाणा में बीएसपी-इनेलो की सरकार बनने पर खेलों और खिलाड़ियों के लिए नीति बनाई जाएगी जैसे यूपी में आदरणीय बहन जी ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए हर जिले में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर स्टेडियम बनवाकर प्रदेश को खेलों में मजबूत बनाने का काम किया था।

हरियाणा की सोहना विधानसभा के तावडू में होनहार बॉलीबॉल खिलाडियों से मिलना हुआ। हरियाणा के युवा खेलों में जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सरकारी मदद प्रोत्साहन के अभाव में कई युवाओं को मौका नहीं मिल पा रहा है। हरियाणा में बीएसपी-इनेलो की सरकार बनने पर खेलों और खिलाड़ियों के लिए नीति बनाई जाएगी जैसे यूपी में आदरणीय बहन जी ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए हर जिले में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर स्टेडियम बनवाकर प्रदेश को खेलों में मजबूत बनाने का काम किया था।

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माननीय प्रधानमंत्री जी की हालिया अपील ऐसे समय आई है जब देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है। पिछले तीन महीनों में हमारा विदेशी मुद्रा भंडार लगभग $38 अरब घटकर मात्र $690 अरब रह गया है। रुपया डॉलर के मुक़ाबले ₹95 पार कर चुका है, और व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है। ये केवल आँकड़े नहीं हैं, ये करोड़ों परिवारों की रोज़मर्रा की चिंता हैं। मैं मानता हूँ कि मौजूदा हालात में अर्थव्यवस्था चलाना आसान काम नहीं है, और दुनिया भी एक कठिन दौर से गुज़र रही है। ऐसे समय में सरकार का ध्यान मांग बढ़ाने पर होना चाहिए, मांग घटाने पर नहीं। दुनिया का आर्थिक इतिहास हमें एक सीधी बात सिखाता है कि जब आर्थिक गति धीमी हो, तब लोगों से कम खर्च करने को कहना समाधान नहीं होता, समाधान यह है कि टैक्स में राहत देकर, छोटे व्यापारियों को सहारा देकर, मध्यम वर्ग पर बोझ कम कर आम परिवारों के हाथ में थोड़ा ज़्यादा पैसा छोड़ा जाए। मुझे दुख इस बात का है कि हर बार किफ़ायत की ज़िम्मेदारी उसी ईमानदार करदाता पर आ जाती है जिसने कोविड के समय भी सबसे ज़्यादा सहा। उसने उस वक़्त भी पूरे भरोसे से अपनी भूमिका निभाई थी, तब भी उसके लिए राहत सीमित थी, और आज फिर उसी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है और वो भी बिना ये बताए कि सरकार अपनी ओर से उसके लिए क्या करने जा रही है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को रेवडियां बांटने वाली नीतियों पर तुरंत रोक लगानी होगी ताकि सरकारी खजाने पर बोझ कम हो सके। अगर सरकारें fiscal dicipline और productive capital creation पर ध्यान नहीं देंगी, तो थोड़े समय का राजनीतिक लाभ देश को लंबी आर्थिक कीमत चुकाने पर मजबूर करेगा। देश को अपील नहीं, एक स्पष्ट रास्ता चाहिए। लोग जानना चाहते हैं विकास कैसे लौटेगा, नौकरियाँ कैसे बढ़ेंगी, और किसानों, छोटे व्यापारियों व मध्यम वर्ग को असली राहत कब मिलेगी। सिर्फ़ नागरिकों से त्याग माँगना शासन नहीं होता। जवाबदेही, दूरदृष्टि और आर्थिक संतुलन यही असली राष्ट्रहित है।

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साथियों, सत्ता की ‘मास्टर चाबी’ लेकर बहुजन समाज को गुलामी और लाचारी के जीवन से निकालने वाले महानायक और हम सबके प्रेरणास्रोत मान्यवर साहेब श्री कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस पर हमारे सविंधान और आरक्षण की रक्षा की एक बड़ी लड़ाई की शुरुआत करनी है। साथ ही पूरा बहुजन समाज जानना चाहता है कि सामाजिक परिवर्तन के महानायक मान्यवर श्री कांशीराम साहेब जी को भारत रत्न से कब सम्मानित किया जाएगा। आइए, मान्यवर साहेब के कारवां से जुड़िए, इस लडाई में शामिल होइए। तो साथियों 9 अक्टूबर सुबह 9 बजे मान्यवर साहेब को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और आदरणीय बहन कु. Mayawati जी को सुनने के लिए आप राजधानी दिल्ली में रकाबगंज मार्ग पर स्थित बहुजन प्रेरणा स्थल पहुंचे। जय भीम, जय भारत।

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68,927 просмотров • 1 год назад

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ये पहली बार नहीं है जब भाजपा के नेताओं ने बाबा साहेब का अपमान किया है। लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा संसद में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी का अपमान हमारा समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। मैंने और मेरे समाज ने सदियों से ऐसे जातीय अपमान को झेला है। खुद बाबा साहेब को कांग्रेस और देश के पहले प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू जी ने कई बार अपमानित किया और कई मौकों पर उनको नीचा दिखाने का काम किया। यही नहीं नेहरू जी ने तो सुनियोजित तरीके से बाबा साहेब को चुनाव हराने का भी काम किया। लेकिन तब के कांग्रेसी नेताओं के हथकंडों से बाबा साहेब विचलित नहीं हुए और हमारे समाज को जो ताकत दी उसे एक राजनैतिक ताकत बना कर आदरणीय मान्यवर साहेब श्री कांशीराम जी और आदरणीय बहन कु. मायावती जी ने हमारे समाज को उसका हक दिलाने का काम किया। मुझे याद है कि 2006 में कांग्रेस की सरकार में NCERT की किताब में एक बेहद अपमानजनक कार्टून छापा गया था जिसमें नेहरू कोड़ा लेकर बाबासाहेब पर हमलावर हैं।बताइए कांग्रेस बच्चों को क्या पढाना चाहती थी। सबको याद है 2012 में भी संसद में ऐसा ही हंगामा हुआ था, तब कांग्रेस की सरकार थी और आज भाजपा की सरकार है। इसलिए ही मान्यवर साहब ने एक को सांपनाथ और दूसरे को नागनाथ कहा था, यही वजह है कि हमें इस देश को इन दो दलों की जागीर नहीं बनने देना है। हमारे समाज को सम्मान सिर्फ और सिर्फ आदरणीय बहन कु. मायावती जी के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी ही दिला सकती है। जय भीम, जय भारत।

Akash Anand

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साथियों, आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस बीएसपी और बहन जी के खिलाफ बडी साजिश कर रहे हैं। पहली साजिश, हमारे मूवमेंट को खत्म करने के लिए मनुवादी मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि बीएसपी कांग्रेस को समर्थन दे दे। लेकिन आप सभी जानते हैं कि आदरणीय बहन जी किसी के दबाव में नहीं आती, उनका एकमात्र उद्देश्य दलित समाज को राजनीतिक ताकत बनाना है। दूसरी साजिश, कुछ चमचे नेताओं द्वारा फैलाई जा रही है कि बहन जी संन्यास ले रही हैं। ताकि बहुजन आंदोलन के प्रति लोगों को भ्रमित किया जा सके। 2024 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर बहन जी ने मनुवादी, पूंजीवादी साजिशों को जवाब दे दिया है। बीएसपी ना कांग्रेस का एजेंडा कामयाब होने देगी और ना देश को भाजपा के फ्री राशन और धर्म की चाशनी का गुलाम बनने देगी। बहन जी हमेशा कहती रही हैं, दलित, शोषित, वंचित समाज के हक और सम्मान के लिए वो आखिरी सांस तक लडेंगी। मेहनतकश देशवासियों के स्वाभिमान और आर्थिक स्वतंत्रता की इस लड़ाई में हम सभी को दिलोजान से आदरणीय बहन जी और बीएसपी को मज़बूत करना है और पूरी ताक़त से लड़ना है।

Akash Anand

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