
Chahat
@AnkahiChahat • 6,850 subscribers
अनकही, अनसुनी और अनसुलझी चाहत!✿♡☘ || A Firm believer in “हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी, जिस को भी देखना हो कई बार देखना”|| No DMs❌
Shorts
Videos
0:34
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

ज़िंदगी में पिता सा हौसला कहाँ से लाऊँ, वो सब्र, वो सलीका कहाँ से पाऊँ? ~चाहत♡
Chahat176,318 Aufrufe • vor 9 Monaten

जितने ऊँचे हो जाओगे और अकेले हो जाओगे, मिट्टी हो मिट्टी से आखिर कितने मैले हो जाओगे। ~मुकेश आलम♡
Chahat53,735 Aufrufe • vor 8 Monaten

ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम ~साहिर लुधियानवी साहब♡
Chahat48,335 Aufrufe • vor 9 Monaten

कोई समझे बिना बस सुन ले इतना ही काफ़ी है, कि कुछ लोग हर दिन थोड़ा-थोड़ा मरते हैं जिंदा रहने के लिए। ~चाहत♡
Chahat43,518 Aufrufe • vor 9 Monaten

इस से पहले कि बेवफ़ा हो जाएँ क्यूँ न ए दोस्त हम जुदा हो जाएँ ~फ़राज़ साहब♡
Chahat38,544 Aufrufe • vor 8 Monaten

मैं तुम्हारी आँखों से वो ज़माने देखूँगा जो अभी नहीं आए। मैं तुम्हारे पाँवों से तेज़-तेज़ भागूँगा ऐसी राहों पर जो अभी निगाहों से ख़्वाब की तरह ओझल हैं। मैं तुम्हारे हाथों से वो पहाड़ छू लूँगा, जिसको सोच कर भी अब साँस फूल जाती है। वो पहाड़, वो रस्ते जिन पर तुम्हें जाना है, वो नया ज़माना है, और वो तुम्हारा है। मैं उस ज़माने को देख भी न पाऊँगा, लेकिन उस ज़माने की हर घड़ी, हर एक पल को मेरी आँखें देखेंगी। उन चमकती आँखों से जो तुम्हारी आँखें हैं। मैं तुम्हारी आँखों में प्यार बनकर रहता हूँ, नूर बनकर बसता हूँ, ख़्वाब बनकर ज़िंदा हूँ। मेरे सारे ख़्वाबों को इन हसीन आँखों के एक कोने में तुम छुपा के रख लेना। और अगर ये ख़्वाब कभी फूल बनकर महकें तो, उनकी खुशबुओं में तुम मेरे नाम के सारे हर्फ़ एहतियात से रख देना। ~अशफ़ाक हुसैन♡
Chahat38,782 Aufrufe • vor 9 Monaten

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है ~अल्लामा इक़बाल♡
Chahat32,702 Aufrufe • vor 8 Monaten

किताबें पढ़ना इसलिए भी ज़रूरी है, क्योंकि वही हमें जीवन जीने का अर्थ सिखाती हैं। ~चाहत♡
Chahat32,288 Aufrufe • vor 9 Monaten

हज़ारों दर्द अपने दिल में समेटे, चेहरे पर हमेशा मुस्कान रखता है। एक पिता ही है, जो यह कमाल करता है। ~चाहत✿♡
Chahat29,335 Aufrufe • vor 9 Monaten

जिस कवि की कल्पना में जिंदगी हो प्रेमगीत उस कवि को आज तुम नकार दो❤️🔥🌸✨
Chahat21,470 Aufrufe • vor 8 Monaten

