
Chahat
@AnkahiChahat • 6,850 subscribers
अनकही, अनसुनी और अनसुलझी चाहत!✿♡☘ || A Firm believer in “हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी, जिस को भी देखना हो कई बार देखना”|| No DMs❌
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मैं तुम्हारी आँखों से वो ज़माने देखूँगा जो अभी नहीं आए। मैं तुम्हारे पाँवों से तेज़-तेज़ भागूँगा ऐसी राहों पर जो अभी निगाहों से ख़्वाब की तरह ओझल हैं। मैं तुम्हारे हाथों से वो पहाड़ छू लूँगा, जिसको सोच कर भी अब साँस फूल जाती है। वो पहाड़, वो रस्ते जिन पर तुम्हें जाना है, वो नया ज़माना है, और वो तुम्हारा है। मैं उस ज़माने को देख भी न पाऊँगा, लेकिन उस ज़माने की हर घड़ी, हर एक पल को मेरी आँखें देखेंगी। उन चमकती आँखों से जो तुम्हारी आँखें हैं। मैं तुम्हारी आँखों में प्यार बनकर रहता हूँ, नूर बनकर बसता हूँ, ख़्वाब बनकर ज़िंदा हूँ। मेरे सारे ख़्वाबों को इन हसीन आँखों के एक कोने में तुम छुपा के रख लेना। और अगर ये ख़्वाब कभी फूल बनकर महकें तो, उनकी खुशबुओं में तुम मेरे नाम के सारे हर्फ़ एहतियात से रख देना। ~अशफ़ाक हुसैन♡
Chahat38,782 次观看 • 9 个月前




