
Anuj Shukla
@AnujShukla00009 • 15,722 subscribers
अहिंसा परमो धर्मः धर्म हिंसा तथैव च। Ex Army Man🇮🇳 सनातनी हिंदू 🚩 भोले का नंदी 🚩
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बिहार के सीतामढ़ी के भिट्टा थाना के थानाध्यक्ष हैं जिनके मुंह से सुंदर फूल बरस रहे हैं महोदय कह रहे हैं पीड़ित को कि तुम्हे जबरदस्ती बिहार का मुख्यमंत्री बना दूंगा। अब जलनखोर बोलेंगे कि महोदय झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं पर महोदय तो पीड़ित को मुख्यमंत्री बना रहे हैं । जय माहिष्मति 😑
Anuj Shukla105,041 次观看 • 1 个月前
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सेना ने जम्मू कश्मीर पुलिस से ना भिड़कर किश्तवाड़ के DC को पटक के मारा होता तो ये बवाल नहीं हुआ होता एक मिलिटेंट का हमला हो जाए तो ये साले सिविल अधिकारी पैंट में हग देते हैं कई दिनों तक बंगले से बाहर नहीं निकलते और ये अपनी इगो सेना को दिखा रहे जब FIR हुई ही थी तो RR CO को चाहिए था कि DC को ऑफिस से उठाकर चौराहे पर बेंत बजाने चाहिए थे।
Anuj Shukla67,671 次观看 • 1 个月前

VIDEO अंबेडकर नगर का है... ऐसी मौत कि घर वाले लाश को हाथ भी न लगाएं... अंबेडकर नगर में मां और उसके 4 बच्चों का मर्डर करने वाला आमिर पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। सोमवार को हुए एनकाउंटर के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया। शव को उसके घर भेजा। शव को देखकर परिवार वाले कहने लगे कि आमिर से अब कोई संबंध नहीं है। उसने जो किया, वह इंसानियत के खिलाफ था। फिर पुलिस ने इलाके के इमाम और आमिर के चाचा ताज मोहम्मद को कब्र पर फातिहा पढ़ने के लिए बुलाया, लेकिन उन्होंने भी इनकार कर दिया। कहा- आमिर ने गलत काम किय। हमारी कोई हमदर्दी नहीं है, इसलिए परिवार उसका शव लेने से इनकार कर रहा है। ऐसे में न तो वे आमिर के सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होंगे और न ही उसके मिट्टी के काम में हाथ लगाएंगे। पुलिस ने जो कार्रवाई की, वो सही है। समझाने के बाद परिवार वाले सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने को तैयार हुए। अंबेडकर नगर की एसपी प्राची सिंह ने बताया- पहले परिजन मृतक के शव को दफनाने से इनकार कर रहे थे, लेकिन बाद में लोकलाज के कारण परिवार के कुछ लोगों ने ही अंतिम संस्कार कर दिया। दरअसल... अंबेडकर नगर के अकबरपुर में 4 बच्चों का मर्डर हो गया। दूधवाला पहुंचा। आवाज लगाई। दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों को बताया। पुलिस बुलाई गई। दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर पहुंची। अंदर 4 बच्चों शफीक (14), सउद (10), उमर (8) और बेटी सादिया (7) की लाश पड़ी मिली। चारों की ईंट से कूचकर हत्या की गई। सभी की लाश बेड पर एक-दूसरे पर पड़ी थी। बच्चों की मां गाजिया खातून (37) नहीं मिली। पुलिस का शक मां पर गया। शाम होते-होते पुलिस ने मां को ही बच्चों के मर्डर का आरोपी मान लिया। लोग हैरत में पड़ गए। एक मां अपने ही बच्चों को कैसे मार सकती है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। अगले दिन घर से कुछ ही दूरी पर मां की भी लाश मिली। बिना किसी जांच के ही मां पर शक करने वाली पुलिस गलत साबित हुई। अब यह तय हो चुका था कि यह प्लान मर्डर है। किसने किया, यह पता नहीं था। फिर बारीकी से तफ्तीश शुरू हुई। रिश्तेदारों से बात की गई। पड़ोसियों से जानकारी ली गई। इससे पड़ोस में रहने वाले आमिर का नाम सामने आया। पुलिस ने आमिर का ट्रैक रिकॉर्ड खंगाला। पता चला 20 साल का आमिर चार बच्चों की मां से शादी करना चाहता था। वह राजी नहीं थी। आमिर ने इसी गुस्से में चारों बच्चों और उनकी मां को मार दिया। पुलिस ने कल आमिर को ढेर कर दिया है। बच्चों के पिता नियाज सऊदी अरब में नौकरी करता है। यहां उसका परिवार खत्म हो गया।
Anuj Shukla131,485 次观看 • 2 个月前

ये माटी सभी की कहानी कहेगी 👇 एसपी कॉलेज में कुछ समय पहले संपन्न हुए रामरक्षा पठन कार्यक्रम में अभिनेता राहुल सोलापुरकर ने एक ऐसी कहानी सुनाई जो कोई नहीं जानता। कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद जब अयोध्या के राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, तो उसी क्षेत्र में रामलला की मूर्ति को एक अस्थायी मंदिर में स्थानांतरित किया जाना था। इसके लिए जो मुहूर्त निर्धारित किया गया था 25 मार्च 2020 का। ठीक उसी दौरान संपूर्ण भारत में कोरोना शुरु हो गया था। इस कारण कोई भी राम लला की शोभा यात्रा में सहभागी नहीं हो सकता था और राम लला को गाजे-बाजे के साथ ले न जा सकने के कारण योगी आदित्यनाथ चिंतित थे। उन्होंने मोदीजी को फोन किया और कहा कि रामजी की शोभायात्रा जोरदार चाहिए, तब मोदीजी ने कहा कि वह इसे देख लेंगे... और वह दिन था 25 मार्च 2020, गुड़ीपड़वा का। उस दिन देश के सभी लोगों से थाली, घंटा नाद करने के लिए कहा गया तथा भगवान के पास दिया जलाने के लिए कहा गया। कोई नहीं जानता था कि ऐसा क्यों बताया गया, और इसी बीच योगी आदित्य नाथ स्वयं राम लला की मूर्ति को अपने सिर पर रख कर, 5 महंतों और 3-4 सुरक्षा गार्डों के साथ 1.3 कि.मी. पैदल चल कर गये और मूर्ति को स्थानांतरित किया। तब संपूर्ण देशवासी थाली बजा रहे थे, किन्तु किसी को भी इसकी धुंधली सी भी कल्पना नहीं थी। बाद में मोदीजी ने आदित्यनाथ से कहा कि अयोध्या में भी 100 करोड़ लोगों को साथ लेकर इतने बाजे-गाजे के साथ शोभायात्रा निकाली जा सकती थी क्या ! विशेष बात ये है कि इसमें आस्तिक और नास्तिक सभी थालियाँ बजा रहे थे। जय जय श्रीराम 🙏 #jain_dinesh
Anuj Shukla74,687 次观看 • 4 个月前