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Anupam K. Singh

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Ex Associate Editor & Research Head: OpIndia | Ex Editor: TFI Media | Narrative Strategist | Hindu Nationalist. Proud of our history, culture & tradition |

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पप्पू यादव कांग्रेस का झंडा ढोते हैं, राहुल गाँधी की यात्रा को सफल बनाने के लिए जी-जान लगा दिया। फिर भी मंच पर जगह नहीं मिली। जहाँ गए भगा दिए गए। PM मोदी को गाली देकर उनका कारोबार चलता है। उन्हीं Narendra Modi ने उन्हें ससम्मान मंच दिया, संवाद किया।

पप्पू यादव कांग्रेस का झंडा ढोते हैं, राहुल गाँधी की यात्रा को सफल बनाने के लिए जी-जान लगा दिया। फिर भी मंच पर जगह नहीं मिली। जहाँ गए भगा दिए गए। PM मोदी को गाली देकर उनका कारोबार चलता है। उन्हीं Narendra Modi ने उन्हें ससम्मान मंच दिया, संवाद किया।

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नाटो भी साइप्रस को ख़ुश रखता है, UK ने भी साइप्रस में 2 एयरबेस रखे हुए है और इजरायली इंटेलिजेंस को भी साइप्रस की ज़रूरत पड़ती है। लेकिन, #Cyprus ने अपना सर्वोच्च सम्मान दिया तो Narendra Modi को। याद रखिए, साइप्रस यूरोप-अफ्रीका-मध्यपूर्व का तिराहा है।

नाटो भी साइप्रस को ख़ुश रखता है, UK ने भी साइप्रस में 2 एयरबेस रखे हुए है और इजरायली इंटेलिजेंस को भी साइप्रस की ज़रूरत पड़ती है। लेकिन, #Cyprus ने अपना सर्वोच्च सम्मान दिया तो Narendra Modi को। याद रखिए, साइप्रस यूरोप-अफ्रीका-मध्यपूर्व का तिराहा है।

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पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़े ही उत्साह से मिलते RJD अध्यक्ष लालू यादव!

पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़े ही उत्साह से मिलते RJD अध्यक्ष लालू यादव!

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लालू यादव पहले ऐसे नेता हैं जिन्हें जीवित ही 'मंदिर' में स्थापित कर दिया गया है। ख़ुद को आंबेडकरवादी बताने वाले भी चाराभक्षी को बाबासाहब से ऊपर मानते हैं।

लालू यादव पहले ऐसे नेता हैं जिन्हें जीवित ही 'मंदिर' में स्थापित कर दिया गया है। ख़ुद को आंबेडकरवादी बताने वाले भी चाराभक्षी को बाबासाहब से ऊपर मानते हैं।

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बाकी पार्टियों का तो नहीं पता, RJD में टिकट ऐसे ही मिलता है। कैंडिडेट हाथ-पाँव जोड़ते हैं, चारा चोर उनकी ओर देखने तक की कोशिश नहीं करता। फिर विभिन्न TV चैनलों पर विरोधी प्रवक्ताओं पर व्यक्तिगत आक्षेप कर-करके प्रियंका-कंचना-सारिका उसे पिछड़ों का मसीहा साबित करती हैं। सामंतवाद अगर कहीं है तो वो लालू निवास में ही है...

बाकी पार्टियों का तो नहीं पता, RJD में टिकट ऐसे ही मिलता है। कैंडिडेट हाथ-पाँव जोड़ते हैं, चारा चोर उनकी ओर देखने तक की कोशिश नहीं करता। फिर विभिन्न TV चैनलों पर विरोधी प्रवक्ताओं पर व्यक्तिगत आक्षेप कर-करके प्रियंका-कंचना-सारिका उसे पिछड़ों का मसीहा साबित करती हैं। सामंतवाद अगर कहीं है तो वो लालू निवास में ही है...

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कहाँ गए? दिखाई नहीं दे रहे "भाजपा नेता काँवड़ यात्रा क्यों नहीं करते" पूछने वाले? आओ-आओ, पूछो। दो-दो सांसद सुल्तानपुर से 110 किलोमीटर की पदयात्रा करके देवघर पहुँचे हैं। पाँव में पड़ जाते हैं, यहाँ पद या संपत्ति मायने नहीं रखती - सब "बम" हैं, सब भगवामय।

कहाँ गए? दिखाई नहीं दे रहे "भाजपा नेता काँवड़ यात्रा क्यों नहीं करते" पूछने वाले? आओ-आओ, पूछो। दो-दो सांसद सुल्तानपुर से 110 किलोमीटर की पदयात्रा करके देवघर पहुँचे हैं। पाँव में पड़ जाते हैं, यहाँ पद या संपत्ति मायने नहीं रखती - सब "बम" हैं, सब भगवामय।

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मेरे जैसे कितने आएँगे, कितने जाएँगे - हमारा राष्ट्र व हमारा धर्म सुरक्षित रहना चाहिए। मेरे मन-मस्तिष्क में रत्तीभर भी भय नहीं है, क्योंकि कुछ ग़लत किया ही नहीं। भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद्गीता (16.1-3) में अभय को दैवीय गुण बताया है। वो जगद्गुरु हैं और हमसब उनके ही बताए मार्ग पर चलते हैं। बाधा डालने वाली ताक़तों का क्या - उनकी हर युग में हार ही होती आई है, भले ही पीढ़ियाँ लग गई हों। No regret. No repentance. No sorrow. No grief... हमारे ही एक नायक ने कहा था। गर्व है कि हत्या-लूट-रेप नहीं, भगवान विष्णु के अपमान की सभ्य भाषा में आलोचना करने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है - वो भी उस स्थिति में, जब मेरी सर्जरी होने वाली है।

मेरे जैसे कितने आएँगे, कितने जाएँगे - हमारा राष्ट्र व हमारा धर्म सुरक्षित रहना चाहिए। मेरे मन-मस्तिष्क में रत्तीभर भी भय नहीं है, क्योंकि कुछ ग़लत किया ही नहीं। भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद्गीता (16.1-3) में अभय को दैवीय गुण बताया है। वो जगद्गुरु हैं और हमसब उनके ही बताए मार्ग पर चलते हैं। बाधा डालने वाली ताक़तों का क्या - उनकी हर युग में हार ही होती आई है, भले ही पीढ़ियाँ लग गई हों। No regret. No repentance. No sorrow. No grief... हमारे ही एक नायक ने कहा था। गर्व है कि हत्या-लूट-रेप नहीं, भगवान विष्णु के अपमान की सभ्य भाषा में आलोचना करने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है - वो भी उस स्थिति में, जब मेरी सर्जरी होने वाली है।

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मंदिर हिन्दुओं का, लेकिन पूजा का अधिकार साल में सिर्फ़ एक बार - ये केवल भारत में ही संभव है। माँ श्रृंगार गौरी की पूजा की अनुमति केवल चैत्र नवरात्रि में ही मिलती है। क्या अरब में कोई ऐसी मस्जिद है जहाँ मुस्लिमों को नमाज़ का अधिकार न हो?

मंदिर हिन्दुओं का, लेकिन पूजा का अधिकार साल में सिर्फ़ एक बार - ये केवल भारत में ही संभव है। माँ श्रृंगार गौरी की पूजा की अनुमति केवल चैत्र नवरात्रि में ही मिलती है। क्या अरब में कोई ऐसी मस्जिद है जहाँ मुस्लिमों को नमाज़ का अधिकार न हो?

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ये कैसे ट्राइबल हैं? क्या ट्राइबल ऐसे होते हैं? असम में 35% मुसलमान हो गए हैं, और अब ये ट्राइबल भी आ गए! उत्तर-पूर्व के अन्य राज्यों को भी मणिपुर बनाने की साज़िश है। बिहार की बुजुर्ग महिलाओं को पीटा गया है, लड़कियों के कपड़े फाड़े गए हैं। धमकाते हुए एहसान जताया जा रहा है कि "हम तुम्हें रहने दे रहे, खेती करने दे रहे, छठ मनाने दे रहे।" बिहारी कब तक और किन-किन लोगों से कहाँ-कहाँ अपमानित होते रहेंगे? छठ तो इतना प्राचीन त्योहार है कि जब इन तथाकथित बदतमीज ट्राइबल्स का अस्तित्व भी नहीं था तब से मनाया जा रहा है। झारखंड जाइए और देखिए वहाँ कैसे जनजातीय समाज के लोग छठ मना रहे हैं। बिहार-झारखंड में जनजातीय समाज का भी हर एक त्योहार अच्छे से मनाया जाता है और ये असम वाले 'ट्राइबल्स' पूछ रहे हैं कि बिहार में हमारा पर्व मनाने दोगे क्या। ये मिशनरियों का पैसा बोल रहा है, इनका इलाज ज़रूरी है। बिहारियों ने राष्ट्रीय एकता के लिए त्याग किया है, इसका अर्थ ये न लगाया जाए कि स्वाभिमान ही बेच दिया है।

Anupam K. Singh

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पहले इन्होंने प्रयागराज में निषादराज का किला हड़पकर मस्जिद बना दिया, अब ये मलिहाबाद में राजा कंस पासी के किले चढ़ आए हैं। AIMIM का ताहिर सिद्दीकी कह रहा है कि हिन्दुओं के देवी-देवताओं एवं पुरखों को मस्जिदें पसंद हैं। निषाद OBC वर्ग में आता है, जबकि पासी दलित होते हैं। आपने पिछड़ों के लिए आवाज़ उठाने का दावा करने वाले एक भी ठेकेदार को इसके ख़िलाफ़ बोलते हुए सुना? गज़वा-ए-हिंद की राह में क्या सामान्य वर्ग, क्या ओबीसी और क्या SC/ST - सब समान हैं इनके लिए, सब काफिर हैं। राजा कंस पासी के स्थल पर जबरन नमाज़ पढ़ी जा रही है। इन्होंने यहाँ भी मस्जिद खड़ी कर दी। शायद ये भूल गए हैं कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की तो यहाँ भी संभल की तरह एक-एक करके हिन्दू बावड़ियाँ निकलती चली जाएँगी और योगी सरकार जल-संरक्षण करने लगेगी। कहाँ है 'भीम आर्मी', कहाँ है सपा?

Anupam K. Singh

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