
Anupam K. Singh
@AnupamNawada • 69,475 subscribers
Ex Associate Editor & Research Head: OpIndia | Ex Editor: TFI Media | Narrative Strategist | Hindu Nationalist. Proud of our history, culture & tradition |
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- राम-लक्ष्मण अच्छे पति नहीं थे - राम जैसा पति मिलने वाला आशीर्वाद अजीब है - मैं असल में रावण का सम्मान करती हूँ बुर्का वालियों के अब्बा AR रहमान ने जब रणबीर कपूर वाली 'रामायण' में गाना गवाने की बारी आई तो श्रीराम को लेकर ऐसी सोच रखने वाली चिन्मयी श्रीपदा को चुना।
Anupam K. Singh40,955 просмотров • 18 дней назад

नए-नए प्रदेश अध्यक्ष बने पंकज चौधरी ख़ुद कुर्सी घिसकाकर CM योगी से बैठने का निवेदन कर रहे हैं। उस दिन योगी के लाख आग्रह के बावजूद विनोद तावड़े और महेंद्र पांडेय उनके सम्मान में खड़े रहे, बैठे नहीं। जिन्हें ये सब नहीं दिख रहा, वो प्रोपेगंडा में लगे हैं।
Anupam K. Singh292,184 просмотров • 9 месяцев назад

राहुल गाँधी इडियट नहीं हैं, अंधभक्त नहीं हैं, फिर उनके हिसाब से बची तीसरी कैटेगरी - स्टूडेंट। यानी, वो 56 साल के स्टूडेंट हैं। मेरे गाँव में एक मास्टर साहेब हैं। ऐसे उद्दंड स्टूडेंट को हंटर मार-मारकर सिखाते हैं। मेरा प्रस्ताव है कि उनको हायर किया जाए राहुल गाँधी के लिए। वरना कांग्रेसी ये मान लें कि उनका नेता या तो अंधभक्त है या इडियट। वैसे कैम्ब्रिज की डिग्री को लेकर भी उन्होंने हलफनामे में झूठ बोल रखा है। (DD News पर Ashok Shrivastav सर के साथ।)
Anupam K. Singh84,067 просмотров • 2 месяцев назад

इस वीडियो की एक विशेषता है - जब आप देखना शुरू करेंगे तो सोचेंगे ये ख़त्म ही ना हो। इतना विशाल प्रदेश, लेकिन CM स्वयं घर-घर जाकर दीपावली के उपहार दे रहे हैं। शिशुओं को गोद में ले रहे हैं, बच्चों से कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। 'विकास भी, विरासत भी' यही तो है!
Anupam K. Singh211,249 просмотров • 11 месяцев назад

ललन सिंह का लोकसभा चुनाव जब फँसा हुआ था तो अनंत सिंह जेल से निकले, धुआँधार प्रचार किया। आज ललन सिंह केंद्रीय मंत्री हैं, अनंत सिंह जेल गए तो उन्होंने मोकामा में मोर्चा सँभाल लिया है। राजनीति में हर संबंध Use & Throw वाले नहीं होते। कुछ ऐसे भी होते हैं!
Anupam K. Singh163,723 просмотров • 11 месяцев назад

ये कैसे ट्राइबल हैं? क्या ट्राइबल ऐसे होते हैं? असम में 35% मुसलमान हो गए हैं, और अब ये ट्राइबल भी आ गए! उत्तर-पूर्व के अन्य राज्यों को भी मणिपुर बनाने की साज़िश है। बिहार की बुजुर्ग महिलाओं को पीटा गया है, लड़कियों के कपड़े फाड़े गए हैं। धमकाते हुए एहसान जताया जा रहा है कि "हम तुम्हें रहने दे रहे, खेती करने दे रहे, छठ मनाने दे रहे।" बिहारी कब तक और किन-किन लोगों से कहाँ-कहाँ अपमानित होते रहेंगे? छठ तो इतना प्राचीन त्योहार है कि जब इन तथाकथित बदतमीज ट्राइबल्स का अस्तित्व भी नहीं था तब से मनाया जा रहा है। झारखंड जाइए और देखिए वहाँ कैसे जनजातीय समाज के लोग छठ मना रहे हैं। बिहार-झारखंड में जनजातीय समाज का भी हर एक त्योहार अच्छे से मनाया जाता है और ये असम वाले 'ट्राइबल्स' पूछ रहे हैं कि बिहार में हमारा पर्व मनाने दोगे क्या। ये मिशनरियों का पैसा बोल रहा है, इनका इलाज ज़रूरी है। बिहारियों ने राष्ट्रीय एकता के लिए त्याग किया है, इसका अर्थ ये न लगाया जाए कि स्वाभिमान ही बेच दिया है।
Anupam K. Singh151,626 просмотров • 11 месяцев назад

एक ज़माना था जब बेंगलुरु और हैदराबाद को ही IT हब के रूप में जाना जाता था! इसीलिए किसी को यकीन नहीं होगा कि देश के 65% इलेक्ट्रॉनिक उपकरण UP में बन रहे हैं। सोचिए, जेवर एयरपोर्ट बनने के बाद क्या होगा। भगवा पहनने वाला एक महंत ही सबसे अधिक विकासवादी निकला।
Anupam K. Singh161,733 просмотров • 1 год назад

एक परीक्षा केंद्र पर एक लड़की से जींस उतरवा दिया गया, सबके सामने उसकी माँ ने अपनी लेगिंग्स उतार कर दिए। एक परीक्षा केंद्र पर 90% छात्राओं के ब्रा तक उतरवा दिए गए। लेकिन, बुर्का पहनने की अनुमति NEET परीक्षा में भी है, JEE में है। यहाँ हिन्दुओं के लिए अलग क़ानून चलता है। ये भारत है। पूरा वीडियो YouTube पर देखिए: ( | #Burqa | #Hijab | #BurqaBan | #HijabBan | #DelhiElections |
Anupam K. Singh231,238 просмотров • 1 год назад




