
Anupam K. Singh
@AnupamNawada • 68,796 subscribers
Ex Associate Editor & Research Head: OpIndia | Ex Editor: TFI Media | Narrative Strategist | Hindu Nationalist. Proud of our history, culture & tradition |
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राहुल गाँधी इडियट नहीं हैं, अंधभक्त नहीं हैं, फिर उनके हिसाब से बची तीसरी कैटेगरी - स्टूडेंट। यानी, वो 56 साल के स्टूडेंट हैं। मेरे गाँव में एक मास्टर साहेब हैं। ऐसे उद्दंड स्टूडेंट को हंटर मार-मारकर सिखाते हैं। मेरा प्रस्ताव है कि उनको हायर किया जाए राहुल गाँधी के लिए। वरना कांग्रेसी ये मान लें कि उनका नेता या तो अंधभक्त है या इडियट। वैसे कैम्ब्रिज की डिग्री को लेकर भी उन्होंने हलफनामे में झूठ बोल रखा है। (DD News पर Ashok Shrivastav सर के साथ।)
Anupam K. Singh83,982 просмотров • 29 дней назад

नए-नए प्रदेश अध्यक्ष बने पंकज चौधरी ख़ुद कुर्सी घिसकाकर CM योगी से बैठने का निवेदन कर रहे हैं। उस दिन योगी के लाख आग्रह के बावजूद विनोद तावड़े और महेंद्र पांडेय उनके सम्मान में खड़े रहे, बैठे नहीं। जिन्हें ये सब नहीं दिख रहा, वो प्रोपेगंडा में लगे हैं।
Anupam K. Singh292,184 просмотров • 8 месяцев назад

इस वीडियो की एक विशेषता है - जब आप देखना शुरू करेंगे तो सोचेंगे ये ख़त्म ही ना हो। इतना विशाल प्रदेश, लेकिन CM स्वयं घर-घर जाकर दीपावली के उपहार दे रहे हैं। शिशुओं को गोद में ले रहे हैं, बच्चों से कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। 'विकास भी, विरासत भी' यही तो है!
Anupam K. Singh211,199 просмотров • 10 месяцев назад

इस वीडियो में कितनी बार 'जो है' शब्द का इस्तेमाल है, कोई बताएगा? मनीष कश्यप से अब कन्हैया कुमार वाली वाइब्स आने लगी हैं - थेथरई की। ये आदमी सनकी हो चुका है। अफसोस है कि ये जेल में था तो हम सबने इसका समर्थन किया था। टिकट मिल भी जाए फिर भी ये हारेगा।
Anupam K. Singh207,585 просмотров • 11 месяцев назад

ललन सिंह का लोकसभा चुनाव जब फँसा हुआ था तो अनंत सिंह जेल से निकले, धुआँधार प्रचार किया। आज ललन सिंह केंद्रीय मंत्री हैं, अनंत सिंह जेल गए तो उन्होंने मोकामा में मोर्चा सँभाल लिया है। राजनीति में हर संबंध Use & Throw वाले नहीं होते। कुछ ऐसे भी होते हैं!
Anupam K. Singh163,721 просмотров • 9 месяцев назад

ये कैसे ट्राइबल हैं? क्या ट्राइबल ऐसे होते हैं? असम में 35% मुसलमान हो गए हैं, और अब ये ट्राइबल भी आ गए! उत्तर-पूर्व के अन्य राज्यों को भी मणिपुर बनाने की साज़िश है। बिहार की बुजुर्ग महिलाओं को पीटा गया है, लड़कियों के कपड़े फाड़े गए हैं। धमकाते हुए एहसान जताया जा रहा है कि "हम तुम्हें रहने दे रहे, खेती करने दे रहे, छठ मनाने दे रहे।" बिहारी कब तक और किन-किन लोगों से कहाँ-कहाँ अपमानित होते रहेंगे? छठ तो इतना प्राचीन त्योहार है कि जब इन तथाकथित बदतमीज ट्राइबल्स का अस्तित्व भी नहीं था तब से मनाया जा रहा है। झारखंड जाइए और देखिए वहाँ कैसे जनजातीय समाज के लोग छठ मना रहे हैं। बिहार-झारखंड में जनजातीय समाज का भी हर एक त्योहार अच्छे से मनाया जाता है और ये असम वाले 'ट्राइबल्स' पूछ रहे हैं कि बिहार में हमारा पर्व मनाने दोगे क्या। ये मिशनरियों का पैसा बोल रहा है, इनका इलाज ज़रूरी है। बिहारियों ने राष्ट्रीय एकता के लिए त्याग किया है, इसका अर्थ ये न लगाया जाए कि स्वाभिमान ही बेच दिया है।
Anupam K. Singh151,598 просмотров • 10 месяцев назад

एक ज़माना था जब बेंगलुरु और हैदराबाद को ही IT हब के रूप में जाना जाता था! इसीलिए किसी को यकीन नहीं होगा कि देश के 65% इलेक्ट्रॉनिक उपकरण UP में बन रहे हैं। सोचिए, जेवर एयरपोर्ट बनने के बाद क्या होगा। भगवा पहनने वाला एक महंत ही सबसे अधिक विकासवादी निकला।
Anupam K. Singh161,728 просмотров • 11 месяцев назад

एक परीक्षा केंद्र पर एक लड़की से जींस उतरवा दिया गया, सबके सामने उसकी माँ ने अपनी लेगिंग्स उतार कर दिए। एक परीक्षा केंद्र पर 90% छात्राओं के ब्रा तक उतरवा दिए गए। लेकिन, बुर्का पहनने की अनुमति NEET परीक्षा में भी है, JEE में है। यहाँ हिन्दुओं के लिए अलग क़ानून चलता है। ये भारत है। पूरा वीडियो YouTube पर देखिए: ( | #Burqa | #Hijab | #BurqaBan | #HijabBan | #DelhiElections |
Anupam K. Singh231,226 просмотров • 1 год назад

एक चीज गौर कीजिए। बैठक शुरू होते वक्त संगठन महासचिव BL संतोष और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह स्वयं कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के सामने से गुलदस्तों को हटाकर अलग रखते हैं। जबकि दोनों सीनियर हैं उम्र व अनुभव में। यही अनुशासन BJP की विजय-यात्रा की जान है।
Anupam K. Singh109,106 просмотров • 8 месяцев назад

प्रधानमंत्री की पगड़ी पर चर्चा नहीं हुई, भारत-EU करार दब गया, वन्दे मातरम् का विरोध मुद्दा नहीं बन पाया, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कम्युनिटी नोट लग गया और इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट पर ख़बरें नहीं चलीं। आगे का तो पता नहीं, लेकिन सिर्फ़ पिछले एक सप्ताह में BJP और मोदी सरकार की रणनीतियाँ जिस तरीके से नाकाम हुईं, वो बताता है कि UGC विरोधी आंदोलन कितना प्रबल था। पूरी चर्चा Dhirendra Pundir सर के YouTube चैनल पर यहाँ देखें: (
Anupam K. Singh91,629 просмотров • 7 месяцев назад

पहले इन्होंने प्रयागराज में निषादराज का किला हड़पकर मस्जिद बना दिया, अब ये मलिहाबाद में राजा कंस पासी के किले चढ़ आए हैं। AIMIM का ताहिर सिद्दीकी कह रहा है कि हिन्दुओं के देवी-देवताओं एवं पुरखों को मस्जिदें पसंद हैं। निषाद OBC वर्ग में आता है, जबकि पासी दलित होते हैं। आपने पिछड़ों के लिए आवाज़ उठाने का दावा करने वाले एक भी ठेकेदार को इसके ख़िलाफ़ बोलते हुए सुना? गज़वा-ए-हिंद की राह में क्या सामान्य वर्ग, क्या ओबीसी और क्या SC/ST - सब समान हैं इनके लिए, सब काफिर हैं। राजा कंस पासी के स्थल पर जबरन नमाज़ पढ़ी जा रही है। इन्होंने यहाँ भी मस्जिद खड़ी कर दी। शायद ये भूल गए हैं कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की तो यहाँ भी संभल की तरह एक-एक करके हिन्दू बावड़ियाँ निकलती चली जाएँगी और योगी सरकार जल-संरक्षण करने लगेगी। कहाँ है 'भीम आर्मी', कहाँ है सपा?
Anupam K. Singh43,064 просмотров • 3 месяцев назад

एक और संगीत निर्देशक हैं, ईसाई परिवार में जन्मे लेकिन कट्टर हिन्दू जीवन अपना लिया। नब्बे के दशक में इंडस्ट्री के बड़े नामों ने उनसे दूरी बना ली, कारण थे - AR रहमान। लेकिन, उस शख़्स ने शिकायत नहीं किया। दलित हैं, लेकिन ये कार्ड नहीं खेला। एक तरफ़ वो व्यक्ति है, एक तरफ़ एक एहसानफरामोश है जिसने मोदी सरकार के 11 वर्षों में 65 फ़िल्मों में काम करके भी रोना मचा रखा है। पूरी चर्चा यहाँ देखें: ( | Sanjay Dixit ಸಂಜಯ್ ದೀಕ್ಷಿತ್ संजय दीक्षित | The Jaipur Dialogues | Dhirendra Pundir |
Anupam K. Singh77,755 просмотров • 7 месяцев назад
