
Anupam K. Singh
@AnupamNawada • 68,796 subscribers
Ex Associate Editor & Research Head: OpIndia | Ex Editor: TFI Media | Narrative Strategist | Hindu Nationalist. Proud of our history, culture & tradition |
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राहुल गाँधी इडियट नहीं हैं, अंधभक्त नहीं हैं, फिर उनके हिसाब से बची तीसरी कैटेगरी - स्टूडेंट। यानी, वो 56 साल के स्टूडेंट हैं। मेरे गाँव में एक मास्टर साहेब हैं। ऐसे उद्दंड स्टूडेंट को हंटर मार-मारकर सिखाते हैं। मेरा प्रस्ताव है कि उनको हायर किया जाए राहुल गाँधी के लिए। वरना कांग्रेसी ये मान लें कि उनका नेता या तो अंधभक्त है या इडियट। वैसे कैम्ब्रिज की डिग्री को लेकर भी उन्होंने हलफनामे में झूठ बोल रखा है। (DD News पर Ashok Shrivastav सर के साथ।)
Anupam K. Singh83,982 次观看 • 29 天前

ये कैसे ट्राइबल हैं? क्या ट्राइबल ऐसे होते हैं? असम में 35% मुसलमान हो गए हैं, और अब ये ट्राइबल भी आ गए! उत्तर-पूर्व के अन्य राज्यों को भी मणिपुर बनाने की साज़िश है। बिहार की बुजुर्ग महिलाओं को पीटा गया है, लड़कियों के कपड़े फाड़े गए हैं। धमकाते हुए एहसान जताया जा रहा है कि "हम तुम्हें रहने दे रहे, खेती करने दे रहे, छठ मनाने दे रहे।" बिहारी कब तक और किन-किन लोगों से कहाँ-कहाँ अपमानित होते रहेंगे? छठ तो इतना प्राचीन त्योहार है कि जब इन तथाकथित बदतमीज ट्राइबल्स का अस्तित्व भी नहीं था तब से मनाया जा रहा है। झारखंड जाइए और देखिए वहाँ कैसे जनजातीय समाज के लोग छठ मना रहे हैं। बिहार-झारखंड में जनजातीय समाज का भी हर एक त्योहार अच्छे से मनाया जाता है और ये असम वाले 'ट्राइबल्स' पूछ रहे हैं कि बिहार में हमारा पर्व मनाने दोगे क्या। ये मिशनरियों का पैसा बोल रहा है, इनका इलाज ज़रूरी है। बिहारियों ने राष्ट्रीय एकता के लिए त्याग किया है, इसका अर्थ ये न लगाया जाए कि स्वाभिमान ही बेच दिया है।
Anupam K. Singh151,598 次观看 • 10 个月前

एक परीक्षा केंद्र पर एक लड़की से जींस उतरवा दिया गया, सबके सामने उसकी माँ ने अपनी लेगिंग्स उतार कर दिए। एक परीक्षा केंद्र पर 90% छात्राओं के ब्रा तक उतरवा दिए गए। लेकिन, बुर्का पहनने की अनुमति NEET परीक्षा में भी है, JEE में है। यहाँ हिन्दुओं के लिए अलग क़ानून चलता है। ये भारत है। पूरा वीडियो YouTube पर देखिए: ( | #Burqa | #Hijab | #BurqaBan | #HijabBan | #DelhiElections |
Anupam K. Singh231,226 次观看 • 1 年前

प्रधानमंत्री की पगड़ी पर चर्चा नहीं हुई, भारत-EU करार दब गया, वन्दे मातरम् का विरोध मुद्दा नहीं बन पाया, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कम्युनिटी नोट लग गया और इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट पर ख़बरें नहीं चलीं। आगे का तो पता नहीं, लेकिन सिर्फ़ पिछले एक सप्ताह में BJP और मोदी सरकार की रणनीतियाँ जिस तरीके से नाकाम हुईं, वो बताता है कि UGC विरोधी आंदोलन कितना प्रबल था। पूरी चर्चा Dhirendra Pundir सर के YouTube चैनल पर यहाँ देखें: (
Anupam K. Singh91,629 次观看 • 7 个月前

पहले इन्होंने प्रयागराज में निषादराज का किला हड़पकर मस्जिद बना दिया, अब ये मलिहाबाद में राजा कंस पासी के किले चढ़ आए हैं। AIMIM का ताहिर सिद्दीकी कह रहा है कि हिन्दुओं के देवी-देवताओं एवं पुरखों को मस्जिदें पसंद हैं। निषाद OBC वर्ग में आता है, जबकि पासी दलित होते हैं। आपने पिछड़ों के लिए आवाज़ उठाने का दावा करने वाले एक भी ठेकेदार को इसके ख़िलाफ़ बोलते हुए सुना? गज़वा-ए-हिंद की राह में क्या सामान्य वर्ग, क्या ओबीसी और क्या SC/ST - सब समान हैं इनके लिए, सब काफिर हैं। राजा कंस पासी के स्थल पर जबरन नमाज़ पढ़ी जा रही है। इन्होंने यहाँ भी मस्जिद खड़ी कर दी। शायद ये भूल गए हैं कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की तो यहाँ भी संभल की तरह एक-एक करके हिन्दू बावड़ियाँ निकलती चली जाएँगी और योगी सरकार जल-संरक्षण करने लगेगी। कहाँ है 'भीम आर्मी', कहाँ है सपा?
Anupam K. Singh43,064 次观看 • 3 个月前

एक और संगीत निर्देशक हैं, ईसाई परिवार में जन्मे लेकिन कट्टर हिन्दू जीवन अपना लिया। नब्बे के दशक में इंडस्ट्री के बड़े नामों ने उनसे दूरी बना ली, कारण थे - AR रहमान। लेकिन, उस शख़्स ने शिकायत नहीं किया। दलित हैं, लेकिन ये कार्ड नहीं खेला। एक तरफ़ वो व्यक्ति है, एक तरफ़ एक एहसानफरामोश है जिसने मोदी सरकार के 11 वर्षों में 65 फ़िल्मों में काम करके भी रोना मचा रखा है। पूरी चर्चा यहाँ देखें: ( | Sanjay Dixit ಸಂಜಯ್ ದೀಕ್ಷಿತ್ संजय दीक्षित | The Jaipur Dialogues | Dhirendra Pundir |
Anupam K. Singh77,755 次观看 • 7 个月前
